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लोक लेखा समिति नगर निगम के साथ समाजसेवियों ने किया श्रमदान

ग्वालियर। लोक लेखा समिति नगर निगम एवं पार्षद अनिल सांखला द्वारा दीपावली के पड़वा के दिन महाराज बाड़े पर नगर निगम के सफाई कर्मचारियों एवं अभिकारियों के साथ विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर स्वयं भी श्रमदान कर महाराज बाड़े को स्वच्छ किया तथा शहरवासियों को स्वच्छता का संदेश दिया।
स्वास्थ्य अधिकारी भीष्म पमनानी ने बताया कि नगर निगम आयुक्त द्वारा निरंतर स्वच्छता के प्रति नागरिकों को जागरूक किया जा रहा है। निगम अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ ही लगातार जनप्रतिनिधियों द्वारा भी समय समय पर स्वच्छता अभियान चलाकर स्वयं श्रमदान कर आम लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसी तरह दीपावली के अगले दिवस आज वार्ड 50 के अंतर्गत महाराज बाड़े पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया इसमें क्षेत्रीय पार्षद श्री अनिल सांखला के साथ बड़ी संख्या में विशेषता अभियान में श्रमदान कर सफाई की।

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भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत धारण कर प्रकृति से जुड़ने का संदेश दिया – मुख्यमंत्री

ग्वालियर – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ग्वालियर में इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में गौ पूजा एवं गोवर्धन पूजा का विशेष महत्व है। भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत धारण कर प्रकृति से जुड़ने का संदेश दिया। प्रदेश सरकार ने इसी भाव के साथ गौ संरक्षण व संवर्धन के काम को आगे बढ़ाया है। जयभान सिंह पवैया द्वारा पिछले लगभग 10 वर्षों से सामूहिक गोवर्धन पूजन का आयोजन किया जा रहा है। 11वे वर्ष पर उनके निवास पर आयोजित हुए गोवर्धन पूजन में शामिल होने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी पहुँचे। उन्होंने इस अवसर पर विधि विधान से गोवर्धन पूजा कर आरती उतारी और प्रदेश की खुशहाली के लिये कामना की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे देश में त्यौहार मनाने की उत्सव संस्कृति है। इसमें गोवर्धन पूजा का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा गौवंश का संरक्षण हमारी अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए ज़रूरी है। किसान भाई गौपालन के जरिए दुग्ध व्यवसाय से जुड़ें। सरकार की तरफ़ से उनको अनुदान भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गोवर्धन पूजा के शुभ अवसर पर सभी को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

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BSF के 510 नवआरक्षकों ने ली देशसेवा की शपथ, बेस्ट कैडेट को किया पुरूस्कृत

ग्वालियर. डबरा के टेकनपुर स्थित सीमा सुरक्षा बल अकादमी (BSF) में 510 नव आरक्षकों ने देशसेवा की शपथ ली। शनिवार को दीक्षांत परेड समारोह आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि सहायक प्रशिक्षण केन्द्र टेकनपुर के महानिरीक्षक मनोज यादव मौजूद रहें। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जवानों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया।
मनोज यादव ने कहा है कि स्मार्ट टर्न आउट व ड्रिल, सहायक प्रशिक्षण केन्द्र टेकनपुर में प्राप्त उच्च दर्जे के व्यावसायिक प्रशिक्षण व आत्मविश्वास को दर्शाता है। आपके प्रदर्शन का स्तर व प्रशिक्षण में दी गयी शिक्षा को देखकर प्रतीत होता है कि लगन, मेहनत, समर्पण व कठिन परिश्रम की बदौलत नाम रोशन करेंगे। उन्होंने नवआरक्षकों के माता-पिता को भी बधाई दी।
44 सप्ताह का बुनियादी प्रशिक्षण
इस दौरान सभी नवआरक्षकों को 44 सप्ताह का बुनियादी प्रशिक्षण दिया गया। इसमें आउटडोर विषय जैसे हथियारों का प्रशिक्षण, खेल-कूद और इनडोर प्रशिक्षण के विषय जैसे भारतीय संविधान, शासकीय सेवा से संबंधित विभिन्न नियम, मानवाधिकार, सूचना का अधिकार, समाज कल्याण, कानून व्यवस्था, व्यक्तित्व विकास व मानव व्यवहार व कम्प्यूटर का अध्ययन कराया गया। इस दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले नव आरक्षकों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बल के अधिकारियों के साथ आरक्षकों के परिवारजन मौजूद रहे।

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रतनगढ़ माता मंदिर पर 2 दिवसीय लक्खी मेला में 15 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किये दर्शन

दो दिवसीय लक्खी मेले में 30-25 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।दतिया. रतनगढ़ माता मंदिर में शनिवार से लक्खी मेले की शुरूआत हो गयी। यहां श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुक्रवार की देर रात से ही शुरू हो गया था। शनिवार की दोपहर 12 बजे तक 15 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर लिये ।लक्खी मेला रविवार तक चलेगा। प्रशासन का अनुमान है कि इन 2 दिनों में करीब 30 से 35 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।
मेला की सुरक्षा को पुलिस और प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की है। मेले की व्यवस्था के लिये दतिया, भिण्ड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी और ग्वालियर जिले से लगभग 3 हजार से अधिक पुलिसकर्मी समेत अन्य कर्मचारी तैनात किये गये है। वहीं, यहां 400 बीघा में कुल 25 पार्किंग बनाई गयी है। यह पार्किंगस्थल 7 से 12 किमी दूर है। सर्पदंश पीडि़तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 3 हजार स्ट्रैचर की व्यवस्था की गयी है।
पुलिस को चुनौती देकर आते थे डकैत
बीहड़, बागी और डाकू के लिये कुख्यात रही 3 राज्यों में फैली चम्बलघाटी के डकैत भी यहां आते थे। डाकू (बागी) पुलिस को चैलेंज देकर इस मंदिर में दर्शन करनेआते थे। चम्बल के बीहड़ भी ऐसे डाकू स्वीकार नहीं करते थे। जिसने इस मंदिर में घंटा न चढ़ाया हो। इलाके का ऐसा कोई बागी नहीं। जिसने यहांआकर माथा न टेका हो। माधव सिंह, मोहर सिंह, मलखान, मानसिंह, जगन गुर्जर से लेकर फूलन देवी ने माता के चरणों में माथा टेक कर, घंटा चढ़ा कर आर्शीवाद लिया है। इस बीच मंदिर या जंगल में आने वाले भक्तों से बागियों ने कोई वारदात को अंजाम नहीं दिया है।

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संसद का शीतकालीन सत्र 25 नवम्बर से शुरू होगा, कई अहम बिलों पर होगी चर्चा

नई दिल्ली. संसद का शीतकालीन सत्र 25 नवम्बर से शुरू होगा। यह 20 दिसम्बर तक चलेगा। इस बीच कई अहम बिलों पर चर्चा होगी। शीतकालीन सत्र के दौरान वन नेशन -वन इलेक्शन और वक्फ विधेयक बिल पर भारी हंगामा होने के आसार है। वन नेशन-वन इलेक्शन पर रिपोर्ट पर कैबिनेट से मंजूरी के बाद बिल को शीतकालीन सत्र में पेश किया जायेगा। आपको बता दें कि विपक्षी दल वन नेशन-वन इलेक्शन का विरोध कर रहे हैं और देश में एक साथ चुनाव के पक्ष में नहीं है।
इसके अलावा वक्फ विधेयक पर गठित जेपीसी संसद के शीतकालीन वत्र में अपनी रिपोर्ट पेश कर सकती है। इस पर भी हंगामे के आसार है। आपको बता दें कि हाल ही में गृहमंत्री अमित शाह ने वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 पर बोलते हुए कहा था कि यह विधेयक संसद के शीतकालीन सत्र के दोरान पारित किया जायेगा।
अपडेट जारी है

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छात्रा ने रेप के बाद कूंदकर किया था सुसाइड, फोरेंसिक रिपोर्ट में हुआ खुलासा, छात्रा 8वीं मंजिल से कूंदी थी

ग्वालियर. 4 माह पहले 8वीं मंजिल से 15वर्षीय छात्रा गिरी नहीं थी। उसने सुसाइड किया था। फोरेंसिक रिपोर्ट में उसके साथ रेप की पुष्टि हुई है। पुलिस का मानना है कि इसी बात से दुःखी होकर उसन जान दे दी है। हालांकि फोरेंसिक रिपोर्ट में रेप की घटना सुसाइड से 2-3 पहले की बताई जा रही है। घटना 22 जून 2024 गोले का मंदिर इलाके की है। बिल्डिंग में कूदने से पहले उसने अपनी क्लासमेंट को मैसेज किया था। गुडबॉय, जब क्लासमेट ने उससे पूछा था कि ऐसा क्यों लिख रही है? इस पर छात्रा का कहना था कि मेरा कोई दोस्त नहीं है।
परिजन को कॉल कर बुलाया था छात्रा ने
छात्रा 9वी कक्षा में पढती थी। 22 जून की शाम 6.50 बजे वह घर से निकली, मां से कहा था कि सहेली से मिलने जा रही है। लेकिन वह एक बिलिंडग में पहुंच गयी। यहां डांस क्लास में उसकी सहेली थी। सहेली ने उसके पिता को कॉल कर कहा था कि आपकी बेटी रो रही है। आप आ जाओ, कुछ गलत कदम भी उठा सकती है। पिता ने बेटी को कॉल किया तो मोबाइल स्विच ऑफ आया। परिजन बिल्डिंग में पहुंचे तो छात्रा नीचे पड़ी मिली। उसे बिड़ला अस्पताल ले गये, डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
4 महीने बाद आई फोरेंसिक में रेप की पुष्टि
छात्रा की मौत के बाद कई तरह के सवाल उठे थे। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के अलावा फोरेंसिक जांच भी कराई। अब चार महीने बाद फोरेंसिक रिपोर्ट पुलिस के पास पहुंची है। रिपोर्ट में डेड स्पर्म मिले हैं। मतलब मौत से तत्काल पहले उसके साथ कुछ नहीं हुआ था, बल्कि दो से तीन दिन पहले उसके साथ किसी ने गलत किया था।

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मुरैना के शर्मा फार्म के पास  बनकर तैयार है ISBT – बसों के आवागमन के लिये रहेंगे 3 गेट

ग्वालियर. मुरैना की ओर जाने वाले हाइवे मार्ग पर 64 करोड़ रूपये की लागत से इंटर स्टेट बस टर्मिनल (ISBT ) बनकर तैयार हो गया है। आईएसबीटी से ही भविष्य में बसों का संचालन किया जायेगा। ऐसे में आईएसबीटी के सामने से निकले मुरैना हाइवे का यातायात संचालन सुगम रखने के लिये स्मार्ट सिटी ने ट्रैफिके मैनेजमेंट के लिये यहां बसों के आने-जाने के लिये 3 गेट रखे हैं। 2 गेट हाइवे पर रखे गये हैं। वहीं तीसरा गेट मल्लगढ़ा रेलवे ओवर ब्रिज की सर्विस रोड पर रखा गया है। यह रास्ता मल्लगढ़ा थाने के पीछे से होता हुआ आईएसबीटी पहुंचेगा। गौरतलब है कि आईएसबीटी हाइवे व सर्विस रोड से काफी अंदर बनाया गया है। ऐसे में बसों का संचालन करने में आसानी रहेगी और बस का स्टाफ सवारियों को परिसर के अंदर से ही बैठा पायेगा।
अच्छी प्लानिंग है
आईएसबीटी का निर्माण अंतिम चरण में है। बसों के संचालन के लिये परिसर में 3 गेट दिये गये है। जिनमें 2 गेट मुख्य मार्ग पर दतथा एक मल्लगढ़ा आरओबी के पास में है। भविष्य में ट्रैफिक का संचालन ठीक तरीके से से हो इसके लिये प्लान किया जा रहा है। जल्दी ही जिला प्रशासन, परिवहन विभाग, नगर निगम, स्मार्ट सिटी की मीटिंग होगी। जिसमें महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर जल्द ही निर्णय लिया जायेगा।
नीतू माथुर, सीईओ, स्मार्ट सिटी, ग्वालियर
15 मीटर चौड़ी रहेगी सड़क
मल्लगढ़ा आरओबी के पास बनाये जाने वाले प्रवेश मार्ग की सड़क को कुल चौडाई 15 मीटर रहेगी। इसमें बसों के आने व जाने के लिये 7.20-7.50 मीटर की 2 रोड़ रहेगी तथा बीच में डिवाइडर भी बनाया जायेगा। अधिकारियों का एक प्लान यह भी है हिक आगरा-मथुरा व दिल्ली की ओर से आने व जाने वाली बंसों का संचालन इसी गेट से किया जायेगा। ऐसे में मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक का लोड कम ही रहेगा। भिण्ड, दतिया, गुना, शिवपुरी समेत अन्य क्षेत्रों में आने व जाने वाली बसों का संचालन मुख्य मार्ग के गेट से किया जायेगा।
प्रतिदिन 600 बसों का संचालन होगा
ग्वालियर अभी रोडवेज बस स्टैंड, झांसी रोड बस स्टैंड के साथ कई स्थानों पर अवैध बस स्टेंड बने हुए है। रोडवेज बस स्टेंड से दिल्ली, हरिद्वार, झांसी , आगरा, मथुरा, भिण्ड, मुरैना, छतरपुर, रीवा, सतना, इन्दौर और गुना समेत अन्य रूट पर तथा झांसी रोड बस स्टेंड से नरवर, करैरा, डबरा, भितरवार भांडेर समेत कई रूट पर बसों का संचालन किया जाता है। निजी बस ऑपरेटर कंपू, पडाव, चेतकपुर, विनयनगर समेत कई जगहों से बसों का संचालन कर रहे हैं।
यातायात का दबाव कम करने के लिये प्लान
शहरी क्षेत्र से बसों का दबाव कम करने के लिये ट्रिपल आईटीएम के सामने शर्मा फॉर्म रोड पर आईएसबीटी बनाया गया है। आईएसबीटी के प्रस्ताव को मप्र की साधिकार समिति ने स्वीकृति दी थी। इसके बाद स्मार्ट सिटी कॉर्पोरेशन ने इसे बनाने का काम शुरू किया था। यह काम हाल ही पूरा हुआ है। यहां शिवपुरी, गुना, भिण्ड, मुरैना, इटावा, कानपुर, आगरा, धौलपुर, जयपुर, मथुरा, दिल्ली समेत कई शहरों व ग्रामीणों क्षेत्रों के लिये बसें चलाई जायेगी। गौरतलब है कि आईएसबीटी का निर्माण 25 एकड में किया गया है।
यात्रियों के लिये फेसिलिटीज
बस स्टेण्ड परिसर में यात्रियों की सुविधा के लिये वेटिंग रूम, पर्यटन डेस्क, पार्सल रूम, बुक शॉप, एवं फूड जोन, डोरमेट्री, सुरक्षा चौकी, एटीएम की सुविधा रहेगी। परिसर में बसों को खड़ा करने के लिये बड़ा स्थान रहेगा। साथ ही पार्क भी बनाया गया है। वहीं हरियाली के बीच लोगों के बैठने के लिये हट भी बनाये गये हैं।

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RSS प्रमुख मोहन भागवत वीरांगना लक्ष्मीबाई की समाधि पर पहुंच कर अर्पित की पुष्पांजलि

वीरांगना की समाधि पर पुष्प अर्पित करते हुए आरएसएस सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत। - Dainik Bhaskar

ग्वालियर. केदारपुर धाम में चल रहे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 4 दिवसीय अखिल भारतीय विविध संगठन प्रचारक वर्ग का आज तीसरा दिन है। शनिवार की सुबह सत्र की शुरूआत से पहले आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत समेत संघ के अन्य पदाधिकारी रानी लक्ष्मीबाई की समाधिस्थल पर पहुंचे। यहां मोहन भागवत ने पुष्पांजलि अर्पित कर लक्ष्मीबाई को विनम्र श्रद्धांजलि दी। इसके बाद आरएसएस प्रमुख ने समाधि की परिक्रमा कर हाथ जोड़कर प्रणाम किया है।
आरएसएस के विभाग संघचालक प्रहलाद सबनानी ने बताया है कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत जिस शहर में होते हैं। वह शहर में मौजूद आजादी के नायक और शहीदों की प्रतिमा पर जाते है। इसी कड़ी में वह रानी लक्ष्मीबाई की समाधि पर भी पहुंचे।
ग्वालियर में चल रहा चार दिवसीय प्रचारक वर्ग
ग्वालियर की जमीन पर 31 अक्टूबर (दीपावली) से 4 नवंबर तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का विविध संगठन प्रचारक प्रशिक्षण वर्ग शुरू हो चुका है। इसमें आरएसएस के 31 संगठनों के 554 प्रचारक भाग ले रहे हैं। इस प्रशिक्षण वर्ग में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित संघ के सभी सहसरकार्यवाह और अन्य प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए हैं। इस चार दिवसीय प्रचारक वर्ग में वे कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं, जो सामाजिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रहते हैं। यह एक तरह का प्रशिक्षण वर्ग माना जा रहा है। जिसमें समाज के विभिन्न क्षेत्र और वर्ग के बीच संघ कार्यों की समीक्षा और आगामी वर्षों के कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा हो रही है।

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आरएसएस ने सुनाया संघ का संदेश, सभी को पत्रकारों से दूर रहने की सख्त हिदायत, सामाजिक समरसता लाने का दिया लक्ष्य

ग्वालियर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 4 दिवसीय विविध संगठन प्रचारक वर्ग के दूसरे दिन आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने सभी सदस्यों के विचार जानने के बाद संघ का संदेश सुनाया और साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने हिन्दू समाज के सभी वर्ग के लोगों में एकता और उनमें परस्पर प्रेम बढ़ाने के लिये सिर्फ भाजपाईयों के घरों तक ही नहीं बल्कि निचले स्तर तक ले जाने के लिये घर-घर पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी है।
दीपावली से शुरू हुआ विविध संगठन प्रचारक प्रशिक्षण वर्ग
दोपहर के भोजन में सामाजिक समरसता के तहत घर-घर से जुटाया गये भोजन का स्वाद लिया है। जिसके बाद आरएसएस प्रमुख ने सभी प्रांत से आये प्रचारक पदाधिकारियों के साथ बैठक की है। ऐसी भी सूचना है कि संघ के प्रचारक वर्ग के तीसरे दिन प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव प्रचारक वर्ग में शामिल हो सकते है। ग्वालियर की जमीन पर 31 अक्टूबर दीवाली से 4 नवम्बर तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विविध संगठन प्रचारक प्रशिक्षण वर्ग शुरू हो चुका है। इ समें आरएसएस के 31 संगठनों के 554 प्रचारक भाग ले रहे है।
इस प्रशिक्षण वर्क में सर संघ चालक डॉ. मोहन भागवत, संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित संघ के सभी सहसरकार्यवाह और अन्य प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए हैं। इस 4 दिवसीय प्रचारक वर्ग में वह कार्यकर्त्ता भाग ले रहे है जो सामाजिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रहते हैं। यह एक तरह का प्रक्षिक्षण वर्ग माना जा रहा है। जिसमें समाज के विभिन्न क्षेत्र व वर्ग के बीच संघ के कार्यो की समीक्षा और आगामी वर्षो के कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा होगी।
आरएसएस कार्यकर्त्ता के हवाले प्रशिक्षण वर्ग का दायित्व
आरएसएस के विविध संगठन प्रशिक्षण वर्ग 4 दिन तक चलेगा। यहां सभी व्यवस्थायें संघ के कार्यकर्त्ता संभाल रहे है। यहां अन्दर की सुरक्षा से लेकर मंच तक का प्रबंधन आरएसएस के कार्यकर्त्ता ही करेंगे। आने वाले अतिथियों के लिये भोजन से लेकर स्वागत का इंतजाम भी संघ के सदस्यों के जिम्मे रहेगा। सभी को मीडिया और पत्रकारों से दूर रहने और अन्दर की बात बाहर नहीं जाने की सख्त हिदायत दी गयी है।

समरसता लाने का टारगेट दिया
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक वर्ग में कई मुद्दों पर मंथन हो रहा है लेकिन सबसे बड़ा मुद्दा हिंदू समाज में सामाजिक समरसता है। सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को प्रचारक वर्ग में सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत और सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले की मौजूदगी में कार्यकारी मंडल के पदाधिकारियों ने संगठन के सभी 11 क्षेत्र तथा 46 प्रांत प्रचारकों को संघ के एजेंडे जिसमें पंच परिवर्तनों के द्वारा हिन्दू समाज में सामाजिक समरसता लाने के प्रयास के लिए इस संदेश को निचले स्तर तक ले जाने की जिम्मेदारी सौंपी हैं। साथ ही सभी पदाधिकारियों से संघ का संदेश घर-घर पहुंचाने का आह्वान किया।
2 नवंबर को सीएम होंगे शामिल
आरएसएस के प्रचारक वर्ग में चार दिन के कार्यक्रम के तीसरे दिन 2 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आना प्रस्तावित है। क्योंकि उत्तर प्रदेश के मथुरा में हुए कार्यक्रम में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी पहुंचे थे। फिलहाल इस संबंध में कोई औपचारिक कार्यक्रम नहीं आया है।

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1000 वर्ष पूर्व बना था सहस़्त्रबाहू का मंदिर, गंगा और यमुना के नाम से जाते सास-बहू के मंदिर को,

ग्वालियर. ऐतिहासिक किले की पूर्व दिशा में विशाल 2 मंदिर बने हुए है। यह दोनों ही मंदिर लगभग 1 हजार वर्ष पुराने है। उस वक्त इन मंदिरों का निर्माण कच्छपघात राजवंश के राजा महिपाल ने 11वीं शताब्दी में कराया था। यह दोनों ही मंदिर विष्णुजी को समर्पित थे। इसलिये इनका सहस्त्रबाहू मंदिर रखा गया। लेकिन समय के साथ इन मंदिरों को लोग सास-बहू मंदिर कहने लगे। भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान असिस्टेंट प्रो. सीएस बरूआ के अनुसार इन मंदिरों का निर्माण उत्तर भारत की नागर शैली में कराया गया था।
इसलिये इसमें सुन्दर नक्काशी और कंगूरे और देवताओं की मूर्तियां देखने को मिलती है। इस मंदिर का निर्माण 5 हिस्सों में किया गया था। इसमें अर्द्ध मंडप, मंडप, महामंडप, अंतराल और गर्भगृह है। इसमें त्रिदेव की मूर्तियां भी है। इनमें प्रभु ब्रम्हा, विष्णु और महेश शामिल हे। दरवाजे दोनों ओर 2 द्वारपाल की भी मूर्तियां बनाई गयी है। इनको जय और विजय कहा जाता है। यह ऐसा मंदिर है। जहां गंगा और यमुना की मूर्तियां भी बनी हुई है।
वर्ष 1881 में हुआ जीर्णोद्वार
देखरेख के अभाव में इस मंदिर का एक बड़ा हिस्सा गिर गया था। अंग्रेज शासकों ने जब इसे जीर्ण-शीर्ण देखा तो वर्ष 1881 में ब्रिटिश ऑर्किटेक्ट मेजर जेबी कीथ से इसका रेनोवेशन कराया था और इसके लिये उन्होंने इसके पुराने नक्शे का सहारा लिया था। 1958 में इसे भारतीय पुरातत्व विभाग के अधीन आ गया।
नागर शैली की खासियत
नागर शैली उत्तर भारतीय हिंदू स्थापत्य कला की एक शैली है। वास्तुशास्त्र के अनुसार नागर शैली के मंदिरों की पहचान आधार से लेकर सर्वोच्च अंश तक इसका चतुष्कोण होना है। मंदिर के सबसे ऊपर शिखर होता है, जिसे रेखा शिखर कहते हैं। मंदिर में दो भवन भी होते हैं, एक गर्भगृह और दूसरा मंडप। गर्भगृह ऊंचा होता है और मंडप छोटा होता है। गर्भगृह के ऊपर एक घंटाकार संरचना होती है, जिससे मंदिर की ऊंचाई बढ़ जाती है।
सदी के महानायक भी कर चुके हैं जिक्र
इन मंदिरों की ख्याति का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि सदी के महानायक अमिताभ बच्चन भी इसका जिक्र कर चुके हैं। छोटे पर्दे पर प्रसारित होने वाले एक शो के संबंध में उन्होंने इन मंदिरों की जुड़ी जानकारी देने के लिए ट्वीट किया था। इसमें अमिताभ बच्चन ने लिखा था कि मध्यप्रदेश का एक हजार साल पुराना सास-बहू मंदिर आकर्षित करता है। साथ ही इसको मैं हेरिटेज मैप पर भी पिन कर रहा हूं, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग इसे देखें।