अटल जी का पूरा सफर होगा डिजिटल रूप में- हाईटेक गैलरी में विशेष तकनीक से महसूस होगा परमाणु परीक्षण का कंपन

दूसरे चरण के लिए 6.80 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति का प्रस्ताव
पोखरण-2 जिसने बदल दी थी भारत की रणनीतिक पहचान
ग्वालियर. 11 और 13 मई 1998 को राजस्थान के पोखरण में भारत ने पांच परमाणु परीक्षण किए। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में हुए इन परीक्षणों ने भारत को परमाणु शक्ति संपन्न देशों की कतार में ला खड़ा किया था। उस समय भारत पर कई देशों ने प्रतिबंध लगाए थे, लेकिन देश ने अपनी रणनीतिक स्वतंत्रता के रास्ते को नहीं छोड़ा। पोखरण-2 ने भारत की रक्षा नीति और रणनीतिक पहचान को नई दिशा दी। अटल जी के नेतृत्व में हुए इन परीक्षणों को देश की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिहाज से ऐतिहासिक उपलब्धि माना जाता है।
अटल जी का पूरा सफर होगा डिजिटल रूप में
अटल लोक में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन और राजनीतिक सफर को डिजिटल रूप में प्रदर्शित किया जा रहा है। यहां उनके जीवन, व्यक्तित्व, प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल, राजनीतिक यात्रा और उपलब्धियों से जुड़ी जानकारियां डिजिटल तकनीक के माध्यम से लोगों तक पहुंचाई जाएंगी।
दूसरे चरण में होंगे फिनिशिंग और हाईटेक इंस्टॉलेशन
अटल स्मारक के दूसरे चरण के लिए 6.80 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति का प्रस्ताव भेजा गया है। इस चरण में भवन के फिनिशिंग कार्य, प्रकाश व्यवस्था, डिजिटल गैलरी सहित अन्य हाईटेक इंस्टॉलेशन किए जाएंगे।
पोखरण-2 परमाणु परीक्षण का रियल-टाइम अनुभव कराने के लिए विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। हाईटेक गैलरी में आने वाले लोगों को परीक्षण के दौरान महसूस हुए कंपन का अनुभव कराने की व्यवस्था होगी। विशेष तकनीक के जरिए ऐसा माहौल तैयार किया जाएगा, जिससे लोगों को परमाणु परीक्षण के प्रभाव का अनुभव हो सके।
खास बातें
पोखरण-2 परमाणु परीक्षण का रियल-टाइम अनुभव।
परमाणु परीक्षण के समय महसूस हुए कंपन का अनुभव होगा।
ध्वनि, प्रकाश और विजुअल इफेक्ट से तैयार होगा आकर्षक अनुभव।
अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन और राजनीतिक सफर की डिजिटल प्रस्तुति।
गैलरी में टेक्नोलॉजी, ज्ञान और जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को प्रदर्शित किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *