हाईकोर्ट की डबल बेंच ने सत्र न्यायालय द्वारा सुनाई गयी उम्र कैद की सजा को बरकरार रखा
ग्वालियर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच की युगल पीठ ने हत्या के एक मामले के आरोपी बब्बूराजा सिंह गुर्जर को सुनाई गयी उम्र कैद की सजा को बरकरार रखते हुए उसकी अपील खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने सत्र न्यायालय के फैसले को सही ठहराते हुए कहा है कि निचली अदालत ने सभी साक्ष्यों का समुचित मूल्यांकन कर दोष सिद्धि की थी।
यह मामला 14 अप्रैल 2013 का है, अभियोजन के अनुसार शिवपुरी जिले के उमरी गांव में टीका-लगुन समारोह के बाद आरोपी बब्बूराजा सिंह गुर्जर, मृतक रणवीर सिंह उर्फ नातीराजा को अपनी मोटरसाईकिल पर बैठाकर ले गया था और कुछ ही दूरी पर पहुंचने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर रणवीर सिंह पर गोली चला दी।
सत्र न्यायालय ने सुनाई उम्र कैद की सजा
गोली लगने से रणवीर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया। घटना के बाद पुलिस ने हत्या सहित अन्य संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की और विवेचना पूर्ण होने पर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सत्र न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को आईपीसी की धारा 302 हत्या के तहत दोषी ठहराया गया था। न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए जुर्माना भी लगाया था।
अभियोजन पक्ष ने साबित किया आरोप सही
अपील पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की युगल पीठ ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने आरोपों को ठोस साक्ष्यों के आधार पर साबित किया है और निचली अदालत का निर्णय पूरी तरह न्यायसंगत है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने आरोपी की अपील को निरस्त कर दिया।

