ग्वालियर में बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए खुले स्कूल

ग्वालियर. कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या धीरे-धीरे कम होने लगी तो 10वीं-12वीं के विद्यार्थियों की परीक्षा की तैयारी कराने के लिए स्कूल खोल दिए गए लेकिन बच्चे कक्षाओं से दूर है। करीब एक माह पहले (18 दिसंबर 2020) जब स्कूल खुले थे तब विद्यार्थियों को खासी औपचारिकताएं निभाते हुए स्कूलों में प्रवेश दिया गया। मास्क, सैनेटाइजर, अभिभावकों का रजामंदी पत्र आदि लेकर ही विद्यार्थी को स्कूल आना था। कक्षा में भी बच्चों को शारीरिक दूरी का पालन करते हुए बैठाया गया।
शुरूआती दिनों में बच्चे काफी कम आए मगर उम्मीद थी कि यह संख्या बढ़ेगी। मगर अब परिणाम इसके एकदम उलट है विद्यार्थी स्कूलों में न के बराकर पहुंच रहे है। कई स्कूलों में कक्षाएं पूरी तरह से खाली रहती है, बाहर शिक्षक धूप सेंक रहे होते है। अभिभावकों की चिंता यह है कि बच्चों का स्कूल का एक साल खराब होने के बाद अब दूसरा साल भी खराब न होे जाए। कोरोना वायरस के कारण देशभर में मार्च 2020 में लोकडाउन प्रभावी हो गया था। इस फेर में 10वीं-12वीं के विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षाएं भी अधूरी रह गई और उनका सत्र बिगड़ गया। बाद में 12वीं के विद्यार्थियों को 2 विषयों में अनिवार्य रूप् से उत्तीर्ण (जनरल प्रमोशन) कर दिया जिसके कारण पढ़ाई में बेहतर विद्यार्थी खासे असंतुष्ट है वहीं ऑनलाइन क्लास की नई व्यवस्था शुरू होने के कारण छोटे बच्चों का मन तो पूरी तरह से पढ़ाई से हट गया है।
अप्रैल अंत में हो सकती है बोर्ड परीक्षा, 98 परीक्षा केंद्र बनाने का प्रस्तावः हर साल 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा मार्च के प्रथम सप्ताह में शुरू हो जाती है मगर इस साल कोरोना के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई खासा पिछड़ गई है ऐसे में परीक्षाएं अप्रैल के अंतिम सप्ताह में हो सकती है। वहीं कोरोना के चलते शारीरिक दूरी का पालन कराने के लिए इस बार ग्वालियर में 98 परीक्षा केंद्र बनाने का प्रस्ताव है। बीते साल 92 परीक्षा केंद्रों पर 10वीं व 12वीं के विद्यार्थियों की परीक्षाएं हुईं थी।

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