सड़क सुरक्षा जागरूकता रथों एवं मोबाइल फॉरेंसिक लैब वाहन को आईजी एवं एसएसपी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
ग्वालियर, सड़क सुरक्षा एवं अपराध अनुसंधान को और अधिक सुदृढ़, वैज्ञानिक व प्रभावी बनाने की दिशा में ग्वालियर पुलिस द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई। आईजी अरविंद कुमार सक्सेना एवं एसएसपी धर्मवीर सिंह द्वारा पुलिस कन्ट्रोल रूम ग्वालियर से 05 “यातायात जागरूकता रथों” एवं पुलिस मुख्यालय से प्रदाय एक मोबाइल फॉरेंसिक लैब वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
यातायात जागरूकता रथों का मुख्य उद्देश्य आमजन को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। इसके माध्यम से लोगों को यातायात नियमों का पालन करनें तथा अपने परिवार एवं समाज के अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें और हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना, निर्धारित गति सीमा का पालन करना तथा नशे की हालत में वाहन न चलाना आदि के लिये जागरूक किया जाएगा। यातायात जागरूकता रथ ग्वालियर शहर के प्रमुख चौराहों, बाजार क्षेत्रों, विद्यालयों के आसपास एवं भीड़भाड़ वाले मार्गों पर भ्रमण करेंगे। इन स्थानों पर आमजन को सड़क सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण संदेश, लघु फिल्में एवं जागरूकता वीडियो क्लिप प्रदर्शित की जाएंगी, ताकि यातायात नियमों की जानकारी अधिक से अधिक नागरिकों तक पहुँच सके।
इसी क्रम में अपराध की जांच प्रक्रिया को तेज, आधुनिक एवं वैज्ञानिक बनाने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय भोपाल से प्राप्त मोबाइल फॉरेंसिक लैब वाहन (एफएसएल मोबाइल यूनिट) को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। रवाना करने से पूर्व मोबाइल फॉरेंसिक लैब वाहन को निरीक्षण भी किया गया और उपस्थित फॉरेंसिक अधिकारी से जानकारी प्राप्त की।
इस मोबाइल फॉरेंसिक लैब वाहन की तैनाती से अब घटनास्थल पर ही त्वरित एवं वैज्ञानिक तरीके से फॉरेंसिक जांच संभव हो सकेगी। इन चलती-फिरती प्रयोगशालाओं के माध्यम से अपराध स्थल पर ही डिजिटल साक्ष्य, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों सहित अन्य महत्वपूर्ण फॉरेंसिक साक्ष्यों का सुरक्षित संकलन एवं प्रारंभिक विश्लेषण किया जा सकेगा, जिससे जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता, विश्वसनीयता एवं गति आएगी।

