ग्वालियर में नीदरलैंड्स से आए डॉक्टर ने ट्रेवल हिस्ट्री छिपाई, जेएएच में 12 दिन तक मरीज देखे
ग्वालियर. जेएएच के ट्रामा सेंटर में कोरोना पॉजिटिव नर्स मिलने के बाद अब ग्वालियर के जिला अस्पताल में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। नीदरलैंड्स से 3 माह का कोर्स करने गए दंत चिकित्सक डॉ. अक्षत पुरोहित कोरोना महामारी फैलने पर ग्वालियर लौटे थे और जिला अस्पताल की कोल्ड ओपीडी में 12 दिन तक मरीज देखते रहे साथ ही उन्होंने अपनी ट्रेवल हिस्ट्री भी छिपाई। अब मामला सामने आते ही डॉक्टरों और स्टाफ में हड़कंप मच गया इसके बाद डॉ. अक्षत और उनके पिता आरएमओ डॉ. आलोक पुरोहित का सैंपल करवाने का निर्देश दिया गया। बुधवार को दोनों को होम क्वारंटाइन कर दिया गय।
क्या है पूरा मामला
18 मार्च को डॉ. अक्षत पुरोहित नीदरलैंड्स से लौटे यह बात प्रशासन से छिपाई गई साथ ही उनका सैंपल भी नहीं करवाया गया। अब 27 दिन बाद सैंपलिंग करवाई जा रही है जबकि डॉ. आलोक पुरोहित लगातार अस्पताल का काम संभाल रहे थे और उनका बेटा भी पिछले कुछ दिनों से ओपीडी में मरीजों को देख रहा था। सैंपल देने के बाद भी डॉ. पुरोहित ने स्टाफ के साथ व्यवस्थाएं देखीं। सीएमएचओ व सिविल सर्जन को बताया था डॉ. आलोक पुराहित का कहना है कि इसकी जानकारी सिविल सर्जन और सीएमएचओ को दी थी। तब उनका कहना था कि 14 दिन के लिए होम क्वारंटाइन कर दें यदि इस बीच लक्षण आते है तो सैंपलिंग करवाई जाए लेकिन उसे 15 दिन बाद भी लक्षण नहीं आए तो उसे अस्पताल आने-जाने पर रोक-टोक नहीं लगाई। वहीं डॉ. आलोक पुरोहित ने इस बारे में मुझे कोई सूचना नहीं दी। बुधवार को जब मुझे पता चला तो तुरंत दोनों की सैंपलिंग करवाई और होम क्वारंटाइन कर दिया। अब आरएमओ का चार्ज डॉ. सुनील शर्मा को दे दिया गया है। डॉ. पुरोहित को बाहर से आने की जानकारी प्रशासन को तो देनी ही चाहिए थी।
