मप्र में नकली दूध के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी, सीएम ने कहा कि आरआई-पटवारी की गृह तहसील में पोस्टिंग नहीं होगी, सहकारी संस्थाओं की शिकायतों की जांच प्रशासनिक अफसर करेंगे
भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि मप्र में नकली दूध बिक्री के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा, सहकारी संस्थाओं की गंभीर शिकायतों की जांच अब प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कराई जाएगी। सीएम ने यह आश्वासन किसान मंच के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में दिया और कहा कि राजस्व निरीक्षण और पटवारियों की पोस्टिंग गृह तहसील में नहीं की जाएगी।
मंत्रालय में सीएम के साथ हुई बैठक में किसान मंत्र के पदाधिकारियों ने सरकारी तंत्र में हो रही परेशानियों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। इस पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रजिस्ट्री होते ही नामांतरित दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं। भूमि नामांतरण समय-सीमा में गांव में पंचायत के प्रस्ताव से करने के साथ ही पटवारी ही कम्प्यूटर रिकॉर्ड में दर्ज करें, उन्होंने अफसरों से कहा कि पटवारियों की जवाबदारी निश्चित की जाए।
बंटवारा आपसी सहमति के आधार हो
सीएम ने कहा कि बंटवारा आपसी सहमति के आधार पर नोटरी कराने पर तहसीलदार द्वारा किया जाए। विभाग द्वारा खसरा बी-1 में की गई त्रृटियों के साथ खेतों के परंपरागत रास्ते नक्शे में अंकित किया जाए, उन्होंने कहा कि पटवारियों को राजस्व के कार्य के लिए ही अधिकृत किया जाए। अन्य काम व प्रोटोकॉल के लिए अलग से अधिकारियों की नियुक्ति करें।
नामांतरण की नई व्यवस्था की जानकारी देने अभियान चलेगा
सीएम ने कहा कि नामांतरण के लिए स्थापित नई व्यवस्था की जान-सामान्य को जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए। भूमि संबंधी दस्तावेजों में त्रृटि सुधार के लिए अगस्त माह में एक सप्ताह का विशेष रिकॉर्ड शुद्धिकरण सप्ताह मनाया जाएगा। रिकॉर्ड के कम्प्यूटरीकरण के दौरान हुई त्रुटियों के सुधार के लिए किसानों से शुल्क नहीं लिया जाएगा।

