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मंदिर की छत गिरने से मलबे में दबी 3 बच्चियों की मौत 6 घायल, मृतकों में 2 सगी बहनें

मुरैना. अहरौली गांव में चामड़ माता के मंदिर की अचानक छत गिरने से मलबे में दबकर 3 बच्चियों की मौत हो गयी। 4 अन्य बच्चियां और एक दंपत्ति घायल है। हादसा सोमवार की दोपहर में लगभग 2 बजे मंदिर में गुंबद निर्माण के लिये पुरानी छत तोड़ते समय हादसा हुआ हे।
गांव में ही रहने वाले सतीश गौड़ पत्नी पृथ्वी के साथ मंदिर में प्रसाद चढ़ाने आये थे। उन्होंने प्रसाद देने के लिये कुछ बच्चियों को भी मंदिर के अन्दर बुला लिया। इसी बीच पुरानी छत की पटिया गिर गयी, जिससे नीचे बैठी बच्चियां मलबे में दब गयी।
इन बच्चियों की मौत
वैष्णवी सिकरवार (11) पुत्री जीतू सिकरवार
करिश्मा गोस्वामी (9) पुत्री अशोक गोस्वामी
छाया गोस्वामी (7) पुत्री अशोक गोस्वामी
हादसे में ये घायल
गुंजन (12) पुत्री योगेंद्र सिंह
परी (8) पुत्री योगेंद्र सिंह
विद्या (6) पुत्री योगेंद्र सिंह
सतीश गौड (45)
पृथ्वी गौड (40) पत्नी सतीश गौड
मानसी गौड (14) पुत्री सतीश गौड

देखिए, तीन तस्वीरें…

गुंबद निर्माण के दौरान पटिया ढह गया। इससे मंदिर की छत गिर गई।
गुंबद निर्माण के दौरान पटिया ढह गया। इससे मंदिर की छत गिर गई।
ग्रामीणों ने मलबे से घायलों और शवों को निकाला।
ग्रामीणों ने मलबे से घायलों और शवों को निकाला।
हादसे में तीन बच्चियों की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे में तीन बच्चियों की मौके पर ही मौत हो गई।

ग्रामीणों ने मलबे से निकाले शव

मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मलबा हटाकर घायलों और शवों को बाहर निकाला। सूचना पर एसडीएम जौरा शुभम शर्मा, पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को कैलारस अस्पताल में भर्ती कराया।स्थानीय निवासी लालू शर्मा ने कहा- चामड़ माता के इस मंदिर की स्थापना करीब 150 साल पहले हुई थी। शुरुआत में यह मंदिर केवल चबूतरे के रूप में था। करीब 7 साल पहले ग्रामीणों ने चंदा इकट्‌ठा करके दीवारें और छोटी पटियाओं के सहारे छत बनवाई थी।फिलहाल पुरानी और कमजोर छत को हटाए बिना गुंबद बनवाया जा रहा था। इसका अतिरिक्त भार छत की पतली पटियाएं सहन नहीं कर सकीं और वे टूट गईं।

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