नई दिल्ली. एनसीआर-दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत में शुक्रवार की देर शाम 5.9 तीव्रता के साथ भूकंप के तेज झटके महसूस किये गये हैं। इससे लोगों में दहशत फैल गयी है। दिल्ली -एनसीआर, चंडीगढ़ सहित उत्तर भारत के कई इलाकों में झटके महसूस किये गये है। जम्मू कश्मीर के कई भागों मे भी जमीन हिलने से लोग घरों और ऑफिस से बाहर निकल आये।
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर, पुछ और कश्मीर घाटी के कई इलाकों में भी भूकंप के झटके महसूस किये गये। झटके कुछ सेकेण्ड तक रहे। लेकिन उनकी तीव्रता इतनी थी कि लोग घबरा गये और सुरक्षित ठिकानों की ओर भागे। दिल्ली-एनसीआर में कई ऊंची बिल्डिंगों में रहने वाले लोगों ने झटकों साफ महसूस किये। ऑफिसों और घरों बैठे लोग तत्काल बाहर निकल आये। कुछ जगहों पर लोग पार्क और खुले आसमान के नीचे मैदानों में एकत्रित हो गये।
फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जानमाल के हताहत होने की खबर नहीं है। लेकिन प्रशासन स्थिति पर नजर बनाये हुए है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है। घबराये नहीं और किसी भी अफवाहों पर ध्यान नहीं दें।
ग्वालियर। नगर निगम द्वारा शहर के प्रमुख जलस्रोत ‘पृथ्वी ताल’ के संवर्धन एवं सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। यह कार्य नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय के निर्देशन में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत संचालित हो रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य न केवल तालाब की मूल संरचना को सुदृढ़ करना है, बल्कि इसे शहरवासियों के लिए एक आकर्षक और पर्यावरण अनुकूल स्थल के रूप में विकसित करना भी है।
नगर निगम द्वारा इस परियोजना पर लगभग 3.49 करोड़ रुपये (जीएसटी सहित) की लागत से कार्य किया जा रहा है। कार्यों में मुख्य रूप से तालाब के दोनों ओर सफाई, जल निकासी चैनलों का सुदृढ़ीकरण, एप्रन पर स्टोन पिचिंग, तथा पैदल चलने के लिए वॉकिंग ट्रैक का निर्माण शामिल है। इसके अलावा नागरिकों की सुविधा के लिए बैठने की व्यवस्था, लाइटिंग सिस्टम और हरित क्षेत्र का विकास भी किया जा रहा है।सहायक यंत्री ने बताया कि करीब 7.27 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला पृथ्वी ताल जैव विविधता की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह विभिन्न प्रकार के स्थानीय एवं प्रवासी पक्षियों का आश्रय स्थल भी है। परियोजना के अंतर्गत तालाब में जमा गाद और सिल्ट की सफाई कर उसकी जलधारण क्षमता बढ़ाई जा रही है, जिससे वर्षा जल का अधिक संचयन संभव हो सके। इसके साथ ही जल की गुणवत्ता सुधारने के लिए जलीय पौधों का भी उपयोग किया जाएगा।
इस परियोजना का एक प्रमुख उद्देश्य शहर में हरित क्षेत्र को बढ़ावा देना और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखना है। तालाब के आसपास छोटे-बड़े पेड़ों का रोपण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में हरियाली बढ़ेगी और पक्षियों व अन्य जीवों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होगा। साथ ही, यह स्थान शहरवासियों के लिए एक शांत और सुकून भरा वातावरण प्रदान करेगा।
परियोजना के तहत अतिक्रमण को हटाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि तालाब की मूल सीमा सुरक्षित रह सके। जल संरक्षण के माध्यम से भू-जल स्तर में सुधार लाने का भी लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से ग्वालियर शहर की जैव विविधता को नया जीवन मिलेगा और आने वाले समय में यहां लगभग 120 प्रकार के पक्षियों की प्रजातियां देखी जा सकेंगी। स्थानीय नागरिकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि पृथ्वी ताल का यह कायाकल्प न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाएगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

तेल अवीव. ईरान ने मिडिल ईस्ट के 8 बड़े पुलों की सूची जारी कर उन्हें तबाह करने की चेतावनी दी है। ईरान इन पुलों को रणनीतिक तौर पर अहम मानता है। क्योकि यह कई देशों की कनेक्टिविटी और ट्रांसपोर्ट के लिये बेहद आवश्यक है। ईरान की सूची में कुवैत, यूएई, अरब और जॉर्डन के कई अहम पुल शामिल है। इनमे शेख जाबेर अल-अहमद समु्रदी पुल (कुवैत), शेख जायद ब्रिज, अल मकता ब्रिज, शेख खलीफा ब्रिज यूएई, किंग फहद कॉजबे, (सऊदी अरब-बहरीन) और जॉर्डन के किंग हुसैन, डामिया और अबदून ब्रिज शामिल है। ़
इससे पहले गुरूवार को अमेरिका और इजरायल ने ईरान के करज शहर में बी41 ब्रिज पर 2 बार अटैक किया था। इस हमलें में 2 लोगों की मौत हो गयी। पुल पूरी तरह से तबाह हो गया गया। यह पुल इसी वर्ष शुरू हुआ था। इसे मिडिल ईस्ट का सबसे ऊंचा पुल माना जात था। लगभग 10.50 मीटर लम्बे और 136 मीटर ऊंचे इस पुल को बनाने में 400 मिलियन डॉलर (3,800) करोड़ रूपये खर्च हुए थे।
हम अकेले जिसने होर्मुज में नाविक खोए-भारत
ब्रिटेन की पहल पर होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए गुरुवार को एक ऑनलाइन बैठक हुई, जिसमें 60 से ज्यादा देशों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में भारत की तरफ से विदेश सचिव विक्रम मिसरी शामिल हुए। बैठक में विक्रम मिसरी ने कहा कि होर्मुज संकट में अब तक सिर्फ भारत के ही नागरिक मारे गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक होर्मुज संकट में अब तक 3 भारतीय नाविक मारे जा चुके हैं, ये सभी विदेशी जहाजों पर काम कर रहे थे।
भोपाल. मध्य प्रदेश में बडा प्रशासनिक बदलाव होने वाला है। कई जिलों के कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक यानि एसपी बदले जाएंगे। इसकी कवायद तेज हो चुकी है। राज्य के आईएएस-आईपीएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में फेरबदल के लिए वरिष्ठ स्तर पर बातचीत चल रही है। राज्य के सीएम मोहन यादव व सीएस अनुराग जैन के बीच भी इस मुद्दे पर चर्चा हो चुकी है। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ नेतृत्व से चर्चा के बाद प्रदेश में व्यापक स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल कर आईएएस-आईपीएस अधिकारियों को नए दायित्व देने की अंदरखाने तैयारी की जा रही है। बीजेपी के स्थानीय प्रमुख नेताओं व सांसद-विधायकों से जिलास्तर के प्रमुख अधिकारियों के संबंध भी एक प्रमुख कसौटी बनी।
वित्तीय वर्ष 2025 से 2026 खत्म हो चुका है और 2026 से 2027 की शुरूआत हो गई है। प्रदेशभर के कलेक्टर-संभागायुक्तों को राजस्व संग्रहण के जो लक्ष्य मिले थे उसके परिणाम भी सामने आ चुके है। एसआईआर की बंदिश तो काफी पहले ही खत्म हो चुकी है। प्रशासनिक दक्षता के साथ ही अधिकारियों के काम करने के तरीके व आम जनों से उनके व्यवहार को परखा जा रहा है। बीजेपी के स्थानीय प्रमुख नेताओं व सांसद-विधायकों से जिलास्तर के प्रमुख अधिकारियों के संबंध भी एक प्रमुख कसौटी बनी है।
ग्वालियर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने ग्वालियर के पूर्व कलेक्टर अशोक वर्मा के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किये गये है। हाईकोर्ट ने राज्य शासन की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए टिप्पणी की है कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के आवजूद राज्य के अधिकारी जानबूझ कर अपील में देरी कर रहे हैं। जो कि एक गंभीर मामला है। यह नोटिस मुख्य सचिव के जरिये से तामील करायें जायेंगे।
हाईकोर्ट ने इसे अधिकारियों को बचाने का सीधा प्रयास बताया है कि वर्ष 2012 से 2018 के दौरान एक प्रकरण में 10 आफिसर (ओआईसी) शामिल रहे हैं। लेकिन जांच का आश्वासन दिये जाने जाने के बावजूद उनके खिलाफ आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई । पूर्व कलेक्टर अशोक वर्मा ने भी हलफनामा देकर जांच कराने का आश्वासन दिया था। बाद मेंकार्यवाही नहीं होने से हाईकोर्ट ने अदालत के साथ धोखाधड़ी माना है।
क्या है मामला
ग्वालियर स्थित 5.19 बीघा जमीन से संबंधित है। इस जमीन का फैसला 19 अप्रैल 2000 को योगेश और अन्य के पक्ष में सुनाया गया था। राज्य शासन की अपीलें अतिरिक्त सत्र न्यायालय (2003) और हाईकोर्ट (2009) से भी पहले ही खारिज हो चुकी थीं। इसके बावजूद, राज्य शासन ने 2009 की सेकेंड अपील को पुनः सुनवाई में लाने के लिए 3,327 दिन की अत्यधिक देरी से आवेदन प्रस्तुत किया था।
राज्य शासन द्वारा 30 नवंबर 2025 को पेश की गई रिपोर्ट में अपर कलेक्टर सीबी प्रसाद (तत्कालीन एसडीएम) और अश्वनी रावत (तत्कालीन ओआइसी) को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया था। हालांकि, 3 माह बीत जाने के बाद भी इनके खिलाफ चार्जशीट जारी नहीं हुई है। कोर्ट ने अब दोषी अधिकारियों पर चार्जशीट और अन्य OIC अधिकारियों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 28 अप्रैल को निर्धारित की गई है। हाईकोर्ट ने विशेष रूप से दो सवालों के जवाब मांगे हैं: दोषी पाए गए अधिकारियों पर चार्जशीट जारी हुई है या नहीं, और अन्य ओआइसी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी या नहीं।
नई दिल्ली. पाकिस्तान में शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की भारी बढोतरी की गई है। एक महीने से भी कम समय में यह दूसरी बडी वृद्धि है जिससे आम लोगों पर महंगाई का बोझ और बढने की आशंका है। इस फैसले के पीछे मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के चलते वैशिवक तेल कीमतों में आई तेज उछाल को मुख्य वजह बताया गया है।
55 प्रतिशत से ज्यादा बढाकर 520.35 रुपये प्रति लीटर कर दी
सरकार द्वारा जारी नई दरों के अनुसरा डीजल की कीमत 55 प्रतिशत से ज्यादा बढाकर 520.35 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। वहीं पेट्रोल की कीमत में भी लगभग 55 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए इसे 458.40 रुपये प्रति लीटर तक पहुंचा दिया गया है। इस बढोतरी ने आम उपभोक्ताओं और परिवहन क्षेत्र पर सीधा असर डाला है। शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बढोतरी दर्ज की गई। अमेरिकी तेल की कीमतों में 11 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई जबकि ब्रेंट क्रूड की कीमतें 7 प्रतिशत से ज्यादा बढ गई। यह उछाल उस बयान के बाद आया जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य अभियानों को और तेज करने की बात कही थी।
अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार अस्थिर
पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार अस्थिर हो गया है। उन्होंने बताया कि इसी वजह से ईंधन की कीमतों में बढोतरी करना जरूरी हो गया था। इससे पहले भी पिछले महीने सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि की थी।
भोपाल. मध्यप्रदेश में एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं के लाखों छात्रों का इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है। माध्यमिक शिक्षा मंडल इस साल 15 अप्रैल से पहले रिजल्ट जारी करने की तैयारी में है, जबकि संभावित तारीख 7 से 12 अप्रैल के बीच तय हो सकती है। स्कूल शिक्षा विभाग का कहना है कि सभी जरूरी प्रक्रियाएं अंतिम चरण में हैं और रिजल्ट पूरी तरह त्रुटिरहित जारी किया जाएगा। इस बार करीब 16 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं, ऐसे में समय पर परिणाम घोषित कर छात्रों को आगे की पढ़ाई में कोई देरी न हो, यह विभाग की प्राथमिकता है।
16 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए
इस वर्ष प्रदेश में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में करीब 16 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए हैं। इनमें लगभग 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी 10वीं और करीब 7 लाख छात्र 12वीं की परीक्षा में बैठे। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए परीक्षा संचालन के लिए प्रदेशभर में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
पूरे प्रदेश से बने 100 नकल प्रकरण
परीक्षा को नकलमुक्त बनाने के लिए इस बार विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। फ्लाइंग स्क्वॉड, सीसीटीवी निगरानी और प्रश्नपत्र वितरण की वीडियोग्राफी जैसी व्यवस्थाएं लागू की गईं। इसके बावजूद मुरैना में सबसे ज्यादा 41 नकल के प्रकरण सामने आए, जबकि भोपाल दूसरे स्थान पर रहा, जहां 20 मामले दर्ज किए गए। वहीं, पूरे प्रदेश से करीब 100 नकल प्रकरण बने थे।
ग्वालियर. कूनों नेशनल पार्क से निकला चीता केजीपी-1 लगभग 25 दिन बाद ग्वालियर जिले के घाटीगांव क्षेत्र के जंगलों में पहुंच गया है। इसकी पुष्टि होने के बाद ग्वालियर वन विभाग और कूनों की टीम सक्रिय हो गई है। चीते की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
शिवपुरी के रास्ते घाटीगांव के आरोन के जंगलों तक आ गया
यह चीता ग्वालियर वन मंडल में करीब तीन महीने तक रहा था। 1 मार्च के आसपास यह ग्वालियर की सीमा से निकलकर 5 मार्च को कूनो क्षेत्र में पहुंचा था। कूनो के जंगलों में लगभग आठ दिन बिताने के बाद यह 13 मार्च के आसपास फिर बाहर निकला और लगातार मूवमेंट करते हुए अब शिवपुरी के रास्ते घाटीगांव के आरोन के जंगलों तक आ गया है।
रेडियो कॉलर की मदद से कूनो की टीम उसकी लोकेशन ट्रेस कर रही
चीते के गले में रेडियो कॉलर लगा हुआ है, जिसकी मदद से कूनो की टीम उसकी लोकेशन ट्रेस कर रही है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार टीम के पास एक विशेष एंटीना है जिससे चीते की हर गतिविधि और मूवमेंट पर नजर रखी जाती है। वर्तमान में यह चीता आरोन के जंगलों में मूवमेंट कर रहा है।
ग्वालियर वन विभाग के 4 कर्मचारियों सहित 8 सदस्यों की टीम तैनात
घाटीगांव के आरोन क्षेत्र में चीते के पहुंचने के बाद वन विभाग की टीम तुरंत सक्रिय हो गई है। ग्वालियर वन विभाग के चार और कूनो के चार कर्मचारियों सहित आठ सदस्यों की एक टीम को निगरानी के लिए तैनात किया गया है। ये कर्मचारी चीते की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहे हैं। इसके साथ ही, जंगलों के आसपास रहने वाले लोगों को भी सतर्क कर दिया गया है ताकि किसी भी घटना को रोका जा सके।

भोपाल. विधानसभा सचिवालय ने दतिया से कांग्रेस विधायक राजेन्द्र भारती की सदस्यता समाप्त करने के आदेश जारी कद दिये है। गुरूवार-शुक्रवार की दरमियानी रात को लगभग 10.30 बजे प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा विधानसभा पहुंचे थे। इसके बाद सचिवालय खोलकर भारती की सीट रिक्त घोषित करने का पत्र चुनाव आयोग को भेजने की प्रक्रिया शुरू की गयी।+

इधर, घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व विधायक पीसी शर्मा भी रात में ही विधानसभा सचिवालय पहुंच गये थे। दोनों नेता सीधे प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा के कक्ष में पहुंचे और पूछा कि इतनी रात में विधानसभा क्यों खोला गया। अरविंदशर्मा के बिना जवाब दिये वहां से निकलने के बाद पटवारी ने आरोप लगाया है कि राजेन्द्रे भारती की सदस्यता समाप्त करने के लिये यह कदम भाजपा के इशारे पर उठाया गया है। यह नियमों के विरूद्ध है।
कांग्रेस विधायक राजेन्द्र भारती को सजा के बाद रात में विधानसभा पहुंचे जीतू पटवारी और पीसी शर्मा ने कहा है कि हम लोगों के आने बाद विधानसभा के पीएस चले गये और इनका कहना है कि रात में 10.30 बजे विधानसभा सचिवालय खोलकर राजेन्द्र भारती के मामले में आदेश जारी करने की तैयारी हो रही थी। जबकि भारती को कोर्ट से अपील करने के लिये 60 दिन का समय मिला हुआ है।
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा है कि विधायक राजेन्द्र भारती की सदस्यता खत्म करने के लिये तैयारी की जा रही है। इस वजह प्रमुख सचिव आये थे। लेकिन कांग्रेस ऐसा नहीं होने देगी। हम लोगों के आने के बाद प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा चले गये हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि वैसे तो विधानसभा पूरे समय यचलती नहीं है। फिर रात में दफ्तार खोलने की वजह और क्या हो सकती है।
दिल्ली से लौटे थे पीएस, सदस्यता पर निर्णय ले सकते हैं स्पीकर
विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविन्द शर्मा गुरुवार को दिन में दिल्ली में थे और लोकसभा की एक बैठक में शामिल हुए थे। इसके बाद वे शाम को भोपाल आए हैं। दूसरी ओर गुरुवार को रात में सामने आए घटनाक्रम के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता के मामले में निर्णय ले सकते हैं।