MP में फिर खुलेंगे परिवहन चेक पोस्ट
ग्वालियर. मध्य प्रदेंश में परिवहन व्यवस्था को लेक बडा बदलाव देखने को मिल सकता है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश में बंद परिवहन चेक पोस्टों को दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस आदेश का असरर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। जहां चेक पोस्टों के स्थान पर संचालित चेक प्वाइंट धीरे-धीरे निष्क्रिय होते नजर आ रहे है। सरकार को कोर्ट के निर्देशों का पालन करने के लिए 30 दिनों का समय दिया गया है जिसके चलते परिवहन विभाग नई रणनीति और मानक प्रक्रिया एसओपी तैयार करने में जुट गया है।
चेक पोस्ट बंद होने से हादसों को खतरा बढा
हाईकोर्ट ने परिवहन चेक पोस्ट बंद करने के निर्णय पर कडी टिप्पणी करते हुए इसे चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की थी। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि चेक पोस्ट बंद होने से ओवरलोडिंग और नियम उल्लंघन के मामलों में वृद्धि हुई है जिससे सडक हादसों का खतरा बढ गया है। कोर्ट ने शासन के पक्ष को संतोषजनक नहीं माना और स्पष्ट निर्देश दिए कि चेक पोस्टों को पुनः शुरू किया जाए साथ ही यह भी कहा गया कि आदेश का पालन नहीं होने पर अवमानना की कार्रवाई हो सकती है।
नई एसओपी में तकनीकी निगरानी और स्पष्ट दिशा-निर्देश
परिवहन विभाग अब पारदर्शी और प्रभावी एसओपी तैयार करने में जुटा है। पहले चेक पोस्ट संचालन के दौरान भ्रष्टाचार और वसूली के आरोप लगे थे, जिससे विभाग की छवि प्रभावित हुई थी। इसी कारण इस बार नई व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नई एसओपी में तकनीकी निगरानी और स्पष्ट दिशा-निर्देश शामिल किए जाएंगे।
विभागीय स्तर पर तैयारियां शुरू
फिलहाल सरकार विधि विशेषज्ञों से परामर्श ले रही है, ताकि कोर्ट के आदेश का सही तरीके से पालन किया जा सके। हालांकि आधिकारिक निर्देश अभी जारी नहीं हुए हैं, लेकिन विभागीय स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। आगामी 30 दिनों में उच्च स्तरीय बैठकों के जरिए पूरी रूपरेखा तय की जाएगी। कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जिसमें चेक पोस्टों की वापसी और नई पारदर्शी प्रणाली लागू करने पर जोर रहेगा।





