मप्र छत्तीसगढ़

Newsअंतरराष्ट्रीयमप्र छत्तीसगढ़

इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान हुई फेल, इसके बाद भी डींग हांक रहा है पाकिस्तान

नई दिल्ली. अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध को रोकने के लिये पाकिस्तान ने मध्यस्थता का रोल अदा किया। इस्लामाबाद में शांतिवार्ता का आयोजन  किया गया। हालांकि यह बातचीत बेनतीजा साबित हुई। इसके बावजूद पाकिस्तान अपनी पीठ थपथपाने से पीछे नहीं हट रहा है। विदेश मंत्री इशाक डार ने चर्चा में शामिल होनेे लिये अमेरिका और ईरान के प्रति आभार जताया है।
शांतिवार्ता के बाद इशाक डार ने पत्रकारवार्त की। इस बीच अपने बयान में उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान इन शांतिवार्ताओं में मेजबानी करके सम्मानित महसूस कर रहा है। डार ने कहा है कि हम इस्लामाबाद में शांतिवार्ता आयोजित करने के लिये ईरान और अमेरिका का शुक्रिया अदा करते हैं। यह न सिर्फ मिडल ईस्ट बल्कि पूरी दुनिया की स्थिरिता के लिये एक अच्छा संकेत है।
पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने इस बीच अनुमान जताया है कि दोनों पक्ष भविष्य में भी सीजफायर पर समझौतों को जारी रखेंगे। उन्होंने शांति केलिये पाकिस्तान की कोशिशें जारी रहने का भरोसा दिलाया है। उन्होने आगे बताया है कि इस पूरी शांतिवार्ता के पीछे पाकिस्तान के थल सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की महत्वपूर्ण भूमिका रहीं है। उन्होंने कहा है कि आसिम मुनीर ने सीजफायर करने के लिय कई दौर की वार्ताओं में मदद की । आपको बता दें कि इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच 21 घंटों तक चर्चाओं का दोर चला। इस बीच दोनों पक्षों के बीच कई मुद्दों पर सहमति भी बनी है। लेकिन परमाणु हथियार और स्ट्रेट ऑफ होर्मूज को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच बात नहीं पाई।
फेल क्यों हुई शांति वार्ता
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि वह बाचीत की नीयत से वार्ता में शामिल हुए थे। लेकिन ईरान अमेरिका की शर्ते मानने पर राजी नहीं है। ऐसे में वेंस अब अपनी टीम के साथ इस्लामाबाद से अमेरिका के लिये रवाना हो गये। वहीं, ईरानी मीडिया का दावा है कि अमेरिका अपनी शर्तो में बहुत कुछ मांग रहा था।

Newsमप्र छत्तीसगढ़

GRMC के शाखा प्रभारी को हटाया, व्यापमं कांड में बर्खास्त छात्र को डिग्री दिलाने की बातचीत ऑडियो वायरल पर की गयी कार्यवाही, इंटेलीजेंस की भी नजर

ग्वालियर. गजराराजा मेड़ीकल कॉलेज (GRMC ) से एक ऑडियो वायरल होने के बाद छात्र. शाखा के प्रभारी प्रशांत चतुर्वेदी को तत्काल पद से हटा दिया गया है। इस ऑडियो में बर्खास्त एमबीबीएस छात्रों को पैसे लेकर डिग्री दिलाने की बात सामने आयी है। जिससे पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है।
ळालांकि इस मामले में उनके सहायक पंकज कुशवाह पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। ऑडियो में एक पूर्व छात्र 16-16 लाख रूपये की डील का आरोप लगा रहा है। जबकि प्रभारी जीवाजी विश्वविद्यालय में अधिक खर्च होने की बात सुनाई दे रही है। पूर्व मेडीकल छात्र की शिकायत के बाद अब यहां व्यापमं कांड के पन्ने फिर से खुल गये है। मेडीकल कॉलेज के डीन ने जांच शुरू करवाई है। जबकि इंटेलीजेंस के नजर में भी पूरा मामला आ गया है। इंटेलीजेंस के अधिकारियों ने शिकायतकर्ता से दस्तावेज मांगे हैं।
क्या है मामला
पूर्व मेडिकल स्टूडेंट संदीप लहारिया ने शिकायत में बताया कि साल 2010 में व्यापमं कांड का खुलासा हुआ था। इसमें साल 2006 से 2010 के बीच करीब 150 से ज्यादा छात्रों पर एफआईआर दर्ज की गई। पर 30 से 35 एमबीबीएस छात्र ऐसे थे जिनको संदिग्ध माना गया था और जांच में लिया गया था। केस रजिस्टर्ड हुआ था, मामला सीबीआई कोर्ट में चल रहा है। इन छात्रों का भविष्य अंधेरे में था।मामले की सही और निष्पक्ष जांच के लिए साल 2017 में एक न्यू हाई पॉवर एक्शन कमेटी बनाई गई थी। जिसमें ग्वालियर के चुनिंदा डॉक्टर शामिल थे। कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट दी जिसके आधार पर लगभग 30 से ज्यादा एमबीबीएस छात्रों को बर्खास्त किया गया था। जिसमें शिकायतकर्ता संदीप का भी नाम शामिल है। इन बर्खास्त छात्रों से अभी तक किसी को भी बहाल नहीं किया गया है न ही कोई दूसरी कमेटी बनी है जिसने किसी भी छात्र को राहत दी हो। इसके बाद भी कई छात्रों को एमबीबीएस की डिग्री बांट दी गई। यह अपने आप में धोखा और भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है।
छात्र शाखा प्रभारी को तो हटाया, सहायक पर रहम क्यों

इस मामले में राज्यपाल से लेकर ग्वालियर मेडीकल कॉलेज के डीन तक की गयी शिकायत में पूर्व एमबीबीएस छात्र संदीप लहारिया ने आरोप लगाया था कि मेडीकल कॉलेज में बर्खास्त छात्रों को एमबीबीएस की डिग्री गलत तरीके से प्रदान की गयी हैं, न तो यह छात्र बर्खास्त होने के बाद बहाल हुए है न ही इन्होंने कोई मानक पूरे किये हैं। संदीप ने दावा किया था कि यह पूरा रैकेट ग्वालियर के जीआरएमसी के छात्र शाखा के प्रभारी बाबू प्रशांत चतुर्वेदी और उनके सहायक पंकज कुशवाह के द्वारा चलाया जा रहा है। मेडीकल कॉलेज के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ ने प्रशांत को पद से हटाते हुए कार्यालय संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक जेएएच में अटैच कर दिया है। संदीप लहारिया ने बताया कि छात्र शाखा प्रभारी को पद से हटा दिया लेकिन सहायक पंकज कुशवाह को क्यों नहीं हटाया गया है। वह भी इस पूरे मामले में बराबर का भागीदार है।

Newsमप्र छत्तीसगढ़

नगर निगम मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में लगी मोबाइल कोर्ट, मौके पर हुई 50 प्रकरणों में कार्रवाई

कुल 50 प्रकरण बने, 15 प्रकरण जाएंगे न्यायालय, 84 हजार का जुर्माना वसूला
ग्वालियर। नगर निगम मजिस्ट्रेट निशांत मिश्रा के नेतृत्व में संचालित मोबाइल कोर्ट द्वारा शहर में गंदगी फैलाने और अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। इस दौरान नगर निगम और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण कर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 84 हजार का जुर्माना लगाया। मोबाइल कोर्ट में कुल 50 प्रकरण बनाए गए, जिसमें जुर्माना स्वीकार करने पर ऑन स्पॉट 35 प्रकरणों में समरी ट्रायल की कार्रवाई की गई तथा शेष 15 प्रकरण जिसमें जुर्माना राशि जमा करना स्वीकार नहीं किया गया है उन्हें माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
नोडल अधिकारी विधि अनूप लिटोरिया ने बताया कि कार्रवाई के दौरान अचलेश्वर स्थित सोहन डेयरी, नई सड़क स्थित शेरे ए पंजाब होटल, डीडी मॉल के पास होटल क्लार्क इन और सिटीसेंटर स्थित रेडिसन होटल पर खाद्य विभाग द्वारा खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए। साथ ही, इन स्थानों पर गंदगी और अस्थायी अतिक्रमण पाए जाने पर नगर निगम अधिनियम के तहत मौके पर ही जुर्माना किया गया।
इसके अतिरिक्त अचलेश्वर क्षेत्र में शंकर कुल्फी, पाव भाजी सहित अन्य दुकानों, महाराज बाड़ा स्थित गांधी मार्केट और सराफा बाजार के दुकानदारों, शिंदे की छावनी के ऑटो पार्ट्स व्यापारियों द्वारा दुकानों के बाहर सामान रखने तथा रेलवे स्टेशन के बाहर गंदगी पाए जाने पर भी कार्रवाई की गई। नगर निगम की टीम ने गंदगी फैलाने और अस्थायी अतिक्रमण करने वालों पर कुल 84,000 रुपये का जुर्माना वसूला। इस दौरान नगर निगम के नोडल अधिकारी विधि अनूप लिटोरिया, नोडल अधिकारी मदाखलत केशव सिंह चौहान, मदाखलत अधिकारी सत्येंद्र भदोरिया, स्वास्थ्य अधिकारी भीष्म पमनानी, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी गौरव सेन सहित मदाखलत अमला और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

Newsमप्र छत्तीसगढ़

कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों के निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के दिए निर्देश 

ग्वालियर – राजस्व प्रकरणों का निराकरण समय-सीमा में करना राजस्व अधिकारियों का प्रथम दायित्व है। शासन द्वारा राज्स प्रकरणों के निराकरण के लिये समय-सीमा निर्धारित की गई है। निर्धारित समय में प्रकरणों का निराकरण न करने वाले राजस्व अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी। कलेक्टर रुचिका चौहान ने शनिवार को जिले के राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर राजस्व प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में राजस्व प्रकरणों के निराकरण के साथ-साथ सीएम हैल्पलाइन, शासकीय भूमि पर अतिक्रमण, फार्मर आईडी, राजस्व एवं वन विभाग के प्रकरणों की भी विस्तार से समीक्षा की।
कलेक्टर रुचिका चौहान ने समीक्षा के दौरान राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जिले के शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण के मामले में राजस्व अधिकारी तत्परता से कार्रवाई करें। कार्रवाई के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारियों का भी सहयोग लें। शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किसी भी स्थिति में नहीं होना चाहिए। अवैध कॉलोनी निर्माण के विरूद्ध भी राजस्व अधिकारी सजगता के साथ कार्रवाई करें। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जो राजस्व अधिकारी शासकीय कार्य में लापरवाही बरतते हैं उनके विरूद्ध कार्रवाई के प्रस्ताव भी वरिष्ठ अधिकारियों को प्रस्तुत करें। शासकीय कार्य में लापरवाही पाए जाने पर किसी भी अधिकारी और कर्मचारी को बख्शा नहीं जायेगा।
कलेक्टर ने राजस्व वसूली की स्थिति की भी समीक्षा की और अधिकारियों से कहा कि लंबित राजस्व वसूली, नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे के लंबित प्रकरणों में तेजी लाई जाए। साथ ही सीएम हेल्पलाइन में दर्ज राजस्व संबंधी शिकायतों का समय-सीमा में संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने के लिए नियमित सुनवाई की जाए और प्रकरणों की प्रगति की सतत निगरानी रखी जाए।
सीएम हैल्पलाइन में दर्ज राजस्व प्रकरणों का त्वरित करें निराकरण
समीक्षा बैठक में सीएम हैल्पलाइन में राजस्व प्रकरणों के निराकरण के संबंध में दर्ज शिकायतों की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण में आवेदकों से किसी भी स्थिति में रिकॉर्ड न मांगा जाए। रिकॉर्ड संधारित करने का कार्य राजस्व अधिकारियों का है। उन्होंने निर्देशित किया है कि सीएम हैल्पलाइन में राजस्व प्रकरणों के संबंध में जो भी प्रकरण दर्ज है उनका निराकरण राजस्व अधिकारी तत्परता से सुनिश्चित करें।
Newsमप्र छत्तीसगढ़

जीवन का प्रमुख उद्देश्य कल्याण की भावना का होना चाहिए – आनंद पाठक 

चिकित्सकीय परामर्श के साथ नि:शुल्क एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड सहित अन्य जांचें भी हुईं 
ग्वालियर – जीवन का उद्देश्य कल्याण की भावना होनी चाहिए, यदि हम मानसिक और शारीरिक रूप पर स्वस्थ्य रहेगें तो उस व्यक्ति की ज्यादा मदद कर पाएगें जिसे न्याय की आशा है। इस आशय के विचार उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर के प्रशासनिक न्यायधिपति आंनद पाठक ने व्यक्त किए। न्यायमूर्ति शनिवार को उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर में आयोजित हुए वृहद नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर के उदघाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। स्वास्थ्य शिविर में अधिवक्तागण, सुरक्षा कर्मी एवं अन्य कर्मचारियों सहित आमजनों ने अपना नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कराया। स्वास्थ्य शिविर में एक्सरे व अल्ट्रासाउंड सहित खून व अन्य प्रकार की नि:शुल्क जांचों की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।
स्वास्थ्य शिविर को संबोधित करते हुए विचार प्रशासनिक न्यायधिपति आंनद पाठक ने कहा कि हमें हर चीज की शुरूआत क्यों से करना चाहिए। हम इस शिविर के आयोजन के बारे में विचार करेंगे कि हमने क्यों आयोजन किया तो हमें इसका कारण समझ आएगा कि कर्मचारीगण, अधिवक्तागण और सुरक्षाकर्मी जब शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, और आध्यात्मिक रूप से सुदृढ़ रहेगें तो इनकी कार्यक्षमता में वृद्धि होगी । जिससे वह पूर्ण दक्षता के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन करेगें । परिणामस्वरूप विवाद विहीन समाज की परिकल्पना को साकार किया जा सकेगा।
उच्च न्यायालय परिसर एक विश्वविद्यालय परिसर की भांति होना चाहिए जिसमें रचनात्मकता हर रूप में परिलक्षित हो। हमारा उद्देश्य बहुआयामी व्यक्तित्व तैयार करना है और हम चाहते हैं कि वर्ष 2047 तक हमारा समाज विवाद विहीन हो।इसी भाव के साथ आयोजित किए गए स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में प्रांरभिक स्तर पर अधिवक्ताओं, स्टॉफ सदस्य, सुरक्षा के सदस्यों के फॉर्म भरवाकर सामान्य बीमारियों की जानकारियाँ संग्रहीत की गई। इसके बाद चिकित्सीय सलाह से रक्त नमूने संग्रहण कर जांच कराई गई तथा आवश्यकतानुसार एक्स-रे और अल्ट्रासाउण्ड भी कराया गया। रिपोर्ट की जांच के आधार पर मरीज को चिकित्सीय परामर्श मिला।
स्वास्थ्य शिविर में इन चिकित्सकों ने दी अपनी सेवायें 
स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में डॉ. सुनील गजेन्द्र गडकर हृदय रोग विशेषज्ञ, डॉ. जे.एस. नामधारी जनरल फिजिशियन, डॉ. अवधेश तोमर जनरल फिजिशियन, डॉ. अमित थावरानी उदर रोग विशेषज्ञ, डॉ. बृजेश सिंघल यूरोलॉजिस्ट, डॉ. पंकज गुप्ता न्यूरोलॉजिस्ट, डॉ. राजा यादव ऑर्थोपेडिक, डॉ. प्रीति गुप्ता स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉ. थॉमस नेत्र रोग विशेषज्ञ व डॉ. दिव्या चर्म रोग विशेषज्ञ सहित अन्य चिकित्सकों ने अपनी सेवायें दीं।
Newsमप्र छत्तीसगढ़

विप्रा ब्राह्मण महिला मंच, आओ इस वैशाखी पर मिलकर खुशियाँ मनाएं और जीवन में नई ऊर्जा और नई उमंग लाएँ

ग्वालियर-वैसाखी का पावन पर्व खुशियों और समृद्धि और नई शुरुआत का प्रतीक है यह त्यौहार खासतौर pr पंजाब की संस्कृति, मेहनत और फसल कटाई की ख़ुशी को दर्शाता है इस अवसर पर लोग पारम्परिक वेशभूषा में सजकर भाँगड़ा करते है और एक दूसरे को “वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फ़तेह ” कहकर शुभकामनायें देते है।
वैशाखी हमें सिखाती है मेहनत, विश्वास और एकता से जीवन में सफलता मिलती है। यह दिन खुशियों को बाँटने, परिवार और समाज के साथ जुड़ने का सन्देश देता है। हमारे विप्रा ब्राह्मण महिला मंच का 2026 में 10 वां सत्र शुरु हो गया है इसी बीच कार्यक्रम का संचालन श्रीमती श्रुति उपाध्याय के द्वारा किया गया श्रीमती रीमा द्वारा रेसिन आर्ट के बारे में बताया गया और साथ में उन्होंने उसको बनाना भी सिखाया। श्रीमती डॉ. शैलजा मिश्रा के द्वारा वैशाखी पर्व की जानकारी दी गई। इसी बीच नई कार्यकारिणी बनायीं गई और पदाधिकारियों के नाम संस्थापिका डॉक्टर प्रतिभा चतुर्वेदी के नेतृत्व में अध्यक्ष श्रीमती डॉ.शिवानी चतुर्वेदी, और उपाध्यक्ष श्रीमती डॉ.शैलजा मिश्रा, सहसचिव पल्लवी शर्मा, सचिव श्रीमती डॉ. राजरानी शर्मा व सहकोषाध्क्ष दीप्ति शर्मा और कोषाध्यक्ष ज्योति शर्मा , मीडिया प्रभारी नीतू उपमन्यु को बनाने की घोषणा की गई व उनके द्वारा शपथ में विप्रा का कार्यभार सँभालने की जिम्मेदारी भी दी गई। विभा शुक्ला व रंजना गर्ग द्वारा मालामाल गेम खिलाया गया। मंजू शर्मा, मुनमुन शुक्ला, व सपना पारासर द्वारा नृत्य किया गया।
इस कार्यक्रम में रंजना गर्ग, दीप्ति शर्मा, आभा शर्मा, अर्चना शर्मा, नीतू उपमन्यु, किरण मिश्रा, भारती शर्मा, कल्पना पाठक, संगीता शर्मा, विभा शुक्ला, सपना पारासर, रश्मि त्रिपाठी, रंजना शर्मा, सुमन शर्मा, साक्षी शर्मा, गीता शर्मा, कृष्णा विश्वास शर्मा, लक्ष्मी शर्मा, रजनी शर्मा, मुनमुन शुक्ला, मंजू शर्मा, भावना चतुर्वेदी, रीमा कुशवाह आदि विप्रा संगनियाँ उपस्थित रही।

LatestNewsमप्र छत्तीसगढ़राज्य

12 नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें चलेंगी

नई दिल्ली. भारतीय रेलवे वित्त वर्ष 2026-2027 में सफर को आरामदायक और हाई टेक बनाने के लिए कई बडे बदलाव करने जा रहा है। वहीं रेल मंत्रालय ने यात्रियों को इस साल 12 नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की सौगात भी मिलेगी। रेलवे में इस वित्त वर्ष इसी तरह होने वाले 8 बडे बदलावों के बारे में जानते है।

देश में पहली हाईड्रोजन ट्रेन का सफल ट्रायल हो चुका है। - Dainik Bhaskar
12 नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें चलेंगी
जानकारी के अनुसार लंबी दूरी के सफर को प्रीमियम बनाने के लिए रेलवे इस साल 12 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू करने जा रहा है। हावडा से कामाख्या रूट पर दो ऐसी ट्रेनें पहले ही शुरू की जा चुकी है। वहीं बता दें कि भारत-रूस का यह जॉइंट वेंचर जून 2026 तक पहला प्रोटोटाइप पेश करेगा। इन्हें 120 स्लीपर ट्रेनें बनाने का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। वहीं यह कंपनी बीएचईएल के साथ मिलकर 80 स्लीपर ट्रेनें बना रही है जिनमें से पहली 2027 की तीसरी तिमाही तक आने की उम्मीद है। ये ट्रेनें 1000 से 1500 किलोमीटर का सफर तय करेंगी।

इस साल रेलवे में 8 बड़े बदलाव होंगे
नए नियम: ट्रेन छूटने के 8 घंटे पहले रिफंड मिलेगा
काउंटर टिकट अब किसी भी स्टेशन से कैंसिल होगा
चार्ट बनने के बाद भी बदल सकेंगे बोर्डिंग स्टेशन
ट्रेन में ट्रैवल क्लास अपग्रेड करना की सुविधा मिलेगी
हाइड्रोजन ट्रेन: प्रदूषण मुक्त सफर का ट्रायल पूरा
स्टेशनों पर 75 नए होल्डिंग एरिया बनेंगे, भीड़ से मिलेगी राहत
ब्रॉड गेज नेटवर्क 100% इलेक्ट्रिफिकेशन के करीब
12 नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें चलेंगी

LatestNewsमप्र छत्तीसगढ़राज्य

कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता गामिनी ने 4 शावकों को जन्म दिया

शयोपुर. मध्य प्रदेश के शयोपुर स्थित कूनों नेशनल पार्क से चीता संरक्षण परियोजना के लिए बडी खुशखबरी सामने आई है। करीब 25 माह की भारतीय मूल की मादा चीता गामिनी ने जंगल में 4 शावकों को जन्म दिया है। इस जन्म के साथ ही देश में चीतों की कुल संख्या बढकर 57 हो गई है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने शनिवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर इस सफलता पर खुशी जताई। वन विभाग की टीम और इस परियोजना से जुडे सभी कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कूनों नेशनल पार्क में चल रही चीता संरक्षण परियोजना को यह एक बडी सफलता मिली है।

कूनो की चीता गामिनी ने चार शावकों को जन्म दिया है। - Dainik Bhaskar
जंगल में पहली सफल प्रसूति
मंत्री भूपेंद्र यादव के अनुसार 2022 में चीता पुनर्स्थापन कार्यक्रम शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब किसी चीता ने प्राकृतिक जंगल वातावरण में शावकों को जन्म दिया है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि यह किसी भारतीय मूल की मादा चीता की पहली सफल प्रसूति मानी जा रही है।
कूनों का पर्यावरण चीतों के लिए अनुकूल साबित हो रहा
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मादा चीता गामिनी पिछले एक साल से अधिक समय से खुले जंगल में रह रही थी और वह प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुरूप पूरी तरह ढल चुकी थी। जंगल में शावकों का जन्म इस बात का संकेत है कि कूनों का पर्यावरण अब चीतों के लिए अनुकूल साबित हो रहा है और वे यहां सुरक्षित रूप से प्रजनन कर पा रहे है।

LatestNewsमप्र छत्तीसगढ़राज्य

दिन के साथ रातों में भी गर्मी, इंदौर-ग्वालियर में बढ़ोतरी ज्यादा

ग्वालियर. मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर थमते ही गर्मी असर दिखाने लग गई है। शुक्रवार को ज्यादातर शहरों में दिन के पारे में 1 से 5.4 डिग्री तक की बढोतरी हुई। इंदौर, ग्वालियर-उज्जैन में भी पारा चढा जबकि भोपाल, रतलाम में भी तापमान बढ गया। रतलाम में सबसे ज्यादा 5.4 डिग्री की बढोतरी हुई। शनिवार को पारे में और बढोतरी होगी।
15 अप्रैल को नया सिस्टम एक्टिव हो रहा
मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार 15 अप्रैल को नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है लेकिन यह कमजोर रहेगा। यानी अब प्रदेश में तेज गर्मी वाला दौर ही रहेगा। गर्मी बढने से लोग उससे बचने के तरीके भी तलाश रहे है। कोई मुंह पर कपडा बांधकर घर से बाहर निकल रहा है तो कोई गन्ने का ज्यूस, कोल्ड्रिंक्स, आइस्क्रीम का लुत्फ उठा रहा है। गर्मी का असर बढते ही मौसम विभाग ने बचाव की एडवायजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाईड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में रहें। हल्के वनज और रंग के सूती कपडे पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें।

Newsमप्र छत्तीसगढ़

सुख सागर अस्पताल में आयुष्मान योजना में घोटाले का लगा आरोप, उपचार केक नाम पर भ्रष्टाचार के लगे आरोप

जबलपुर. सुखसागर अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत बड़े फर्जीवाड़े के आरोप लगाते हुए बहुजन चेतनाविकास मोर्चा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने गुरूवार को अस्पताल का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। खबर मिलते ही तिलवाराघाट थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। मोर्चा के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में आयुष्मान योजना के नाम पर 50-100 करोड़ रूपये तक का घोटाला हुआ है। जिसमें स्वास्थ्य विभाग के ऑफीसर और अस्पताल प्रबंधन की मिलीभगत हो सकती है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 1 और 6 अप्रैल को कलेक्टर को ज्ञापन देकर शिकायत की गयी थी। लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है इसी के विरोध में 10 अप्रैल को प्रदर्शन किया गया।
सीएसपी अंजुल अयंक मिश्रा ने बताया है कि प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन मिला है। जिसे संबंधित अधिकारियों का जांच के लिये भेजा जायेगा। अस्पताल से संपर्क करने पर प्रबंधन ने फोन पर कुछ भी कहने से मना कर दिया है।
दूर-दराज से मरीज लाकर भर्ती करने का लगा आरोप
मोर्चा का आरोप है कि अस्पताल में आयुष्मान योजना के नाम पर 498 बेड दिखाये गये है। मरीजों को लाने के लिये निजी बसों का उपयोग किया जाता है। मंडला, सिवनी, बालाघाट, डिंडोरी और छिंदवाड़ा जैसे जिलों से प्रदेशाध्यक्ष राधेश्याम मेहरा के अनुसार सामान्य बीमारियों से भी मरीजों को भर्ती कर लिया जाता है। उनके आयुष्मान कार्ड से 40-50 हजार रूपये तक क्लेम लिया जाता है। उपचार के खर्च की सही जानकारी भी मरीजों को नहीं दी जाती है।
ये है शिकायत
– आयुष्मान योजना इलाज के नाम पर करोड़ों का सुखसागर अस्पताल में हुआ है घोटाला, जिसकी जांच हो।
– वन विभाग की जमीन पर बना है अस्पताल, इसकी जांच होना चाहिए।
– आदिवासियों की जमीन पर सुख सागर अस्पताल की हुआ है निर्माण।
– अस्पताल वैध है तो कर्मचारियों को चंद रुपए दिए जा रहा है वेतन।