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दक्षिण अफ्रीका से लाए जाएंगे चार और चीते, दो प्रभास व पावक को गांधीसागर अभयारण्य में छोड़ा गया

मंदसौर. देश में चीता पुनर्वास परियोजना के तहत मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में बसाए गए चीतों में से दो प्रभास व पावक को गांधीसागर अभयारण्य में छोडा गया है। यहां भी चीतों को बसाया जाना है। दोनों चीते यहां की आबोहवा में रम चुके है। गर्मी और लू के मौसम में भी चीते सामान्य व्यवहार करते दिखे। ढाई माह में दोनों चीतों ने 30 से अधिक शिकार किए। अभयारण्य के अधिकारियों के अनुसार चीते औसत हर तीसरे दिन नीलगाय या अन्य शिकार को पकड रहे है। इससे उनके स्वास्थ्य और अनुकूलन की स्थिति मजबूत दिख रही है। ऐसे में दक्षिण अफ्रीका से लाई जाने वाली चीतों की तीसरी खेप में से चार चीतों को यहां छोडे जाने की तैयारी है। शेष चीते गुजरात भेजे जाएंगे। तीसरे चरण में कुल कितने चीते आएंगे इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
दो चरणों में लाए गए 20 चीते
बता दें कि दक्षिण अफ्रीका से दो चरणों में अभी तक 20 चीते लाए जा चुके है। पहले चरण में 8 और दूसरे चरण में 12 चीते लाए गए थे। जिन्हें कूनों नेशनल पार्क में बसाया गया है। गांधीसागर अभयारण्य को भी चीतों का रहवास बनाने के लिए चुना गया है। कूनों से यहां लाकर छोडे गए दोनों चीतों ने यह सिद्ध कर दिया है कि यहां का वातावरण उनके अनुकूल है।
दोनों चीतों को 16.4 वर्ग किमी के बाडे में रखा गया है। दक्षिण अफ्रीका से और चीते लाए जाने के क्रम में केंद्रीय वनाधिकारियों के साथ मध्य प्रदेश के अधिकारियों का दल हाल ही में दक्षिण अफ्रीका लौटा है। अधिकारियों ने बताया कि गांधीसागर अभयारण्य ने चार चीते अगस्त के अंत या सितंबर तक लाए जा सकते है।

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