3 छतरियां खुली और 2 पीछे, कैप्टन अभिनंदन की F-16 से डॉगफाइट वाले दिन पर पाक अधिकारी सच बोल गया
नई दिल्ली. मेजर साहब…..सैयद मोइज अब्बाद शाह शहीद, अल्लाह उनके दरजात बुलंद करे, मैं और मोइज बाहर खड़े हुए थे। अपनी बैरक के साथ हमें कोई 10 बजे इस तरह आवाजें आयी। जैसे कोई जहां बड़े क्लोज से गुजरे । फिर वह आवाज गायब हो गयी ।लेकिन फिजाओुं में 3-4 मिनट आवाजें आती रही। लगा जहाज है और फिर आवाज एकदम तेज हुई।
यह वाकया बताते हुए पाकिस्तान सेना एसएसजी बटालियन कमांडर लेफ्टिनेट कर्नल सेवानिवृत्त उमैर बंगंश उत्तेजित हो उठता है। ऑपरेशन बालाकोर्ट का टेंशन उसके चेहरे पर साफ दिखाई दे रहा था। 27 फरवरी 2019 की उस सुबह का ब्यौरा देते हुए उमैर बंगश तनाव में आ जाते हैं। अंगली से इशारा करते हुए कहते है। सामने एक रैकेज (टुकड़ा) आया वह बाइसन का था। मिग-21 का था। ज बवह आया तो छतरियां खुली, 3 छतरियां थी। एक छतरी बहुत आगे थी। 2 छतरी पीछे थी।
ध्यान दीजिये। पाकिस्तान सेना के एसएसजी बटालियन कमांडर लेफ्टिनेट कर्नल रिटायर्ड उमैर बंगश स्वयं कहता है कि 3 छतरियां खुली और इसे उसने अपनी आंखों से देखा है।
लेकिन बाकी के 2 पैराशूट में पाकिस्तान के एफ-16 फायटर जेट के वह 2 कमांडर थे। जिसे पाकिस्तान कभी नहीं मानता है। लेकिन इस वीडियो में कमांडिंग ऑफीसर उमैर बंगश ने साफ कहा है कि 3 छतरियां खुली। आपको बता दें कि मिग-21 एक सिंगल सीटर फायटर जेट है। यानी कि उसका एक ही पायलट चढ़ सकता है। भारत ने माना है कि कैप्टन अभिनंदन पाकिस्तानी वायुसेना के जहाजों को खदेड़ते हुए एलओसी के पार चले गये थे। इस बीच उन्होंने पाकिस्तान के एफ-16 को शूट किया था। इसके बाद एफ-16 में सवार 2 पायलटों को इजेक्ट करना पड़ा था। कमांडिंग ऑफिसर उमैर
एक पैराशूट अभिनंदन का था तो 2 पैराशूट किसके थे
पाकिस्तान सेना के अधिकारी के इस बयान ने पिछले 7 साल से एक झूठ को बार-बार दबाकर रखने को कोशिश कर रहे पाकिस्तान को नंगाकर दिया है। यह झूठ हैं पाकिस्तान का यह कहना कि ऑपरेशन बालाकोट केबाद 27 फरवरी को भारत-पाकिस्तान की टक्कर में उसका एफ-16 फायटर जेट नहीं गिरा था।
अगर इंडियन एयरफोर्स के कैप्टन अभिनंदन ने एफ-16 को नहीं मार गिराया था। जो कि मौके पर मौजूद पाकिस्तान के अल शमशाम बटालियन के कमांडिंग अधिकारी उमैर बंगश ने जो 3 छतरियां देखी थी। उनमें से 2 छतरियां में कौन थे। जो अपने फायटर प्लेन से इमरजेंसी में उतर रहे थे। कमांडिंग अधिकारी उमैर बंगश ने एक इंटरव्यू में साफ कहा है कि पहले एक -एक रैकेज आया जो कि मिग-21 का था। इसके बाद 3 छतरियां खुली। इनमें एक छतरी काफी आगे चली गयी। इस पैराशू टमें डियन एयरफोर्स के कैप्टन अभिनंदन थे। पाक का रिटायर्ड कमांडिंग अधिकारी सच बोल गया बंगश को दिखाने वाली 2 छतरियां एफ-16 के पायलटों की थी।
लेकिन अपने अधिकारियों को डिसऑन करने वाला पाकिस्तान कभी नहीं मानता है कि कैप्टन अभिनंदन ने पाकिस्तान के एफ-16 को मार गिराया था। लेकिन कमांडिंग अधिकारी उमैर बंगश फरवरी 2019 में मैं एलओसी पर था। मैं अल शमशाम बटालियन का सीईओ था। यह हमारे लिये जिन्दगी भर का यादगार पल था। इस सैन्य अधिकारी ने आगे गहा है कि आसमान से गिरती 3 छतरिया को देख मैं तो काफी परेशान हुआ था। वह इस इंटरव्यू में आगे कहता है। ‘‘ मैंने कहा था कि इन्होंने क्या सिलसिला शुरू किया है। परसों रात इन्होंने बालाकोट में दरख्त और कौवे मार दिये और अब यह क्या, हमारा जहाज गिराया….या क्या हो गया है।’’
‘‘मोइज मेरे साथ था कहता है, सर मैं निकल रहा है, मैंने कहा कि निकल और में क्यूआरएफ भेज रहा हूं। तेरे पीछे, वह उस साइट की और दौड़ा और वह उस जगह पर पहुंचा’’ इस वीडियो को आईडीयू ने एक्स पर डाला है।
ऑपरेशन बालाकोट की कहानी
26 फरवरी 2019 को हुआ ऑपरेशन बालाकोट पुलवामा हमले (14 फरवरी 2019) का जवाब था । जब जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघताती हमलावर ने 40 सीआरपीएफ जवानों पर हमला किया था। इस हमले में सभी जवान बलिदान हो गये थे। भारत ने इसकी प्रतिक्रिया में भारतीय वायुसेना के मिराज 2000 लड़ाकू विमानों से रात के अंधेरे में नियंत्रण रेखा पारन कर पाकिस्तान के बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के बड़े आतंकी प्रशिक्षण शिविर पर सटीक हवाई हमला किया। इस हमले में सैकड़ों आतंकी मारे गये। अगले ही दिन 27 फरवरी 2019 को पाकिस्तान के बदला लेने के लिये ‘‘ऑपरेशन स्विफ्ट रिटॉर्ट’’ के तहत भारतीय इलाके में हवाई हमले की कोशिश की। दोनों पक्षों को बीच एयर डॉगफाइट हुई। भारत के पायलट विंग कमांडर अभिनंद वर्धमान पाकिस्तानी वायुसेना को खदेड़ते हुए एलओसी पार कर गये। उन्होंनंे मिग-21 बायसन से पाकिस्तान के एफ-16 को मार गिराया है। इस बीच 2 कमांडर इजेक्टर हो रहे थे। हालांकि इस दौरान उनका अपना विमान भी चोटिल हो गये। उन्हें एलओसी के पार लैंड करना पड़ा था। इस इस दौरान पाक सेना ने उन्हें पकड़ लिया। लेकिन भारत की सीधी चेतावनी के बाद पाकिस्तान 1 मार्च को उन्हें ससम्मान छोड़ दिया।

