क्राइम ब्रांच की कार्यवाही-सायबर फ्रॉड हेतु म्यूल खाते खरीदने व बेचने वाले गिरोह के अन्य 2 और साथियों को किया गिरफ्तार
दोनों साइबर आरोपी विदेशी साइबर फ्रॉडस्टार्स से व्हाट्सप्प माध्यम से कनेक्ट थे।
दोनों आरोपीगणों के नाइजीरिया, कैमरून, चीन में बैठे साइबर ठगों को ठगी के लिए भारतीय बैंक खाते भेजते थे।
जेल में बंद अपने साथी मास्टर माइंड से मिलने गुजरात से ग्वालियर आये थे।
पुलिस ने पूर्व में एमपी ऑनलाइन के संचालक व मास्टर माइंड सहित सहित सात आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
ग्वालियर। पुलिस की सायबर क्राइम विंग द्वारा नया बाजार स्थित बाबा महाकाल के संचालक नरेन्द्र सिकरवार के यहां दबिश दी गई थी और बाबा महाकाल कियोस्क द्वारा खोले गये बैंक खातों का रिकॉर्ड चेक किया तो पाया गया था कि उनमें से ज्यादातर बैंक खाते बाहरी राज्यों से किसी न किसी सायबर फ्रॉड में रिपोर्टेड होना पाये गये थे। गैंग के मास्टर माइंड सोनू जाटव सहित कुल 7 आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया था तथा जिनसे फिनो बैंक के 84 एटीएम कार्ड की किट व 9 मोबाइल जप्त किये गये थे। उक्त प्रकरण में SSP धर्मवीर सिंह, द्वारा ASP सुमन गुर्जर को क्राइम ब्रांच ग्वालियर की सायबर क्राइम विंग से गहनता से जॉच कराकर प्रकरण में शेष सायबर फ्रॉडों की पतारसी कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्यवाही करवाने हेतु निर्देशित किया गया।
मास्टर माइंड आरोपी सोनू जाटव से राज्य के बाहर के अन्य आरोपी भी जुड़े हुए है सोनू जाटव से बैंक खाते खरीदकर विदेशों में बैठकर ठगी करने वाले आरोपियों को म्यूल बैंक खाते बेचे जाते हैं। पुलिस टीम को ज्ञात हुआ कि 2 आरोपीगण ग्वालियर जेल में बंद आरोपी सोनू जाटव से मिलने व आगे की कार्ययोजना के संबंध में चर्चा करने के लिए गुजरात से आये हुए हैं।
वारदात का तरीका
विदेश में बैठे साइबर ठग नए-नए तरीकों से भारत में साइबर ठगी को अंजाम देते हैं, जिसमें मुख्तयः इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड, ऑनलाइन गेमिंग, फेक आईडी बनाकर फ्रॉड व अन्य प्रकार के फ्रॉड विदेशां में बैठकर भारतीय लोगों के साथ करते थे। जब पीड़ित साइबर फ्रॉड़स्टर के झांसे में आकर साइबर ठगी की राशि ट्रांसफर करने के लिए तैयार हो जाता था तो विदेशी साइबर फ्रॉड़स्टर भारत में बैठे अपने साथियों से राशि ट्रांसफर के लिए बैंक खाते मांगते थे देश में बैठे आरोपियों के द्वारा म्यूल बैंक खाते खुलवाकर उन बैंक खातों के बैंक अकाउंट नंबर, खाते धारक का नाम व आईएफसी कोड अपने विदेशी साथियों को भेज दिया जाता था, फिर विदेशी साथियां द्वारा व बैंक खाते राशि ट्रांसफर के लिए पीड़ित को भेज दिया जाता था। ठगो के झांसे में आकर पीड़ित उन बैंक अकाउंट्स में जैसे ही राशि ट्रांसफर कर देता था तो गिरफ्तारशुदा आरोपीगणों के द्वारा उन राशि को एटीएम से निकालकर या चेक से निकालकर या अन्य माध्यम से निकालकर उस राशि में से अपना कमीशन काटकर शेष राशि की क्रिप्टो करेंसी (यूएसडीटी) खरीदकर बाइनैंस या अन्य एप के माध्यम से विदेश में बैठे अपने साथियो को उनके वॉलेट पर भेज दिया जाता था। इस तरीके से विदेश में बैठे साइबर ठग भारत में सायबर फ्रॉड को अंजाम देते थे।
गिरफ्तार आरोपीगण
शैलेन्द्र पटेल पुत्र सुरेन्द्र पटेल उम्र 32 बर्ष निवासी गांधी नगर गुजरात।
मुकेश कुमार चौधरी पुत्र पन्ना लाल चौधरी उम्र 28 बर्ष निवासी सिरोही राजस्थान।
जप्त सामग्री
05 मोबाइल फोन, 02 लेपटॉप व एटीएम कार्ड जप्त किये गये।

