मप्र की 11 डिस्टलरी ने 65 हजार 812 लीटर तैयार किया सैनिटाइजर 3375 लीटर का हुआ वितरण
ग्वालियर. मप्र में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिये राज्य सरकार के आग्रह पर मप्र की 11 डिस्टलरी में से 5 डिस्टलरी ने सैनिटाइजर का उत्पादन शुरू कर दिया है। यह 5 डिस्टलरी 25 मार्च से लगातार सैनिटाइजर का उत्पादन कर संभागीय वेयरहाउस में जमा करा रही है। आपको बता दें अभी तक 65 हजार 812 लीटर सैनिटाइजर का उत्पादन किया जा चुका है जिसमें आबकारी के वेयर हाउस 19 हजार 800 लीटर में से अभी तक 3375 लीटर सैनिटाइजर का वितरण किया जा चुका है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कई डिस्टलरियों को रॉ-मटेरियल नहीं मिल पा रहा है इस वजह से उत्पादन शुरू नहीं किया जा सका है। लेकिन मप्र में यह डिस्टलरी राज्य सरकार को नो प्राफिट -नो लोस पर सैनिटाइजर तैयार कर के मप्र के नागरिकों को निः शुल्क सैनिटाइजर उपलब्ध करा कर उदाहरण प्रस्तुत किया है।
कैसे बनाया जाता है सैनिटाइजर
सैनिटाइजर के उत्पादन में एल्कोहल (स्प्रिट) हाइइªोजन परऑक्साइज और गिलसरीन को मिक्स कर के सैनिटाइजर का उत्पादन कर बॉटलिंग कर के आबकारी विभाग के वेयर हाउस में जमा करायेंगे। इसके बाद जिले के अधिकारियों को भेजा जायेगा जहां आमजन नागरिकों को आवश्यकतानुसार वितरण किया जायेगा।
25 मार्च से सैनिटाइज बनाने वाली डिस्टलरी
कोरोना वायरस से संक्रमण से बचाव के लिये धार स्थित मैसर्स ग्रेट गैलन वेन्ट्रीज ने 25 मार्च को 4650 लीटर, ग्वालियर स्थित ग्वालियर एल्कोब्रयू ने 25857 लीटर तैयार कर 9000 हजार लीटर, धार स्थित ओयसिस डिस्टलरी ने 2025 लीटर में से 1800 लीटर, तैयार करके आबकारी विभाग के वेयरहाउस के गोदाम में पहुंचा दिया गया। जबकि सोम डिस्टलरी ने अभी तक कुंल 20190 लीटर सैनिटाइजर तैयार करने के बाद बॉटलिंग कर चुके हैं।
सोम डिस्टलरी तो सैनिटाइजर के साथ भोजन वितरण
भोपाल स्थित सोम डिस्टलरी तो सैनिटाइजर उत्पादन के साथ साथ गरीब और असहाय लोगों के बीच निः शुल्क भोजन के पैकेटों का वितरण करके एक अच्छी पहल की शुरूआत की है।
