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ईरान के परमाणु केन्द्र नतांज पर बड़ा हमला, इजरायल-अमेरिका की बमबारी

तेहरान. ईरान के सबसे अहम नाताज परमाणु केन्द्र पर एक बार फिर से बड़ा हमला हुआ है। ईरानी मीडिया के अनुसार अमेरिका-इजरायल ने मिलकर यहां जबरदस्त बमबारी की है। राहत की बात यह है कि इस हमले के बाद किसाी भी तरह के रेडियोधर्मी पदार्थ (रेडिएशन) के रिसाब की खबर नहीं है। यानी परमाणु मचरा फैलने जैसा कोइ्र खबर नहीं है।
विस्फोट के बाद आसपास रहने वाले लोग पूरी तरह से सुरक्षित है। ईरान  सरकार ने इस हमले को अमेरिका और इजरायल की उस पुरानी चाल का हिस्सा बताया है। जिसके माध्यम से वह ईरान पर सैन्य दबाव बनाना चाहते है। रिकॉर्ड बताते हैं कि वर्ष 2025 स अभी तक इस सेंटर पर कई बार हमले हो चुके है। जिससे संपत्ति का नुकसान तो हुआ हैं लेकिन पर्यावरण को अभी तक कोई खबरा नहीं पहुंचा है।

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भारत बिना आमने-सामने की जंग की तैयारी कर रहा, अनंत शस्त्र समेत 6 प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू

नई दिल्ली. ईरान जंग के बीच भारत अब नॉन-कंटैक्ट वारफेयर यानी बिना आमने-सामने आए लडी जाने वाली जंग के लिए खुद को तैयार कर रहा है। सरकार अपनी सैन्य शक्ति को भविष्य की जरूरतों के अनुसार ढालने के लिए सबसे बेहतर रक्षा तकनीकों पर तेजी से काम कर रही है। भारत ने न केवल 5वी जनरेशन, बल्कि अब आधिकारिक तौर पर 6वी जनरेशन के फाइटर जेट्स के डिजाइन पर भी काम शुरू कर दिया है साथ ही स्वदेशी एस-400 जैसी लंबी दूरी की मिसाइल सिक्योरिटी सिस्टम, ड्रोन को तबाह करने वाले अनंत शस्त्र पर भी युद्धस्तर पर काम शुरू हो चुका है। संसद में पेश की गई रक्षा समिति की रिपोर्ट्स में इसका खुलासा हुआ है। भारत फाइटर जेट्स के लिए शक्तिशाली स्वदेशी इंजन, नौसेना के लिए अभेद सुरक्षा कवच और एआई व साइबर डिफेंस जैसे प्रोजेक्ट्स डेवलप कर रहा है। इसके अलावा अस्त्र, नाग और ध्रुवास्त्र जैसी मिसाइलों के मार्क-2 वेरिएंट पर काम हो रहा है।
उड़ते हुए कमांड सेंटर की तरह काम कर सकेगा ‘6वी जेन’ विमान
देश का रक्षा दृष्टिकोण अब ‘नॉन-कॉन्टैक्ट वॉरफेयर’ की चुनौतियों को देखते हुए आक्रामक और रक्षात्मक प्रौद्योगिकियों के बीच एक सटीक संतुलन बनाने पर केंद्रित है। भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अपनी क्षमताओं को साबित किया था। अब 5वी जेनरेशन के विमानों और 6वी जेनरेशन की सोच (जैसे हाइपरसोनिक स्पीड और सी4आईएसआर सिस्टम) के साथ भविष्य के युद्धक्षेत्र के लिए पूरी तरह तैयार है।
डिफेंस इन्वेस्टेमेंट के लिए 2 लाख करोड़ से ज्यादा आवंटित
देश को मॉडर्न वॉरफेयर में सक्षम बनाने के लिए सरकार ने इसके लिए भारी-भरकम बजट का प्रावधान किया है। रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए डिफेंस इन्वेस्टमेंट में खर्च के लिए में 2,19,306.47 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

 

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हाईकोर्ट ने दिया अहम फैसला-पूर्व की भी सेवा में जुड़ेगी पेंशन में, जिला पेंशन अधिकारी की आपत्ति खारिज

ग्वालियर. एमपी हाईकोर्ट ने अहम आदेश में जिला पेंशन अधिकारी की आपत्ति को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया और संबंधित अधिकारियों को संशोधित पेंशन देने के आदेश जारी करने के निद्रेश दिये है। यह मामला याचिकाकर्ता मुनेशकुमार गौतम से जुड़ा हुआ है। उन्होंने याचिका दायर कर वर्ष 1981-88 तक मध्यप्रदेश विद्युत मंडल में की गयी सेवा को पेंशन योग्य सेवा में जोड़ने की माग की थी और बाद में वह पुलिस विभाग में उपनिरीक्षक के रूप नियुक्त किये गये थे। वर्ष 2017 में सेवा निवृत्त हो गये थे। विभागीय स्तर पर उनकी मांग को सहमति मिल गयी थी। लेकिन जिला पेंशन अधिकारी ने यह कहते हुए आपत्ति लगा दी थी कि वह विद्युत मंडल की सेवा को राज्य सरकार की सेवा नहीं माना जा सकता है।
क्या है मामला
कोर्ट ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1976 का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि यदि किसी कर्मचारी ने पूर्व सेवा से त्यागपत्र देकर विधिवत अनुमति के साथ नई सरकारी सेवा ग्रहण की है, तो उसकी पूर्व सेवा को पेंशन में जोड़ा जाएगा। अदालत ने यह भी माना कि विद्युत मंडल राज्य सरकार द्वारा गठित संस्था है और उसकी सेवा शर्तें भी सरकार द्वारा निर्धारित होती थीं, इसलिए उसे पेंशन योग्य सेवा माना जाएगा।  कोर्ट ने टिप्पणी की कि चयन प्रक्रिया के समय पूर्व नियोक्ता की अनुमति दी गई थी और करीब 30 वर्षों की सेवा के बाद इस पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
अंततः हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए निर्देश दिया कि 15 जनवरी 1988 तक की सेवा को जोड़कर संशोधित पेंशन प्रकरण तैयार किया जाए।

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फरसा बाले बाबा की हत्या के विरोध में मथुरा में गौरक्षकों ने दिल्ली-आगरा हाईवे पर किया चक्काजाम

मथुरा. कोसीकलां में बृज इलाके के विख्यात गौरक्षक संत चन्द्रशेखर, जिन्हें फरसा वाले बाबा के नाम से जाना जाता है। की कथित तौर पर गौ-तस्करों ने गाड़ी से कुचल कर हत्या कर दी । इस घटना के बाद गुस्साये सैकडोें गौरक्षकों ने छाता में दिल्ली-आगरा हाईवे को जाम कर दिया। जिससे वाहनों की लम्बी कतारें लग गयी और यातायात ठप हो गया। वहीं इस घटना पर सीएम योगी आदित्यनाथ में संज्ञान में आया तो आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने का निर्देश दिया है।
ऐसा बताया जा रहा है कि फरसा वाले बाबा को खबर मिली थी कि इलाके में गौ तस्कर सक्रिय है। खबर मिलते ही तो तड़के सुबह 4 बजे अपनी मोटरसाईकिल से संदिग्धों का पीछा करने निकल पड़े। तभी गौतस्करों ने नवीपुर गांव के पास रूकने के बजाये उनकी बाइक को टक्कर मार दी और उन्हें कुचल दिया जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मोत हो गयी।
लोगों ने पकड़ा एक आरोपी
वहीं, वारदात के तुरंत बाद वहां मौजूद लोगों ने सक्रियता दिखाते हुए भाग रहे एक आरोपी मुस्लिम युवक को दबोच लिया. हालांकि, अंधेरे और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर तीन अन्य हत्यारे मौके से फरार हो गए । पुलिस को पकड़े गए युवक से पूछताछ में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है  । स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि ये हत्या सुनियोजित थी और गौतस्करों ने उन्हें जानबूझकर कुचल दिया।  गौरक्षकों की मांग है कि फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तार किया जाए और मामले की जांच की जाए।  छाता पुलिस मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने और जाम खुलवाने का कोशिश कर रही है।
जानें कौन थे बाबा चंद्रशेखर
बाबा चंद्रशेखर मूल रूप से फिरोजाबाद के गांव गोपाल का नगला के रहने वाले थे, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह भी इसी गांव से आते हैं। गोरक्षा में फरसा लेकर बाबा चंद्रशेखर ने ‘फरसा वाले बाबा’ के रूप में अपनी पहचान बनाई। गांव-गांव गो-सेवकों की टीम गठित की। करीब 200 युवाओं की टीम है, जो गोसेवा के लिए हमेशा तत्पर रहती है। बाकी बड़ी संख्या में भक्त थे।
8 साल की आयु में बन गए थे संत
बाबा चंद्रशेखर आठ साल की उम्र में संत बन गए थे। माता-पिता की मौत के बाद घर छोड़ दिया था, फिर संत हो गए। उसके बाद आयोध्या गए। श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन में भी हिस्सा लिया था। 20 साल तक वहां रहे, उसके बाद ब्रज में आ गए थे। यहां गोसेवा का संकल्प लिया और गोशाला चला रहे थे। मथुरा के छाता ब्लॉक के आजनोख में बाबा की एक विशाल गोशाला है। जिसमें वह गायों की सेवा करते थे। उनके इस कार्य के चलते आसपास के इलाके के लोग भी उनसे जुड़ गए थे। गोपाष्टमी पर विशाल आयोजन करते थे जिसमें काफी संख्या में गोसेवक जुटते थे।

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नगरनिगम के बेसमेंट में बिना सुरक्षा व्यवस्था के चार्ज हो रही ईवी वाहन

नगर निगम मुख्यालय ग्वालियर।

ग्वालियर. इन्दौर के तिलकनगर स्थित ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड से भी ग्वालियर नगरनिगम को सबक नहीं लेना चाहता है। वहां ईवी कार की चार्जिंग के दौरान आग भड़की और पूरे घर को बर्बाद कर दिया है। यहां नगरनिगम मुख्यालय के बेसमेंट में ईवी चार्जिंग की व्यवस्था की गयी है। यहां सरकारी इलेक्ट्रिक वाहनों को बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के घंटों तक चार्ज पर लगाकर छोड़ दिया जाता है।
यह तो बहुत हैरानी की बात है कि चार्जिंग के दौरान न तो फायर सेफ्टी की कोई पुख्ता व्यवस्था नजर आती है और न ही कोई निगरानी की प्रणाली है। कर्मचारी अपनी गाडि़यों को चार्जिंग में लगाकर चले जाते हैं। जिससे संभावित खतरों और भी बढ़ जाते है।
आर्थिक नुकसान भी हो रहा नगर निगम को
यह स्थिति न केवल सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है, बल्कि नगर निगम को आर्थिक नुकसान भी पहुंचा रही है। मुफ्त में चार्जिंग करने की प्रवृत्ति के चलते राजस्व के संभावित स्रोत का भी उपयोग नहीं हो पा रहा।इस मामले में नगर निगम आयुक्त संघप्रिय का कहना है कि चार्जिंग स्टेशन हाल ही में शुरू हुआ है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निगम के वाहन वहीं चार्ज हों। साथ ही मुख्यालय में हो रही चार्जिंग व्यवस्था की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर, मुख्यालय के पास ही हाल ही में शुरू किया गया EV चार्जिंग स्टेशन ज्यादातर समय खाली पड़ा रहता है। इस स्टेशन का उद्घाटन 12 मार्च को महापौर शोभा सिकरवार और नगर निगम आयुक्त संघप्रिय द्वारा किया गया था, ताकि आम नागरिक और निगम दोनों को इसका लाभ मिल सके, लेकिन जब खुद निगम की गाड़ियां ही वहां चार्ज नहीं हो रही हैं, तो आम जनता में गलत संदेश जाना तय है।

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शहर की 116 मस्जिदों, ईदगाह और जामा मस्जिदों में की गयी नमाज अता

ग्वालियर में ईद की नमाज - Dainik Bhaskarग्वालियर. शनिवार को शहर में ईद उल फितर का त्योहार मनाया जा रह है इसमें शहर की 116 मस्जिद, ईदगाहों और जामा मस्जिद में ईद की नमाज अता की गयी है। इसमें अलग-अलग समय पर सुबह 7.30 से 5.45 बजे तक नमाज का समय तय किया गया था। इस वजह कुछ मस्जिदों में नमाज अता की जा चुकी है। नमाज के बाद मस्जिद से बाहर आकर युवकों, बुजुर्गो और बच्चे एक दूसरे के गले लगकर ईद की शुभकामनायें दे रहे हें
इस अवसर पर शहरकाजी ने लोगों से अपील की है ईदगाहों और मस्जिदरों में ईद उल फितर की नमाज की अता करने और पूरी खुशी और उल्लास के साथ त्यौहार मनाये जा रहे है। ईद के मौके पर कोई अप्रिय घटना नहीं घटे इसके लिये पुलिस बल तैनात किया गया है।
ईद पर बाजारों में रौनक
मीठी ईद की खुशी बाजारों में भी देखने को मिल रही है। ईद से पहले शहर के बाजार फैनी, सेवइयां से सजे हुए हैं। बाजारों मुस्लिम समुदाय के लोग कपड़े, गहने खरीद रहे हैं। हर तरह खुशी और उल्लास का माहौल है। लोग खरीदारी कर रहे हैं, जिससे बाजार में व्यवसायी भी खुश नजर आए हैं।
क्यों मनाई जाती है ईद?
बता दें कि इतिहास में रोजा रखकर ही पैगंबर मोहम्मद ने अपने अनुयायियों के साथ दुश्मन की भारी भरकम सेना को भी धूल चटा दी थी। जंग-ए-बद्र की जीत के बाद खुशी में लोगों का मुंह मीठा करवाया गया था, जिसके बाद से इस दिन को मीठी ईद या ईद-उल-फितर के रूप में मनाया जाता है। ईद उल फितर पर मुस्लिम समुदाय के लोग एक दूसरे का मीठी सेवइयां खिलाकर मुंह मीठा कराते हैं।

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भोपाल पुलिस ऑफिसर्स मेस में आध्यात्मिक गुरु कमलेश पटेल ने कराया योग एवं ध्यान

भोपाल -पुलिस कर्मियों में मानसिक संतुलन, आंतरिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भोपाल स्थित पुलिस ऑफिसर्स मेस में विशेष योग एवं ध्यान (मेडिटेशन) सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र का संचालन विश्वविख्यात आध्यात्मिक गुरु एवं हार्टफुलनेस संस्थान के मार्गदर्शक श्री कमलेश पटेल (दाजी) द्वारा किया गया।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि यह दिवस मानसिक शांति, सकारात्मकता एवं संतुलित जीवन की दिशा में प्रेरित करने वाला है। उन्होंने कहा कि फरवरी 2025 में हार्टफुलनेस संस्थान के साथ हुए एमओयू के बाद प्रदेश की पुलिस इकाइयों में ध्यान एवं योग गतिविधियों को व्यापक रूप से क्रियान्वित किया गया है। पुलिस की 24 घंटे की तनावपूर्ण ड्यूटी को देखते हुए यह पहल कर्मियों को मानसिक राहत देने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है।
उन्होंने बताया कि वर्ल्ड मेडिटेशन डे के अवसर पर प्रदेश के लगभग 2800 स्थानों पर 50 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की सक्रिय सहभागिता एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।डीजीपी ने कहा कि सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों से नियमित ध्यान एवं योग अपनाने का आह्वान किया तथा इस पहल के प्रभाव का निष्पक्ष मूल्यांकन कराने का सुझाव भी दिया। उन्होंने दाजी एवं संस्थान की टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे पुलिस बल के लिए अत्यंत उपयोगी पहल बताया।
इस अवसर पर हार्टफुलनेस संस्थान के मार्गदर्शक श्री कमलेश पटेल (दाजी) ने कहा कि हार्टफुलनेस ध्यान पद्धति अन्य ध्यान प्रणालियों से भिन्न है, जिसमें प्राण ऊर्जा के माध्यम से साधक की चेतना को उच्च स्तर तक विकसित करने का प्रयास किया जाता है।

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हाईकोर्ट और जिला न्यायालय मे ंबम की तलाशी की, पुलिस बोली मॉक ड्रिल थी

बीडीएस की टीम छानबीन करते हुए।

ग्वालियर. मप्र हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच परिसर और जिला न्यायालय परिसर मे ंबम डिस्पोजल स्कवॉड ने सर्चिंग कर बम की तलाश की। जब बम डिस्पोजल टीम तलाश कर रही थी तो यह खबर भी फैल गयी थी कि हाईकोर्ट मे ंबम से उड़ाने की धमकी दी गयी है। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं मिला। वहीं इस तलाशी पर ग्वालियर पुलिस का कहना है कि यही रूटीन चेंिग के तहत मॉक ड्रिल थी। कहीं से भी कोई धमकी नहीं दी गयी है। हर महीने एक से 2 इस तरह की मॉक ड्रिल की जाती है। इस मॉक ड्रिल के चलते बम डिस्पोजल स्क्वॉड ने कड़ी चेकिंग कर न्यायालय परिसर का कोना-कोना छान लिया।
पुलिस बोली यह तो मॉक ड्रिल थी
ग्वालियर हाईकोर्ट में शुक्रवार दोपहर अचानक पुलिस की बढ़ती उपस्थिति और बम डिस्पोजल स्क्वॉड (बीडीएस) की टीम को देखकर अफवाह उड़ गई कि हाईकोर्ट में बम होने की सूचना है। लेकिन वहां मौजूद बीडीएस टीम ने लोगों को बताया कि यह एक मॉक ड्रिल का हिस्सा है। उन्हें इस तरह से कार्रवाई करनी है, जैसे किसी आपातकालीन स्थिति में की जाती है। बीडीएस दल ने हाईकोर्ट परिसर के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में भी पहुंचकर छानबीन की। इस दौरान वहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। कोर्ट परिसर में मॉक ड्रिल के तहत बम डिटेक्ट कर रही टीम पूरी तरह एंटी बम डिस्पोजल स्क्वॉड से लैस थी। आसपास पुलिस भी मौजूद रही। इस दौरान किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर नहीं जाने दिया गया।
ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह से जब पूछा गया तो उनका कहना था कि धमकी मिली है, ऐसा कुछ भी इनपुट नहीं है। यह नियमित मॉकड्रिल का एक पार्ट है। हर माह इस तरह की मॉकड्रिल कोर्ट परिसर में की जाती है।

 

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MP के 42 जिलों में वर्षा, 19 जिलों में गिरे ओले, धार में लगी केले की फसल बर्बाद

एमपी के कई जिलों में बारिश और ओले गिरने से फसलों को नुकसान हुआ है। - Dainik Bhaskar

भोपाल. साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की सक्रियता के चलते मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली हे। 24 घंटे के बीच राज्य के अधिकांश भागों में तेज आंधी, वर्षा और ओलावृष्टि दर्ज की गयी है। शुक्रवार की सुबह से भी कई जिलों में वर्षा का दौर जारी है। जिससे मौसम ठंडा हो गया जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के 42 जिलों केि 112 शहरों और गांवों में वर्षा हुई है। इनमें ग्वालियर, भोपाल, इन्दौर, उज्जैन, जबलपुर, सागर सहित कई बड़े शहर शामिल हे। सबसे अधिक वर्षा धार के बदनावर और बैतूल के घोड़ा डोंगरी में लगभग पौन इंच दर्ज की गयी है। वहीं, बड़वानी, सेंधवा, भैंसदेही, मुलताई, दमोह और भोपाल सहित कई ठिकानों पर आधा इंच या उससे अधिक पानी गिरा है।


इधर, 19 जिलों में ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मंदसौर, शिवपुरी, आलीपुर, बड़वानी, बैतूल, झाबुआ, खण्डवा, आगर मालवा, विदिशा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, दमोह, छतरपुर और सिवानी में ओले गिरने से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। वहीं रायसेन नेशनल हाइवे पर बर्फ की चार बिछ गयी।
आगर में 74km की रफ्तार से चली हवा
तेज आंधी ने भी कई इलाकों में असर दिखाया। आगर-मालवा में सबसे तेज 74 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चली, जबकि सीहोर में 54 किमी, बड़वानी और नरसिंहपुर में 46 किमी, आलीराजपुर में 43 किमी की रफ्तार दर्ज की गई। भोपाल, सागर, इंदौर और जबलपुर समेत कई शहरों में 35 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। मौसम में आए इस बदलाव से जहां एक ओर गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर आंधी और ओलावृष्टि ने किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना जताई है।

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नवरात्र में ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ी, झांसी रोड पर आरपीएफ का विशेष बंदोबस्त

ग्वालियर. नवरात्र के दौरान शहर के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड उमडने को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल आरपीएफ ने झांसी रोड क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कडी कर दी है। खासकर शीतला माता मंदिर में 9 दिनों तक चलने वाली पूजा के कारण रातभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है। पिछले वर्षों में रात के समय झांसी रोड से गुजरते हुए कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाए सामने आई थी जिससे कई ट्रेनों को नुकसान पहुंचा। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार आरपीएफ ने एहतियात के तौर पर अतिरिक्त जवान तैनात किए है।
संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी
रेलवे जानकारों के अनुसार रात में ग्वालियर-शिवपुरी रेलखंड पर कई ट्रेनों का संचालन होता है इसलिए सुरक्षा इंतजाम और भी महत्वपूर्ण हो जाते है। यात्रियों और रेल संपत्ति की सुरक्षा सुनिशित करने के लिए संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
रात में विशेष गष्त
नवरात्र के दौरान बढती भीड को देखते हुए झांसी रोड के आसपास आरपीएफ की टीम लगातार गशत करेगी। रात में आरपीएफ टीआई के नेतृत्व में अतिरिक्त स्टाफ ड्यूटी पर रहेगा ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके। अधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ रेल यातायात को बाधित होने से बचाना प्राथमिकता है। असामाजिक गतिविधि करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। रेलवे ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से आयोजित हो सके।