ओलावृष्टि से प्रभावित सरकार की ओर से दी जाएगी हर संभव सहायता, अंतर्राज्यीय बस स्टेण्ड का संचालन शीघ्र प्रारंभ हो


ग्वालियर. रेलवे ने गर्मी के मौसम में यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। इस पहल से यात्रियों को काफी राहत मिलेगी जिससे उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने में कोई परेशानी नहीं होगी।
एलटीटी-बनारस-एलटीटी द्वि-साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन
01073 एलटीटी से बनारस स्पेशल ट्रेन 1 से 9 अप्रैल तक (4 ट्रिप) एवं समर सीजन में 15 से 30 अप्रैल तक (6 ट्रिप) द्वि- साप्ताहिक (बुधवार एवं गुरुवार) लोकमान्य तिलक टर्मिनस स्टेशन से दोपहर 12.15 बजे चलेगी, जो अगले दिन सुबह 7.55 बजे बीना पहुंचकर रात 11.30 बजे बनारस स्टेशन पहुंचेगी। इसी प्रकार 01074 बनारस से एलटीटी स्पेशल ट्रेन 3 से 11 अप्रैल तक (4 ट्रिप) एवं समर सीजन में 17 अप्रैल से 2 मई तक (6 ट्रिप) द्वि-साप्ताहिक (शुक्रवार एवं शनिवार) बनारस स्टेशन से सुबह 5.30 बजे चलेगी, जो रात 10.25 बजे बीना पहुंचकर अगले दिन शाम 4.40 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस स्टेशन पहुंचेगी। इस ट्रेन में कुल 22 कोच रहेंगे। ट्रेन दोनों तरफ से ठाणे, कल्याण, इगतपुरी, नासिक रोड, जलगांव, भुसावल, खंडवा, इटारसी. रानी कमलापति बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, उरई गोविंदपुरी, फतेहपुर एवं सूबेदारगंज (प्रयागराज) स्टेशनों पर रुकेगी।
अहमदाबाद-कोलकाता में बढ़ाया गया एसी कोच
रेलवे ने समर सीजन में यात्रियों की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए बीना जंक्शन से होकर जाने वाली अहमदाबाद-कोलकाता-अहमदाबाद एक्सप्रेस एक थर्ड एसी कोच मई माह से अगले आदेश तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। 19413/14 अहमदाबाद-कोलकाता-अहमदाबाद एक्सप्रेस में 27 मई को अहमदाबाद से एवं 30 मई को कोलकाता से इस ट्रेन में अब 6 थर्ड एसी कोच होंगें।

मुरैना नेशनल हाइवे-44 पर धौलपुर की ओर से आ रहे कवाड़ और रद्दी से भरे एक आयशर कैंटर (एमपी06 जीए 1411) में छौंदा टोल प्लाजा से लगभग 100 मीटर पहले अचानक आग लग गयी। आग विकराल होने पर ड्रायवर ने ट्रक को सड़क से नीचे की तरफ पलटा दिया और हेल्पर के साथ कूंदकर अपनी जान बचाई। डायल 112 की खबर पर घटनास्थल पर पहुंची 2 फायर ब्रिगेडों ने 45 मिनट की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया है। फिलहाल पुलिस मामले और आग लगने की वजहों की जांच की जा रही है।
देखिए तस्वीरें…



लोगों ने बाल्टियों से बुझाने का किया प्रयास
धौलपुर की तरफ से आ रहे ट्रक क्रमांक MP 06 GA 1411 आयशर कैंटर में रद्दी, कबाड़ा और बर्तन भरे हुए थे। नेशनल हाईवे-44 पर छौंदा टोल प्लाजा के करीब 100 मीटर पहले ट्रक में अचानक आग लग गई।आग लगता देख पहले स्थानीय लोगों ने बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग लगातार बढ़ती गई। आग को विकराल रूप लेते देख चालक ट्रक को लेकर साइड की तरफ भागा, लेकिन इसी दौरान वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे के दौरान ट्रक के चालक और हेल्पर ने समय रहते कूदकर अपनी जान बचा ली। स्थानीय लोगों और मौके पर पहुंची डायल 112 की टीम द्वारा दमकल को सूचना दी गई। कबाड़े में रद्दी अधिक होने के कारण आग बार-बार सुलग रही थी।इस वजह से आग बुझाने में दो दमकलें लगानी पड़ीं। मौके पर पहुंची दमकलों ने लगभग 45 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया।
सिविल लाइन थाना प्रभारी टीआई उदयभान यादव के अनुसार, “चलते ट्रक में आग लगी फिर वह अनियंत्रित होकर पलट गया है । अभी सिर्फ कबाड़ा भरा होने को सूचना है जांच के बाद आग के कारण का सही पता चल सकेगा ।”
ग्वालियर. शहर में सार्वजनिक पविहन को आधुनिक और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में बडी तैयारी चल रही है। केंद्र सरकार की पीएम-ई बस सेवा के तहत ग्वालियर को मिलने वाली 100 इलेक्ट्रिक बसें डिपो का काम पूरा होते ही सडकों पर दौडेंगी। इन बसों को इंटेलिजेंट ट्रांजिट मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम पीआईएस से लैस किया जाएगा जिससे उनकी हर गतिविधि स्मार्ट सिटी के कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से लाइव मॉनिटर की जा कसेगी। निगम के अधिकारियों ने धार के पीथमपुर में तैयार हो रही बसों का निरीक्षण भी कर लिया है।
बसों में स्पीकर सिस्टम भी होगा, आपात स्थिति में कंट्रोल रूम से सीधे निर्देश
बसों में लगाए जाने वाले आईटीएमएस और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम के लिए टेंडर और कंपनी का चयन केंद्र सरकार द्वारा किया जाएगा। बसों में स्पीकर सिस्टम भी होगा जिससे किसी भी आपात स्थिति में कंट्रोल रूम से ड्राइवर और कंडक्टर को सीधे निर्देश दिए जा सकेंगे।
बसों का संचालन जलालपुर आईएसबीटी व रमौआ डिपो से होगा
पीएम-ई बस सेवा के तहत शहर में कुल 100 बसें चलाई जाएंगी। पहले चरण में 60 बसें और दूसे चरण में 40 बसें आएंगी। सभी बसें 9 मीटर लंबी मिडी इलेक्ट्रिक बसें होंगी। इनका संचालन जलालपुर आईएसबीटी और रमौआ डिपो से होगा और यहीं बनाए जा रहे चार्जिंग स्टेशन से बसों को चार्ज किया जाएगा।
10 रूट फाइनल किए गए
शहर में बस संचालन के लिए 10 रूट तय किए जा चुके है। अधिकारियों ने इन रूटों का निरीक्षण कर नागरिकों से सुझाव भी लिए है। बसें आते ही इन्हीं रूटों पर संचालन शुरू किया जाएगा।
तेहरान. ईरान के सबसे अहम नाताज परमाणु केन्द्र पर एक बार फिर से बड़ा हमला हुआ है। ईरानी मीडिया के अनुसार अमेरिका-इजरायल ने मिलकर यहां जबरदस्त बमबारी की है। राहत की बात यह है कि इस हमले के बाद किसाी भी तरह के रेडियोधर्मी पदार्थ (रेडिएशन) के रिसाब की खबर नहीं है। यानी परमाणु मचरा फैलने जैसा कोइ्र खबर नहीं है।
विस्फोट के बाद आसपास रहने वाले लोग पूरी तरह से सुरक्षित है। ईरान सरकार ने इस हमले को अमेरिका और इजरायल की उस पुरानी चाल का हिस्सा बताया है। जिसके माध्यम से वह ईरान पर सैन्य दबाव बनाना चाहते है। रिकॉर्ड बताते हैं कि वर्ष 2025 स अभी तक इस सेंटर पर कई बार हमले हो चुके है। जिससे संपत्ति का नुकसान तो हुआ हैं लेकिन पर्यावरण को अभी तक कोई खबरा नहीं पहुंचा है।
नई दिल्ली. ईरान जंग के बीच भारत अब नॉन-कंटैक्ट वारफेयर यानी बिना आमने-सामने आए लडी जाने वाली जंग के लिए खुद को तैयार कर रहा है। सरकार अपनी सैन्य शक्ति को भविष्य की जरूरतों के अनुसार ढालने के लिए सबसे बेहतर रक्षा तकनीकों पर तेजी से काम कर रही है। भारत ने न केवल 5वी जनरेशन, बल्कि अब आधिकारिक तौर पर 6वी जनरेशन के फाइटर जेट्स के डिजाइन पर भी काम शुरू कर दिया है साथ ही स्वदेशी एस-400 जैसी लंबी दूरी की मिसाइल सिक्योरिटी सिस्टम, ड्रोन को तबाह करने वाले अनंत शस्त्र पर भी युद्धस्तर पर काम शुरू हो चुका है। संसद में पेश की गई रक्षा समिति की रिपोर्ट्स में इसका खुलासा हुआ है। भारत फाइटर जेट्स के लिए शक्तिशाली स्वदेशी इंजन, नौसेना के लिए अभेद सुरक्षा कवच और एआई व साइबर डिफेंस जैसे प्रोजेक्ट्स डेवलप कर रहा है। इसके अलावा अस्त्र, नाग और ध्रुवास्त्र जैसी मिसाइलों के मार्क-2 वेरिएंट पर काम हो रहा है।
उड़ते हुए कमांड सेंटर की तरह काम कर सकेगा ‘6वी जेन’ विमान
देश का रक्षा दृष्टिकोण अब ‘नॉन-कॉन्टैक्ट वॉरफेयर’ की चुनौतियों को देखते हुए आक्रामक और रक्षात्मक प्रौद्योगिकियों के बीच एक सटीक संतुलन बनाने पर केंद्रित है। भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अपनी क्षमताओं को साबित किया था। अब 5वी जेनरेशन के विमानों और 6वी जेनरेशन की सोच (जैसे हाइपरसोनिक स्पीड और सी4आईएसआर सिस्टम) के साथ भविष्य के युद्धक्षेत्र के लिए पूरी तरह तैयार है।
डिफेंस इन्वेस्टेमेंट के लिए 2 लाख करोड़ से ज्यादा आवंटित
देश को मॉडर्न वॉरफेयर में सक्षम बनाने के लिए सरकार ने इसके लिए भारी-भरकम बजट का प्रावधान किया है। रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए डिफेंस इन्वेस्टमेंट में खर्च के लिए में 2,19,306.47 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
ग्वालियर. एमपी हाईकोर्ट ने अहम आदेश में जिला पेंशन अधिकारी की आपत्ति को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया और संबंधित अधिकारियों को संशोधित पेंशन देने के आदेश जारी करने के निद्रेश दिये है। यह मामला याचिकाकर्ता मुनेशकुमार गौतम से जुड़ा हुआ है। उन्होंने याचिका दायर कर वर्ष 1981-88 तक मध्यप्रदेश विद्युत मंडल में की गयी सेवा को पेंशन योग्य सेवा में जोड़ने की माग की थी और बाद में वह पुलिस विभाग में उपनिरीक्षक के रूप नियुक्त किये गये थे। वर्ष 2017 में सेवा निवृत्त हो गये थे। विभागीय स्तर पर उनकी मांग को सहमति मिल गयी थी। लेकिन जिला पेंशन अधिकारी ने यह कहते हुए आपत्ति लगा दी थी कि वह विद्युत मंडल की सेवा को राज्य सरकार की सेवा नहीं माना जा सकता है।
क्या है मामला
कोर्ट ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1976 का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि यदि किसी कर्मचारी ने पूर्व सेवा से त्यागपत्र देकर विधिवत अनुमति के साथ नई सरकारी सेवा ग्रहण की है, तो उसकी पूर्व सेवा को पेंशन में जोड़ा जाएगा। अदालत ने यह भी माना कि विद्युत मंडल राज्य सरकार द्वारा गठित संस्था है और उसकी सेवा शर्तें भी सरकार द्वारा निर्धारित होती थीं, इसलिए उसे पेंशन योग्य सेवा माना जाएगा। कोर्ट ने टिप्पणी की कि चयन प्रक्रिया के समय पूर्व नियोक्ता की अनुमति दी गई थी और करीब 30 वर्षों की सेवा के बाद इस पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
अंततः हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए निर्देश दिया कि 15 जनवरी 1988 तक की सेवा को जोड़कर संशोधित पेंशन प्रकरण तैयार किया जाए।

मथुरा. कोसीकलां में बृज इलाके के विख्यात गौरक्षक संत चन्द्रशेखर, जिन्हें फरसा वाले बाबा के नाम से जाना जाता है। की कथित तौर पर गौ-तस्करों ने गाड़ी से कुचल कर हत्या कर दी । इस घटना के बाद गुस्साये सैकडोें गौरक्षकों ने छाता में दिल्ली-आगरा हाईवे को जाम कर दिया। जिससे वाहनों की लम्बी कतारें लग गयी और यातायात ठप हो गया। वहीं इस घटना पर सीएम योगी आदित्यनाथ में संज्ञान में आया तो आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने का निर्देश दिया है।
ऐसा बताया जा रहा है कि फरसा वाले बाबा को खबर मिली थी कि इलाके में गौ तस्कर सक्रिय है। खबर मिलते ही तो तड़के सुबह 4 बजे अपनी मोटरसाईकिल से संदिग्धों का पीछा करने निकल पड़े। तभी गौतस्करों ने नवीपुर गांव के पास रूकने के बजाये उनकी बाइक को टक्कर मार दी और उन्हें कुचल दिया जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मोत हो गयी।
लोगों ने पकड़ा एक आरोपी
वहीं, वारदात के तुरंत बाद वहां मौजूद लोगों ने सक्रियता दिखाते हुए भाग रहे एक आरोपी मुस्लिम युवक को दबोच लिया. हालांकि, अंधेरे और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर तीन अन्य हत्यारे मौके से फरार हो गए । पुलिस को पकड़े गए युवक से पूछताछ में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है । स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि ये हत्या सुनियोजित थी और गौतस्करों ने उन्हें जानबूझकर कुचल दिया। गौरक्षकों की मांग है कि फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तार किया जाए और मामले की जांच की जाए। छाता पुलिस मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने और जाम खुलवाने का कोशिश कर रही है।
जानें कौन थे बाबा चंद्रशेखर
बाबा चंद्रशेखर मूल रूप से फिरोजाबाद के गांव गोपाल का नगला के रहने वाले थे, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह भी इसी गांव से आते हैं। गोरक्षा में फरसा लेकर बाबा चंद्रशेखर ने ‘फरसा वाले बाबा’ के रूप में अपनी पहचान बनाई। गांव-गांव गो-सेवकों की टीम गठित की। करीब 200 युवाओं की टीम है, जो गोसेवा के लिए हमेशा तत्पर रहती है। बाकी बड़ी संख्या में भक्त थे।
8 साल की आयु में बन गए थे संत
बाबा चंद्रशेखर आठ साल की उम्र में संत बन गए थे। माता-पिता की मौत के बाद घर छोड़ दिया था, फिर संत हो गए। उसके बाद आयोध्या गए। श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन में भी हिस्सा लिया था। 20 साल तक वहां रहे, उसके बाद ब्रज में आ गए थे। यहां गोसेवा का संकल्प लिया और गोशाला चला रहे थे। मथुरा के छाता ब्लॉक के आजनोख में बाबा की एक विशाल गोशाला है। जिसमें वह गायों की सेवा करते थे। उनके इस कार्य के चलते आसपास के इलाके के लोग भी उनसे जुड़ गए थे। गोपाष्टमी पर विशाल आयोजन करते थे जिसमें काफी संख्या में गोसेवक जुटते थे।

ग्वालियर. इन्दौर के तिलकनगर स्थित ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड से भी ग्वालियर नगरनिगम को सबक नहीं लेना चाहता है। वहां ईवी कार की चार्जिंग के दौरान आग भड़की और पूरे घर को बर्बाद कर दिया है। यहां नगरनिगम मुख्यालय के बेसमेंट में ईवी चार्जिंग की व्यवस्था की गयी है। यहां सरकारी इलेक्ट्रिक वाहनों को बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के घंटों तक चार्ज पर लगाकर छोड़ दिया जाता है।
यह तो बहुत हैरानी की बात है कि चार्जिंग के दौरान न तो फायर सेफ्टी की कोई पुख्ता व्यवस्था नजर आती है और न ही कोई निगरानी की प्रणाली है। कर्मचारी अपनी गाडि़यों को चार्जिंग में लगाकर चले जाते हैं। जिससे संभावित खतरों और भी बढ़ जाते है।
आर्थिक नुकसान भी हो रहा नगर निगम को
यह स्थिति न केवल सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है, बल्कि नगर निगम को आर्थिक नुकसान भी पहुंचा रही है। मुफ्त में चार्जिंग करने की प्रवृत्ति के चलते राजस्व के संभावित स्रोत का भी उपयोग नहीं हो पा रहा।इस मामले में नगर निगम आयुक्त संघप्रिय का कहना है कि चार्जिंग स्टेशन हाल ही में शुरू हुआ है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निगम के वाहन वहीं चार्ज हों। साथ ही मुख्यालय में हो रही चार्जिंग व्यवस्था की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर, मुख्यालय के पास ही हाल ही में शुरू किया गया EV चार्जिंग स्टेशन ज्यादातर समय खाली पड़ा रहता है। इस स्टेशन का उद्घाटन 12 मार्च को महापौर शोभा सिकरवार और नगर निगम आयुक्त संघप्रिय द्वारा किया गया था, ताकि आम नागरिक और निगम दोनों को इसका लाभ मिल सके, लेकिन जब खुद निगम की गाड़ियां ही वहां चार्ज नहीं हो रही हैं, तो आम जनता में गलत संदेश जाना तय है।
ग्वालियर. शनिवार को शहर में ईद उल फितर का त्योहार मनाया जा रह है इसमें शहर की 116 मस्जिद, ईदगाहों और जामा मस्जिद में ईद की नमाज अता की गयी है। इसमें अलग-अलग समय पर सुबह 7.30 से 5.45 बजे तक नमाज का समय तय किया गया था। इस वजह कुछ मस्जिदों में नमाज अता की जा चुकी है। नमाज के बाद मस्जिद से बाहर आकर युवकों, बुजुर्गो और बच्चे एक दूसरे के गले लगकर ईद की शुभकामनायें दे रहे हें
इस अवसर पर शहरकाजी ने लोगों से अपील की है ईदगाहों और मस्जिदरों में ईद उल फितर की नमाज की अता करने और पूरी खुशी और उल्लास के साथ त्यौहार मनाये जा रहे है। ईद के मौके पर कोई अप्रिय घटना नहीं घटे इसके लिये पुलिस बल तैनात किया गया है।
ईद पर बाजारों में रौनक
मीठी ईद की खुशी बाजारों में भी देखने को मिल रही है। ईद से पहले शहर के बाजार फैनी, सेवइयां से सजे हुए हैं। बाजारों मुस्लिम समुदाय के लोग कपड़े, गहने खरीद रहे हैं। हर तरह खुशी और उल्लास का माहौल है। लोग खरीदारी कर रहे हैं, जिससे बाजार में व्यवसायी भी खुश नजर आए हैं।
क्यों मनाई जाती है ईद?
बता दें कि इतिहास में रोजा रखकर ही पैगंबर मोहम्मद ने अपने अनुयायियों के साथ दुश्मन की भारी भरकम सेना को भी धूल चटा दी थी। जंग-ए-बद्र की जीत के बाद खुशी में लोगों का मुंह मीठा करवाया गया था, जिसके बाद से इस दिन को मीठी ईद या ईद-उल-फितर के रूप में मनाया जाता है। ईद उल फितर पर मुस्लिम समुदाय के लोग एक दूसरे का मीठी सेवइयां खिलाकर मुंह मीठा कराते हैं।