इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान हुई फेल, इसके बाद भी डींग हांक रहा है पाकिस्तान
नई दिल्ली. अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध को रोकने के लिये पाकिस्तान ने मध्यस्थता का रोल अदा किया। इस्लामाबाद में शांतिवार्ता का आयोजन किया गया। हालांकि यह बातचीत बेनतीजा साबित हुई। इसके बावजूद पाकिस्तान अपनी पीठ थपथपाने से पीछे नहीं हट रहा है। विदेश मंत्री इशाक डार ने चर्चा में शामिल होनेे लिये अमेरिका और ईरान के प्रति आभार जताया है।
शांतिवार्ता के बाद इशाक डार ने पत्रकारवार्त की। इस बीच अपने बयान में उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान इन शांतिवार्ताओं में मेजबानी करके सम्मानित महसूस कर रहा है। डार ने कहा है कि हम इस्लामाबाद में शांतिवार्ता आयोजित करने के लिये ईरान और अमेरिका का शुक्रिया अदा करते हैं। यह न सिर्फ मिडल ईस्ट बल्कि पूरी दुनिया की स्थिरिता के लिये एक अच्छा संकेत है।
पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने इस बीच अनुमान जताया है कि दोनों पक्ष भविष्य में भी सीजफायर पर समझौतों को जारी रखेंगे। उन्होंने शांति केलिये पाकिस्तान की कोशिशें जारी रहने का भरोसा दिलाया है। उन्होने आगे बताया है कि इस पूरी शांतिवार्ता के पीछे पाकिस्तान के थल सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की महत्वपूर्ण भूमिका रहीं है। उन्होंने कहा है कि आसिम मुनीर ने सीजफायर करने के लिय कई दौर की वार्ताओं में मदद की । आपको बता दें कि इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच 21 घंटों तक चर्चाओं का दोर चला। इस बीच दोनों पक्षों के बीच कई मुद्दों पर सहमति भी बनी है। लेकिन परमाणु हथियार और स्ट्रेट ऑफ होर्मूज को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच बात नहीं पाई।
फेल क्यों हुई शांति वार्ता
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि वह बाचीत की नीयत से वार्ता में शामिल हुए थे। लेकिन ईरान अमेरिका की शर्ते मानने पर राजी नहीं है। ऐसे में वेंस अब अपनी टीम के साथ इस्लामाबाद से अमेरिका के लिये रवाना हो गये। वहीं, ईरानी मीडिया का दावा है कि अमेरिका अपनी शर्तो में बहुत कुछ मांग रहा था।

