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ग्वालियर में राजमाता चौराहे पर तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकराई, ड्राइवर को अस्पताल पहुंचाया

ग्वालियर. राजमाता चौराहे पर रविवार देर रात 1 बजे तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में कार ड्राइवर घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने उसे कार से बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया, उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
ड्राइवर को अस्पताल पहुंचाया
जानकारी के अनुसार कार तेज गति से राजमाता चौराहे की ओर आ रही थी। अचानक चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया और कार सीधे डिवाइडर पर चढ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार में फंसे ड्राइवर को बाहर निकालकर अस्पताल भिजवाया। घटना के बाद कुछ देर तक मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
क्षतिग्रस्त कार को हटवाकर टैªफिक को सामान्य कराया
दुर्घटना के कारण राजमाता चौराहे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त कार को हटवाकर टैªफिक को सामान्य कराया। प्राथमिक जांच में तेज रफ्तार और वाहन से नियंत्रण खोना हादसे का कारण माना जा रहा है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि हादसे के समय कार की स्पीड कितनी थी और दुर्घटना में किसी अन्य वाहन की भूमिका तो नहीं थी।

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महिलाओं ने पानी की परेशानी बताई तो बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी ने थमाई पानी की बोतल

शिवपुरी. भाजपा विधायक प्रीतम लोधी का अब एक और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। शिवपुरी की पिछोर विधानसभा सीट से विधायक प्रीतम लोधी एक महिला जो पानी की समस्या लेकर आई महिला को पानी की बोतल देकर चलते बनते है। वह महिलाओं का हसते हुए बुंदेली में कहते है कि मोए वोट नहीं दोगी तो कौन को दोगी।
जानकारी के अनुसार शिवपुरी के पिछोर क्षेत्र में गांव में जब विधायक दौरे पर थे। तभी कुछ महिलाओं व पुरूषें ने विधायक को रोक लिया। ग्रामीणों ने उनसे कहा कि वह कई दिनों से बिजली और पानी के लिए परेशान है। इस पर विधायक ने कहा कि तुम तो लाडली बहना हो वह यह सभी काम करा देंगे। जिस पर महिलाएं बोली कि काम करा दोगे तो हम तुमकों वोट देंगे। इस पर विधायक ने बुंदेली में कहा कि मोए वोट नहीं दोगे तो किसको वोट दोंगे।
इसके बाद जब किसी महिला ने पानी की गंभीर समस्या बताई तो विधायक लोधी ने अपनी कार में से एक पानी की बोतल निकालकर महिलाओं को दी जिस पर मौके पर मौजूद लोग पानी की बोतल देखकर बोले कि इससे क्या होगा और सभी लोग हंसने लगे, फिर एक ग्रामीण ने विधायक से यह भी बोला कि उनके गांव में दो महिनों से डीपी खराब पडा है तो विधायक बोले सभी काम करा देंगे। इसके बाद विधायक वहां से अपनी कार से आगे के लिए रवाना हो गए।

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असम, अरुणाचल और सिक्किम में भारी बारिश, बाढ़ जैसे हालात

नई दिल्ली. देेश के पूर्वी राज्यों असम, अरूणाचल प्रदेेश और सिक्किम में भारी बारिेश हो रही है। तीनों राज्यों में बाढ जैसे हालात है। अरूणाचल प्रदेेश में बारिेश और लैंडस्लाइड की घटना में तीनों की मौत हो गई। वहीं असम के ढेमाजी जिले में केमी नदी में आई भीषण बाढ के कारण 300 मीटर लंबर लोहे का पुल बह गया। पुल के बहने से केमी-पुराना जेलोम क्षेत्र का जोनाई सदर से सउक संपर्क पूरी तरह टूट गया है। सिक्किम में जोंगू क्षेत्र में फी खेला नदी पर बना बेली ब्रिज बह गया।


देेश के 6 राज्यों उत्तर प्रदेेश, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के कई इलाकों में प्री-मानसून बारिेश जारी है। हालांकि 7 राज्यों में तेज गर्मी पड रही है। उत्तर प्रदेेश, राजस्थान और हरियाणा में पारा 43 डिग्री से ज्यादा दर्ज किया गया। मानसून ने देेश के 22 राज्यों को कवर कर लिया है। 5 जुलाई तक बाकी राज्यों को कवर कर सकता है। यूपी में मानसून 9 दिन लेट है। यह आमतौर पर 20 जून तक आ जाता है लेकिन इस बार 16 दिनों से बिहार बॉर्डर पर रूका हुआ है। यह आज बिहार बॉर्डर से प्रदेेश में एंट्री कर सकता है।
7 राज्यों में गर्मी का असर
मध्य प्रदेेश, उत्तर प्रदेेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, बिहार और गुजरात के कई शहरों में बुधवार को पारा 40 डिग्री से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा राजस्थान के फलोदी में 43.8 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं उत्तर प्रदेश के आगरा और प्रयागराज में 43.2 डिग्री, हरियाणा के भिवानी में 43 डिग्री, मप्र के उमरिया में 42 डिग्री, दिल्ली में 41.9 डिग्री और गुजरात के राजकोट में 40.9 डिग्री रहा। यूपी के अलीगढ में गर्मी की वजह से 8वीं तक के स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई।

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MP के ग्वालियर समेत 19 जिलों में झमाझम बारिश के आसार

भोपाल. प्रदेश में मानसून का प्रवेश हो चुका है हालांकि उसका असर अभी बडे क्षेत्रों तक नहीं पहुंचा है। रविवार को दिनभर प्रदेश के अधिकांश जिलों में कहीं कोई वर्षा गतिविधि नहीं हुई। इस बीच रतलाम में मध्यम स्तर की वर्ष दर्ज हुई है। श्योपुर और गुना में भी हल्की बरसात हुई। यह स्थानीय मौसमी तंत्र के प्रभाव से हुआ। तीसरा सिस्टम पंजाब से हरियाणा, उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार तक फैली हुई मौसमी ट्रफ लाइन है। इसका दक्षिणी प्रभाव मध्य प्रदेश के उत्तरी जिलों पर पड सकता है। इससे ग्वालियर चंबल, सागर, रीवा और आसपास के क्षेत्रों में वर्ष की गतिविधियां बढेंगी।
30 जून तक बढेगा मानसून
मौसत विभाग के अनुसार मानसून की उत्तरी सीमा 23 से 24 जून से अभी भी सूरत, आलीराजपुर, इंदौर, मंडला, डाल्टनगंज पर स्थिर है। अगले 2 से 3 दिनों में इसके आगे बढने की परिस्थितियां अनुकूल है। अगर यह आगे बढता है तो प्रदेश के अधिकांश जिलों में समान वर्ष का सिलसिला शुरू होगा। यहां भारी वर्ष की चेतावनी बताई जा रही है। मौसम विभाग ने देवास, उज्जैन, छिंदवाडा, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्ष, झंझावात और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

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MP में प्रमोशन नियमों पर फिर छिड़ा घमासान, आंदोलन का एलान

भोपाल. मध्य प्रदेश में पदोन्नति में आरक्षण को लेकर फिर से कर्मचारी सरकार के रवैए से नाखुश हैं। राज्य सरकार वर्ष 2025 के उन नियमों से पदोन्नति की प्रक्रिया प्रारंभ करने की तैयारी में है जिनके विरोध में सामान्य वर्ग के कर्मचारियों ने हाई कोर्ट की शरण ली थी। दरअसल नियम में आरक्षित वर्ग के लिए आरक्षित पदों पर तो उन्हें पदोन्नति दी ही जाएगी अनारक्षित पदों पर मेरिट के आधार पर भी एससी-एसटी वर्ग को अवसर देने का प्रावधान रखा है जबकि मांग यह है कि आरक्षित वर्ग अपने वर्ग में पदोन्नत हो और अनारक्षित वर्ग को उसके वर्ग में आगे बढने का अवसर मिले।
सरकार ने जो नियम तैयार किए फिर वहीं प्र्रावधान रख दिया
तमाम विचार-विमर्श के बाद सरकार ने जो नियम तैयार किए है उनमें फिर वहीं प्र्रावधान रख दिया। हालांकि यह व्यवस्था बना दी कि एक बार अनारक्षित रेणी में यदि कोई आरक्षित वर्ग का व्यक्ति पदोन्नति हो जाता है तो फिर वह अपनी श्रेणी में नहीं लौट सकेगा और आरक्षित श्रेणी का एक पद कम हो जाएगा। मगर इसका कोई लाभ अनारक्षित श्रेणी को फिलहाल नहीं होगा क्योंकि पूर्व में जो अनुसूचित जाति-जनजाति के अधिकारी-कर्मचारी पदोन्नत हो चुके है वे सामान्य वर्ग के कर्मचारियों से एक-दो पद आगे है। जब पदोन्नतियां होंगी तो स्वाभाविक है कि प्रथम लाीा उन्हें ही मिलेगा तब तक सामान्य वर्ग के अधिकारी-कर्मचारी सेवानिवृत्त हो जाएंगे जो इस असमानता के विरोध की लडाई लंबे समय से लड रहे है।
आंदोलन का निर्णय लिया गया
यही कारण है कि एक बार फिर प्रदेश में पदोन्नति के नियम को लेकर विरोध के स्वर उठे है। नए नियम से पदोन्नति की कवायद के बीच सामान्य, पिछडा एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी कर्मचारी संस्था सपाक्स की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक रविवार को भोपाल में हुई। इसमें पदोन्नति के नियमों में आरक्षित वर्ग समूह के पदों की गणना का प्रावधान विसंगतिपूर्ण बताकर प्रदेशव्यापी आंदोलन का निर्णय लिया गया।

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MP में जंगल में तालाब में घोला जहर, 14 वन्य प्राणियों की मौत

कटनी. जिले में वन्य प्राणियों की लगातार संख्या बढ रही है, वन्य प्राणियों से जहां आमजन को खतरा है तो वहीं वन्य प्राणाी भी आमजन से सुरक्षित नहीं है। इसका एक उदाहरण सामने आया है कि विजयराघढ क्षेत्र में करौंदी-घुघरी के पास तालाब में जहर मिलाकर 14 निर्दोष वन्य प्राणियों चीतल व सांभर का शिकर किया गया। जिले के बरही क्षेत्र के ए दर्जन से अधिक गांव में बाघों का ठिकाना है तो इसके साथ ही शाहडार के जंगल में बाघ और तेंदुए सहित वन्य प्राणियों की उपस्थिति लगातार बनी हुई है। घटना सामने आने के बाद अब बाघों और अन्य प्राणियों के जीवन को भी खतरा बना हुआ है।
जलस्त्रोंतों की बढाई निगरानी
जिले में सक्रिय शिकारी वन विभाग के जल स्त्रोंतों के आसपास निगरानी न रखने का फायदा उठाकर इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे है। विजयराघवगढ की घटना से पहले भी जिले में एक बार जलस्त्रोत में जहर मिलाने की घटना हो चुकी है। ढीमरखेडा वन परिक्षेत्र में कुंड में जहर मिलाने से तेंदुए सहित अन्य वन्यप्रणियों की जान गई थी।
घटना सामने आने के बाद अब वन विभाग अलर्ट हुआ है। जिले में जलस्त्रोतों के आसपास सुरक्षा व गश्त बढाई गई है। दूसरी ओर शिकार करने वाले पकडे गए तीनों आरोपियों को वन विभाग ने 14 दिन की रिमांड पर लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है कि घटना के पीछे कोई संगठित गिरोह तो शामिल नहीं है।

 

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MP में 65 डीएसपी के तबादले; ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन के CSP बदले

भोपाल. मध्य प्रदेश में गृह विभाग ने शनिवार रात 65 पुलिस अफसर के तबादले कर दिए। राज्य पुलिस सेवा के अफसरों के तबादले में ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, पीथमपुर के नगर पुलिस अधीक्षकों सीएसपी के साथ ही भोपाल और इंदौर में इसी कैडर के अफसरों की शहरी क्षेत्र में पदस्थापना की गई है। आदेश में बालाघाट में हॉक फोर्स में भी डीएसपी स्तर के 18 अफसरों को सहायक सेनानी पदस्थ किया है। इसके अलावा बालाघाट जिले में ही एाडीओपी के पद पर भी 4 राज्य पुलिस सेवा एसपीएस के अधिकारी पदस्थ किए है।
जिन अधिकारियों को बालाघाट जिले में हाफ फोर्स में पद्धति किया है उसमें उदित मिश्रा, अभिलाष कुमार भलावी, आकाश अमलकर, रवि सोनेर, उमेश प्रजापति, रितेश कुमार शिव, रविंद्र सिंह राठी, आयुष कुमार अलावा, सचिन पटेल, कंुदर मंडलोई, राहुल कुमार सय्याम, अक्षय चौधरी, अतुल कुमार सोनी, अमन मिश्रा, रोहित राठौर, राकेश आर्य शामिल है। वहीं बालाघाट में दीपक तोमर एसडीओपी लांजी बालाघाट, चंद्रशेखर पांडे एसडीओपी बैहर बालाघाट, अभिषेक गौतम एसडीओपी परसवाडा, बालाघाट पदस्थ किए गए है।

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ग्वालियर में 3 महीने से नए घरेलू गैस कनेक्शन पूरी तरह बंद

ग्वालियर. देश में ऐसा एलपीजी संकट खडा किया है कि नए घरेलू गैस कनेक्शनों पर पूरी तरह ब्रेक लग गया है। हाल यह है कि एक तफ पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के दाम आसमान छू रहे है तो दूसरी तरफ नए और डीबीसी डबल बॉटल कनेक्शन के लिए उपभोक्ता सिर्फ मिन्नतें करने को मजबूर है। अकेले ग्वालियर में डेढ हजार से अधिक आवेदन धूल खा रहे है और आवेदक एजेंसियों के चक्कर काट-काटकर थक चुके है। बता दें कि ग्वालियर जिले में तीनों प्रमुख कंपनियों के करीब 5.73 लाख ग्राहक है जिन्हें संभालने वाली 40 गैस एजेंसियां फिलहाल असहाय नजर आ रही है।
न कोई लिखित आदेश, न सर्कुलर
इस पूरे खेल में सबसे बड़ी विडंबना यह है कि केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से नए कनेक्शन रोकने का कोई लिखित आदेश या सर्कुलर जारी ही नहीं किया गया है। पर्दे के पीछे से खेल करते हुए सीधे पोर्टल पर आवेदन का ङ्क्षलक ही बंद कर दिया गया। जब कोई लिखित गाइडलाइन ही नहीं है, तो एजेंसी संचालक भी उपभोक्ताओं को कोई ठोस वजह नहीं बता पा रहे हैं।
सॉफ्टवेयर ही बंद है, हम क्या करें
एलपीजी के नए कनेक्शनों और डीबीसी पर पिछले तीन महीने से अघोषित प्रतिबंध है। लोग आ रहे हैं, लेकिन उन्हें बैरंग लौटाना पड़ रहा है क्योंकि कंपनी ने सॉफ्टवेयर लेवल पर ही रोक लगा रखी है।
श्यामानंद शुक्ला, कॉर्डिनेटर, ग्वालियर-चंबल एलपीजी फेडरेशन

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ग्वालियर-चंबल के नागरिकों के लिए राहत भरी खबर, जुलाई के पहले हफ्ते में भारी बारिश होगी

ग्वालियर. जून के महीने में प्री-मानसून की दगाबाजी और भीषण उमस झेल रहे ग्वालियर चंबल के नागरिकों के लिए आखिरकार राहत भरी खबर आ रही है। मौसम विभाग के अनुसार 28 जून से अंचल के मौसम में बडा बदलाव देखने को मिलेगा। आगामी 28 जून से चार जुलाई के बीच गरज चमक के साथ वर्ष होने की संभावना है, जिससे जुलाई के पहले सप्ताह में शहरवासियों को भीषण गर्मी से निजात मिलेगी और बीच में तेज वर्षा भी हो सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में बंगाल की खाडी और अरग सागर से आ रही नमी के कारण हवाओं का रूख बदल रहा है। 28 और 29 जून को ग्वालियर में बादलछाए रहने के साथ तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें गिरने की उम्मीद है, इसके बाद 30 जनू से लेकर 4 जुलाई के बीच मानसूनी सिस्टम के और मजबूत होने के आसार है जिससे अंचल में मध्यम से भरी वर्ष दर्ज की जा सकती है।
इस दौरान दिन और रात के तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आएगी जिससे उमस भरी गर्मी से बडी राहत मिलेगी। यह मानसूनी वर्ष ग्वालियर के कृषि क्षेत्र के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगी। जून के महीने में औसत से आधे से भी कम वर्ष होने से धान की नर्सरी और अरहर की बुवाई पूरी तरह ठप पडी थी।

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MP में 30 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों का एरियर अटका, आंदोलन की चेतावनी दी

भोपाल. मप्र के स्वास्थ्य विभाग में काम कर रहे करीब 30 हजार आउटासोर्स कर्मचारियों को पिछले 2 वर्षें से न्यूनतम वेन का एरियर नहीं मिल पाया है। यह स्थिति सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, उपस्वास्थ्य केंद्रों और मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत कर्मचारियों पर लागू है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से एरियर भुगतान को लेकर स्पष्ट आदेश जारी किए जा चुके है लेकिन इसके बावजूद भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ सकी है।
रिकॉर्ड व्यवस्थित न होने के कारण भुगतान प्रक्रिया अटकी
श्रम आयुक्त के आदेश के बाद अप्रैल 2024 से पुनरीक्षित न्यूनतम वेतन देने के निर्देश भी जारी हुए थे लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर दिखाई नहीं दे रहा है। कर्मचारियों का कहना हे कि हर साल ठेकेदार बदलने और रिकॉर्ड व्यवस्थित न होने के कारण भुगतान प्रक्रिया लगातार अटकी हुई है। कई जगह ठेकेदारों द्वारा कर्मचारियों का सही डेटा तैयार नहीं किया गया और नियुक्ति व हटाने की प्रक्रिया भी मनमाने तरीके से की गई जिससे यह तय करना मुश्किल हो रहा है कि किन कर्मचारियों को एरियर दिया जाए।
स्वास्थ्य मंत्री के बंगले का घेराव किया जाएगा
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो भोपाल में स्वास्थ्य मंत्री के बंगले का घेराव किया जाएगा। ऑल डिपार्टमेंट आउटसोर्स अस्थाई कर्मचारी मोर्चा ने 28 जून को बैठक बुलाई है जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने आरोप लगाया कि ठेकेदारों और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत के कारण कर्मचारियों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है।

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