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कैप्टन रूपसिंह स्टेडियम की दोबारा लीज पर भाजपा की आपसी कलह खुलकर सामने आयी


ग्वालियर. शुक्रवार को नगरनिगम परिषद की बैठक में कैप्टन रूपसिंह स्टेडियम को एक बार फिर से जीडीसीए को 30 वर्षो के लिये लीज पर दिये जाने का प्रस्ताव भारी हंगाम के बीच पारित होगया। इस बीच बीजेपी के 4 पार्षदों ने प्रस्तावका विरोध किया। लेकिन सदन में मौजूद कांग्रेस और बीजेपी के अन्य पार्षदों के बहुमत से प्रस्ताव मंजूर हो गया है। विरोध कर बीजेपी पार्षदों ने अपने दल के कुछ पार्षदों पर कांग्रेस पार्षदों से मिली भगत का आरोप भी लगाया है। ग्वालियर में पहली बार कैप्टन रूपसिंह स्टेडियम के मुद्दे पर बीजेपी पार्षदों में खुली फूट देखने को मिली है। दरअसल, बैठक में एजेंडा लाया गया था कि स्टेडियम की लीज पर दोबारा जीडीसीए को बढ़ाई जाये। जैसे ही प्रस्ताव सदन में आया। वैसे ही बीजेपी पार्षद अंजली पलैया, गिर्राज कंसाना और गीता भूपेन्द्र कुशवाह और संजय सिंहल इसके विरोध में खड़े हो गये।
प्रस्ताव के विरोध में आसंदी का घेराव
विरोध कर रहे पार्षदों का कहना था कि पहले जब शहर में कोई अन्य क्रिकेट स्टेडियम नहीं था। तब कैप्टन रूपसिंह स्टेडियम की लीज जीडीसीए को दी गयी थी। अब शंकरपुर में नया क्रिकेट स्टेडियम बन चुका है।इसलिये कैप्टन रूपसिंह स्टेडियम की लीज जीडीसीए को न देकर नगर निगम को स्वयं इसका संचालन करना चाहिये। इससे खेल गतिविधियां बढ़ेंगी और निगम को आय भी होगी। अपनी मांगों को लेकर पार्षद धरने पर बैठ गये। आसंदी काघेरा किया गया। हालांकि, बीजेपी और कांग्रेस के अन्य पार्षदों के समर्थन से बहुमत के आधार पर प्रस्ताव पारित कर दिया गया है।
बीजेपी की आपसी फूट खुलकर आई सामने
इस मामले में पार्षदों की आपसी खींचतान खुलकर सामने आ गयी। बीजेपी पार्षद गिर्राज कंसाना ने आरोप लगाया कि उनके दल के कुछ पार्षद कांग्रेस पार्षदों से मिले हुए हैं। इस मिलीभगत के चलते नगर निगम को आर्थिक नुकसान हो रहा है। जनता के साथ छल किया जा रहा है। वहीं बीजेपी पार्षद अंजली पलैया ने कहा है कि जीडीसीए को स्टेडियम दोबारा लीज पर देना उन खिलाडि़यों के साथ अन्याय है। जिन्हें जगह के अभाव में खेलने का मौका नहीं मिल पाता है।
नेता प्रतिपक्ष हरिपाल का कहना है कि जो पार्षद प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं, वे अपने समर्थकों के बहकावे में आकर ऐसा कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन पार्षदों को उन्होंने जिताकर सदन में पहुंचाया, वही अब उनका विरोध कर रहे हैं, जो हैरान करने वाली बात है। उनके मुताबिक, विरोध कर रहे पार्षद भ्रमित हो गए हैं।

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