शहर की सीमा पर स्थित तिराहा-चौराहों पर छापामार कार्रवाई, रेत के अवैध परिवहन में लिप्त 10 ट्रेक्टर-ट्रॉली जब्त ट्रॉली



ग्वालियर. गुरूवार की दोपहर लगभग 2 बजे के आसपास झमाझम वर्षा हुई है। इससे लम्बे समय से पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों ने राहत की सांस ली है और मौसम सुहावना हो गया है। सुबह से ही आसमान में सूर्य और बादलों के बीच लुका छिपी चल रही थी। तड़के सुबह हल्की फुहारेंप ड़ी, जिससे थोड़ी ठंडक महसूस हुई है। लेकिन बाद में तेज धूप निकलने से उमस बढ़ गयी।
गुरूवार की सुबह तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। जो पिछले दिन के समान था। हवा में 94प्रतिशत नमी दर्ज की गयी थी। जिस वजह से भीषण उमस महसूस हो रही थी। मौसम विभाग ने पहले ही तेज वर्षा की संभावना जताई थी।
अगले 24 घंटे तेज बारिश की संभावना
दरअसल, ग्वालियर अंचल में बादल तो दिख रहे थे, लेकिन अच्छी बारिश का इंतजार खत्म नहीं हो रहा था। किसान भी खेतों की नमी कम होने से चिंतित थे, जिससे फसलों को नुकसान का डर था। गुरुवार की बारिश ने लोगों को राहत देने के साथ ही अच्छी बारिश की उम्मीद जगाई है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की तरफ रेखा अब अंचल से होकर गुजरेगी। इसके चलते अगले 24 घंटों तक बादल छाए रहेंगे और तेज गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। अगले कुछ घंटों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
नई दिल्ली. जंतर-मंतर पर जारी छात्रों के विरोध प्रदर्शन के मद्दे नजर NDMC ने कनॉट प्लेस के व्यापारियों को हिदायत दी है कि NDMC की ओर से निर्देश जारी किये गये है। कनॉट प्लेस में दुकानों, ऑफिसों और रेस्टारेंट को आज यानी 23 जुलाई की शाम 6.30 बजे तक बन्द कर दिया जाये। नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसियेशन (NDTA) ने एक एडवायजरी सर्कुलर जारी कर सभी दुकानदरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से इसका पालन करने की अपील की है।

सर्कुलर के अनुसार, NDMC के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन की तरफ से टेलीफोन पर दी गयी सलाह के बाद यह निर्देश जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि कनॉट प्लेस के आसपास की मौजूदा स्थिति को देखते हुए सभी दुकानें और प्रतिष्ठान, जिनमें ऑफिस और रेस्टारेंट भी शामिल है। 23 जुलाई की शाम 6.30 बजे तक बन्द कर दिया जाये।
ग्वालियर. गुना के चर्चित 2017 ट्रिपल हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हनी दुबे पेरोलपर आने के बाद फरार हो गया था। अब उसे उत्तरप्रदेश क हाथरस से गिरफ्तार कर लिया गया है। ेगुना-ग्वालियर पुलिस की ज्वॉइंट टीम ने उसे देर रात पकड़कर ग्वालियर पुलिस के हवाले कर दिया था।
हनी दुबे और उसकी मां पूनम दुबे उर्फ पक्का 15 दिन पूर्व ग्वालियर सेंट्रल जेल से पेरोल पर बाहर आये थे। दोनों का 22 जुलाई का वापिस जेल पहुंचना था। हालांकि केवल पूनम जेल लौटी, जबकि हनी ग्वालियर केन्द्रीय जेल के बाहर से ही फरार गया था। हनी के फरार होने के बाद गुना और ग्वालियर पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जुट गयी थी। इस बीच पुलिस को उसके यूपी के हाथरस में होने की खबर मिली थी। खबर के आधार पर पुलिस वहां पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया।
2017 में किया ट्रिपल मर्डर
यह मामला साल 2017 का है। जल संसाधन विभाग में पदस्थ ऑफिस अधीक्षक अंतरसिंह मीना का 17 वर्षीय बेटा हेमंत सेकंड हैंड मोटरसाईकिल खरीदने के लिये 40 हजार रूपये लेकर घर से निकला था। इसके बाद वह लापता हो गया और अगले दिन पिता ने महिला पूनम दुबे और उसके नाबालिग बेटे पर शक जताया। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की।
राज खुलने के डर से दो और हत्याएं
इंदौर से फिरौती का फोन करने के बाद ऋतिक वापस गुना आ गया। इसी बीच लोकेश ने अपने हिस्से के पैसे मांगे और पुलिस को सब कुछ बताने की बात कही। इसके बाद हनी, पूनम और उनके साथी लोकेश को नेगमा के जंगल ले गए, जहां उसकी हत्या कर शव जला दिया। चूंकि ऋतिक दोनों हत्याओं की जानकारी जान चुका था, इसलिए उसकी भी हत्या कर दी गई।गुना। SP हितिका वासल ने बताया कि इस पर पैरोल जंप का अपराध ग्वालियर में दर्ज हुआ था। चूंकि आरोपी गुना का था, इसलिए ग्वालियर और गुना पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे हाथरस से गिरफ्तार किया है।
वर्ष 2022 में इस ट्रिपल मर्डर केस में पूनम दुबे और उसके बेटे हनी दुबे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। दोनों तब से ग्वालियर सेंट्रल जेल में बंद थे। हनी पहले भी कई बार पेरोल पर बाहर आ चुका था। इस बार भी वह पेरोल पर बाहर आया था, लेकिन 22 जुलाई को जेल लौटने के बजाय फरार हो गया। अब हाथरस से गिरफ्तारी के बाद उसे ग्वालियर पुलिस को सौंप दिया गया है।
भोपाल. मध्य प्रदेश के लिए प्रशासनिक दृष्टि से बुधवार बेहद महत्वपूर्ण रहा। सूबे के मुख्य सचिव अनुराग जैन की नियुक्ति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाले नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ की जिम्मेदारी सौपे जाने के बाद अब राज्य को नया मुखिया भी मिल गया है। राज्य सरकार मे 1991 बैच के आईएएस अफसर अशोक बर्णवाल को प्रदेश का नया मुख्य सचिव नियुक्त कर दिया है।
सीएम मोहन ने दी शुभकामनाएं
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एमपी के नए सीएस आईएएस अफसर अशोक बर्णवाल को उनकी नई जिम्मेदारी को लेकर शुभकामनाए भी दीं। राजधानी भोपाल स्थित सीएम निवास पर उन्हें पुष्प भेंट किए। इस संबंध में मुख्यमंत्री यादव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, नवनियुक्त मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल जी ने आज शाम निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्हें नवीन दायित्व के लिए हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दीं।
सामान्य प्रशासन विभाग से आदेश जारी
अशोक बर्णवाल 1991 बैच के आईएसएस अफसर हैं। मिली जानकारी के अनुसार, अशोक बर्णवाल नीति आयोग के सीईओ नियुक्त हुए अनुराग जैन के सबसे भरोसेमंद अधिकारियों में से एक हैं। सूत्रों की मानें तो अनुराग जैन की सिफारिश पर ही बर्णवाल को प्रदेश का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। अबतक बर्णवाल स्वास्थ्य, वन, पर्यावरण, कृषि, पिछड़ा वर्ग कल्याण और प्रशासन से जुड़े विभिन्न जटिल विभागों का बड़ी कुशलता के साथ संचालन करते आए हैं और इन जिम्मेदारियों पर उन्हें 35 साल का लंबा अनुभव भी है।
ग्वालियर. मुरार जिला अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को इन दिनों जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड रहा है। अस्पताल में प्लास्टर चढाने के लिए आवश्यक सामग्री खत्म होने से हड्डी की चोट वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड रहा है। वहीं कुछ जरूरी एंटीबायोटिक दवाओं का स्टॉक भी समाप्त हो गया है जिससे मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदनी पड रही है।
दवाएं बाहर से खरीदने की मजबूरी बन गई
मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में इलाज इसलिए करवाने आते है ताकि मुफ्त इलाज और दवाओं का लाभ मिल सके लेकिन अब प्लास्टर सामग्री और दवाएं बाहर से खरीदने की मजबूरी बन गई है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों पर अतिरिक्त बोझ पड रहा है। प्लास्टर चढाने में उपयोग होने वाली आवश्यक सामग्री का स्टॉक पिछले कुछ दिनों से खत्म है। इसके अलावा कुछ एंटीबायोटिक दवाएं भी उपलब्ध नहीं है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि दवाओं की मांग भेज दी है।
मरीज के स्वजन बडागांव निवासी दिनकर सिंह ने बताया कि दवा अस्पताल में नहीं मिली। मेडिकल स्टोर से खरीदनी पडी। सिविल सर्जन डॉ. सीमा जायसवाल से जब प्लास्टर सामग्री को लेकर सवाल किया तो उनका कहना था कि सामग्री उपलब्ध है। कुछ दवाओं की डिमांड की गई है। आरएमओ डॉ. जेपीएन शर्मा का कहना है कि कुछ एंटीबायोटिक दवाएं नहीं है उनकी डिमांड भेजी गई है।

मुरैना. चम्बल नदी में अवैध रूप से नाव संचालन कर यात्रियों की जान जोखिम में डालने के मामले में मुरैना पुलिस ने बड़ी कार्यवाही की है। महुआ थाना इलाके में पुलिस ने विशेष अभियान के बीच एक नाव चालक को गिरफ्तार कर उसे हिरासत लेते हुए नाव जब्त कर ली है। जांच में सामने आया है कि आरोपी बिना वैध लायसेंस, बिना आवश्यक दस्तावेज और बिना लाइफ जैकेट के यात्रियोंको नदी पार करा रहा था।
एसपी मुरैना धर्मराज मीणा ने निर्देश पर चम्बल नदी में अवैध गतिविधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पुलिस टीम ने गढ़ नदगवां इलाके में उसैत घाट के बीच संचालित हो रही एक नाव को रोक कर जांच की गयी।
बिना लाइफ जैकेट यात्रा कर रहे थे यात्री
पुलिस ने देखा है कि नाव मेुं बड़ी संख्या में यात्री सवार थे। लेकिन किसी के पास लाइफ जैकेट नहीं थी। सुरक्षा के कोई व्यवस्था नहीं होने के बावजूद नाव के माध्यम से लोगों को नदी पार कराया जा रहा था। जिससे उनकी जान खतरे में पड़ सकती थी। जांच के बीच नाव चला रहे अशोक निषाद 33, निवासी गढ़ नदगवां, थाना पिनाहट जिला आगरा, यूपी से नाव संचालन का वैध लायसेंस और अन्य आवश्यक दस्तावेज मांगे गये। हालांकि वह कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर पाया।
नाव जब्त, आरोपी पर केस दर्ज
पुलिस ने मौके पर ही नाव को जब्त कर लिया और आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 282 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। मामले की आगे की जांच जारी है। एसपी धर्मराज मीना ने बताया कि चंबल नदी किनारे सर्चिंग अभियान के दौरान पिनाहट की ओर से आ रही एक नाव को रोका गया। नाव में काफी संख्या में यात्री बैठे थे, लेकिन किसी के पास लाइफ जैकेट नहीं थी। जांच में नाव संचालन भी अवैध पाया गया और चालक के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले। उन्होंने कहा कि यह मामला यात्रियों की सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ था। इसी कारण पुलिस ने तत्काल वैधानिक कार्रवाई करते हुए नाव जब्त कर आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।

ग्वालियर. अक्षया यादव हत्याकांड में 3 सालों से चली आ रही सुनवाई के बाद अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायालय ने 4दोषियों बाला सुरवे, पृथ्वीराज चौहान, उपदेश रावत और सुमित राव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। घटना को 10 जुलाई 2023 को माधोगंज थाना इलाके के बेटी बचाओ चौराहे के पास अंजाम दिया था। जब अक्षया अपनी सहेली के साथ कोचिंग से निकली थी।
अक्षया यादव पूर्व पुलिस निदेशक (डीजीपी) सुरेन्द्र सिंह यादव की नातिन थी।जांच में सामने आया था कि हमलावरों का निशाना अक्षया नहीं, बल्कि उसकी सहेली सोनाक्षी शर्मा थी। गोलीबारी के दौरान गोली अक्षया यादव का लगी थी। सुनवाई के दौरान अभियोजना पक्ष ने अदालत में 26 गवाहों के बयान दर्ज कराये थे। इस प्रकरण में 4 नाबालिग भी आरोपी है। उनका मामला किशोर न्याय बोर्ड (जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड) के समक्ष विचाराधीन है।
क्या है मामला
घटना के बाद अक्षया की सहेली सोनाक्षी शर्मा ने उस दिन का पूरा घटनाक्रम बताया था। उसने कहा था- 10 जुलाई की शाम को साढ़े 7 बज रहे होंगे। मैं और अक्षया कोचिंग से निकले थे। अक्षया एक्टिवा चला रही थी। हम अचलेश्वर मंदिर के पास पहुंचे। मैंने मां को कॉल किया। मां ने हेमसिंह की परेड पर मिलने के लिए कहा।अभी हमने बेटी बचाओ चौराहे से सिकंदर कंपू की ओर टर्न लिया ही था, तभी एक बाइक करीब आई। इस पर चार लोग बैठे थे। एक सुमित रावत, दूसरा उसका भाई उपदेश उर्फ मोंटी था। इन्हें मैं जानती हूं। इनके पास पिस्टल थी। सुमित ने पिस्टल से एक के बाद एक दो गोलियां चलाईं। मुझ पर चिंगारी आई। हमारी एक्टिवा पलट गई और हम गिर पड़े। मैंने जब उठकर देखा तो अक्षया के हाथ को चीरते हुए गोली उसके सीने पर लगी थी। मुड़कर देखा तो सुमित पिस्टल लहराते हुए फरार हो गया।
मेरी बेस्ट फ्रेंड जमीन पर पड़ी थी और मैं मदद मांग रही थी। आसपास खड़े लोग VIDEO बना रहे थे। फिर किसी ने पुलिस और एक ऑटो को बुलाया। अक्षया को लेकर हम हॉस्पिटल पहुंचे, लेकिन पहले ही वह दम तोड़ चुकी थी। सुमित मुझे तब से परेशान कर रहा है, जब मैं जवाहर कॉलोनी में रहती थी। वह बजरिया में रहता था। वॉकिंग डिस्टेंस ज्यादा नहीं होने पर वह रोज मेरे घर के आसपास आ जाता था। कई बार घर पर पत्थर मारकर भाग जाता था। हम लोगों ने घर बदल लिया, लेकिन उसकी दहशत कम नहीं हुई। जब भी घर के दरवाजे पर नॉक होता तो दहशत रहती थी कि पता नहीं कौन होगा? कई बार थाने से लेकर एसपी तक शिकायत की, लेकिन कोई मदद नहीं मिली।
मुख्य आरोपी का पुलिस ने किया था शॉर्ट एनकाउंटर
अक्षया हत्याकांड में मुख्य आरोपी सुमित रावत, उसके भाई उपदेश रावत उर्फ मोंटी और 2 अन्य के नाम सामने आये थे। सभी इनाम घोषित कियागया था। पुलिस ने दविश देकर डबराके पास से उपदेश रावत को हिरासत में लिया था। उपदेश को पकड़ने के कुछ दिन बाद ही पुलिस को खबर मिली थी कि मुख्य आरोपी सुमित रावत महाराष्ट्र के धुले में है। पुलिसकी एक टीम वहां पहुंची और उसे हिरासत में लिया। पुलिस उसे लेकर घाटीगेांव पहुंची थी। सुमित रावत ने टॉयलेट के लिये गाड़ी रूकवाई। गाड़ी से उतरे ही उसने, हाइवे से नीचे जंगल की ओर छलांग लगा दी। पुलिस ने भी बिना देर किये पीछा किया, शॉर्ट एनकाउंटर में उसे दबोच लिया। आरोपी के घुटने में चोट लगी थी। पुलिस के अनुसार, सुमिमत गड्ढे में गिरा था। वहां नुकीले पत्थर पड़े थे। जो उसके पैर में घुस गये थे।
कार्यपालन यंत्री एवं सहायक यंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी, वर्तमान क्षेत्राधिकारी को हटाया
ग्वालियर – – गुडा गुडी का नाका मुक्तिधाम के पास 19 जुलाई को हुई दीवार गिरने की घटना की जांच उपरांत प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर अपर आयुक्त मुनीष सिकरवार ने संबंधित सहायक यंत्री, उपयंत्री एवं तत्कालीन क्षेत्राधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है तथा प्रभारी कार्यपालन यंत्री एवं तत्कालीन प्रभारी सहायक यंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी किया एवं वर्तमान क्षेत्राधिकारी को क्षेत्रीय कार्यालय से हटाकर जनकार्य विभाग में पदस्थ किया गया हैं ।
ज्ञात हो कि 19 जुलाई को क्षेत्रीय कार्यालय क्रमांक 21 के अंतर्गत गुडा गुडी का नाका मुक्तिधाम के पास दीवार गिरने की घटना के उपरांत निगमायुक्त संघ प्रिय द्वारा जांच समिति गठित की गई थी। जांच समिति द्वारा दिनांक 22 जुलाई को अपना जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया तथा जांच प्रतिवेदन में प्रस्तुत की गई रिपोर्ट के आधार पर सहायक यंत्री राकेष कुषवाह द्वारा निर्माण कार्य के समय परवेक्षण नहीं करने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। इनके स्थान पर अब प्रभारी सहायक यंत्री अनिल चौहान को अपने कार्य के साथ साथ सहायक यंत्री का दायित्व सौंपा है।
जांच प्रतिवेदन में वर्तमान प्रभारी सहायक यंत्री जलप्रदाय सौरभ शाक्य द्वारा ड्रॉइंग टा-वेस उल्लेखित की जबकि प्राकलन कॉलम आधारित रिटेनिंग वॉल का बनाया जो कि लापरवाही का द्योतक है। जिसके चलते इनहें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया तथा इनका कार्य प्रभारी सहायक यंत्री जल प्रदाय पंकज सिंह को सौंपा गया।जांच प्रतिवेदन के अनुसार उपयंत्री बृजेश राजपूत 20/04/2026 से 04/06/2026 तक क्षेत्रीय कार्यालय 21 पर पदस्थ रहे। इस दौरान रिटेनिंग वॉल का पर्यवेक्षण नहीं करने पर इन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया तथा क्षेत्र क्रमांक 20 के क्षेत्राधिकारी के दायित्व सहायक नगर निवेशक कपिल पटेल को सौंपा गया।
इसके साथ ही वर्तमान क्षेत्राधिकारी अनिल श्रीवास्तव द्वारा रिटेनिंग वॉल का पर्यवेक्षण नहीं करने पर एवं अन्य लापरवाही करने पर क्षेत्राधिकारी से हटाकर जनकार्य विभाग में संलग्न किया एवं क्षेत्राधिकारी क्षेत्र क्रमांक 21 का दायित्व सुरूची बंसल को सौंपा।
साथ ही वर्तमान भवन अधिकारी राजीव सोनी तत्कालीन प्रभारी सहायक यंत्री जनकार्य द्वारा रिटेनिंग वॉल की ड्राइंग के प्राक्कलन एवं ड्राइंग में भिन्नता पाये जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए, श्री सोनी को जनकार्य विभाग में संलग्न किया गया एवं उनके वर्तमान कार्य का दायित्व भवन अधिकारी वेद प्रकाश निरंजन को सौंपा गया।जांच प्रतिवेदन के आधार पर प्रभारी कार्यपालन यंत्री जनकार्य सुशील कटारे द्वारा वॉल के निर्माण कार्य का पर्यवेक्षण न करने एवं अपने कार्य में लापरवाही करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।