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MP में फिर खुलेंगे परिवहन चेक पोस्ट

ग्वालियर. मध्य प्रदेंश में परिवहन व्यवस्था को लेक बडा बदलाव देखने को मिल सकता है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश में बंद परिवहन चेक पोस्टों को दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस आदेश का असरर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। जहां चेक पोस्टों के स्थान पर संचालित चेक प्वाइंट धीरे-धीरे निष्क्रिय होते नजर आ रहे है। सरकार को कोर्ट के निर्देशों का पालन करने के लिए 30 दिनों का समय दिया गया है जिसके चलते परिवहन विभाग नई रणनीति और मानक प्रक्रिया एसओपी तैयार करने में जुट गया है।
चेक पोस्ट बंद होने से हादसों को खतरा बढा
हाईकोर्ट ने परिवहन चेक पोस्ट बंद करने के निर्णय पर कडी टिप्पणी करते हुए इसे चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की थी। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि चेक पोस्ट बंद होने से ओवरलोडिंग और नियम उल्लंघन के मामलों में वृद्धि हुई है जिससे सडक हादसों का खतरा बढ गया है। कोर्ट ने शासन के पक्ष को संतोषजनक नहीं माना और स्पष्ट निर्देश दिए कि चेक पोस्टों को पुनः शुरू किया जाए साथ ही यह भी कहा गया कि आदेश का पालन नहीं होने पर अवमानना की कार्रवाई हो सकती है।
नई एसओपी में तकनीकी निगरानी और स्पष्ट दिशा-निर्देश
परिवहन विभाग अब पारदर्शी और प्रभावी एसओपी तैयार करने में जुटा है। पहले चेक पोस्ट संचालन के दौरान भ्रष्टाचार और वसूली के आरोप लगे थे, जिससे विभाग की छवि प्रभावित हुई थी। इसी कारण इस बार नई व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नई एसओपी में तकनीकी निगरानी और स्पष्ट दिशा-निर्देश शामिल किए जाएंगे।
विभागीय स्तर पर तैयारियां शुरू
फिलहाल सरकार विधि विशेषज्ञों से परामर्श ले रही है, ताकि कोर्ट के आदेश का सही तरीके से पालन किया जा सके। हालांकि आधिकारिक निर्देश अभी जारी नहीं हुए हैं, लेकिन विभागीय स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। आगामी 30 दिनों में उच्च स्तरीय बैठकों के जरिए पूरी रूपरेखा तय की जाएगी। कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जिसमें चेक पोस्टों की वापसी और नई पारदर्शी प्रणाली लागू करने पर जोर रहेगा।

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BJP नेताओं को मिलेगी नई जिम्मेदारी, 31 विभागों में एडजस्ट करेंगे

भोपाल. मध्य प्रदेश में सत्ता और संगठन के बीच समन्वय को मजबूत करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने जिलास्तर पर कार्यकर्ता एडजस्टमेंट का महाभियान शुरू किया है। 55 जिलों में सरकारी समितियों और बोर्डों के जरिए स्थानीय स्तर के प्रमुख कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा रही है। सरकार और संगठन का मुख्य फोकस इस बात पर है कि पंचायत स्तर से लेकर जिलास्तर तक सक्रिय कार्यकर्ताओं को सरकारी कामकाज में भागीदार बनाया जाए।

MP में पिछले एक हफ्ते निगम-मंडलों में नियुक्तियों सिलसिला जारी है। - Dainik Bhaskar
जिलों में कोर ग्रुप की बैठकें हो रही
मंत्रियों को उनके प्रभार वाले जिलों में नियुक्तियों की कमान सौंपी गई है। जिलों में कोर ग्रुप की बैठकें हो रही है जहां नामों को छांटने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस कवायद के तहत 31 विभागों की लगभग 70 से अधिक तरह की समितियों में हजारों कार्यकर्ताओं की नियुक्तियां होनी है।
मुख्यमंत्री कार्यालय से इसकी निगरानी हो रही
एक तरफ जहां बीजेपी के जिलास्तीय कोर ग्रुप के जरिए कार्यकर्ताओं के नाम निकाले जा रहे है। वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री कार्यालय से इसकी निगरानी हो रही है। तीन महीने पहले 27 जनवरी को मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से प्रभाी मंत्रियों और जिला कलेक्टरों को इस संबंध में आदेश जारी किया गया था।

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चलती कार में लगी आग में 5 लोग जिंदा जले, वैष्णो देवी से लौट रहा था परिवार


अलवर. राजस्थान के अलवर में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बुधवार-गुरूवार की दरमियानी रात दिल दहला देने वाली घटना घटी। यहां लक्ष्मणगढ़ थाना इलाके में मौजपुर के पास चलती कार में अचानक आग लग गयी। देखते-देखते कार आग का गोला बन गयी। उसमें सवार एक परिवार के 5 लोगों की जिन्दा जलकर मौत हो गयी। मृतकों में 3 महिलायें एक पुरूष और एक बच्ची शामिल है। सभी मध्यप्रदेश के श्योपुर के निवासी थे और वह वैष्णो देवी के दर्शन कर अपने घर वापिस लौट रहे थे। लक्ष्मणगढ़ थाना प्रभारी नेकी राम ने बताया है कि रात का लगभग 11 बजे की घटना है। हादसे का शिकार हुआ परिवार इस कार को किराये पर लेकर आया था। यह लोग श्योपुर के चैनपुर के निवासी है। सीएनजी और पेट्रोल से चलने वाली कार से गैस रिसाव की वजह आग लगी। आग इतनी भयानक थी कि किसी को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। इस घटना में 3 महिलायें, 1 पुरूष और 1 बच्ची जिन्दा जलकार राख हो गयी। उनके कंकाल भी नहीं बचे हैं। चालक करीब 80 प्रतिशत जल गया है उसे जयपुर के लिये रेफर कर दिया है।
थाना प्रभारी ने कहा है कि सीएनजी में इतना अधिक हीट होती है कि वह हड्डी भी गला देती है। शवों के बस बहुत कम कंकाल दिखाई दे रहे है। घटनास्थल पर ही मेडीकल टीम को बुलाया गया है। जिससे डीएनए कर उनकी पहचान की जायेगी। परिवार के लोगों को इस हादसे की खबर कर दी गयी है। रात को 2 फायर ब्रिगेड घटनास्थल पर बुलाई गयी थी। जिसे आग पर काबू पाया गया। इस बीच चालक को छोड़कर सभी लोग आग में जल गये। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है। घटनास्थल पर एफएसएल टीम का बुलाया गया है।

 

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मंदिर की दानपेटी तोड़कर चोर 50 हजार रूपये उड़ाये, घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद

ग्वालियर. गोला का मंदिर इलाके में स्थित एक मंदिर में चोरी की घटना सामने आयी है। चोर ने खिड़की तोड़कर भीतर घुसते हुए दानपेटी का ताला तोड़कर लगभग 50 हजार रूपये लेकर भाग गया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गयी है। गोला का मंदिर थाना इलाके में बैंक कॉलोनी में पानी की टंकी के नीचे बने भगवान शंकर का मंदिर को चोर ने निशाना बनाया। रात के अंधेरे का लाभ उठाते हुए आरोपी ने पहले मंदिर की खिड़की तोड़ी और अन्दर घुस गया। चोर ने लोहे की तिजोरी (दानपेटी) को औजारों से तोड़ा।
ऐसा बताया जा रहा है कि इसमें लम्बे समय से जमा दान की राशि रखी थी। आरोपी ने लगभग 50 हजार रूपये नगद अपनी बनियान और पेंट की जेबों में भर और घटनास्थल से फरार हो गया घटना का पता सुबह तब चला जब पुजारी और श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। अंदर बिखरा सामान और टूटी तिजोरी देखकर उन्होंने तुरंत स्थानीय लोगों और पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही गोला का मंदिर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर अज्ञात चोर के खिलाफ मामला दर्ज किया। मंदिर में लगे CCTV कैमरों में चोरी की पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है। फुटेज में आरोपी खिड़की तोड़कर अंदर घुसते और तिजोरी तोड़कर पैसे भरते साफ दिखाई दे रहा है। चोर का चेहरा भी स्पष्ट नजर आ रहा है, जिससे उसकी पहचान होने की संभावना बढ़ गई है। थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव के अनुसार, चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।

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परीक्षा में कम मार्क्स आने पर परिवार का नाम रोशन नहीं कर पायी, इसलिये मैं आत्महत्या कर रही हूं-गुडबॉय

मृतक 11वीं की छात्रा थी, कम नंबर आने पर उठाया यह कदम। - Dainik Bhaskar

ग्वालियर. बहोड़ापुर के घोसीपुरा इलाके में स्थित गिर्राज जी मंदिर पर 11वीं छात्रा ने पिता की पिस्टल से स्वयं को गोली माकर आत्महत्या कर ली है। गोली सीने में लगी है। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया है। खबर मिलते ही पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए शव को निगरानी में ले लिया है।
घटनास्थल से छात्रा के रजिस्टर में 4 लाइनें लिखी मिली है। मेरे कम मार्क्स आये है, मैं परिवार का नाम रोशन नहीं कर पाई । इसलिये यह कदम उठा रही हूं। ‘‘गुडबॉय’’ पुलिस ने रजिस्टर को अपने कब्जे में ले लिया है। घटनास्थल पर फोरेंसिक एक्सपर्ट और फिंगरप्रिंट टीम को भी बुलाया गया है। फिलहाल पुलिस प्राथमिक तौर पर यही मान रही है कि परीक्षा में कम मार्क्स आने की वजह से यह कदम उठाया है।
शहर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र स्थित घोसीपुरा, गिरराज जी मंदिर के पास रहने वाले श्याम कुमार अहिरवार इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) में जवान हैं। परिवार में उनकी पत्नी दीप्ति अहिरवार, 17 वर्षीय बेटी ट्विंकल और एक बेटा है। ट्विंकल 11वीं की छात्रा थी और दो दिन पहले ही उसका रिजल्ट आया था।
छात्रा रात को अपनी मां के साथ सोई थी। बुधवार सुबह करीब 7 बजे अचानक गोली चलने की आवाज से पूरे परिवार की नींद टूट गई। आवाज घर के सामने वाले कमरे से आई थी। परिजन दौड़कर वहां पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला और बेटी के कराहने की आवाज आ रही थी। खिड़की से देखा तो अंदर ट्विंकल लहूलुहान पड़ी थी। उसके सीने से खून बह रहा था और पास ही पिता की लाइसेंसी पिस्तौल पड़ी थी।

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प्याज से उड़ा ज्योतिरादित्य सिंधिया का मजाक और ट्रोल हो गये महाराज

भोपाल. मध्यप्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटकी ली और वीडियो देखने को मिला है। प्याज ने महाराज को ट्रोल करा दिया है। केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भीषण गर्मी से बचने का देशी उपाय क्या बताया कि वह सोशल मीडिया पर महाराज को ट्रोल करा दिया है।
दरअसल, केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शिवपुरी की एक आमसभा में अपनी जेब से प्याज निकालकर लोगों से कहा था कि कितनी भीषण कर्मी क्यों न हो। एक प्याज जेब में रख लो और निकल जाओं। तुम्हों कुछ नहीं होगा। इसके साथ ही सिंधिया ने यह भी कहा था कि वह न तो अपनी गाड़ी में एसी चलाते है और न ही एसी के वातावरण में बैठते है। इसके बाद सोशल मीडिया पर ‘‘प्याज’’ सिंधिया और एसी को लेकर कई तस्वीरें वायरल हो रही है।

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डबरा मंडी में किसानों ने नायब तहसीलदार से की मारपीट, टूटा चश्मा, नाक निकला खून, गेंहू के दाम बढ़ने पर हुआ विवाद

ग्वालियर. भितरवार कृषि उपजमंडी परिसर में बुधवार की दोपहर डाक बोली बन्द होने के बाद किसानों ने हंगामा कर दिया। इस बीच कुछ किसान उग्र हो गये। उन्होंने नायब तहसीलदार हरनाम सिंह के साथ मारपीट कर दी है। घटना में नायब तहसीलदार का वश्मा टूट गया और उनकी नाक से खून निकलने लगा था।
बुधवार की दोपहर 2 बजे डाक बोली बन्द होने के बाद किसानों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर एसडीएम राजीव समाधिया के निद्रेश पर नायब तहसीलदार हरनामसिंह और शिवदाया शर्मा घटनास्थल पर पहुंचे। वह किसानां को यह समझा रहे थे कि डाक बोली जल्द ही सुचारू कर दी जायेगी।
गेंहू के दाम पर हुआ था झगड़ा
हालांकि, कई किसानों का कहना था कि सुबह गेहूं 2500 रूपये प्रति क्विंटल बिका था। लेकिन दोपहर में 2200 रूपये में बिकने लगा था। इस पर नायब तहसीलदार का कहना था कि यह व्यापारियों का विषय है और अनाज की गुणवत्ता पर दाम निर्भर करते हैं। इसी बात पर कुछ किसान भड़क गये और उन्होंने नायब तहसीलदार हरनामसिंह पर हमला कर दिया है।
नायब तहसीलदार की नाक पर चोट
किसानों ने नायब तहसीलदार हरनाम सिंह का चश्मा खींच लिया, जिससे उनकी नाक पर चोट लगी और खून बहने लगा। हंगामे की स्थिति बढ़ने के बाद नायब तहसीलदार हरनाम सिंह मौके से वापस आ गए। उनके पीछे-पीछे दूसरे नायब तहसीलदार शिवदयाल शर्मा भी कार्यालय पहुंचे। मंडी आज सुबह से ही हंगामा की स्थिति बनी हुई थी। सुबह कुछ किसानों की फसल तुल पाई थी, जबकि कई किसान रह गए थे। दोपहर में सोमेंद्र ट्रेडर्स के मंडी परिसर में रखे अनाज में आग लगने से भी कई घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल रहा था।
फिलहाल, नायब तहसीलदार हरनाम सिंह ने थाने में आवेदन देकर मामले में कानूनी कार्रवाई की बात कही है। जब इस संबंध में नायब तहसीलदार हरनाम सिंह से बात की तो उनका कहना था कि दोपहर 2:00 बजे की डाक बोली के बाद व्यापारियों ने तोल बंद कर दी थी। किसानों ने हंगामा किया था। हम लोग मौके पर पहुंचे। उन्हें समझा रहे थे। इस दौरान तीन किसान उग्र हो गए। उन्होंने मेरा चश्मा खींचते हुए मारपीट कर दी। मामले में थाने में आवेदन देकर कार्यवाही करवा रहे हैं।

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बावरिया गैंग की महिलायें ही ई-रिक्शा में हो चोरियों को अंजाम दे रही थी, 11 मेम्बरों की गैंग में 3 महिलायें 3 पुरूष, सभी आपस में रिश्तेदार


ग्वालियर. डबरा पुलिस ने ग्वालियर-चम्बल इलाके में ऑटो और ई-रिक्शा में चोरी करने वाले गैंग का खुलासा किया है। 27 अप्रैल को मुरैना जिले के बानमोर से 11 आरोपियों को हिरासत में लिया है। इनमें 3 पुरूष और 8 महिलायें शामिल है। आरोपी यूपी, एमपी, हरियाणा और राजस्थान के निवासी है। आरोपी बावरिया कोई गैंग नहीं एक समुदाय की छवि अपराधों की वजह से खराब हुई हे। दरअसल, बावरिया कोई गैंग नहीं एक समुदाय का नाम हैं यह समुदाय राजपूत वंश से संबंध रखता है। लेकिन इनके अपराध करने की प्रवृत्ति ने अनुसूचित जाति की कैटेगरी में डाल दिया है। डबरा थाने के एएसआई से बात कर गैंग के बारे में जाना है। इसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
गैंग का ठिकाना बानमोर में
शुरूआत में दोनों टालमटोल करती रहीं, लेकिन लेडी कांस्टेबल की सख्ती के बाद उन्होंने गैंग के बार में जानकारी दी। महिलाओं ने बताया है कि वह बावरिया गैंग की मेम्बर है। उनका ठिकानों मुरैना के बानमोर में है। जहां गैंग के अन्य सदस्य रहते हैं। इसके बाद एसआई ने एसएसपी धर्मवीर सिंह को बताया है कि पुलिस टीम बानमोर पहुंच कर 27 अप्रैल की रात 9 और मेम्बरों को गिरफ्तार किया है। इनमें 3 पुरूष और 6 महिलायें शामिल है। जांच में सामने आया है कि गैंग के तार एमपी के कई जिलों और राजस्थान से जुड़े है। कॉल डिटेल और लोकेशन से भी कंफर्म हुई कि घटना के वक्त गैंग के मेम्बर आसपास ही मौजूद रहते थे।


पुरूष और महिलाओं के गैंग लीडर अलग-अलग
पुलिस ने बताया है कि गैंग के मेम्बर आपस में रिश्तेदार होते हैं। जिससे विश्वास बना रहता है। पुरूष और महिलाओं अलग-अलग लीडर है। पुरूष का नेतृत्व वकीला उर्फ सोनू आदिवासी है, जबकि महिला गैंग की लीडर शांतिदेवी, निवासी आगरा है। गैंग छोटे-छोटे समूहों में बटकर काम करता है। महिलायें रैकी और चोरी करती है। जबकि पुरूष भागने में सहयोग करते है। गैंग में पति-पत्नी, भाई-भाभी, बहू, मौसी और भतीजे-भतीजी शामिल है। रिश्तेदार होने से आपसी विवाद कम होते हैं। सदस्य अलग-अलग प्रदेशों में सक्रिय रह सकते है। पुलिस के मुताबिक ग्वालियर जिले में ई-रिक्शा में हो रही चोरियों के पीछे यही गिरोह था।
ई-रिक्शा में चोरी से खुला मामला
24 अप्रैल 2026 की शाम करीब साढ़े चार बजे, डबरा थाने में सब-इंस्पेक्टर संजय शर्मा गश्त से लौटे ही थे कि राधा कोरी नाम की महिला रोते हुए पहुंची। पानी पिलाने के बाद उसने बताया कि वह ई-रिक्शा से अपने मायके जा रही थी।
रिक्शा में पहले से बैठी दो महिलाओं ने उससे बातचीत शुरू की। स्टॉप पर उतरने के बाद जब उसने बैग चेक किया, तो उसमें रखी चांदी की करधोनी और 2 हजार रुपए गायब थे। पुलिस ने तुरंत टीम सक्रिय की। कुछ देर बाद सूचना मिली कि संदिग्ध महिलाएं पिछोर चौराहे पर हैं। करीब एक घंटे में पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम पूनम आदिवासी और शांति आदिवासी, निवासी मुरैना बताए। उनके पास से चोरी का सामान बरामद हुआ।

Newsमप्र छत्तीसगढ़राष्ट्रीय

मोटर साईकिलों और कारों में उपयोग होगा ई-85 पेट्रोल, बदलेगा फ्यूल गेम, पेट्रोल में 85% होगा एथेनॉल

नई दिल्ली. पूरे देश में पेट्रोल की बढते दामों और आयात पर निर्भरता को कम करने के लिये सरकासर अब बड़ा कमद उठाने जा रही है। केन्द्र सरकार ने एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। जिसमें पेट्रोल में अधिक मात्रा में एथेनॉल मिलाने के नियमों को शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है। अगर यह लागू किया जाता है तो आने वाले समय में गाडि़या पूरी तरह से एथेनॉल पर ही चलेगी।
नया प्रस्ताव क्या है
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 27 अप्रैल को मोटर साईकिल एक्ट के तहत एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया गया है। इसका मकसद इमीशन से जुड़े नियमों, फ्यूल क्लासिफिकेशन और हाई इथेनॉल ब्लेंड से जुड़े तकनीकी शब्दों में बदलाव करना है। इस प्रस्ताव में सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स, 1989 में संशोधन कर ई-85 या ई-100 तक के फ्यूल के लिये व्हीकल स्टैंडर्ड को शामिल करने की बात कही गयी है। इससे पहले यह सीमा केवल ई-85 तक ही थी। इन बदलावों के तहत पेट्रोल के साथ इथेनॉल की मिलावट की सीमा ई-10 से वृद्धि कर ई-20 तक की जा रही हे। बी-100 बायोडीजल के लिये भी प्रावधान जोड़े गये है। इससे स्पष्ट है कि सरकार अब हाई-ब्लेंड फ्यूल के पूरे रेंज को सपोर्ट करने के लिये नियम बना रही है। केन्द्र सरकार ने इस ड्राफ्ट नोटिफिकेशन का फिलहाल पब्लिक कमेंट के लिये जारी किया है। यानी कम लोग और इंडस्ट्री से जुड़े लोग अपनी सलाह दे सकते है। सभी सुझाव मिलने के बाद सरकार अंतिम फैसला लेगी।
गौरतलब है कि पिछले साल अप्रैल में देशभर में E20 फ्यूल लागू किया गया था, जिसमें पेट्रोल में 20%  एथेनॉल मिलाया गया. अब सरकार इससे आगे बढ़ते हुए और ज्यादा ब्लेंडिंग की दिशा में कदम बढ़ा रही है । सरकार का मुख्य उद्देश्य पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के इंपोर्ट को कम करना है। ज्यादा एथेनॉल मिलाने से कच्चे तेल की जरूरत घटेगी, जिससे देश को आर्थिक फायदा होगा और पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
अगर ये नियम लागू होते हैं, तो आने वाले समय में लोगों को नए तरह के फ्यूल ऑप्शन मिलेंगे।  हालांकि इसके लिए गाड़ियों में भी बदलाव जरूरी होगा, ताकि वे हाई एथेनॉल ब्लेंड पर सही तरीके से चल सकें।  यह बदलाव धीरे-धीरे लागू होगा, लेकिन इससे देश के फ्यूल सिस्टम में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है।
पिछले महीने संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में पीएम नरेंद्र मोदी ने एथेनॉल ब्लेंडिंग के फायदे गिनाते हुए कहा था कि, “पिछले 10-11 साल में एथेनॉल के उत्पादन और उसके ब्लेंडिंग पर बहुत बढ़िया काम हुआ है।  एक दशक पहले तक पेट्रोल में केवल 1-2% तक एथेनॉल ब्लेंडिंग करते थें  । लेकिन अब हम पेट्रोल में 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग कर रहे हैं, जिसके कारण सालाना करीब साढ़े 4 करोड़ बैरल कम पेट्रोल इंपोर्ट करना पड़ रहा है। ”
गडकरी पहले ही कर चुके हैं अलर्ट
केंद्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बीते कल दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि, “आने वाले समय में इन ट्रेडिशनल फ्यूल (पेट्रोल-डीजल) पर चलने वाली गाड़ियों का कोई भविष्य नहीं है।” गडकरी ने वाहन निर्माता कंपनियों से अपील की कि, वे जल्द से जल्द बायोफ्यूल और अन्य वैकल्पिक फ्यूल की तरफ शिफ्ट करें।  उनका कहना है कि पेट्रोल और डीजल न सिर्फ महंगे हैं बल्कि ये देश के लिए गंभीर समस्या भी बनते जा रहे हैं।

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EPFO पर आया अपडेट. जल्द ATM से होगा विड्रॉल, 7.5 गुना बढ़ी सकती हैं पेंशन

नई दिल्ली. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आ रहा है। केन्द्र सरकार पीएफ रजिर्स्टड कर्मचारियों को फायदा देने के लिये कई चीजों पर विचार कर रही है। खासकर पेंशन में योगदान देने वाले कर्मचारियों को बड़ा फायदा देने पर विचार कर रही है। ईपीएफ-95 पेंशन को बढ़ाने पर चर्चा कर रही है।
श्रमिक संगठन मांग कर रहे हैं कि केन्द्र सरकार EPS  के तहत पेंशन को 1 हजार रूपये से बढ़ाकर 7 हजार 500 रूपये करें। अगर केन्द्र सरकार पेंशन को लेकर इस प्रस्ताव को मान लेती है तो पेंशन में 7.5 गुना वृद्धि होगी। संसदीय समिति ने भी पेंशन बढ़ाने की अनुशंसा की है। इसके अलावा केन्द्र सरकार पीएफ कर्मचारियों के ब्याज को जल्द अकाउंट में डिपॉजिट करने की बात कहीं है। पीएम अकाउंट होल्डर्स के खाते में 8.25 प्रतिशत ब्याज जल्द डिपॉजिट हो सकता है। जिसका कर्मचारी राह देख रहे है। वित्त मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार मंजूरी मिलते ही खातों में पैसा ट्रांसफर कर दिया जायेगा। ऐसा माना जा रहा है कि मई में पीएफ का ब्याज बैंक खातें में आ सकता है।
ATM से PF निकालने की सुविधा
ईपीएफओ पोर्टल के तहत कई तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं, जिसे जल्‍द लागू किया जा सकता है।  खासकर ATM  से PF की निकासी को लेकर सबसे बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। जल्‍द इसके लागू होने की उम्‍मीद है. एटीएम से पीएफ की निकासी लागू होने के बाद पीएफ के पैसे तक सदस्‍यों की पहुंच आसान हो जाएगी. फिर सेविंग अकाउंट की तरह, पीएफ अकाउंट से भी ATM कार्ड के जरिए पैसा निकाल सकते है।
EPFO ने बना दिया नया रिकॉर्ड
ईपीएफओ के तहत वित्त वर्ष 2025-26 में 8.31 करोड़ क्लेम सेटलमेंट किया गया है। पिछले साल 6.01 करोड़ क्लेम से तुलना में यह एक बड़ा उछाल है। इसमें से 5.51 करोड़ क्लेम एडवांस या आंशिक विड्रॉल से जुड़े रहे है।  जानकारी के अनुसार, ईपीएफओ ने 71.11% एडवांस क्लेम 3 दिन में निपटाए, जो पिछले साल यह आंकड़ा 59.19% था.6.68 करोड़ क्लेम बिना चेक इमेज अपलोड, 1.59 करोड़ खातों में बिना employer मंजूरी बैंक लिंक, 70.55 लाख ट्रांसफर क्लेम ऑटो-प्रोसेस और 29.34 लाख सदस्यों ने खुद प्रोफाइल अपडेट किया. अप्रैल 2026 के दौरान 61.03 लाख क्लेम सेटलमेंट किया गया. वहीं 98.70% क्लेम 20 दिन से कम में निपटाए गएहै।
नई पहल: E-PRAAPTI पोर्टल
ईपीएफओ की ओर से एक नई पहल की भी शुरुआत की है, जिसके तहत निष्क्रिय PF खातों को सक्रिय करने के लिए नया प्लेटफॉर्म आधार आधारित एक्सेस से पुराने खाते जोड़ना आसान हो जाएगा ।  इसका फायदा UAN से लिंक न होने वाले खातों को मिलेगा और भविष्‍य में बिना मेंबर ID वाले यूजर्स को भी सुविधा मिलेगी ।