ग्वालियर में डेंगू का दोहरा शतक, पॉश कॉलोनियां बने डेंजर जोन
ग्वालियर. शहर में डेंगू ने दोहरा शतक पूरा कर लिया है। शुक्रवार सुबह तक ग्वालियर में डेंगू के मरीजों की संख्या 202 हो चुकी है, जबकि एक बच्ची की मौत भी हो चुकी है। इसके बाद भी स्वास्थ विभाग, नगर निगम, जिला प्रशासन अलर्ट पॉजिशन में नहीं आया है। यहां बता दें कि डेंगू के डेंजर जोन में सीमावर्ती मोहल्ले नहीं बल्कि शहर की पॉश कॉलोनियों है। जैसे-हरिशंकरपुरम, माधव नगर, विवेक विहार, विजया नगर आदि। यहां पढ़े लिखे और संभ्रांत लोग रहते हैं, लेकिन यहीं डेंगू का लार्वा पनप रहा है। इन्हीं पॉश कॉलोनी में से एक विवेक विहार में आठ साल की बच्ची भावेशा की डेंगू से मौत भी हो चुकी है।
कुल डेंगू मरीज की संख्या 202 हो गई
ग्वालियर में हर दिन के साथ डेंगू जानलेवा होता जा रहा है। गुरुवार रात को ग्वालियर के जेएएच बायोलॉजिकल लैब, जिला अस्पताल में आई 149 संदिग्ध की रिपोर्ट में 24 को डेंगू होने की पुष्टि हुई है। जिसमें से 10 ग्वालियर के मरीज हैं और शेष 14 आसपास के शहरों के हैं। अभी तक ग्वालियर शहर के मरीजों की संख्या 192 थी, लेकिन यह दस नाए केस मिलने के बाद कुल डेंगू मरीज की संख्या 202 हो गई है। शहर में डेंगू का प्रकोप दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। अभी तक शहर में डीडी नगर ही डेंजर जोन में गिना जाता था। इस बार माधव नगर, विवेक बिहार, विजया नगर, हरिशंकरपुरम का वार्ड 58 और सिकंदर कंपू, गुढ़ा गुढ़ी का नाका का वार्ड 52 डेंजर जोन में आ गए हैं। वार्ड 58 में तो डेंगू से 8 साल की बच्ची की मौत भी हो सकी है।
इस कारण से फैल रहा है डेंगू
शहर में डेंगू फैलने का प्रमुख कारण निर्माणाधीन मकानों में भरा पानी है। इसके अलावा जानवरों को पानी पिलाने के लिए रखी गई टंकियों में लार्वा पनप रहे हैं। मलेरिया विभाग की टीम को इनमें ही ज्यादा लार्वा मिल रहे हैं।

