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IAS एकेडमी डायरेक्टर की कनपटी से पिस्टल अडाकर 2 करोड़ वसूले, 2 घंटे तक बंधक बनाये रखा

पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया।

भोपाल. 9 बदमाशों ने बुधवार की दोपहर दिल्ली की आईएएस एकेडमी की डायरेक्टर का अपहरण कर लिया। 4 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया। कनपटी पर पिस्टल सटाकर लगीाग 1 करोड़ 89 लाख रूपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिये गये। घटना के बाद मास्टरमाइंड प्रियंक शर्मा विदेश भागने की तैयारी में था। लेकिन रविवार का भोपाल एम्स से दबोचा गया। मास्टर माइंड के साथ 5 सहयोगी भी पकड़े गये है। जबकि 3 आरोपी फरार है।
प्ुलिस के अनुसार घटना का अंजाम देने वाला कोई बाहरी नहीं है। बल्कि उसी संस्थान की फ्रेंचाइजी चलाने वाला युवक है। आरोपी भेल के एक रिटायर्ड अधिकारी का बेटा है। वह पहले दिल्ली में रहकर आईएएस कोचिंग के माध्यम से आईएएस की तैयारी कर चुका है।

ये तस्वीर IAS एकेडमी की डायरेक्टर शुभ्रा रंजन की है।
ये तस्वीर IAS एकेडमी की डायरेक्टर शुभ्रा रंजन की है।

भोपाल में एक ब्रांच के लिये जगह देखने आई थी
डायरेक्टर शुभ्रा रंजन के अनुसार आरोपी ने भोपाल में कोचिंग की दूसरी ब्रांच खोलने ओर उस जगह का निरीक्षण कराने के बहाने उन्हें बुलाया गया। वह दिल्ली से भोपाल आई थी डायरेक्टर शुभ्रा रंजन। वह शहर के एक नामी होटल ताज में ठहरी थी। बुधवार को आरोपी प्रियंक शर्मा उन्हें होटल से 2. 30 बजे करीब अपने साथ ले गये। इसके बाद बागसेवनियां इलाके के एक फ्लैट में ले जाकर बकंधकर बना लिया। जान से मारने की धमकी दी। कनपटी पर पिस्टल रखी। जान बख्शने के एवज में अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कराये गये। पुलिस कमिश्नर संजय सिंह ने बताया कि प्रियंक पहले से IAS अकादमी की एक फ्रेंचाइजी चला रहा था। उसे अंदाजा था कि डायरेक्टर के पास पर्याप्त पैसा है, इसलिए उसने साजिश रची। उसने दतिया और कालापीपल में रहने वाले अपने साथियों को बुलाया।
मुख्य आरोपी रिटायर्ड अफसर का बेटा-प्रियंक शर्मा: मास्टरमाइंड
प्रियंक शर्मा भोपाल के अयोध्या बाइपास का रहने वाला है। पिता विष्णु शर्मा भेल के रिटायर्ड अधिकारी हैं। आरोपी प्रियंक बीए ग्रेजुएट है। कोचिंग सेंटर चलाता है। पहले यूपीएससी की तैयारी कर चुका है। इसी ने पूरी वारदात की साजिश रची। उसे अंजाम तक पहुंचाया। दीपक भगत बागसेवनिया, भोपाल का निवासी है। वह आठवीं तक पढ़ा है और प्रियंक की कार चलाने के साथ उसके निजी काम देखता है। पुलिस की गिरफ्त में आते ही उसने मरने की एक्टिंग की, लेकिन ज्यादा देर नहीं चली और वह पकड़ा गया।रोहित, पिता जगन्नाथ, कालापीपल का रहने वाला है। वह आठवीं तक पढ़ा है और प्रियंक के संस्थान में साफ-सफाई का काम करता था। वारदात के दौरान वह अन्य आरोपियों के साथ मास्क और हथियार लेकर फ्लैट में मौजूद था विकास उर्फ विक्की दाहिया आठवीं कक्षा तक पढ़ा है। मार्केटिंग का काम करता है। पूरे घटनाक्रम के दौरान वह प्रियंक के साथ सक्रिय रूप से शामिल रहा और वारदात में अहम भूमिका निभाई। कुनाल यादव दतिया का निवासी है, आठवीं तक पढ़ा है और मजदूरी करता है। उसे विक्की ने वारदात में शामिल होने के लिए बुलाया था। काम पूरा होने के बाद उसे पांच लाख रुपए देने का लालच दिया गया था। पंकज अहिरवार दतिया का रहने वाला है। पांचवीं कक्षा तक पढ़ा है। इसे भी विक्की ने वारदात में शामिल होने के लिए बुलाया था।
रामजी उर्फ निहाल प्रजापति और रामू उर्फ रामेश्वर उर्फ शिव फिलहाल फरार हैं। इन्हें भी विक्की ने वारदात में शामिल होने के एवज में पांच-पांच लाख रुपए का लालच देकर बुलाया था। पुलिस इनकी तलाश में जुटी है।

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