शहर में अमृत योजना के कार्यों में देरी पर निगमायुक्त शिवम वर्मा ने ठेकेदारों पर लगाया करोड़ों का जुर्माना

ग्वालियर. नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा ने दूसरे दिन अमृत योजना के कार्यों की समीक्षा की इस दौरान उन्हें सभी प्रोजेक्ट करीब 10 माह की देरी से चलते मिले। निगमायुक्त ने सभी ठेकेदारों पर नियम के अनुसार जुर्माना लगाने के आदेश अधिकारियों को दिए है। यह जुर्माना प्रोजेक्ट लागत पर 0.05 प्रतिशत प्रतिदिन की दर से लगाया जाएगा। निगम के अधिकारी अभी प्रोजेक्ट लागत के हिसाब से जुर्माने की राशि निकाल रहे है। अधिकारियों का कहना है कि जुर्मान करोड़ों में लगेगा। बैठक में अपर आयुक्त नरोत्तम भार्गव, राजेश श्रीवास्तव, अपर आयुक्त वित्त देवेन्द्र पालिया, अधीक्षण यंत्री आएलएस मौर्य, सहायक यंत्री आरके शुक्ला मौजूद थे।
शहर में अमृत योजना के चार कार्य चल रहे है
पहला तिघरा बांध तक जलालपुर स्थित नवीन प्रस्तावित निर्माणाधीन 160 एमएलडी जल शोधन संयंत्र तक 1600 एमएम व्यास की आरसीसी की पाइप लाइन बिछाना है।
दूसर शहर में 43 टंकियां, 7 संपवेल, 770 किलोमीटर की डिस्ट्रीब्यूशन लाइन सहित 46 किलोमीटर की फीडर लाइन डालना है साथ ही 160 एमएलडी का जल शोधन संयंत्र बनाना है।
तीसरा कार्य ग्वालियर क्षेत्र में सीवर लाइन व चार एमएलडी का सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण करना है।
चौथा प्रोजेक्ट मुरार क्षेत्र में सीवर लाइन विछाने और लालटिपारा व शताब्दीपुरम में 65 एमएलडी व 8 एमएलडी का सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनाना है। यह चारों कार्य मार्च 2020 में पूर्ण होने थे लेकिन यह कार्य आज तक पूर्ण नहीं हो सके है।

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