पत्रकारवार्ता -कमलनाथ पर बोले बागी विधायक, कमलनाथ सिर्फ दलालों की सुन रहे, सिंधिया जी की नहीं सुन रहे

भोपाल. भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया क समर्थक विधायक आज पहली बार सामने आए और साफ कहा कि ना तो उनकी कनपटी पर किसी ने बंदूक रखी है और ना ही मोबाइल जब्त कर उन्हें बंधक बना रखा है। यह लोग भोपाल क्यों नहीं लौट रहे है इस सवाल पर सभी विधायकों ने एक सुर में कहा कि जब मध्यप्रदेश में उनके नेता सिंधिया ही सुरिक्षत नहीं है उन पर हमला हो सकता है तो वह वहां कैसे सुरक्षित रहेंगे। अगर आज केंद्रीय सुरक्षा मिले तो हम आज ही भोपाल पहुंच जाएं।
सभी विधायक भाजपा में जा रहे, इस पर अभी कोई फैसला नहीं
क्या आप सभी लोग भाजपा में जा रहे है इस पर बेंगलुरू में डेरा डाले बैठे विधायको ने कहा कि इस पर हम लोगों ने अभी कोई फैसला नहीं लिया है। हम लोग इस बारे में मिल जुलकर ही कोई फैसला लेंगे। इन विधायकों ने कहा कि जब हमारे 6 विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया तो हमारे इस्तीफे स्वीकार करने में क्या परेशानी है। हमारे इस्तीफे भी स्वीकार करो। हमारा और हमारे साथियों का मुद्दा तो एक जैसा ही है ना।
मंत्रियों से ज्यादा अफसरों की चल रही- तुलसी सिलावट
कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे तुलसी सिलावट ने कहा कि हमें किसी ने बंधक नहीं बनाया। हमारे नेता सिंधिया की कमलनाथ ने उपेक्षा की और जब वचनपत्र के वादे अधूरे रहने पर सड़क पर उतरने की बात कही तो कमलनाथ ने कहा कि उतर जाओ सड़क पर। ऐसे में हम क्या करते। उतर गए कमलनाथ सरकार के खिलाफ हमसे ज्यादा पॉवरफुल तो प्रदेश के सरकारी नौकर है।
मंत्रियों से कहते है कमलनाथ जाओ-जाओ- इमरती देवी
इमरती देवी ने कमलनाथ सरकार के साथ छोड़ने की वजह बताते हुए कहा कि कमलनाथ हमारी सुनते ही नहीं थे। हम जनता के सामने क्या मुंह लेकर जाते। जब भी कमलनाथ से अपने अंचल की समस्याओं को लेकर मिलते तो कमलनाथ यही कहते जाओ-जाओ आगे जाओ। क्या कमलनाथ ने उनसे बात की। इस पर इमरती ने कहा जब मुलाकात ही नहीं करते थे कमलनाथ तो अब बात कैसे करते।
कमलनाथ तो छिंदवाड़ा के मुख्यमंत्री- ऐदल कंसाना
मुरैना जिले की सुमावली सीट से विधायक ऐदल सिंह कसाना ने कमलनाथ सरकार का साथ छोड़ने की वजह बताते हुए कहा कि सरकार सिंधिया ने प्रदेश में बनवाई पर कुर्सी कमलनाथ को मिली और कमलनाथ मुख्यमंत्री बनने के बाद सिर्फ छिंदवाड़ा के होकर रहे गए है। प्रदेश का फंड छिंदवाड़ा की ओर डायवर्ट किया गया है और कमलनाथ सिर्फ छिंदवाड़ा के सीएम होकर रह गए।
कमलनाथ का सच बताने के लिए सामने आए- गोविंद राजपूत
इतने दिनों तक खामोश क्यों रहे? इस पर गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि पिछले दिनों से हमें लेकर तमाम बातें फैलाई जा रहीं थी कि हमें बंधक बनाकर रखा गया है। बंदूक अड़ाकर रखी गई। हमारे मोबाइल जब्त है इन सभी भ्रांतियों को दूर करने के लिए आज हम सभी विधायक सामने आए है और अपनी बात प्रदेश के लोगों को बता रहे है। कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद छिंदवाड़ा को 13 हजार करोड़ रुपए दिए जा चुके है और जब हमारे विधानसभा के लिए फंड की मांग की जाती है तो कोई सुनवाई ही नहीं होती।

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