चुनाव में कालेधन के उपयोग के मामले में आईपीएस अधिकारियों चार्जशीट तैयार, सीडीआर में लेन-देन का उल्लेख है

भोपाल. चुनाव में कालेधन के उपयोग से जुड़े केस में केन्द्रीय गृह मंत्रालय से मिली रिपोर्ट केआधार पर मप्र के गृह विभाग ने विभागीय कार्यवाही की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली हैं। जिन पुलिस अधिकारियोंके नाम के आगे बड़ी रकम के लेन-देन का जिक्र किया गया है उनकी चार्जशीट लगभग तैयार हो गयी है।
तीन-चार दिन में यह चार्जशीट उन्हें सौंपी जा सकती है। इसमें 3 आईपीएस अधिकारियों में सुशोभन बनर्जी, संजय माने और व्ही मधुकुमार और राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी अरूण मिश्रा के नाम के आगे लिखी गयी है उस राशि का जिक्र है। जो सीबीडीटी की अप्रेजल रिपोर्ट में दर्ज है। यह राशि 20 करोड़ रूपये से ज्यादा हैं।
अरूण मिश्रा के मोबाइल पर प्रतीक जोशी के साथ बातचीत और लेन-देन
चार्जशीट में व्हाट्स एप्प चैटिंग के साथ प्रतीक जोशी और ललित चालानी से हुए लेन-देन के बारे में भी लिखा गया है। साफ है कि चार्जशीट जारी होने के बाद पुलिस अधिकारियों को लेन-देन के साथ वॉट्सएप चैटिंग पर स्पष्टीकरण देना होगा। एसपी ईओडब्ल्यू भोपाल में रहते हुए अरूण मिश्रा के मोबाइल पर प्रतीक जोशी के साथ बातचीत और लेन-देन का भी उल्लेख का भी चार्जशीट में किया गया है।
परीक्षण कर लिया है
दूसरी ओर पुलिस अधिकारियों के एडवोकेट पीयूष पाराशर की तरफ से गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को भेजे गये रिप्रेजेंटेशन का भी विभाग की ओर से परीक्षण कर लिया है और साथ ही इसे नस्तीबद्ध भी कर दिया । गौरतलब है कि कालेधन के मामले में 2 स्तरों पर कार्यवाही चल रही है। शासन विभागीय जांच करने जा रहा है, जबकि ईओडब्ल्यू पीई दर्ज करके अभी इस पड़ताल में जुटा हुआ है कि एफआईआर दर्ज की जा सकती है या नहीं।
सूत्रों के मुताबिक सेंट्रल इलेक्शन कमीशन की बेंच जल्द ही दोबारा मुख्य सचिव और गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा को तलब कर सकती है क्योंकि, पिछली मुलाकात में मिला दो सप्ताह का समय 19 जनवरी को पूरा हो गया है। बैंच के पास जाने से पूर्व एफआईआर दर्ज की जा सकती है।

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