जिला मॉनीटरिंग सेल की बैठक आयोजित
ग्वालियर 31 जुलाई – जिला मॉनीटरिंग सेल की बैठक शुक्रवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ललित किशोर की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हुए।
ग्वालियर 31 जुलाई – जिला मॉनीटरिंग सेल की बैठक शुक्रवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ललित किशोर की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हुए।
कुलगाम. जम्मू कश्मीर के दक्षिण कश्मीर स्थित कुलगाम जिले के केल्लाम इलाके में शुक्रवार की शाम 31 जुलाई को आतंकियों ने 2 गैर कश्मीरी मजदूरों पर फायरिंग कर दी। इस अटैक में एक मजदूर की मौत हो गयी। जबकि दूसरा गंभीर रूप घायल हो गया। अधिकारियों के मुताबिक आतंकियों ने केल्लाम इलाके में 2 गैर स्थानीय लोगों को निशाना बनाया गया है। फायरिंग के तत्काल बाद दोनों घायलों को उपचार के लिये पास के ही अस्पताल में ले जाया गया।
इस हमले में छत्तीसगढ़ निवासी दीपक की मौत हो गयी। जबकि भोपिंन्दर गंभीर रूप से घायल हो गये। उनको बेहतर उपचार के लिये सरकारी मेडीकल कॉलेज (जीएमसी) अनंतनाग रेफर किया गया है। जहां उनका उपचार जारी है। जानकारी के अनुसार, यह हमला रात लगभग 8.30 बजे हुआ। इस बीच 3-4 राउंड फायरिंग की आवाजें सुनी गयी है। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। हमलावर आतंकियों की तलाश के लिये सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

ग्वालियर. ससुराल वालों ने पत्नी को साथ भेजने से इंकार कर दिया तो एक शख्स कट्टा लेकर मकान की छत पर चढ़ गया। स्वयं का और ससुराल वालों का गोली मारने की धमकी देने लगा है। उसे उतारने के लिये 3 थानों की पुलिस को बुलाना पड़ा। लगभग 1.30 बजे घंटे की मशक्कत के बाद एक टीआई ने उसे बहला-फुसलाकर मनाया और नीचे उतरा।
घटना ग्वालियर के तिघरा थाना इलाके की सौजना गांव की है। बहोड़ापुरा थाना टीआई आलोक परिहार ने मुरैना जिले के जौरा निवासी जोगेन्द्रसिंह गुर्जर की ससुराल सौजना गांव में है। उसकी पत्नी कुछ समय से नाराज होकर मायके में रह रही थी। गुरूवार की शाम जोगेन्द्र सिंह पत्नी को वापिस ले जाने के लिये ससुराल पहुंचा। लेकिन वह नशे में था। उसकी हालत देखकर साले मृदुल ने बहन को साथ भेजने से इंकार कर दिया था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गयी थी।
टीआई ने सूझबूझ से छीना लोडेड कट्टा
बहोड़ापुर थाना प्रभारी आलोक परिहार ने बताया कि आरोपी अपनी बेइज्जती का बदला ससुराल वालों से लेने की बात कहकर छत पर चढ़ गया था। शुरुआत में वह कट्टा नहीं दिखा रहा था। करीब 10-15 मिनट तक बातचीत के बाद उसका विश्वास जीता। इसी दौरान उसने कट्टा उन्हें थमा दिया। टीआई ने बताया कि कट्टा पूरी तरह लोडेड था। चेंबर में कारतूस फंसा हुआ था। जैसे ही आरोपी ने बीड़ी जलाने के लिए ध्यान हटाया, उन्होंने तुरंत कट्टा अनलोड कर कारतूस निकाल लिया और नीचे फेंक दिया। इसके बाद आरोपी का विश्वास बनाए रखने के लिए खाली कट्टा वापस थमा दिया। उसे सुरक्षित नीचे लेकर आए। बाद में आरोपी को तिघरा थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया।
ग्वालियर. लगातार जलस्तर गिरने पर तिघरा बांध का जलस्तर नीचे आ रहा है। ग्वालियर में जल संकट गहराने लगा है। तिघरा डेम में अब केवल 12.30 बजे मिलियन क्यूबिक फीट (एमसीएफटी) पानी शेष हैं जो मुद्दा खपत के मुताबिक लगभग 48 दिन यानी करीब 2 अक्टूबर तक ही शहर की जरूरत पूरी कर सकेगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगरनिगम ने शहर में एक दिन छोड़कर पेयजल आपूर्ति करने का फैसला लिया है।
प्रतिदिन 4 एमसीएफटी पानी की बचत होगी
नगर निगम के ऑफिसर के अनुसार अब एक प्रतिदिन लगभग 12.30 एमसीएफटी पानी तिघरा बांध से लिया जा रहा था। नयी व्यवस्था लागू होने के बाद यह खपत घटकर लगभग 8.50 एमसीएफटी रह जायेगी। इससे हर रोज करीब 4 एमसीएफटी पानी की बचत होगी। जिससे उपलब्ध पानी को ज्यादा दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकेगा।
जुलाई में फैसला से 20 दिन का बच सकता था
निगम अधिकारियों ने बताया है कि यदि जुलाई के पहले सप्ताह में ही एक दिन छोड़कर जलापूर्ति की व्यवस्था लागू कर दी जाती है शहर के लिये लगभग 20 दिन का अतिरिक्त पानी बचाया जा सकता था। हालांकि उस वक्त अच्छी बारिश का अनुमान में यह निर्णय टाल दिया गया था। अब मानसून कमजोर पड़ने और बांध में पर्याप्त पानी की आवक नहीं होने की वजह से कदम उठाना पड़ा है।
ग्वालियर. एक हजार बिस्तर के अस्पताल न्यू जेएएच में गुरूवार की शाम 4 बजे डॉक्टर का पोर्च में बाइक रखने पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों से विवाद हो गया इससे नाराज रेजिडेंट डॉक्टरों ने सुरक्षा कर्मी को घेर कर बुरी तरह पीट दिया था इसके विरोध में भारी तादाद में एकत्रित होकर सुरक्षा ने मुख्य द्वारा पर एकत्रित विरोध प्रदर्शन करते हुए संबंिधत डॉक्टरों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है।
पुलिस के अनुसार कंपू थाना पुलिस ने 4 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ धारा 115(2) 296बी, 351 (3), 118(2) 3(5) बीएनएस आमखो निवासी योगेन्द्रसिंह भदौरिया 44 फरियादी एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने अज्ञात 4 व्यक्तियों के खिलाफ तालशी अभियान चलाकर उक्त आरोपियों की तलाश में जुटी है।
क्या है मामला
जूनियर डॉक्टर ने गाड़ी पोर्च में खड़ी कर दी थी। सुरक्षा कर्मियों ने अस्पताल के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि यहां किसी का वाहन खड़ा नहीं होगा। जब उन्होंने जूनियर डॉक्टर से गाड़ी हटाने को कहा तो जूनियर डॉक्टर ने गुस्से में सुरक्षा कर्मी से धक्का-मुक्की शुरू कर दी। आरोप है कि गाड़ी में रखा डंडा निकालकर सुरक्षा कर्मी के सिर पर वार कर दिया। हमले में सुरक्षा कर्मी के सिर पर गंभीर चोट आई, जबकि पीठ पर भी डंडे के निशान दिखाई दिए। घायल सुरक्षा कर्मी को तत्काल ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। न्यू जेएएच में लंबे समय से पोर्च पर गाड़ियां खड़ी किए जाने को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है। सुरक्षा कर्मियों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन के निर्देश हैं कि पोर्च में किसी भी व्यक्ति का वाहन खड़ा नहीं होना चाहिए। इसके बावजूद कुछ लोग नियमों का पालन नहीं करते। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि डॉक्टर ने गाड़ी दूसरी जगह लगाने के बजाय विवाद शुरू कर दिया और देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। मारपीट के दौरान घायल सुरक्षा कर्मी जमीन पर गिर पड़ा। बीच-बचाव करने पहुंचे अन्य सुरक्षा कर्मियों ने उसे संभाला और इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घायल सुरक्षा कर्मी का उपचार जारी है। सुरक्षा कर्मियों का कहना है कि जब वे मरीजों की सुरक्षा के लिए नियमों का पालन कराते हैं तो उनके साथ ही मारपीट की जाती है।
सख्त कार्रवाई की जाएगी
“अस्पताल परिसर में किसी भी प्रकार की हिंसा या मारपीट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
डॉ. आरएस धाकड़, डीन, जीआरएमसी
ग्वालियर- पुलिस महानिरीक्षक, ग्वालियर जोन अरविंद कुमार सक्सेना द्वारा पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर जोन कार्यालय के नवीन भवन का विधिवत उद्घाटन किया गया।इस अवसर पर पुलिस उप महानिरीक्षक, ग्वालियर रेंज असित यादव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर धर्मवीर सिंह, ASP सुमन गुर्जर, डॉ. शिवेश सिंह बघेल, (ग्रामीण) जयराज कुबेर सहित पुलिस विभाग के अधिकारीगण एवं पुलिस हाउसिंग बोर्ड के अधिकारी उपस्थित रहे।
नवीन कार्यालय भवन के उद्घाटन के साथ ग्वालियर जोन के प्रशासनिक कार्यों के संचालन को और अधिक सुव्यवस्थित एवं आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित वातावरण प्राप्त होगा। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने नवीन भवन का अवलोकन किया तथा इसके निर्माण में सहयोग देने वाले सभी संबंधित विभागों के प्रयासों की सराहना की।
कोलकाता. पश्चिम बंगाल की स्पंेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों से कथित संबंध रखने के शक में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार शख्स की पहचान हमीम मंडल के रूप में की गयी है। जो हावड़ा जिले निवासी है। उसे शुक्रवार की सुबह पूर्वी बर्दवान जिले के बर्दवान शहर स्थित एक निजी टाउनशिप से दबोचा गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार हमीम पिछले 4-5 दिनों दिनों से एजेंसियों की निगरानी में था। जबकि बर्दवान में रहने के दौरान महीनों से उस पर नजर रखी जा रही थी। उसके पास से मोबाइल फोन जब्त किया गया है। जिसमें पाकिस्तान के कुछ संपर्को से चर्चा के सबूत मिले है। पुलिस की निरागनी के दौरान हमीम को राज्य के कई इलाकों में आते-जाते देखा गया था। उसके फोन की जांच में कुछ संदिग्ध चीजें भी पायी गयी है। जांच एजेंसियों अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसका शहजाद भट्टी गैंग से भी कोई संबंध है या नहीं।
पुलिस को संदेह है कि हमीम बंगाल के बड़े राजनैतिक नेताओं की गतिविधियों पर नजर रखने के काम में भी शामिल हो सकता है। जिसमें राज्य के सीएम शुभेंदु अधिकारी शामिल है। फिलहाल पूरे मामले की गहराई से जांच जारी है। आने वाले दिनों में कई और अहम जानकारियां सामने आ सकती है। पुलिस इस बात का भी पता लगाने में जुटी है कि उसके तार और किन लोगों से जुडे है।
ग्वालियर. रसोई गैस एलपीजी का उपयोग करने वाले परिवारों के लिए बेहद काम की खबर है। यदि आपने अपने एलपीजी गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं कराई है, तो इसे तुरंत करवा लें। 10 अगस्त के बाद बिना ई-केवाईसी वाले कंज्यूमर को रियायती दर पर मिलने वाला घरेलू सिलेंडर बंद हो जाएगा। ऐसे उपभोक्ताओं को बाजार दर यानी कमर्शियल सिलेंडर की कीमत पर घरेलू सिलेंडर खरीदना पड़ेगा, जिससे 14.2 किलोग्राम का एक सिलेंडर लगभग 2400 तक का पड़ सकता है।
85 हजार का वेरिफिकेशन बकाया
शहर में इंडेन, भारत गैस और एचपीसीएल तीनों गैस कंपनियों के कुल मिलाकर लगभग 5.73 लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं। इनमें से करीब 85 हजार उपभोक्ताओं ने बार-बार सूचना दिए जाने के बाद भी अब तक ई-केवाईसी नहीं कराई है। वर्तमान में गैस एजेंसियां इन उपभोक्ताओं को सिलेंडर सप्लाई तो कर रही हैं, लेकिन यह डिलीवरी पूरी तरह से सशर्त है। डिलीवरी बॉय ग्राहकों को पर्ची देने के साथ स्पष्ट चेतावनी दे रहे हैं कि वे 10 अगस्त से पहले हर हाल में अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर लें।
10 अगस्त के बाद सॉफ्टवेयर अपने आप ब्लॉक करेगा रियायती दरें
गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार, 10 अगस्त की डेडलाइन खत्म होते ही कंपनियों का सॉफ्टवेयर सिस्टम बिना ई-केवाईसी वाले खातों की सब्सिडी और रियायती दरों को अपने आप लॉक कर देगा। इसके बाद बुकिंग करने पर उपभोक्ताओं को कमर्शियल रेट पर ही भुगतान करना पड़ेगा।
गैस एजेंसी संचालकों की अपील
एजेंसी संचालकों ने उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि वे आखिरी तारीख (10 अगस्त) का इंतजार न करें। असुविधा और अतिरिक्त आर्थिक बोझ से बचने के लिए जल्द से जल्द अपनी ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करवाएं।
भोपाल. मध्य प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में अब घर या अन्य भवन बनाने की अनुमति लेना पहले से आसान होगा। राज्य सरकार ने बिल्डिंग परमिशन के लिए कई विभागों से अनिवार्य रूप से अनापत्ति प्रमाण-पत्र लाने की बाध्यता खत्म कर दी है। अब हाउसिंग सोसायटी, नजूल और बिजली विभाग समेत कई मामलों में आवेदकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पडेंगे, साथ ही भवन अनुज्ञा की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और केवल डिजिटल दस्तावेज ही स्वीकार किए जाएंगे। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने इस संबंध में सभी नगरीय निकायों को निर्देश जारी किए है। अपर मुख्य सचिव संजय दुबे द्वारा जारी आदेश के अनुसार भवन अनुज्ञा प्रक्रिया को सरल, तेज और पारदर्शी बनाने के लिए यह बदलाव किए गए है। सरकार का कहना है कि इससे आम नागरिकों के साथ निवेशकों, बिल्डर्स और निर्माण एजेंसियों को भी राहत मिलेगी।
कई विभागों की एनओसी से मिली राहत
नई व्यवस्था के तहत सहकारिता विभाग एवं गृह निर्माण सहकारी समितियों, नजूल और बिजली विभाग से मांगी जाने वाली कई प्रकार की एनओसी की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। रक्षा प्रतिष्ठानों, मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल तथा विकास प्राधिकरणों से जुड़े मामलों में भी अब आवेदकों को स्वयं एनओसी लाने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। यदि किसी मामले में संबंधित विभाग की राय आवश्यक होगी तो सक्षम प्राधिकारी आवेदन मिलने के सात दिन के भीतर प्रकरण संबंधित विभाग को भेजेगा। विभाग को 21 दिन के भीतर अपनी अनापत्ति या आपत्ति देनी होगी। तय समय में जवाब नहीं मिलने पर भवन अनुमति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी।
इन मामलों में अब भी एनओसी जरूरी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण और हेरिटेज क्षेत्रों से संबंधित एनओसी केवल उन्हीं मामलों में जरूरी होगी, जहां ऑनलाइन जीआईएस आधारित जांच में भूखंड प्रतिबंधित या प्रभावित क्षेत्र में पाया जाएगा। अन्य मामलों में इनकी जरूरत नहीं होगी।
पर्यावरण और फायर नियमों में भी स्पष्टता
निर्धारित क्षेत्रफल से बड़े भवनों और परियोजनाओं के लिए ही पर्यावरणीय स्वीकृति जरूरी होगी। वृक्ष कटाई की अनुमति भी केवल उन्हीं मामलों में लेनी होगी, जहां वास्तव में पेड़ काटे जाने हों। अग्निशमन (फायर) अनापत्ति के नियम राष्ट्रीय भवन संहिता के अनुसार लागू रहेंगे।
ग्वालियर. सरकारी दस्तावेजों में आजादी से पूर्व या उसके अगले कई दशकों तक सरकारी के तौर पर दर्ज रही जमीन को अधिकारी निजी करने नहीं चूक रहे है। नया मामला शिवपुरी लिंक रोड ग्रम चिरवाई की 114 बीघा शासकीय भूमि का मामला सामने आया है। राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक यह भूमि मिसिल बंदोबस्त और संवत् 1997 में चरनोई, पहाड़, शासकीय पड़ती कदीम और खाल-खद्दर के रूप में दर्ज है। लेकिन अधिकारियों की मिली भगत से यह जमीन भाजपा किसान मोर्चा के नेता दिलीप शर्मा पुत्र ओमप्रकाश शर्मा और गिर्राज शर्मा पुत्र ओमप्रकाश शर्मा के नाम पर दर्ज कर दी है।
कैसे हो सरकारी जमीन हो रही अधिकारियों की तलाश
तहसीलदार कार्यालय ग्वालियर द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, ग्राम चिरवाई की यह सर्वे नंबरों की भूमियां सार्वजनिक एवं शासकीय उपयोग की श्रेणी में आती हैं। इसके बावजूद, वर्तमान राजस्व अभिलेखों में चौंकाने वाला फेरबदल देखा गया है। जहां ये सभी बेशकीमती भूमियां गिर्राज शर्मा तथा दिलीप शर्मा की संस्थाओं के नाम पर दर्ज पाई गई हैं। रिकॉर्ड में यह बदलाव किन अधिकारियों द्वारा किया गया और कब किया गया? चिरवाई में 114 बीघा जमीन का रिकॉर्ड मिसिल बंदोबस्त में चरनोई, पहाड़, खाल खद्दर व अन्य शासकीय के तौर पर है। विभिन्न सर्वे नंबरों की यह जमीन दिलीप शर्मा एवं गिर्राज शर्मा के नाम दर्ज कर दी गई है। दोनों को नोटिस देकर दस्तावेज मांगे गए हैं। – मनीष जैन, तहसीलदार