Author: Mahesh Jha

Newsमप्र छत्तीसगढ़

पत्नी दौडा़-दौड़ाकर पीते हुए कर दी हत्या, खाना परोसने को लेकर हुआ था झगड़ा

मुरैना. दिमनी इलाके स्थित सहरियन का पुरा गांव में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की सिर में सरिया मारकर बेहरमी से हत्या कर दील। सोमवार की दोपहर खाना परोसने को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। मारपीट से तंग आकर जब पत्नी पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने जा रही थी। पति ने पीछा कर खेत के पास इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने हत्या की एफआईआर दर्ज कर फरार आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
दोपहर लगभग 2 बजे आरोपी धर्मेन्द्र जाटव का अपनी पत्नी निशा से खाना परोसने की बात पर विवाद हो गया था। धर्मेन्द्र ने गुस्से में आकर निशा को लात-घूंसों और डंडे से बुरी तरह पीटा। वह देर शाम तक उसे पीटता रहा। मारपीट से परेशान होकर निशा रिपोर्ट दर्ज कराने दिमनी थाने पहुंची थी। इसी दौरान धमेन्द्र ने पीछा करते हुए खेत के पास निशा क सिर पर पीछे से लोहे के सरिये से 2 बार जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर चोट और अत्याधिक खून बहने से उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गयी।
शरीर पर लात-घूंसों से पीटने के निशान
दिमनी थाना प्रभारी (TI) जितेंद्र दोहरे ने बताया, मृतका के शरीर पर चोट के काफी निशान हैं। पति ने उसके साथ बुरी तरह मारपीट की है। हत्या सिर पर लोहे का सरिया मारने से हुई है, लेकिन शरीर पर लात-घूंसों के निशान भी स्पष्ट रूप से मौजूद हैं। वहीं, डीएसपी (मुख्यालय) विजय भदौरिया ने कहा, मृतका मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराने थाने जा रही थी, तभी पति ने सिर पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। आरोपी पति फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है।

Newsमप्र छत्तीसगढ़

बालाजी सिक्योरिटी बिजली विभाग से ब्लैक लिस्टेड, जीवाजी विश्वविद्यालय से मैन पॉवर हथियाने के लिये दिया झूठा शपथ पत्र

ग्वालियर. जीवाजी विश्वविद्यालय में ब्लैक लिस्टेड बालाजी एजेंसी ने सच्चाई छिपाते हुए अधिकारियों से सांठगांठ कर जेयू में मेन पॉवर का ठेका हथिया लिया है। इस संबंध में कर्मचारी नेता ने जेयू के अधिकारियों से झूठा शपथ पत्र देने के मामले में पुलिस में शिकायत करने की मांग की है। वैसे तो मैन पॉवर और सुरक्षा के नये ठेका को लेकर विवाद बढ़ने की स्थिति बन गयी है। इन्दौर की बालाजी सिक्योरिटी सर्विसेज प्रायवेट लिमिटैड ने एमपीईबी से ब्लैक लिस्टेड होने की सच्चाई छिपाकर सांठ-गांठ कर जीवाजी विश्वविद्यालय मैन पॉवर का ठेका हथियाने का चौंकाने वाला मामले की पोल खुली है।
मध्यप्रदेश राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) के प्रदेश सचिव अशोक गोस्वामी ने इसे चालबाज एजेंसी के पूरे कारनाम की पोल खोल दी है। बिजली विभाग से बालाजी सिक्योरिटी को ब्लैक लिस्ट करने की आदेश की सत्यापित प्रति प्राप्त आरटीआई के माध्यम से हासिल की है। इसके अलावा जीवाजी विश्वविद्यालय में इस एजेंसी ने ठेका लेने के लिये झूठा शपथ पत्र दिया था उसकी भी आरटीआई के तहत सत्यापित प्रति हासिल की है।
जेयू में दिया झूठा शपथ-पत्र, आपराधिक मुकदमा दर्ज कराये कुलसचिव
इंटक नेता अशोक गोस्वामी ने जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलसचिव को उक्त साक्ष्यों के साथ लिखित शिकायत देकर बालाजी सिक्योरिटी सर्विसेज प्रायवेट लिमिटेड इन्दौर ने टेंडर प्रक्रिया के दौरान अहम जानकारी छिपाकर अनुबंिध प्राप्त किया। शिकायत के मुताबिक जीवाजी विश्वविद्यालय द्वारा उक्त कंपनी को विश्वविद्यालय परिसर में सफाई, सुरक्षा एवं मानव बल उपलब्ध कराने का कार्य सोंपा गया है। कुलसचिव को दिये गये पत्र में कहा गया है कि सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों से यह खुलासा हुआ है कि संबंधित कंपनी के खिलाफ मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में कार्यवाही की गयी थी।
शिकायत में इंटक नेता द्वारा आरोप लगाया गया है कि कम्पनी ने टेंडर प्रक्रिया के दौरान अपने खिलाफ हुई कार्यवाही और तथ्यों का खुलासा नहीं करते हुए झूठा शपथ पत्र में भ्रामक जानकारी दी है। आरटीआई के तहत निकाले गये वह दस्तावेज जो जीवाजी विश्वविद्यालय से छिपाये गये है। शिकायत में यह भी गया कि यदि किसी संस्था द्वारा टेंडर प्राप्त करने के लिये तथ्य छिपाये जाते है तो यह सार्वजनिक व्यवस्था और सरकारी प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है।

Newsमप्र छत्तीसगढ़

सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे पर हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान

ग्वालियर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने सरकारी जमीन पर कथित अवैध कब्जे जुंड़े फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने जनहित याचिका लगाने वाले चन्द्रेश त्यागी का नाम याचिका से हटा दिया गया है। हाईकोर्ट ने माना है कि स्वयं को सामाजिक कार्यकर्त्ता बताने वाले याचिकाकर्ता ने पर्यावरण संरक्षण का लेकर गंभीरता नहीं दिखाई है। हालांकि सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोपों को गंभीर मानते हुए हाईकोर्ट ने मामले को बंन नहीं किया है। अब स्वतः संज्ञान (सुओ मोटू) के रूप में सुनने का फैसला लिया है।
8 बीघा जमीन पर अवैध कब्जा
याचिका में आरोप लगाया है कि पुरानी छावनी इलाके में लगभग 8 बीघा सरकारी जमीन पर अवैध बाउंड्रीवॉल बनाकर प्लॉट काटे जा रहे है। उन्हेें बेचा जा रहा है। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को पर्यावरण संरक्षण के तहत पौध लगाने और उनकी देखभाल करने का निर्देश दिया था।
पौधे तो लगाये, देखभाल नहीं
जांच में सामने आया है कि याचिकाकर्ता ने औपचारिकता पूरी करते हुए पौधे तो लगाये, लेकिन उनकी देखभाल नहीं की है। इसके चलते सभी पौधे नष्ट हो गये। हाईकोर्ट ने इसे गंभीर लापरवाही माना है। हाईकोर्ट ने नगरनिगम से नये पौधे लगाने और 5 साल तक उनकी देखभाल का खर्च मांगा था। निगम ने इसकी लागत 1 लाख 53 हजार 765 रूपये बताई है। जब हाईकोर्ट ने यह राशि जमा कराने के लिये कहा तो याचिकाकर्ता की तरफ से इंकार कर दिया गया।
हाईकोर्ट ने कहा है कि याचिकाकर्ता का स्वयं का सामाजिक कार्यकर्ता बताना सही साबित नहीं हुआ है। अगर वह वास्तव में समाज और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार होते तो पौधों की देखभाल और खर्च वहन करने से पीछे नहीं हटते।
हाईकोर्ट का आदेश
याचिकाकर्ता चंद्रेश त्यागी का नाम हटाकर मामले को स्वत: संज्ञान जनहित याचिका में बदला गया।
वरिष्ठ अधिवक्ता एफ.ए. शाह को न्याय मित्र नियुक्त किया गया।
मामले की पूरी प्रोसेस फीस याचिकाकर्ता को जमा करनी होगी, नहीं करने पर जुर्माना लगाया जाएगा।
जिला प्रशासन और राजस्व विभाग को विवादित जमीन का सीमांकन कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए।

Newsमप्र छत्तीसगढ़

आगरा में बीच सड़क बनी मजार को हटाया, हिन्दू नेता ने दायर किया न्यायालय में वाद

आगरा. पुलिस प्रशासन ने एमजी रोड पर आगरा कॉलेज के सामने बीच सड़क स्थित विवादित मजार को हटाने की बड़ी कार्यवाही शुरू कर दी है। यातायात बाधित होने और हादसों की आशंका की वजह से इस मजार को हटाने की मांग लम्बे समय से हो रही थी। प्रशासन और संबंधित पक्षों के बीच कई दौर की चर्चा के बाद सहमति बनी। जिसके तहत अब कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच पुलिस बल की मौजूदगी में मजार को शिफ्ट किया जा रहा है।इस बीच सुरक्षा के मद्दे नजर एमजी रोड के इस रास्ते को रोक दिया गया है।
हिन्दूवादी नेता ने कोटा में दायर किया था वाद
इस मजार को लेकर लम्बे समय से कानूनी विवाद भी चल रहा था। हिन्दूवादी नेता कुंवर अजयतोमर ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से दोनों मजारों के ध्वस्तीकरण की मांग को लेकर अपन सिविल जज(सीनियर डिवीजन) की अदालत में वाद दायर किया था। वादी का आरोप था कि यह मजार और दरगाह सरकारी भूमि पर बनी है।

 

Newsमप्र छत्तीसगढ़राष्ट्रीय

टेलीग्राम पर केन्द्र सरकार ने नीट एग्जाम तक के लिये लगाई अस्थाई रोक

नई दिल्ली. केन्द्र सरकार ने टेलीग्राम पर अस्थाई रोक लगा दी है। केन्द्र सरकार ने यह फैसला री-नीट एग्जाम के चलते लिया है। टेलीग्राम के कई ग्रुप पर नीट का पेपर लीक होने के आरोप लगते रहे है। अब भारत में नीट एग्जाम दोबारा होने जा रहा है। जिसके लिये 21 जून की तारीख तय की गयी है।
एनटीए की सिफारिशों केआधार पर सकरार ने यह फैसला लिया है कि सूचना प्रोद्यगिकी अधिनियम 2000 की धार 69ए के अंतर्गत यह आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत भारत में टेलीग्राम प्लेटफॉर्म के एक्सेस का एक निर्धारित और सीमित अवधि के लिये प्रतिबंधित किया जायेगा। यह प्रतिबंध 22 जून 2026 का समाप्त हो जायेगा।
प्लेटफार्म को ऑर्डर दिये गये हैं कि भारत में पहले पोस्ट किये मैसेज पर से मैसेज एडिट की सुविधा का भी बन्द करने के लिये कहा है। यह समय 30 जून 2026 का समाप्त होगा। यह कदम प्लेटफॉर्म के उस स्पेशल स्ट्रक्चर को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। इसके माध्यम से राष्ट्रीय परीक्षाओं में संबंध में परीक्षा के बाद नकली पेपर लीक के सबूतस तैयार किये जाने की कई घटनायें सामने आई है।

 

 

 

 

LatestNewsमप्र छत्तीसगढ़राज्य

PCC में दिग्विजय- पटवारी के इशारे पर उठे, दूसरी कुर्सी पर बैठे

भोपाल. मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का 9 जून को नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई थी, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के बीच मनमुटाव साफ दिखाई दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दोनों नेताओं के बीच जिस तरह की भाव-भंगिमाओं में बातचीत हुई, उससे यह स्पष्ट नजर आया कि हरीश चौधरी के व्यवहार से दिग्विजय सिंह नाराज हैं। अब इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का एक और वीडियो सामने आया है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में जीतू पटवारी इशारे से दिग्विजय सिंह को दूसरी चेयर पर बैठने को कहते हैं।
जिसमें दिग्विजय सिंह से पीसीसी चीफ जीतू पटवारी कुर्सी से उठकर दूसरी चेयर पर बैठने के लिए कहते हुए दिख रहे हैं। इसके बाद दिग्विजय सिंह कुर्सी से उठते हैं और एक साइड की कुर्सी पर बैठ जाते हैं। हालांकि, जैसे ही दिग्विजय सिंह कुर्सी से उठकर एक तरफ जाने लगते हैं, जीतू फिर कहते हैं, “आप इधर ही रहना सर” लेकिन दिग्विजय सिंह किनारे वाली कुर्सी पर ही बैठ जाते हैं। फिर दिग्विजय सिंह के बगल में हरीश चौधरी और उनके बाद मीनाक्षी नटराजन बैठती हैं। वहीं, इस पूरे मामले पर भाजपा का कहना है कि कांग्रेस में बुजुर्गों का सम्मान नहीं है। पार्टी गुटों में बंटी हुई है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिग्विजय सिंह जीतू पटवारी से जेपी धनोपिया को बुलाने के लिए कहते हैं।

LatestNewsमप्र छत्तीसगढ़राज्य

देश के प्रमुख ठिकानों पर ड्रोन अटैक की आशंका, सरकार का एजेंसियों को अलर्ट इन जगहों पर सुरक्षा बढ़ाएं

नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने चेतावनी दी है कि सीमाओं पर मौजूद महत्वपूर्ण ठिकानों पर दुश्मन ड्रोन हमला कर सकता है। ‘द हिंदू’ की खबर के मुताबिक जहाज और जलमार्ग मंत्रालय के समुद्री सुरक्षा विंग ने जमीन और समुद्री सीमाओं के पास मौजूद महत्वपूर्ण संपत्तियों और ठिकानों पर ड्रोन अटैक को लेकर अलर्ट जारी किया है।
एंटी ड्रोन सिस्टम को जांचने के लिए टीम बनाई
गृह मंत्रालय ने भी सीमा सुरक्षा बल के तहत एक खास कमेटी बनाई है। इस कमेटी का काम भारत के लिए सबसे अच्छे एंटी-ड्रोन सिस्टम को जांचना और पास करना है। सूत्रों ने बताया कि बीएसएफ पाकिस्तान सीमा से सटे पंजाब के इलाकों में इन सिस्टमों को लगाने की तैयारी कर रही है, और इसके लिए बाकायदा ट्रायल भी शुरू हो चुके हैं। इसके साथ ही केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने भी एक टीम बनाई है। इस टीम में रक्षा अनुसंधान संगठन, इंटेलिजेंस ब्यूरो, एयरपोर्ट अथॉरिटी और बीएसएफ के अधिकारी शामिल हैं, जो देश के महत्वपूर्ण ठिकानों का दौरा कर रहे हैं। इस टीम की रिपोर्ट और गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद ही तय होगा कि किस ठिकाने पर कौन सा एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाया जाएगा।

Newsमप्र छत्तीसगढ़

लापरवाह चालक तेज रफ्तार स्कॉर्पियों ने बाइक सवार मां-बेटे को रौंदा, मां की घटनास्थल परद ही मौत, बेटा की हालत नाजुक

ग्वालियर. झांसी रोड थाना इलाके में स्थित लखनौती गांव के पास सोमवार की शाम एक दर्दनाक सड़ह हादसा हो गया। तेज रफ्तार स्कॉर्पियों ने पीछे से बाइक को टक्कर मार दी जिसमें बाइक सवार मां-बेटे सड़क पर जा गिरे। सड़क दुर्घना में मां की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। जबकि बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया है। स्कॉर्पियो चालक तेज गति और लापरवाही से वाहन चला रहा था। इस बीच उसने आगे चल रही बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार मां-बेटे कई फीट उछलकर सड़क पर जा गिरे।
दुर्घटना की खबर मिलते ही झांसी रोड थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और घायल युवक को तत्काल अस्पताल भिजवाया। वहीं, महिला के शब को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया। पुलिस ने स्कॉर्पियो के रजिस्ट्रेशन नम्बर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली। आरोपी वाहन चालक की तलाश की जा रही है एक्सीडेंट की वजहों की जांच जारी है।
सड़क पर पड़ी मां की मौत, बेटा घायल
ग्वालियर के बिलौआ जौरासी के रहने वाले 32 वर्षीय मोनू यादव पुत्र रघुनाथ यादव सोमवार की शाम अपनी मां 55 वर्षीय गजरा देवी को बाइक पर पीछे बैठाकर किसी काम से शहर आया था। शाम करीब साढ़े छह बजे के आसपास जैसे ही मोनू की बाइक लखनौती गांव के पास हाईवे पर पहुंची, तभी पीछे से आ रही एक सफेद रंग की स्कार्पियो गाड़ी क्रमांक: UP93 CC-1826 के चालक ने लापरवाही और तेज गति से गाड़ी दौड़ाते हुए बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। सड़क पर सिर के बल गिरने और गंभीर अंदरूनी चोटें आने के कारण गजरा देवी की मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई। वहीं मोनू यादव भी सड़क पर घिसटने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे के बाद राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिसे देखकर आरोपी स्कॉर्पियो चालक वाहन सहित मौके से तेजी से भाग निकला। स्थानीय नागरिकों की सूचना पर झांसी रोड थाना पुलिस तत्काल घटना स्थल पर पहुंची। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए घायल बेटे मोनू को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया और मृतका के शव को पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए शवगृह रवाना किया।

LatestNewsमप्र छत्तीसगढ़राज्य

सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद भी चंबल में त्रिपाल से ढंके ट्रकों से हो रही रेत की तस्करी, रातों रात कॉलोनियों में बन रहे डंपिंग स्टेशन

ग्वालियर. चंबल नदी से रेत उत्खनन पर सुप्रीम कोर्ट की रोक और मुरैना-भिंड से ग्वालियर में रेत की आवाजाही पर प्रतिबंध के बावजूद अवैध रेत कारोबार थमता नजर नहीं आ रहा है। प्रशासन ने सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाते हुए चार प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात कर रखा है, लेकिन रेत माफिया ने भी अपने तौर-तरीके बदल लिए हैं। नतीजा यह है कि शहर से सटी कॉलोनियां अब अवैध रेत के नए डंपिंग स्टेशन बनती जा रही हैं। जानकारी के अनुसार, भिंड और मुरैना की सीमाओं से जुड़े रास्तों पर पुलिस ने तंबू लगाकर चौबीसों घंटे निगरानी शुरू की है। रेत की अवैध ढुलाई रोकने के लिए तीन शिफ्टों में कुल 52 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और डंपरों की सघन जांच भी की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद रेत तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं।
त्रिपाल ढंके ट्रकों से हो रही तस्करी
रेत कारोबार की गतिविधियों पर नजर रखने वाले लोगों का कहना है कि पुलिस की निगाह मुख्य रूप से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और डंपरों पर रहती है। इसका फायदा उठाकर रेत माफिया अब बड़े ट्रकों, विशेषकर एलपी ट्रकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें रेत भरने के बाद ऊपर से त्रिपाल कसकर बांध दिया जाता है, जिससे बाहर से देखने पर सामान्य मालवाहक वाहन प्रतीत होते हैं। ऐसे में कई बार जांच चौकियों पर तैनात पुलिसकर्मी भी ट्रकों में लदी रेत का अंदाजा नहीं लगा पाते और वाहन आसानी से निकल जाते हैं।
कॉलोनियां बनीं नया ठिकाना
शहर की सीमा से लगे कई आवासीय क्षेत्रों में इन दिनों रात के अंधेरे में रेत की खेप पहुंचाई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले रेत से भरे वाहन सीधे शहर के विभिन्न निर्माण स्थलों तक पहुंचते थे, लेकिन अब सख्ती बढ़ने के बाद माफियाओं ने रणनीति बदल दी है। वे आबादी वाले इलाकों और सुनसान प्लॉटों में रेत का भंडारण कर रहे हैं, जहां से जरूरत के अनुसार छोटे वाहनों के जरिए इसकी आपूर्ति की जा रही है।
रहवासियों का आरोप है कि देर रात भारी वाहनों की आवाजाही से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। सुबह होते ही खाली प्लॉटों और कॉलोनियों के किनारों पर रेत के बड़े-बड़े ढेर दिखाई देते हैं, जिससे स्पष्ट है कि रातभर डंपिंग का काम जारी रहता है।
पाबंदी से बढ़े दाम, जमाखोरों को फायदा
रेत की उपलब्धता घटने और प्रशासनिक सख्ती के कारण बाजार में इसके दाम बढ़ने लगे हैं। ऐसे में पहले से रेत का भंडारण करने वाले कारोबारियों और जमाखोरों को आर्थिक लाभ मिल रहा है। निर्माण कार्यों से जुड़े लोगों का कहना है कि रेत की कमी का असर मकान निर्माण और अन्य परियोजनाओं पर पड़ रहा है।

LatestNewsमप्र छत्तीसगढ़राज्य

जल संसाधन, नर्मदा घाटी सहित कई विभागों ने निकाली तबादला सूची

भोपाल. प्रदेश में मंगलवार से तबादलों पर फिर से प्रतिबंध लग जाएगा। सोमवार को अंतिम दिन जल संसाधन, नर्मदा घाटी, लोक निर्माण, खनिज, वाणिज्यिक कर वित्त सहित अन्य विभागों ने सूचियां जारी कीं। उधर कुछ विभागों में दिनभर तैयारियां चलती रहीं। माना जा रहा है कि मंगलवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट की बैठक में तबादला अवधि कुछ दिनों के लिए बढाने पर निर्णय हो सकता है। प्रदेश सरकार ने 1 से 15 जून तक के लिए तबादला पर प्रतिबंध को शिथिल किया था।
अभी तबादले का काम पूरा नहीं हुआ
इस अवधि में जिले के भीतर तबादला करने का अधिकार प्रभारी मंत्रियों को दिया था। सूत्रों का कहना है कि जिलों में भी अभी तबादले का काम पूरा नहीं हुआ है वहीं विभागों में भी प्रक्रिया रह गई है। हालांकि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बीते मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में सभी मंत्रियों को निर्देश दिए थे कि निर्धारित अवधि में तबादले के काम कर लें। संभावना जताई जा रही है कि तबादला अवधि कुछ दिन के लिए बढाई जा सकती है।
पांच आईपीएस अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार
उधर, गृह विभाग ने पांच आईपीएस अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार दिया है। इसमें असित यादव डीआइजी ग्वालियर रेंज को डीआइजी विशेष सशस्त्र बल रेंज ग्वालियर, सूरज कुमार वर्मा पुलिस अधीक्षक भिंड सेनानी 17वीं वाहिनी भिंड, अनुराग सुजनिया पुलिस अधीक्षक सागर को सेनानी 10वीं वाहिनी सागर, राजेश रघुवंशी पुलिस अधीक्षक मंडला को सेनानी 35वीं वाहिनी मंडला और मयूर खंडेलवाल पुलिस अधीक्षक दतिया को सेनानी 29वीं वाहिनी दतिया शामिल हैं।

hacklink satın al holiganbet virüsbet kalebet perabet pashagaming virusbet perabet perabet giriş perabet perabet giriş egebet pashagaming giriş marsbahis marsbahis giriş safirbet safirbet giriş betasus betasus giriş virüsbet virusbet egebet giriş medusabahis medusabahis giriş grandpashabet grandpashabet giriş jojobet jojobet giriş