सत्ता की इनसाइड स्टोरी-मप्र में सत्ता गिराने-बचाने के फॉर्मूले के तहत कमलनाथ जल्दी कर सकते मंत्रिमंडल का विस्तार, भाजपा कर्नाटक फॉर्मूला अपना रहीं है

भोपाल. मप्र में राजनीतिक ड्रामे के दौरान संकट से उभरने के लिये सीएम कमलनाथ मंत्रिमण्डल का फॉर्मूला ला सकते हैं। वर्तमान हालातों की पूरी कमान कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने अपने में ले ली है। सीएम हाउस में रणनीति का केन्द्र है। कांग्रेस के सीनियर नेता अहमद पटेल, गुलामनबी आजाद और कपिल सिब्बल उन्हें मदद कर रहे हैं। कांग्रेस का फॉर्मूला भाजपा की तुलना में आसान हैं क्योंकि अब भी उसके पास विधायकों की संख्या थोड़ी अधिक नजर आ रही है। उसका पहला काम अपने विधायकों में विश्वास बनाये रखना है। दूसरी रणनीति बीजेपी के लोग तोड़ने की है।
कनार्टक नीति अपनाने पर विचार कर रही हैं भाजपा
वहीं, बीजेपी की रणनीति बिलकुल वहीं है जो उसने कर्नाटक में अपनाई थी। दिल्ली में पूरा ऑपरेशन राष्ट्रीय अध्यक्षा जेपी नड्उा के नेतृत्व में चल रहा है जिसमें शिवराज, धमेन्द्र प्रधान, वीडी शर्मा, नरोत्तम मिश्रा अरविंद मेनन और नरेन्द्र सिंह तोमर आशुतोष तिवारी लगे हुए हैं। पूरी मॉनीटरिंग पीएमओ और गृह मंत्रालय से हो रही है। रमाकांत भार्गव, रामपाल सिंह, अरविंद भदौरिया और विश्वास सारंग इसमें संपर्क सूत्र का काम देख रहे हैं। जिन विधायकों को कर्नाटक के बेंगलुरू के होटल में ठहराया गया हैं, उन्हें संभालने का जिम्मा भी बीएस येदियुरप्पा के बेटे को सौंपा गया हैं।
कांग्रेस का फॉर्मूला
भाजपा किसी भी तरह से आठ विधायकों को न तोड़ सके।
किसी भी विधायक का इस्तीफा बिना मिले स्वीकार नहीं होगा।
सभी निर्दलीयों को तत्काल वादा किया जाएगा कि उन्हें क्या मिलेगा।
कुछ मंत्रियों के विभाग कम कर निर्दलीय सदस्यों को मंत्री बनाएं।
मंत्रिमंडल के 5 खाली पदों और निगम.मंडलों में तत्काल नियुक्तियां होंगी। संभव है कि प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष भी नियुक्त हो जाए।
सत्ता का गणित
सदन की प्रभावी संख्या 220
बहुमत का आंकड़ा 110
भाजपा की प्रभावी संख्या 107
नारायण त्रिपाठी, शरद कोल कांग्रेस में जाते हैं तो बीजेपी विधायक की संख्या 105 होंगे।
यानी कि कांग्रेस 106, इस स्थिति में अन्य 7 की भूमिका अहम।

दिल्ली में नरेन्द्र सिंह तोमर के निवास पर बैठक 8 घंटे चली
इस बीच दिल्ली में केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्रसिंह तोमर के निवास शिवराज सिंह, अरविंद मेनन और धर्मेन्द्र प्रधान के साथ 8 घंटे चली। देर रात नरोत्तम मिश्रा भी दिल्ली पहुंच गये और छतरपुर टीकमगढ़ व आसपास के कांग्रेस विधायकों राहुल लोधी, प्रधुम्न लोधी और कुछ अन्य के भी केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल के लगातार संपर्क में होने की बात कहीं जा रही है।

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