मुनाफा छुपाने का खेल, MP में बिजली कंपनी ने दिखाया 6044 करोड़ का काल्पनिक घाटा, दाम बढ़ाने की तैयारी
जबलपुर. बिजली कंपनियों ने प्रदेश में बिजली के दाम औसत 10.19 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव मप्र विद्युत नियामक आयोग को भेजा है। आयोग ने याचिका पर सुझाव और आपत्ति बुलाई है। इसमें बिजली विशेषज्ञों का दावा है कि बिजली कंपनी ने 6044 करोड़ का घाटा बताया है जबकि 9204 करोड़ रुपये के मनमाने आंकड़े आयोग के सामने रखकर इस घाटे को दर्शाया गया है ताकि बिजली की दर को बढ़ाया जा सके।
9204 करोड़ के फर्जी आंकड़े
सेवानिवृत्त अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि मप्र पावर मैनेजमेंट कंपनी काल्पनिक खर्च को बताकर बिजली कंपनियों का घाटा बताया है। उनके अनुसार पावर मैनजमेंट कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2014-15 से 2022-23 तक की सत्यापन याचिका में खारिज 3450.63 करोड़ रुपये पूरक बिजली खरीदी लागत की पुन: असंवैधानिक मांग की गई है। इसके अलावा 832.96 करोड़ रुपये अन्य लागत जो कि स्टेशन आधार पर आवंटित नहीं की जा सकी थी उसकी असंवैधानिक मांग की है।
25 जनवरी तक आपत्ति-सुझाव
मप्र विद्युत नियामक आयोग ने बिजली टैरिफ याचिका को लेकर 25 जनवरी तक आपत्ति और सुझाव आमंत्रित किए हैं। इसके बाद मप्र विद्युत नियामक आयोग आपत्ति और सुझाव के आधार पर प्रदेश के तीन शहर जबलपुर, भोपाल और इंदौर में जनसुनवाई का आयोजन करेगा।राजेंद्र अग्रवाल ने आयोग से मांग की है कि इस बार आनलाइन की बजाए फिजिकल जनसुनवाई की जाए ताकि लोग अपनी बात बेहतर तरीके से कह सके।

