चौथी बार सीएम बने शिवराज सिंह चौहान का आगे का सफर चुनौति भरा

भोपाल. भाजपा ने मप्र में एक बार फिर अपनी सरकार बना ली है मप्र में भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को विधायक दल का नेता चुना है जिसके बाद शिवराजसिंह चौहान ने चौथी बार मप्र के सीएम पद की शपथ ली है। पिछले कुछ दिनों से मप्र में जारी सियासी घमासान के बाद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 20 मार्च को पद से इस्तीफा दे दिया था और भाजपा ने आखिरकार अपनी सरकार बना ली ली है। इसके पूर्व मध्यप्रदेश भाजपा ने शिवराज सिंह को भाजपा दल का नेता चुना था।
शिवराज सिंह चौहान को राजभवन में मुख्यमंत्री के शपथग्रहण के लिये रात 9 बजे समय तय किया था। जिसके बाद अब शिवराजसिंह चौहान ने रात 9 बजे चौथी बार मप्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
शिवराज सिंह ने चौथी बार संभाली मप्र की कमान
सोमवार की रात को 9 बजे शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही वो चौथी बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। आपको बता दें कि साल 2005 में 29 नवंबर को शिवराज सिंह पहली बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद 12 दिसंबर साल 2008 में शिवराज सिंह चौहान दूसरी बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। वहीं 8 दिसंबर 2013 को शिवराज तीसरी बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे।
शिवराज के सामने फिर चुनौति
यह तय कि 24 सीटों पर विधानसभा चुनाव होना है और यह विधानसभा चुनाव में वहीं प्रत्याशी होंगे जो कांग्रेस के समय में थे इन्होंने जो काम किये उनसे आम जनता खुश नहीं हैं और इन प्रत्याशियों को भाजपा के भावी प्रत्याशियों की चुनौति से जूझना होगा फिर कांग्रेस के उम्मीदवारों से चुनावी मैदान में सामना करना होगा। अधिकारी और कर्मचारियों ने पैसे देकर काम कराये है। वह तो पीडि़त हैं ही जिनके काम नहीं हुए वह भी पीडि़त है। इस कारण से सीएम शिवराज सिंह का रास्ता आसान नहीं बल्कि कांटों भरा ताज हैं। इन सभी पूर्व विधायकों को 6 माह में चुनाव में जनता के बीच से चुन कर आना काफी कठिन रास्ता है और सीएम शिवराज सिंह के लिये चुनौति है।

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