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जबलपुर के बरगी डैम 40 लोगों के साथ आंधी पलटा क्रूज, 6 शव 15 से अधिक गायब, 18 को बचाया जा सका

जबलपुर. एमपी के जबलपुर में नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में गुरूवार की शाम पर्यटकों से भरा क्रूज पलट गया। पुलिस के अनुसार, 6 शव बरामद किये गये है। 18 को सुरक्षित बचा लिया गयाहै। 15 से अधिक अब भी लापता है। बरगी सिटी एसपी अंजुल मिश्रा ने बताया है कि गया है। एमपी टूरिज्म के क्रूज में 40-45 लोग सवार थे। अचानक आंधी की वजह से यह हादसा हुआ हे। हादसे की खतर मिलते ही एसडीआरएफ की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन के लिये पहुंची। अंधेरा होने के कारण से रेस्क्यू ऑपरेशन में परेशानी आ रही है। हालांकि बड़ी टॉर्च का उपयोग करके लोगों की तलाश की जा रही है।

बरगी डैम में क्रूज डूबने के बाद बचाव के लिए नाव पहुंची। कैप्टन को बचाया गया।
बरगी डैम में क्रूज डूबने के बाद बचाव के लिए नाव पहुंची। कैप्टन को बचाया गया।
एसडीआरएफ की टीम भी रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए पहुंच गई। रेस्क्यू जारी है।
एसडीआरएफ की टीम भी रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए पहुंच गई। रेस्क्यू जारी है।
इस हादसे में क्रूज पर सवार 18 लोग तैरकर बाहर आ गए हैं।
इस हादसे में क्रूज पर सवार 18 लोग तैरकर बाहर आ गए हैं।
रेस्क्यू टीम ने डैम से दो महिलाओं के शव निकाले। बाकी लोगों की तलाश जारी है।
रेस्क्यू टीम ने डैम से दो महिलाओं के शव निकाले। बाकी लोगों की तलाश जारी है।

पर्यटन विभाग के ऑफिसर बोले कि 20 वर्ष पुराना है क्रूज
पर्यटन विभाग के अधिकारी योगेन्द्र रिछारिया ने बताया है कि बरगी डैम में एक क्रूज संचालित किया जा रहा है। इसका निर्माण 2006 में किया गया था। इसकी क्षमता 60 यात्रियों की है। वहीं, दूसरा क्रूज खराब है।
लाइफ जैकेट पहनने का मौका ही नहीं मिला-पायलट
क्रूज पायलट महेश ने बताया है कि वह पिछले 10 साल से कू्रज चला रहा है। पूरी तरह से प्रशिक्षित व लायसेंसधरी है। उनके अनुसार क्रूज में सभी सुरक्षा की व्यवस्था है। पर्यान्प्त लाइफ जैकेट मौजूद थे। लेकिन तूफान इतनी तेजी से आया कि यात्रियों का लाइफ जैकेट पहनने का मौका नहीं मिल पाया।
मौसम विभाग के येलो अलर्ट के बावजूद क्रूज संचालन जारी
बता दें, हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए और राहत कार्य तेज कर दिया गया. घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक आए तूफान की वजह से क्रूज चालक को संभलने का मौका नहीं मिला, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि मौसम अलर्ट के बावजूद क्रूज संचालन क्यों जारी रखा गया.मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी इस हादसे पर सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी है और प्रशासन को तत्काल रेस्क्यू तेज करने के निर्देश दिए हैं. सरकार ने कहा है कि लापता लोगों को जल्द से जल्द खोजने के प्रयास जारी हैं और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी.

 

 

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जनगणना-2027-ग्वालियर में भी 01 मई से शुरू होगी प्रथम चरण की जनगणना 

34 बिंदुओं में ऑनलाइन भरी जायेगी जानकारी 
ग्वालियर – विश्व के सबसे बड़े प्रशासनिक कार्यों में शामिल भारत की जनगणना की तैयारियां ग्वालियर जिले में भी पूर्ण हो गई हैं। ग्वालियर जिले में भी जनगणना कार्य निदेशालय द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत 01 मई से प्रथम चरण की जनगणना का काम शुरू होगा। प्रथम चरण में 01 से 30 मई तक मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य किया जायेगा। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी रुचिका चौहान ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर जनगणना के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पहली बार डिजिटल रूप से जनगणना होने जा रही है। इसलिये जनगणना के लिये तैनात किए गए प्रगणकों की सभी संख्याओं का समाधान करें, जिससे वे सही-सही जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर भर सकें। उन्होंने कहा एचएलबीसी पोर्टल पर किसी भी प्रकार की ओवरलेपिंग नहीं होना चाहिए तथा सभी प्रविष्टियां पूर्ण एवं सटीक भरी जाएं। एचएलबीसी पोर्टल पर दर्शायी गई सीमाओं में विसंगति होने पर वास्तविक भौगोलिक सीमाओं के आधार पर एचएलबी (हाउसलिस्टिंग ब्लॉक) का निर्धारण किया जाए।
जनगणना के प्रथम चरण में 34 बिंदुओं की जानकारी संकलित होगी 
जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का काम किया जायेगा। जिसमें 34 बिंदुओं में जानकारी संकलित होगी। इसमें भवन व मकान नम्बर सहित मकान की स्थिति, परिवार क्रमांक, परिवार के मुखिया का नाम, लिंग, मकान किराए का है अथवा स्वयं का, कमरों की संख्या, परिवार के विवाहित दम्पत्तियों की संख्या, पेयजल के मुख्य स्त्रोत, पेयजल स्त्रोतों की उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्त्रोत, शौचालय की सुगमता, शौचालय का प्रकार, गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था, परिसर के अंदर स्नान की सुविधा, रसोई घर व एलपीजी-पीएनजी कनेक्शन, खाना पकाने के लिये प्रयुक्त मुख्य ईंधन, रेडियो/ट्रांजिस्टर व टेलीविजन की उपलब्धता, इंटरनेट सुविधा, लेपटॉप/कम्प्यूटर की उपलब्धता, टेलीफोन, मोबाइल फोन व स्मार्ट फोन इत्यादि की उपलब्धता, साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल, मोपेड, कार, जीप व वैन, परिवार द्वारा उपयोग में लाए जाने वाले अनाज, मसलन चावल, गेहूं, ज्वार, बाजरा, मक्का व अन्य खाद्यान्न एवं मोबाइल फोन इत्यादि जानकारी शामिल है।
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CM हैल्पलाइन की शिकायतें अटेण्ड न करने वाले 14 अधिकारियों को नोटिस 

ग्वालियर – सीएम हैल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज शिकायतें अटेंड न करना 14 अधिकारियों को भारी पड़ने जा रहा है, कलेक्टर रुचिका चौहान ने इन सभी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इनमें 13 अधिकारी एल-1 स्तर के व एक अधिकारी एल-2 स्तर का शामिल है। नोटिस का जबाव सभी को कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।
कलेक्टर ने जिन अधिकारियों को सीएम हैल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का निराकरण न करने के कारण जिन एल-1 स्तर के अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं, उनमें विद्युत वितरण कंपनी के उप प्रबंधक उटीला प्रिंस कुमार वैश्य, सहायक यंत्री सुनील कुमार गुप्ता, प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी मुरार रविन्द्रसिंह कुशवाह, सहायक आपूर्ति अधिकारी सौरभ जैन, सहायक संपत्ति अधिकारी ग्रामीण शैलेन्द्र चौहान, सहायक संपत्ति अधिकारी जोन-17 देवेन्द्र बुधौलिया, प्रभारी नायब तहसीलदार सांखनी शिवदयाल शर्मा, सहायक प्राध्यापक राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय डॉ. श्याम सस्तोगी, सहायक आयुक्त वाणिज्यकर अभिषेक खरे, रीजनल मैनेजर कोटक महिन्द्रा बैंक आफाक मंसूरी, रीजनल मैनेजर देवेन्द्र पाल सिंह, रीजनल मैनेजर इंडियन ओवरसीज बैंक शंकरानंद झा व भवन निरीक्षक बृजेश राजपूत शामिल हैं। इसी तरह एल-2 स्तर के अधिकारी कार्यपालन यंत्री पेयजल नगर निगम संजीव गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
भविष्य में सीएम हैल्पलाइन से संबंधित शिकायतों के निराकरण में पूरी सतर्कता बरतें व उत्तरदायित्व का निर्वहन करें। साथ ही शासन के द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का अक्षरश: पालन करते हुए निराकरण सुनिश्चित करें।
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असम में NDA को 102 सीटें मिलने का अनुमान, चाणक्य का एग्जिट पोल

नई दिल्ली. 5 राज्यों में पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव 2026 की वोटिंग प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अलग-अलग चरणों में हुए मतदान में करोड़ो मतदाताओं ने हिस्सा लिया और अब सभी की नजरें एग्जिट पोल पर टिकी हुई है। चुनाव प्रक्रिया खत्म होने के बाद आज शाम इन सभी राज्यों के एग्जिट पोल के परिणाम सामने आने शुरू होंगे।
यह एग्जिट पोल आधिकारिक चुनाव परिणामों से पहले एक शुरूआती तस्वीर पेश करते हैं। जिससे यह अन्दाजा लगाया जा सकता है कि किस राज्य में किस पार्टी को बढ़त मिल रही है। इन चुनावों में पश्चिम बंगाल में 2 चरणों में मतदान हुआ है। जबकि तमिलनाडु, असम, पुडेचेरी और असम में भी अलग-अलग तारीखपों परद मतदान कराया गया हैं। 29 अप्रैल को कुछ प्रमुख एजेंसियों जैसे एक्सिस एम इंडिया, मैटराइज और पीपुल्स पल्स ने शुरूआती अनुमान जारी किये थे। जिनमें तमाम राज्यों के रूझान सामने आये थे। आज टूडे चाणक्य अपने एग्जिट पोल जारी कर रहा है। हालांकि यह ध्यान रखना आवश्यक है। एग्जिट पोल सिर्फ अनुमान होते हैं। कई बार यह वास्तविक परिणामों से अलग भी हो सकते है। 5 राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किये जायेंगे। जिसके बाद बाद ही साफ हो पायेगा कि किस राज्य में किसकी सरकार बनेगी।
पश्चिम बंगाल में ज़्यादातर चुनावी जानकारों के बीजेपी को बढ़त मिलने का अनुमान लगाने के बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि तृणमूल कांग्रेस लगातार तीसरी बार और भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी। सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए एक वीडियो के ज़रिए । तृणमूल प्रमुख ने कहा, “मैं आपको भरोसा दिलाती हूं, तृणमूल कांग्रेस सत्ता में वापसी करेगी। हम 2026 में 226 का आंकड़ा पार करेंगे। ” उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी जानकारों ने भारतीय जनता पार्टी के दबाव में आकर अपने आंकड़े जारी किए हैं।

 

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गंगा एक्सप्रेसवे के साथ साथ यूपी में आ रहे 10 नये सुपर हाईवे, नोएडा, चित्रकूट और विंन्धय जुड़ेंगे

नई दिल्ली. पीएम नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को 594 किमी लम्बे गंगा एक्सप्रेस वे का शुभारंभ किया है। हरदोई में हुए इस लोकार्पण कार्यक्रम मके बाद राज्य में संचालित एक्सप्रेस वे परियोजनाओं की कुल लम्बाई 1910 किमी हो गयी है। यह एक्सप्रेस वे मेरठ का प्रयागराज से जोड़ता है। जिससे दिल्ली -एनसीआर और यूपी के विभिन्न जिलों जैसे हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, बंदायू, प्रयागराज और संभल के बीच पहुंच काफी आसान हो गयी है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस एक्सप्रेस वे के बीच कहा था कि आधुनिक प्रगति के इस दौर में उनके नजदीक से गुजरता यह एक्सप्रेस वे उत्तरप्रदेश के विकास की नई लाइफलाइन बनेगा। अब कुछ ही घंटों में आप प्रयागराज के संगम पहुंच सकते है। काशी के बाबा विश्वनाथ के दर्शन करके वापिस लौट सकते है। इसी के साथ उन्होंने यूपी में आगे की आने वाली एक्सप्रेस वे परियोजनाओं की भी जानकारी दे दी। पीएम मोदी ने भविष्य के रोडमैप का उल्लेख करते हुए कहा है कि देश के सबसे बड़े एक्सप्रेस वे में शुमार, यूपी का सबसे लम्बा एक्सप्रेस वे 5 साल के अन्दर बनकर तैयार हो गया है। उन्होंने कहा है कि एक ओर गंगा एक्सप्रेस वे का निर्माण पूरा हा गया है। इसके विस्तार पर भी काम चल रहा है। यह मेरठ से आगे बढ़कर हरिद्वार तक पहुंचेगा। इसके और बेहतर उपयोग के लिये फर्रूखाबाद लिंक एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य करके इसे अन्य एक्सप्रेस वे से भी जोड़ा जायेगा।

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जेसी मिल्स विवाद पर हाईकोर्ट का रूख सख्त, 13 मई को ग्वालियर हाईकोर्ट में बहस तय

ग्वालियर. बहुचर्चित जेसी मिल्स लिमिटेड विवाद में अब समाधान का अनुमान तेज हो गया है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने साफ संकेत दिये हैं कि इस लम्बे समय से पेडिंग मामले को अब और टाला नहीं जायेगा। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने बुधवार को सुनवाई के दौरान स्पष्ट कहा है कि अब इस मामले में किसी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जायेगी। हाईकोर्ट ने 13 मई को अंतिम बहस की तारीख तय करते हुए निर्देश दिया है कि मुख्य याचिका के साथ सभी लंबित अंतरिम आवेदनों पर भी उसी दिन संयुक्त रूप से सुनवाई की जायेगी।
सुनवाई के बीच अधिवक्ताओं ने आपसी सहमति से तारीख आगे बढ़ाने का आग्रह किया। लेकिन हाईकोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए सख्त रूख अपनाया और स्पष्ट कर दिया है कि अब मामला टलने नहीं दिया जायेगा। इस दौरान मजदूर कांग्रेस ने एक नया आवेदन पेशकर पूर्व में गठित कमेटी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाये हैं। आवेदन में आरोप लगाये गये है। कमेटी ने श्रमिकों के दावों का सही मूल्यांकन नहीं किया और कई बाकी मामलों को अनदेखा कर दिया। फिलहाल लगभग 7,844 श्रमिकों के दावे लंबित बताये गये है।
दूसरी ओर, आधिकारिक परिसमापक ने इस आपत्ति का विरोध करते हुए कहा कि जब रिटायर्ड जिला जज एसएस त्रिवेदी की अध्यक्षता वाली कमेटी काम कर ही थी ।तब किसी ने कोई आपत्ति नहीं जताई। फायनल स्टेज में इस तरह के मुद्दे उठाना केवल प्रक्रिया को लम्बा करने का प्रयास है।
1997 से लंबित है यह मामला
साल 1997 से लंबित यह विवाद ग्वालियर के औद्योगिक इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इस मामले के चलते हजारों मजदूर परिवारों की कई पीढ़ियां आर्थिक संकट झेल चुकी हैं। ऐसे में हाईकोर्ट का सख्त रुख इस बात का संकेत है कि अब इस लंबे विवाद को जल्द ही अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचाया जा सकता है।

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न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर आउटसोर्स, अस्थाई और ठेका श्रमिक 6 जुलाई को हाईकोर्ट के सामने करेंगे प्रदर्शन

भोपाल. मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आउटसोर्स कर्मचारी, अस्थाई और ठेका श्रमिक आन्दोलन कर रहे है। कर्मचारियों ने नीलम पार्क इलाके में रैली निकाली और पार्क में धरना पर बैठक गये है। वह नारेबाजी के साथ न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे है। इन कर्मचारियों ने सांकेतिक सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी दी है। प्रदर्शन के दौरान अस्थाई, आउटसोर्स कर्मचारी मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने कहा है कि अगर हमारी मांगें पूरी नहीं हुई तो आने वपाले 6 जुलाई हाईकोर्ट के सामने जंगी प्रदर्शन करेंगे और हाईकोर्ट स मांग करेंगे कि उन्होने जा कानून लाया था वह न्यूनतम वेतन या आउटसोर्स और राजस्व विभाग के कर्मचारियों पर लागू किया जाये।

तस्वीरों में  कर्मचारियों का प्रदर्शन

रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन करते कर्मचारी।
रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन करते कर्मचारी।
कार्यक्रम स्थल पर धरना देते हुए कर्मचारी।
कार्यक्रम स्थल पर धरना देते हुए कर्मचारी।
धरने पर बैठीं महिला कर्मचारी।
धरने पर बैठीं महिला कर्मचारी।

मोहन सरकार ने न्यूनतम मजदूरी 12,475 से 16.769 हजार प्रति माह घोषित की है। कर्मचारी इससे खुश नहीं है। उनका कहना है कि कम से कम 26 हजार रूपये न्यूनतम वेतन मिलना चाहिये। उनका आरोप है कि केन्द्र सरकार के तय मानकों के विपरीत प्रदेश में कई विभागों में 3-5 हजार रूपये प्रतिमाह पर काम कराया जा रहा है। जिससे असंतोष बढ़ता जा रहा है।
राज्य सरकार हमें नियमित करें
नर्मदापुरम से आये अमितकुमार ने बताया है कि हम लम्बे समय से काम कर रहे है। सरकार हमें नियमित करें। उन्होंने कहा है कि अगले विधानसभा सत्र में हमारी मांगें विधायक उठायें, हमें न्याय दिलायें। हम राजस्व विभाग में हैं। इसलिये हमसे तहसीलदार, सरपंच, सचिव, पटवारी भी हमसे काम करवाते हैं। उनका सीधा कहना है कि हम राजस्व विभाग में है। हमको काम करना पड़ेगा, उनका पैसा हमें नहीं दिया जाता है। एक खसरा का पंजीयन कराने हमें सिर्फ 8 रूपये मिलते है। हम पूरे साल में केवाईसी, पंजीयन समेत राजस्व विभाग के अंतर्गत आने वाले काम करते हैं। हमने बीएलओ का भी काम किया है। फार्मर आईडी बनवाने में भी काम किया है। लेकिन हमें उकस कोई भी मानदेय नहीं दिया गया। अगर हम काम नहीं करते हैं तो हमें धमकी दी जाती है। काम नहीं करना है तो निकल जाओ छोड़ दो काम।
राज्य सरकार से गारंटी और स्थाई समाधन की मांग
आउटसोर्स, अस्थाई कर्मचारी मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने बताया है कि कर्मचारियों ने अभी तक 50 हजार से ज्यादा आवेदन देकर अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाई है। लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। उन्होंने कहा है कि यह कर्मचारी सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं को जमीन पर लागू करते हैं लेकिन स्वयं ही न्यूनतम वेतन और स्थाई नौकरी से वंचित है। कर्मचारियों ने सरकार से न्यूनतम वेतन की गारंटी देने, इसे बढ़ाकर 26 हजार रूपये प्रतिमाह करने और आउटसोर्स व्यवस्था की समीक्षा कर स्थाई रोजगार देने की मांग की है।
कई विभागों में बेहद कम वेतन का आरोप
कर्मचारियों का कहना है कि विभिन्न विभागों में कार्यरत श्रमिकों को न्यूनतम वेतन से भी कम भुगतान किया जा रहा है। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों, पावर प्लांट और सीमेंट उद्योगों में भी ठेका श्रमिकों को पूरी न्यूनतम मजदूरी नहीं मिलने का आरोप लगाया गया है।
स्कूलों, छात्रावासों और आयुष विभाग के अंशकालीन कर्मचारियों को 4-5 हजार रुपए
ग्राम पंचायतों के चौकीदार, पंप ऑपरेटर और सफाईकर्मियों को 3-4 हजार रुपए
स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों को 7-8 हजार रुपए
राजस्व विभाग के लोक यूथ सर्वेयरों को करीब 1 हजार रुपए
मध्यान्ह भोजन कार्यकर्ताओं को लगभग 4 हजार रुपए
मनरेगा मेट श्रमिकों को 2 हजार रुपए से भी कम भुगतान

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MP में फिर खुलेंगे परिवहन चेक पोस्ट

ग्वालियर. मध्यप्रदेश में परिवहन व्यवस्था को लेकर बडा बदलाव देखने को मिल सकता है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश में बंद परिवहन चेक पोस्टों को दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस आदेश का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। जहां चेक पोस्टों के स्थान पर संचालित चेक प्वाइंट धीरे-धीरे निश्क्रिय होते नजर आ रहे है। सरकार को कोर्ट के निर्देशों का पालन करने के लिए 30 दिनों का समय दिया गया है जिसके चलते परिवहन विभाग नई रणनीति और मानक प्रक्रिया SOP  तैयार करने में जुट गया है।
चेक पोस्ट बंद होने से हादसों को खतरा बढा
हाईकोर्ट ने परिवहन चेक पोस्ट बंद करने के निर्णय पर कडी टिप्पणी करते हुए इसे चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की थी। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि चेकपोस्ट बंद होने से ओवरलोडिंग और नियम उल्लंघन के मामलों में वृद्धि हुई है जिससे सडक हादसों का खतरा बढ गया है। हाईकोर्ट ने शासन के पक्ष को संतोषजनक नहीं माना और स्पष्ट निर्देश दिए कि चेक पोस्टों को पुनः शुरू किया जाए साथ ही यह भी कहा गया कि आदेश का पालन नहीं होने पर अवमानना की कार्रवाई हो सकती है।
नई एसओपी में तकनीकी निगरानी और स्पष्ट दिशा-निर्देश
परिवहन विभाग अब पारदर्शी और प्रभावी SOP  तैयार करने में जुटा है। पहले चेक पोस्ट संचालन के दौरान भ्रष्टाचार और वसूली के आरोप लगे थे, जिससे विभाग की छवि प्रभावित हुई थी। इसी कारण इस बार नई व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नई SOP  में तकनीकी निगरानी और स्पष्ट दिशा-निर्देश शामिल किए जाएंगे।
विभागीय स्तर पर तैयारियां शुरू
फिलहाल सरकार विधि विशेषज्ञों से परामर्श ले रही है, ताकि हाईकोर्ट के आदेश का सही तरीके से पालन किया जा सके। हालांकि आधिकारिक निर्देश अभी जारी नहीं हुए हैं, लेकिन विभागीय स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। आगामी 30 दिनों में उच्च स्तरीय बैठकों के जरिए पूरी रूपरेखा तय की जाएगी। कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जिसमें चेक पोस्टों की वापसी और नई पारदर्शी प्रणाली लागू करने पर जोर रहेगा।

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BJP नेताओं को मिलेगी नई जिम्मेदारी, 31 विभागों में एडजस्ट करेंगे

भोपाल. मध्य प्रदेश में सत्ता और संगठन के बीच समन्वय को मजबूत करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने जिलास्तर पर कार्यकर्ता एडजस्टमेंट का महाभियान शुरू किया है। 55 जिलों में सरकारी समितियों और बोर्डों के जरिए स्थानीय स्तर के प्रमुख कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा रही है। सरकार और संगठन का मुख्य फोकस इस बात पर है कि पंचायत स्तर से लेकर जिलास्तर तक सक्रिय कार्यकर्ताओं को सरकारी कामकाज में भागीदार बनाया जाए।

MP में पिछले एक हफ्ते निगम-मंडलों में नियुक्तियों सिलसिला जारी है। - Dainik Bhaskar
जिलों में कोर ग्रुप की बैठकें हो रही
मंत्रियों को उनके प्रभार वाले जिलों में नियुक्तियों की कमान सौंपी गई है। जिलों में कोर ग्रुप की बैठकें हो रही है जहां नामों को छांटने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस कवायद के तहत 31 विभागों की लगभग 70 से अधिक तरह की समितियों में हजारों कार्यकर्ताओं की नियुक्तियां होनी है।
मुख्यमंत्री कार्यालय से इसकी निगरानी हो रही
एक तरफ जहां बीजेपी के जिलास्तीय कोर ग्रुप के जरिए कार्यकर्ताओं के नाम निकाले जा रहे है। वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री कार्यालय से इसकी निगरानी हो रही है। तीन महीने पहले 27 जनवरी को मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से प्रभाी मंत्रियों और जिला कलेक्टरों को इस संबंध में आदेश जारी किया गया था।

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चलती कार में लगी आग में 5 लोग जिंदा जले, वैष्णो देवी से लौट रहा था परिवार


अलवर. राजस्थान के अलवर में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बुधवार-गुरूवार की दरमियानी रात दिल दहला देने वाली घटना घटी। यहां लक्ष्मणगढ़ थाना इलाके में मौजपुर के पास चलती कार में अचानक आग लग गयी। देखते-देखते कार आग का गोला बन गयी। उसमें सवार एक परिवार के 5 लोगों की जिन्दा जलकर मौत हो गयी। मृतकों में 3 महिलायें एक पुरूष और एक बच्ची शामिल है। सभी मध्यप्रदेश के श्योपुर के निवासी थे और वह वैष्णो देवी के दर्शन कर अपने घर वापिस लौट रहे थे। लक्ष्मणगढ़ थाना प्रभारी नेकी राम ने बताया है कि रात का लगभग 11 बजे की घटना है। हादसे का शिकार हुआ परिवार इस कार को किराये पर लेकर आया था। यह लोग श्योपुर के चैनपुर के निवासी है। सीएनजी और पेट्रोल से चलने वाली कार से गैस रिसाव की वजह आग लगी। आग इतनी भयानक थी कि किसी को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। इस घटना में 3 महिलायें, 1 पुरूष और 1 बच्ची जिन्दा जलकार राख हो गयी। उनके कंकाल भी नहीं बचे हैं। चालक करीब 80 प्रतिशत जल गया है उसे जयपुर के लिये रेफर कर दिया है।
थाना प्रभारी ने कहा है कि सीएनजी में इतना अधिक हीट होती है कि वह हड्डी भी गला देती है। शवों के बस बहुत कम कंकाल दिखाई दे रहे है। घटनास्थल पर ही मेडीकल टीम को बुलाया गया है। जिससे डीएनए कर उनकी पहचान की जायेगी। परिवार के लोगों को इस हादसे की खबर कर दी गयी है। रात को 2 फायर ब्रिगेड घटनास्थल पर बुलाई गयी थी। जिसे आग पर काबू पाया गया। इस बीच चालक को छोड़कर सभी लोग आग में जल गये। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है। घटनास्थल पर एफएसएल टीम का बुलाया गया है।