Uncategorized

Uncategorized

जीवाजी विश्वविद्यालय और दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान शोध के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे

ग्वालियर- जीवाजी विश्वविद्यालय और भोपाल स्थित दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के मध्य मंगलवार को अनुबंध किया गया। दोनों संस्थाएं मानविकी, सामाजिक विज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा के क्षेत्र में आपसी सहयोग को बढ़ा कर शोध के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे।
प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व अध्ययनशाला, जीवाजी विश्वविद्यालय, में “राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में इतिहास विषय में स्नातक द्वितीय तथा तृतीय एवं स्नातकोत्तर तृतीय तथा चतुर्थ सेमेस्टर हेतु पाठ्यक्रम निर्माण” पर दो दिवसीय कार्यशाला (16 से 17 सितम्बर, 2025) का 16 सितम्बर को शुभारम्भ हुआ। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र की जीवाजी विश्वविद्यालय, अध्यक्षता कुलगुरु, डॉ. राजकुमार आचार्य, ने की, तथा बीज वक्तव्य प्रो. अलकेश चतुर्वेदी, इतिहास विभाग, शासकीय प्रधानमंत्री उत्कृष्ट महाकोशल महाविद्यालय, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर, प्रो. मुकेश मिश्र, निदेशक, दत्तोपन्त ठेंगड़ी शोध संस्थान, भोपाल एवं प्रो. प्रशांत पुराणिक, इतिहास विभाग, प्राचार्य, शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, उज्जैन ने दिया।
इस अवसर पर प्रो. कुमार रत्नम, ने भी पाठ्यक्रम निर्माण हेतु अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिये। इसी सत्र में प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व अध्ययनशाला, जीवाजी विशविश्वविद्यालय, एवं दत्तोपन्त ठेंगड़ी शोध संस्थान, भोपाल के मध्य MoU (समझौता ज्ञापन) भी हुआ, इस समझौता ज्ञापन के मध्यम से जीवाजी विश्वविद्यालय एवं दत्तोपन्त ठेंगड़ी शोध संस्थान, भोपाल के मध्य शोध कार्य एवं शोध परियोजनाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।
इस समझौता ज्ञापन पर जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरु एवं दत्तोपन्त ठेंगड़ी शोध संस्थान, भोपाल के निदेशक ने हस्ताक्षर किए। कार्यशाला के आयोजन सचिव एवं मध्यप्रदेश में भारतीय ज्ञान परम्परा के नोडल अधिकारी डॉ. शान्तिदेव सिसोदिया, विभागाध्यक्ष, प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व अध्ययनशाला, के अनुसार देश में शिक्षा के विकास को दिशा देने के लिए भारत सरकार द्वारा तैयार की गई है। कार्यशाला में मध्यप्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों से केन्द्रीय अध्ययन मण्डल (इतिहास) के पाठ्यक्रम निर्माण हेतु अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिये।

Uncategorized

बिग बॉस शो तान्या मित्तल के भाई ने की गाली-गलौज, कंटेंट क्रिएटर पहुंचा थाने

ग्वालियर. बिग बॉस 19 के घर के अन्दर तो ड्रामा चल ही रहा है। लेकिन बाहर भी कम ड्रामेबाजी नहीं हो रही है। यह ड्रामेबाजी बिगबॉस के घर मौजूद तान्या मित्तल के गृह जिले ग्वालियर से निकल सामने  है। यहां एक कटेंट क्रिएटर ने तान्या मित्तल के भाई अमितेश मित्तल पर गाली गलौज करने और धमकाने का आरोप लगाया है। इसकी श्किायत भी थाने में की गयी है।
क्या है मामला
माधवगंज इलाके में रहने वाले कंटेंट क्रिएटर विश्वम पंजवानी ने तान्या मित्तल से संबंधित एक मजाकिया रील बनाई थी। इसी रील को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विश्वम पंजवानी ने तान्या मित्तल के भी अमितेश मित्तल पर आरोप लगाया है कि अमितेश मित्तल ने उनके साथ गाली-गलौज की है। घर पर आकर उन्हें धमकाया है। विश्वम पंजवानी ने बताया है कि अगर उनके साथ कुछ भी होता है तो सके जिम्मेदार अमितेश मित्तल और तान्या मित्तल होंगे। इसकी शिकायत विश्वम पंजवानी ने लिखित आवेदन देकर माधवगंज थाने में भी की है।
यह सब PR स्टंट है
हालांकि, इस बारे में जब तान्या मित्तल के भाई अमितेश मित्तल से बात की गई तो उन्होंने कैमरे के सामने आने से तो इनकार कर दिया।  लेकिन फोन कॉल पर की गई बातचीत में मित्तल ने बताया कि यह सब PR स्टंट है।  फेम के लिए यह सब कर रहा है। अमितेश मित्तल ने इस बात को कबूल किया कि वह उसके घर गए थे और उससे बातचीत की थी. लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है । अमितेश मित्तल ने यह भी बताया कि पुलिस कंप्लेंट के बारे में उन्हें सारी जानकारी है।  इस मामले में सीएसपी किरण अहिरवार का कहना है कि एक लड़के ने माधवगंज थाने में आवेदन दिया है।  उसका कहना है कि बिग बॉस फेम तान्या मित्तल के भाई ने डराया धमकाया है. आवेदन को जांच में लिया गया है।  तथ्य सामने आने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

 

Uncategorized

ऑपरेशन सिंदूर के हमले आतंकी मसूद अजहर का परिवार रेजा-रेजा हो गये, टूकड़े-टुकड़े हो गया

नई दिल्ली. आतंकवादी मसूद अजहर का परिवार ऑपरेशन सिंन्दूर के दौरान मारा गया था। ऑपरेशन सिंदूर के कई माह बाद आतंकी संगठन जैश-ए-‘मोहम्मद के परिवार ने इसकी पुष्टि की है। जैश-ए-‘मोहम्मद के टॉप कमाण्डर मसूद इलियास कश्मीरी ने स्वीकार किया है कि 7 मई को बहावलपुर के आतंकी अड्डे पर जब भारत ने हमला किया तो आतंकी मसूद अजहर का परिवार टुकड़ों-टुकड़ों में तक्सीम हो गया। रेजा-रेजा हो गया। जैश कमांडर मसूद इलियास कश्मीरी ने कहा है कि इस हमले में मसूद अजहर का परिवार को काफी नुकसान पहुंचा और परिवार के कई लोग मारे गये।
जैश कमांडर का कबूलनामा
जैश कमांडर के कबूलनामे से जुड़ा का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में वह कमांडर कहता हुआ दिख रहा है। सब कुछ कुर्बान करने के बाद 7 मई को बहावलपुर के अन्दर मौलाना मसूद अजहर का परिवार के लोग बेवा, बेटे औैर बच्चे रेजा-रेजा हो गये, टुकड़ों में तक्सीम हो गये। बहावलपुर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित शहर है। यहां मरकज सुब्हान अल्लाह नाम की एक मस्जिद में जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय है। यह ऑपरेशन सिंदूर का सबसे प्रमुख और घातक हमला था जो पाकिस्तान के अंदर 100 किमी गहर्रा में स्थित था। भारतीय सेना ऑपरेशन के तहत जैश-ए-मोहम्मद के हैडक्वार्टर को निशाना बनाया। इस हमले में आतंकियों का यह पूरा अड्डा तबाह हो गया। जैश के इसी अड्डे में आतकी मसूद अजहर का परिवार रहता था। सैटेलाइट इमेज से मिली तस्वीरें बताती है। भारत के हमले में मरकज सुब्हान अल्लाह मलबे में तब्दील हो गया।
क्यों वांटेड है मसूद अजहर?
आतंकी मसूद अजहर जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक है और भारत में कई आतंकी हमलों के लिए वांटेड है। मसूद अजहर की 2001 के भारत के संसद पर हमले, 2016 के पठानकोट वायुसेना अड्डे पर हमले, 2019 के पुलवामा हमले और 2025 के पहलगाम अटैक में भूमिका रही है। मसूद अजहर कभी भारत में गिरफ्तार हुआ था लेकिन 1999 में IC-814 विमान अपहरण कांड के दौरान उसकी रिहाई हो गई। इसके बाद उसने जैश ए मोहम्मद बनाया. मसूद अजहर पर आतंकी फंडिंग, भर्ती, और प्रशिक्षण शिविर चलाने के आरोप हैं। वह अबतक बहावलपुर स्थित मुख्यालय से अपना ऑपरेशन संचालित करता है। इसी टेरर हेड ऑफिस को भारत ने 2025 के ऑपरेशन सिंदूर में नष्ट किया. संयुक्त राष्ट्र ने उसे 2019 में वैश्विक आतंकी घोषित किया है।

 

Uncategorized

प्रदेशभर के अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन कर नियमित करने की मांग

भोपाल. प्रदेशभर के हजारों अतिथि शिक्षकों ने राजधानी भोपाल के अम्बेडकर मैदान, तुलसीनगर में नियमितीकरण, अवकाश सहित अलग-अलग मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे है। यह प्रदर्शन गुरू दक्षिणा कार्यक्रम के तहत किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य सरकार का ध्यान अतिथि शिक्षकों की समस्याओं की ओर आकर्षित करना है।
इस कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री उदयप्रताप सिंह को भी आमंत्रित किया गया। निके समक्ष अतिथि शिक्षक अपनी मांग रखेंगे। अतिथि शिक्षकों का कहना है जिस प्रकार पूर्व में गुरूजी शिक्षकों को नियमित किया गया था। उसी प्रकार पर अतिथि शिक्षकों के लिये भी एक स्पष्ट नीति बनाकर उन्हें स्थाईत्व प्रदान किया जाये।
यह है संघ की प्रमुख मांगें
आजाद अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष पुष्कर (सिंगरौली) ने बताया कि इस कार्यक्रम के लिये पुलिस ने जो एनओसी दी है। उसमें स्पष्ट किया गया है कि आयोजक केवल निर्धारित कार्यक्रम के लिये ही स्थल का इस्तेमाल कर सकते है। अतिथि शिक्षक समन्वय संघ के प्रतिनिधि सुनील सिंह परिहार ने कहा है कि इस आयोजन में प्रदेशभर से अतिथि शिक्षक शामिल हुए है। संघकी तरफ से स्कूल शिक्षा मंत्री को एक प्रस्ताव सौंपा जायेगा।
अतिथि शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित किया जाए।
सीधी भर्ती, प्रमोशन या अन्य माध्यमों से किसी शिक्षक की नियुक्ति होने पर वर्षों से कार्यरत अतिथि शिक्षकों को सेवा से बाहर न किया जाए।
18 सालों से सेवा दे रहे अनेक अतिथि शिक्षकों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के बाहर कर दिया जाता है, जो अनुचित है।
अतिथि शिक्षकों के लिए भी नियमित शिक्षकों की तरह अवकाश नीति लागू की जाए। जैसे अन्य विभागों में कर्मचारियों को 13 सीएल (कैजुअल लीव), 3 ईएल (अर्जित अवकाश) मिलती हैं, वैसे ही अधिकार अतिथि शिक्षकों को भी दिए जाएं।

Uncategorized

बकाया वेतन के मामले में हाईकोर्ट सख्त, अधिकारियों की लापरवाही पर 7 लाख रूपये की वसूली का आदेश, सरकार के सभी तर्को को किया खारिज

ग्वालियर. हाईकोर्ट की डबल बेंच ने जल संसाधन विभाग के कर्मचारी के बकाया वेतन के मामले में राज्य सरकार की रिट पिटीशन को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने अधिकारियों की लापरवाही को स्पष्ट मानते हुए जिम्मेदार अधिकारी से ही 7 लाख रूपये की वसूली करने का आदेश दिया है।
ऐसा मामला विभाग के कर्मचारी राजेन्द्र शर्मा के नियमितीकरण से जुड़े बकाया भगुतान का है। वर्ष 2013 में श्रम न्यायालय ने राजेन्द्र शर्मा को 7 लाख 7 हजार 647 रूपये का भुगतान करने का आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ सरकार ने चुनौती दी थी। लेकिन 2016 में हाईकोर्ट से संशोधन का मौका मिलने के बावजूद कोई ठोस कार्यवाही नही हुई। इस केस की पैरवी एडवोकेट बीपी सिंह ने की है।
संशोधन का आवेदन को हाईकोर्ट ने किया खारिज
यहां तक कि 2015 में वसूली प्रमाण पत्र (आरआरसी) जारी होने के बाद भी कलेक्टर स्तर पर कोई कार्यवाही नहीं की गयी। कर्मचारी ने 2023 में वसूली प्रक्रिया तेज करने की मांग की, तब जाकर सरकार ने 2024 में संशोधन का आवेदन प्रस्तुत किया। श्रम न्यायालय और औद्योगिक न्यायालय दोनों ने इसे खारिज कर दिया और इसके बाद राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में अपील दायर की। लेकिन युगल पीठ ने इसे भी खारिज कर दिया।
सरकार के बहाने न्यायालय ने ठुकराये
राज्य सरकार ने अपनी देरी के लिये फाइल गायब होने और कोविड-19 महामारी का हवाला दिया। लेकिन न्यायालय ने इन तर्को को झूठा और भ्रामक करार देते हुए कहा है कि महामारी से पहले ही सरकार 4 साल तक निष्क्रिय रहीं हैं।
हाईकोर्ट ने की टिप्पणी की
अधिकारियों की जानबूझकर की गई देरी और निष्क्रियता स्पष्ट है।
यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है।
नुकसान की भरपाई जिम्मेदार अधिकारी से ही की जाएगी।

Uncategorized

जनरल रिजर्वेशन में भी e-aadaahar वेरीफिकेशन होगा जरूरी, 15 मिनट सिर्फ आधार ओटीपी से बुक कर सकेंगे टिकट

नई दिल्ली. भारतीय रेलवे 1 अक्टूबर से ऑनलाइन टिकट बुकिंग सिस्टम में बड़ा बदलाव करने जा रही है। रेल मंत्रालय ने ऐलान किया है कि अब तत्काल टिकट की तरह ही जनरल रिजर्वेशन (सामान्य आरक्षण) टिकट की बुकिंग करते समय भी e-aadaahar वेरीफिकेशन जरूरी होगा।
रेल मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर इसकी जानकारी दी है। मंत्रालय के अनुसार IRCTC वेबसाइट या एप पर जनरल रिजर्वेशन खुलने के पहले 15 मिनट में टिकट बुक करने के लिये आधार वेरीफिकेशन जरूरी होगा। इससे फर्जी आईडी, एजेंट्स की टिकटों की कालाबाजारी और बॉट्स की बुकिंग पर रोक लगेगी।
अगर आपका IRCTC  अकाउंट पहले से आधार से लिंक है। तो बुकिंग सरल रहेगी। वेटिंग कम होगी और टिकट्स जल्दी कन्फर्म होंगे। रेलवे के कम्प्यूरीकृत PRS  काउंटरों पर जनरल रिजर्वेशन टिकट बुक करने का पुराना शेड्यूल वहीं रहेगा। रेलवे के अधिकृत टिकटिंग एजेंट्स के लिये पहलेदिन टिकट बुकिंग पर 10 की पाबंदी भी बिना किसी बदलाव के जारी रहेगी।

Uncategorized

पहले तेजस मार्क 1ए और अब स्वदेशी राफेल से बढ़ेगी एयरफोर्स की ताकत

नई दिल्ली. भारतीय वायुसेना की ताकत को मजबूत करने के लिये 2 बड़े कदम उठाये जा रहे है। तेजस मार्क1ए का उत्पादन शुरू होना। 114 स्वदेशी राफेल जेट्स की संभावित डील। वर्तमान में आईएएफ के पास सिर्फ 31 फाइटर स्क्वाड्रन है।जबकि जरूरी 42 है। यह पुराने मिग-21 जैसे विमान रिटायर हो रहे है। जिससे ताकत कम हो रही है। तेजस एमके1ए और रॉफेल से आईएएफ न सिर्फ संख्या में मजबूत होगी। बल्कि तकनकी रूप से भी दुनिया की सबसे शक्तिशाली एयरफोर्स में शामिल की जायेगी।
तेजस मार्क1ए,
तेजस भारत का पहला स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है। जो हिन्दुकान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा बनाये जा रहा है। मार्क 1ए इसका एडवांस वर्जन है जो मार्क-1 से बेहतर है। वर्तमान स्थिति 2021 में 83 तेजस एमके1ए के लिये 48 हजार करोड़ रूपये कॉन्ट्रैक्ट हुआ है। अगस्त 2025 में सरकार में 97 और जेट्सके लिये 62 हजार करोड़ रूपये मंजूर किये हैं। कुल 180 जेट्स (10 स्क्वाड्रन)। पहला एमके1ए जून 2025 तक नासिक फैसिलिटी से डिलीवर होने वाला था। लेकिन जीई के एफ404 इंजन में देरी से सितम्बर 2025 तक पहुंचा। सितम्बर 2025 के अंत तक पहला जेट आईएएफ को मिलो। एचएएल 2025-26 मेंु 12 जेट्स डिलीवर करेगी। 2031 ‘-32 तक सभी 180 स्वदेशी सामग्री 70प्रतिशत से अधिक है।
विशेषतायें
एमके 1ए में एईएसए रडार (उत्तम या इजरायली ईएल/एम-2052) बेहतर इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर, अस्त्रा बीवीआर मिसाइल और एएसआरएएएम मिसाइलें है। यह हल्का (13.5टन) तेज (मच 1.6) और मल्टी रोल है। हवाई लड़ाई, ग्राउंड अटैक और इंटरसेप्शन, ऑपरेशन सिंन्दूर में मार्क-1 ने पाकिस्तानी घुसपैठ को रोका। एमके1ए इससे और मजबूत होगा।
भारतीय वायु सेना पर प्रभाव
यह 180 जेट्स 10 स्क्वाड्रन बनायेंगे। जो मिग-21 को रीप्लेस करेंगे। वर्तमान में 2 एमके1 स्क्वाड्र (40 जेट्स) है। एमके1ए से संख्या 8-10 स्क्वाड्रन बढ़ेगी। उत्पादन क्षमता 24 जेट्स/वर्ष हो जायेगी। इससे आईएएफ की स्वदेशी क्षमता मजबूत होगी। आयात पर निर्भरता कम।
वर्तमान स्थिति
सितम्बर 2025 में आईएएफ ने रक्षा मंत्रालय को 2 लाख करोड़ रूपये का प्रस्ताव दिया। यह सरकार से सरकार डील होगी। जिसमें 60 प्रति/ात से अधिक स्वदेशी सामग्री। दसॉल्ट एविएशन और टाटा एडवांस्ड सिस्टम (टीएएसएल) मिलकर हैदराबाद में फ्यूजलेज बनायेंगे। यह पहले 36 राफेल (अम्बाला और हसीमारा में) ऑपरेशन सिन्दूर में कामयाब रहे। नेवी के 26 राफेल-एम भी आ रहे है। अगर मंेजूर हुई तो कुल 176 राफेल (8-9 स्क्वाड्रन) हो जायेंगे। डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड अक्टूबर 2025 तक फैसला लेगा।
तकनीकी मजबूती
तेजस हल्का और सस्ता (राफेल से 4 गुना कम कीमत) राफेल भारी पेलोड और लम्बी रेंज वाला और साथ में मल्टी रोल क्षमता बढ़ेगी। हवाई श्रेष्ठता, ग्राउंड अटैक, ईडब्ल्यू, स्वदेशी सामग्री से रखरखाव आसान, कॉस्ट कम, ऑपरेशन सिन्दूर जैसी कार्यवाहियों में यह साबित हो चुके है।
स्वदेशी रॉफेल -फ्रांस के साथ नयी साझेदारी
राफेल फ्रांस का उन्नत मल्टी रोल फायटर है। जो 2016 में 36 जेट्स के डील से आईएएफ में आया। अब 114 मेक इन इंडिया राफेल की डील पर विचार चल रहा है।
रणनीतिक लाभ
चीन (पीएलए एयरफोस-2 हजार ़़प्लस जेट्स) पाकिस्तान (जेएफ17-150 प्लस) के खिलाफ बैलेंस तेजस एमके 2 (फर्स्ट फ्लाइट) और एएमसीए (5वी जेन) से और मजबूती। कुल मिलाकर भारतीय वायुसेना की ताकत 30-40प्रतिशत बढ़ेगी। स्वदेशी उत्पादन से अर्थव्यवस्था को बूस्ट।
चुनौतियां और भविष्य
इंजन देरी (GE F404) और उत्पादन (HAL की क्षमता) चुनौतियां हैं, लेकिन नासिक लाइन से 24 जेट्स/वर्ष संभव. राफेल डील में सोर्स कोड एक्सेस की मांग है. 2035 तक 350+ नए जेट्स से IAF दुनिया की टॉप-3 में होगी.

 

Uncategorized

इनकम टैक्स रिटर्न अंतिम तिथि एक दिन और बढ़ी, जुर्माने से बचने के लिये आज ही भरें आईटीआर

नई दिल्ली. आयकर विभाग ने इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR दाखिल करने की अंतिम तिथि एक दिन और बढ़ा दी गयी है। लिहाजा आईटीआर फाइन की अंतिम अब 16 सितम्बर 2025 की गयी है। पहले यह तारीख 15 सितम्बर तय थी। हालांकि सबसे पहले आईटीआर फाइल करने की डेडलाइन 31 जुलाई 2025 थी। जिसे पहले ही बढ़ा दिया गया था।
आयकर विभाग की तरफ से जारी प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा गया है कि आयकर रिटर्न दाखि करने की अंतिम तिथि का ेअब एक दिन बढद्याकर 16 सितम्बर कर दी गयी है। यह कमद उन टैक्सपेयर्स की सुविधा के लिये उठाया गया है। जिन्हें इनकम टैक्स ई-फायलिंग पोस्ट पर तकनीकी समस्याओं की वजह से रिटर्न भरने में परेशानी हो रही थी। आयकर विभाग ने यह भी बताया है कि ई-फायलिंग पोर्टल पर जरूरी अपडेट और बदलाव करने के लये 16 सितम्बर की रात 12 बजे से सुबह 2.30 बजे तक मेंटेनेंस किया जायेगा।

 

Uncategorized

मध्यप्रदेश में 20 आईएएस अधिकारियों के तबादले, टी प्रतीक राव ग्वालियर नगरनिगम कें बने अपर आयुक्त

भोपाल. एमपी में एक बार फिर आईएएस अधिकारियों के तबादले किये गये हैं। सरकार ने 20 अधिकारियों को इधर से उधर किया है। 2008 बैच के आईएएस विशेष गढ़पाले को ऊर्जा विभाग में उपसचिव बनाया गया है। जबकि वंदना वैद्य को मप्र वित्त निगम इन्दौर में प्रबंध संचालक बनाया गया है।
तपस्या परिहार को कटनी नगरनिगम का आयुक्त बनाया है दिलीप कुमार देवा नगरनिगम के आयुक्त होंगे। अनिल भाना को रतलाम नगरनिग आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। आपको बता दें कि 7 दिन पूर्व ही 14 अधिकारियों के तबादले किये गये थे।
इनके हुए तबादले
गजेन्द्र सिंह नागेश- नरसिंहपुर के जिला पंचायत सीईओ बने।
विशेष गढ़पाले: ऊर्जा विभाग में उप सचिव बने।
वंदना वैद्य: मप्र वित्त निगम की प्रबंध संचालक बनीं।
गुरु प्रसाद- मुख्य सचिव कार्यालय में उप सचिव बने।
दिव्यांक मिश्रा- नगरीय प्रशासन विभाग में अपर आयुक्त बने।
तपस्या परिहार: कटनी नगर निगम आयुक्त बनीं।
शिशिर गेमावत: नगरीय प्रशासन विभाग में अपर आयुक्त बने।
नेहा जैन: नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण इंदौर में उप संचालक बनीं।
श्रेयांस कुमट: उज्जैन के जिला पंचायत सीईओ बने।
तन्मय वशिष्ठ शर्मा: भोपाल नगर निगम में अपर आयुक्त बने।
दलीप कुमार: देवास नगर निगम कमिश्नर बने।
नवजीवन विजय पवार: इंदौर के अपर कलेक्टर बने।
अनिल कुमार राठौर: मप्र औद्योगिक विकास निगम क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर में कार्यकारी संचालक बनाए गए।
अंशुमान राज: स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (स्वान) के एमडी बने। राज्य कंप्यूटर सिक्योरिटी इंसीडेंट रिस्पांस टीम भोपाल के डायरेक्टर का अतिरिक्त प्रभार रहेगा।
अरविंद कुमार शाह: जबलपुर नगर निगम में अपर आयुक्त बने।
टी प्रतीक राव: ग्वालियर नगर निगम में अपर आयुक्त बने।
अनिशा श्रीवास्तव: मप्र औद्योगिक विकास निगम क्षेत्रीय कार्यालय ग्वालियर में कार्यकारी संचालक बनीं।
श्रृंगार श्रीवास्तव: इंदौर नगर निगम में अपर आयुक्त बनाया गया है।
अनिल भाना : रतलाम नगर निगम कमिश्नर बनाया गया है।

देखें लिस्ट

Uncategorized

12 जेसीबी से 300 बीघा जमीन से हटाया अतिक्रमण, 100 लोगों की टीम पहुंची थी, भूमि विवाद में एक आदिवासी की मौत

12 JCB से 100 लोगों की टीम मैदान में उतरी और 300 बीघा जमीन से अतिक्रमण हटवाया।

गुना. बमोरी इलाके में 12 जेसीबी लेकर 100 लोगों की टीम ने 300 बीघा जमीन से अतिक्रमण हटा दिया है। इस जमीन पर विवाद में एक व्यक्ति की मौत हो गयी थी। 7 दिन के बाद भी टीम ने चाकरी गांव में पहुंचकर कार्यवाही की है। आगे अतिक्रमण न हो इसके लिये ट्रेंच खोद गये है।
क्या है मामला
बमोरी इलाके के चाकरी में भील समुदाय के लोग निवास करते हैं। वहीं चिकारी गांव में मिलाला समुदाय है। दोनों में फॉरेस्ट की जमीन पर कब्जे को लेकर लम्बे समय से विवाद चल रहा है। इस विवाद को सुलझाने के लिये मंगलवार को समाज की पंचायत बैठी थी। पंचायत में दोनों ही पक्षों ने जमीन पर अपना-अपना दावा किया है।
पुलिस और वन विभाग के अधिकारी भी विवाद को शांत करने के उद्देश्य से घटनास्थल पर तैनात किये गये थे। इसी बीच कुछ लोगों को समझौते की शर्ते पसंद नहीं आयी और एक ओर से पथराव शुरू हो गया। पुलिस और विभाग के अधिकारी कुछ समझ पाते इससे पहले ही दोनों और से मौजूद भारी समुदाय ने पथराव शुय कर दिया।
कुछ लोग अपने साथ गोफना से पत्थर फेंके गए
इसी दौरान एक व्यक्ति के सीने में आकर तीर लगा। वह सीधा दिल में घुसा। कुछ पत्थर भी उसे लगे। इससे वह जमीन पर ही बैठ गया और वहीं ढेर हो गया। उसकी पहचान गंगाराम भील (42) वर्ष के रूप में हुई। उसकी बॉडी 16 घंटे तक गांव में ही पड़ी रही।
रात होने के कारण कोई गांव में नहीं घुस पाया। बुधवार सुबह 9 बजे एम्बुलेंस गांव के अंदर पहुंची और बॉडी को लेकर आई। SDM की मॉनिटरिंग में शव को बमोरी अस्पताल लाया गया।
बमोरी अस्पताल में पीएम के बाद शव परिवार वालों को सौंप दिया गया। परिवार और समाज वाले शव लेकर सीधे बमोरी के चौराहे पर आ गए। यहां शव को चौराहे पर रखकर चक्काजाम कर दिया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों की समझाइश और आश्वासन के बाद जाम हटाया। इसके बाद शव को गांव लाया गया और उसका अंतिम संस्कार किया गया।इस मामले में बमोरी थाने में पहली FIR दर्ज की गई। FIR से यह भी खुलासा हुआ कि गंगाराम भील के दिल में तीर किसने मारा था। पुलिस ने मामले में 16 नामजद और अन्य लोगों पर हत्या सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। हालांकि, घटना के बाद आरोपी पक्ष गांव छोड़कर भाग गया।बमोरी पुलिस ने आरोपियों की तलाश में दबिश दीं। बमोरी पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस ने नान सिंह पुत्र केरु भिलाला उम्र 45 साल, राजेश पुत्र सोमला भिलाला उम्र 34 साल, बेस्ता पुत्र नबल भिलाला उम्र 45 साल, लाल सिंह पुत्र किशन भिलाला उम्र 32 साल और अरविन्द पुत्र धर्मेन्द्र भिलाला उम्र 18 साल निवासी ग्राम छिकारी थाना बमोरी को गिरफ्तार कर लिया था