तीनों सेनाओं ने पाकिस्तान में ब्रह्मोस सटीक निशाना साधा-डॉ. जयतीर्थ जोशी
नई दिल्ली. ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ने ऑपरेशन सिंदूर के बीच अहम भूमिका निभाई थी। ब्रह्मोस एयरोस्पेस के सीईओ डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी ने बताया है कि भारतीय वायुसेना ने सुखोई 30 एमकेआई लड़ाकू विमान से इस मिसाइल को दागा। पाकिस्तान के भीतर के ठिकानों पर सटीक वार किया था।
मिसाइल ने दुश्मन के राडार सिस्टम को चकमा दिया और लक्ष्य को बिलकुल सही जगह पर मारा। इस सफल प्रदर्शन के बाद ब्रह्मोस को दुनिया की सबसे घातक मिसाइल माना जा रहा है। सीईओ के अनुसार इसकी सटीकता की चर्चा अब पूरी दुनिया में हो रही है।
ऑपरेशन सिंदूर में पहली बार तीनों सेवाओं -थलसेना, नौसेना और वायुसेना के पास ब्रह्मोस उपलब्ध था। इसकी नेटवर्क सेंट्रिक क्षमता की वजह से तीनों सेनायें इसे एक साथ उपयोग कर सकी। यह मिसाइल जमीन से, युद्धपोत से और लड़ाकू विमान से दागी जा सकती है। इस बहु उपयोगिता ने ऑपरेशन को अधिक प्रभावी बनाया। सीईओ ने बताया कि मिसाइल की यात्रा नौसेना से शुरू हुई थी। उसके बाद थल सेना के लिय जमीनी संस्करण आया। वायुसेना के लिये सुखोई विमान से दागे जाने वाला संस्करण तैयार हुआ है।
