ग्वालियर -खून में होने वाले कैंसर रक्त कैंसर को मेडिकल भाषा में ल्यूकेमिया कहा जाता है। इंडियन कैंसर सोसायटी के अनुसार भारत में हर वर्ष 50,000 से लेकर 75,000 से भी अधिक बच्चों में कैंसर के नए मामले सामने में रहे हैं, जो कि एक गंभीर स्थिति है। इनमें से सामने आने वाले 25 से 30 प्रतिशत बच्चे ब्लड कैंसर से ग्रसित पाए गए हैं, क्योंकि हमारे देश में सही समय पर कैंसर का निदान नहीं हो पाता और कई मामलों का रजिस्ट्रेशन भी नहीं हो पाता। रक्त कैंसर पहली अवस्था में 90 से 80 प्रतिशत ही ठीक होने वाले कैंसर का उपचार होने के बाद भी यदि समय पर दवा न दी जाए तो 4 वर्षों के भीतर 20 प्रतिशत रोगियों में यह ठीक होने की दर (50%) से भी कम हो सकती है। इसका मुख्य कारण बीमारी की समय पर पहचान न होना तथा उपचार में निवेश कम है।
ध्यान देने योग्य मुख्य बात यह है कि बच्चों में होने वाले अधिकांश कैंसर पूर्ण ठीक किए जा सकते हैं, क्योंकि उनका उपचार संभव है। केवल यही नहीं, बल्कि बच्चे उपचार से जल्दी स्वस्थ भी हो जाते हैं। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का समय पर निदान अत्यंत जरूरी होता है।
इसी विषय पर ग्वालियर में कैंसर एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट द्वारा एक विशेष शैक्षणिक चिकित्सा कार्यक्रम (CME) आयोजित किया जा रहा है। यह CME मेवात अकैडमी ऑफ मेडिकल साइंस, इंडियन अकैडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स एवं CanKids NGO के संयुक्त प्रयासों से संभव हो रही है।
इस कॉन्फ्रेंस में संरक्षक (Patron) के रूप में अशोक गुप्ता, डॉ. बीआर श्रीवास्तव तथा डॉ. विनोद पुरोहित समिति में शामिल हैं। आयोजन समिति में डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव, डॉ. बीके शर्मा, डॉ. अनिल शर्मा एवं डॉ. विनय चतुर्वेदी शामिल हैं।
इस कार्यक्रम में देशभर से लगभग 15 से अधिक कैंसर विशेषज्ञ आएंगे और बच्चों में होने वाले महत्वपूर्ण कैंसर एवं ब्लड कैंसर पर विस्तार से चर्चा करेंगे। कॉन्फ्रेंस में अब तक 100 से अधिक रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। कॉन्फ्रेंस में सम्मिलित होने वाली कैंसर टीम इस प्रकार है।
डॉ. अतुल श्रीवास्तव, डॉ. प्रवीण जैन, डॉ. अनूप पाटीदार, इंदौर; डॉ. आदित्य श्रीवास्तव, भोपाल; डॉ. गौरव जैन, डॉ. अरविंद राघव, डॉ. अविनाश सिंह, डॉ. दीपक अग्रवाल, डॉ. दीपक गुप्ता, डॉ. गौरव शर्मा, दिल्ली; डॉ. विजय अग्रवाल, ; डॉ. ज्योति शर्मा, डॉ. हेमंत जोशी, भोपाल; डॉ. योगेश राजौरिया, डॉ. अश्विनी शर्मा, डॉ. दीपक अग्रवाल, डॉ. दीपक शर्मा, डॉ. निखिल शर्मा, दिल्ली; डॉ. अनामिका कोहली, दिल्ली; डॉ. अमन अरोड़ा, डॉ. अमित बंसल, डॉ. मनीष सक्सेना, डॉ. उमेश चंद्र जैन,. विवेक चतुर्वेदी, डॉ. राकेश पाटीदार, डॉ. नरेश वर्मा, डॉ. राजीव अग्रवाल, डॉ. प्रियांशु सिंह, दिल्ली; डॉ. विवेक भार्गव, दिल्ली; डॉ. पूजा अग्रवाल, डॉ. अनुप अग्रवाल, डॉ. रवि पाठक, डॉ. मोहिनी लाल, दिल्ली; डॉ. राघव अग्रवाल, डॉ. डी. के. उपाध्याय, डॉ. नीरज चौरसिया, इंदौर; डॉ. कृष्ण गोपाल चतुर्वेदी।
इसके अतिरिक्त इस कार्यक्रम में 100 से अधिक पोस्टर प्रेजेंटेशन कार्यक्रम के आयोजन की योजना है तथा पोस्टर प्रेजेंटेशन भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें 3 श्रेष्ठ पोस्टर प्रेजेंटेशन कार्यक्रम में चयनित किए जाएंगे। प्रतियोगियों को कैश प्राइज देने के लिए भी कार्यक्रम में आयोजन किया गया है।
इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य बच्चों में होने वाले कैंसर का समय रहते निदान (Diagnosis) सुनिश्चित करना, सही समय पर उपचार उपलब्ध कराना तथा लोगों को जागरूक बनाना एवं प्रशिक्षण देना है, ताकि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों का जीवन सुरक्षित किया जा सके।
इस कॉन्फ्रेंस के मुख्य विषय जैसे— बच्चों में होने वाले सामान्य कैंसर, रेटिनोब्लास्टोमा, ब्लड कैंसर, मस्तिष्क के कैंसर, बोन कैंसर आदि पर विशेष रूप से केंद्रित किया जाएगा। कैंसर के निदान से लेकर पूर्ण उपचार तक की नवीन पद्धतियों पर चर्चा की जाएगी, जिसमें पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी से संबंधित नवीन चिकित्सा पद्धतियों को सम्मिलित किया गया है। साथ ही कीमोथेरेपी, रेडिएशन एवं सर्जरी के अतिरिक्त नई तकनीकों जैसे बोन मेरो ट्रांसप्लांट एवं फाइंडिंग एंड टारगेट थेरेपी (CAR-T Cell Therapy) पर भी विस्तार से चर्चा होगी। इस कार्यक्रम में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं के परिणाम शाम को आयोजित वैलिडिक्टरी सेशन में घोषित किए जाएंगे।