सीढ़ी के सहारे 2 राज्यों का सफर, यूपी ने 2 साल से लटका रखा चंबल पुल की अनुमति

ग्वालियर. चंबल संभाग के भिंड के अटेर में बने चम्बल पुलि पर अराज भी 2 राज्यों (एमपी-यूपी) के बॉर्डर क्रॉस करने के लिये लोहे की सीढ़ी का सहारा ले रहे है। 2016 में शुरू हुआ था यह पुल 8 वर्ष में बना है। लेकिन 2022 की बाढ़ के बाद इसकी लम्बाई 300 मीटर बढ़ाने के लिये 43.16 करोड़ रूपये का नया टेण्डर जारी किया गया है।
मध्यप्रदेश की ओर से 50 मीटर निर्माण के लिये एप्रोच रोड़ खोदी गयी। जिससे ग्रामीणों को सीढ़ी से चढ़कर जैतपुर (आगरा) जाना पड़ रहा है। उत्तरप्रदेश की ओर से 250 मीटर निर्माण के लिये उत्तरप्रदेश वन विभाग ने इको -सेंसिटिव जोन (राष्ट्रीय चम्बल अभ्यारण) की अनुमति नहीं मिलने की वजह से काम रोक दिया गया है।
उप्र की ओर से अनुमति न मिल पाने के कारण अभी उस तरफ काम शुरू नहीं हो पाया है। भिंड कलेक्टर के माध्यम से इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों को पत्राचार भी किया गया है। मप्र की सीमा में 20 प्रतिशत के करीब कार्य हो गया है।’
जोगिन्दर सिंह यादव, ईई सेतु निर्माण संभाग ग्वालियर

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