भाजपा MP में सत्ता-संगठन में लाएगी कसावट, अधिकारियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी
भोपाल. भाजपा नेताओं के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पदाधिकारियों की हुई बैठक में मध्य प्रदेश के सत्ता-संगठन को लेकर जो चिंता जताई गई है, उसके बाद सत्ता-संगठन दोनों स्तर पर कसावट लाई जाएगी। पार्टी नेताओं का मानना है कि बैठक में हुई चर्चा के आधार पर केंद्रीय नेतृत्व कोई गाइडलाइन भी भेज सकता है। सबसे पहले सरकार सुशासन पर ध्यान देगी। प्रदेश में अधिकारियों के हावी होने से संबंधित शिकायत के मामले में अब ऐसे अधिकारियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी। आदिवासी क्षेत्रों में समरसता के कार्यक्रम बढ़ाए जाएंगे। अनुसूचित जाति वर्ग के लिए अलग से कार्यक्रम होंगे। केंद्रीय मंत्री अमित शाह के दौरे के बाद गुरुवार को दिल्ली में हुई भारतीय जनता पार्टी की उधा स्तरीय बैठक ने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए निर्णायक लाइन खींच दी हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव से मिले सबक, वर्तमान सियासी परिदृश्य और सुशासन के मुद्दे पर हुई मध्यप्रदेश में महत्वपूर्ण बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
सुशासन के लिए कसावट-इधर, सरकार की छवि को और सुदृढ़ बनाने को लेकर भी कवायद शुरू होगी, जिसमें सुशासन पर अधिक ध्यान दिया जाएगा। बताया जाता है कि अधिकारियों द्वारा अनसुनी करने का मुद्दा भी बैठक में सामने आया। प्रदेश में अधिकारियों के हावी होने से संबंधित शिकायत के मामले में अब ऐसे अधिकारियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी। भाजपा का लक्ष्य है कि मध्य प्रदेश में नागरिकों की सुविधा के लिए शिवराज सरकार ने जो नई पहल की है, उससे बेहतर संदेश जनता के बीच जाए। कानून व्यवस्था के साथ ही भ्रष्टाचार पर अंकुश की तस्वीर सामने आए।
