शीतला माता मंदिर परिसर में लगेगी दुकानें, दुर्घटना के बाद समिति ने लिया फैसला, हटेगी पुरानी धर्मशाला
ग्वालियर. शीतला माता मंदिर में हुए हादसे के बाद मंदिर समिति ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फैसला लिया है कि आगामी नवरात्र में मंदिर के मुख्य द्वार के बाहर अस्थाई दुकानें नहीं लगेगी। अब दुकाने केवल मंदिर परिसर के भीतर ही लगाई जा सकेगी। मुख्य द्वार के सामने बनी पुरानी धर्मशाला को भी प्रशासन की सहायता से हटाने की तैयारी है। समिति ने घटना में एसआईटी जांच कराने की मांग की है। ताकि हादसे की वजहों का पता चल सके और भविष्य में ऐसी घटनायें रोकी जा सके।
महंत कमल सिंह ने बताया कि मंदिर के मुख्य द्वार के बाहर लगने वाली दुकाने वन विभाग की जमीन पर है। यहां घाटी होने की वजह से रेत से भरे ट्रैक्टर और डम्पर जैसे भारी वाहन निकलते रहे हैं। सड़क-किनारे दुकाने होने और श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
रोड चौड़ीकरण, फ्लाईओवर और पुलिस चौकी की मांग
समिति ने मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री से मंदिर क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण कराने, फ्लाईओवर बनाने और पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग की है। इन व्यवस्थाओं से मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बेहतर करने की मांग की गई है। महंत ने बताया कि हर सोमवार मंदिर में लाखों श्रद्धालु आते हैं। उनकी सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम जरूरी हैं। समिति ने दुकानदारों को 10 से 20 दिन के भीतर दुकानें हटाने के लिए कहा है।
