दालबाजार में तहसीलदार शिवानी पाण्डेय ने सुबह बंद कराईं खेरिज किराने की दुकानें
ग्वालियर. दाल बाजार में थोक की दुकानें ही खुलेंगी और अगर खेरिज किराना बेचा तो एफआईआर दर्ज कराने में देरी नहीं की जाएगी। दाल बाजार में बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस के साथ जिला प्रशासन के अधिकारी भी सक्रिय हो गए है और आज सुबह तहसीलदार पाण्डेय ने दाल बाजार में पहुंचकर खेरिज की एक दर्जन से ज्यादा दुकानों के शटर डंडे के बल पर गिरवा दिए। व्यापारियों ने इसका विरोध किया तो तहसीलदार का कहना था कि फुटकर के लिए शहर की दुकानें खुली है। फुटकर कारोबार होने से डिस्टेंस खत्म हो रहा है और भीड़ बढ़ने से परेशानी होगी।
खेरिज की दुकानों को डंडे के बल पर बंद कराया
शहर को 21 दिन के लिए लॉकडाउन किया गया है जिसके चलते सड़कों पर सन्नाटा दोपहर 12 बजे के बाद पसर जाता है। प्रशासन द्वारा जरूरत का सामान लोग खरीद सकें इसके लिए सुबह 6 से 12 बजे तक दुकाने खुलने की अनुमति दी गई है। दाल बाजार में सबसे ज्यादा भीड़ किराने की दुकानों पर हो रही है। भीड़ बढ़ने के कारण डिस्टेंस खत्म हो रहा है और लोग एक-दूसरे के बगल में खड़े होकर खरीदारी कर रहे है। आज सुबह दाल बाजार में जैसे ही खरीदारों की भीड़ बढ़ना शुरू हुई तो पुलिस ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ दाल बाजार का निरीक्षण किया और खेरिज की दुकानों को डंडे के बल पर बंद करा दिया। इंसीडेंट कमांडेंट शिवानी पाण्डेय का कहना था कि दाल बाजार में सिर्फ थोक की दुकानें ही खुलेंगी। अगर खेरिज की दुकानें खुलीं तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
