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सहायक कुल सचिव परीक्षा 17 मई को राज्य लोक सेवा आयोग की

ग्वालियर के 3 केन्द्रों पर 1277 अभ्यर्थी होंगे शामिल
ग्वालियर, -मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग, इंदौर द्वारा सहायक कुल सचिव परीक्षा-2025 का आयोजन रविवार 17 मई को किया जाएगा। ग्वालियर शहर में तीन परीक्षा केन्द्रों पर कुल 1277 अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा एक सत्र में दोपहर 12 बजे से अपराह्न 3 बजे तक आयोजित होगी।
जूते-मोजे पहनकर प्रवेश नहीं, केवल चप्पल-सैंडल की अनुमति
नोडल अधिकारी एवं परीक्षा प्रभारी संयुक्त कलेक्टर विनोद सिंह ने बताया परीक्षार्थियों को परीक्षा केन्द्र पर प्रातः 10:30 बजे तक अनिवार्य रूप से पहुंचना होगा। उन्होंने बताया कि परीक्षा केन्द्र पर जूते एवं मोजे पहनकर प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। अभ्यर्थी केवल चप्पल या सैंडल पहनकर ही प्रवेश कर सकेंगे। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, किसी भी प्रकार की घड़ी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बेल्ट, बालों में लगाने वाले क्लचर, बक्कल और हाथ के बैंड सहित अन्य प्रतिबंधित सामग्री ले जाना वर्जित रहेगा। अभ्यर्थी केवल पारदर्शी पानी की बोतल साथ ले जा सकेंगे।
त्रि-स्तरीय जांच से गुजरेंगे अभ्यर्थी
परीक्षा केन्द्रों पर अभ्यर्थियों की त्रिस्तरीय जांच प्रक्रिया अपनाई जाएगी। पहले चरण में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण होगा। दूसरे चरण में प्रवेश परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी परीक्षा केन्द्रों पर सीसीटीव्ही कैमरों से निगरानी की जाएगी। कलेक्टर कार्यालय में डिजिटल कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जहां से परीक्षा गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी।
कंट्रोल रूम स्थापित
परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी परीक्षा केन्द्रों पर सीसीटीव्ही कैमरों से निगरानी की जाएगी। कलेक्टर कार्यालय में डिजिटल कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जहां से परीक्षा गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए कलेक्ट्रेट ग्वालियर के कक्ष क्रमांक-113 में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यह कंट्रोल रूम 17 मई को प्रातः 8 बजे से परीक्षा समाप्ति तक लगातार कार्यशील रहेगा। कंट्रोल रूम का संचालन अधीक्षक जिला कार्यालय  आरआई. भगत के निर्देशन में होगा।

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क्रेडिट कार्ड के अपडेट करने के नाम ठगी करते हुए 1.95 लाख उड़ाये, पीडि़त एफआईआर के लिये भटक रहा है

ग्वालियर. साइबर ठगी का एक और बड़ा मामला सामने आया है। एसबीआई क्रेडिट कार्ड अपडेट करने के नाम पर ठगों ने एक युवक से 1 लाख 95 हजार 300 रूपये ऑनलाइन ठग लिये हैं। पीडि़त ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है। लेकिन अब एफआईआर दर्ज कराने के लिये उसे अलग-अलग थानों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पीडित का आरोप है कि पुलिस उसकी सुनवाई नहीं कर रही है। एक-दूसरे थाने का हवाला देकर टाल रही है।
जयप्रकाश झा निवासी रॉयल इन्क्लेव कॉलोनी, ओहदपुर के मोबाइल पर 11 मई 202़6 की सुबह लगभग 10.40 बजे एक कॉल आया। कॉल करने वाले नम्बर 9245214077 था और मोबाइल स्क्रीन पर एसबीआई क्रेडिट कार्ड डिस्प्ले हो रहा था। आरोपी ने स्वयं को बैंक अधिकारी बताते हुए कहा है कि उनका एसबीआई क्रेडिट कार्ड अपडेट किया जाना है।
बैंक ऑफिसर समझकर दी जानकारी
जयप्रकाश झा ने बताया है कि आरोपी ने बड़ी चालाकी से कार्ड और मोबाइल से जुड़ी गोपनीय जानकारी मांगी थी। बैंक ऑफिसर समझकर उन्होंने सारी डिटेल शेयर कर दी। इसके बाद मोबाइल पर लगातार ओटीपी आने लगेग। आरोपी ने इन्हें कार्ड अपडेट प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए ओटीपी भी पूछ लिया। विश्वास करते हुए पीडि़त ने सभी कोड बता दिये। कुछ ही देर बा खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम कुल 1 लाख 95 हजार 300 रूपये कट गये। जब लगातार पैसे निकलने के मैसेज आये तो उन्हें ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने आरोपी से पूछ तो उसने कहा कि यह पुराने मैसेज हैं और अपडेट पूरा होने के बाद सब ठीक हो जायेगा। इसके कुछ देर के बाद आरोपी का फोन बंद हो गया।

 

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MP हाईकोर्ट ने धार भोजशाला को माना वाग्देवी का मंदिर, अयोध्या केस को फैसले का माना आधार, मुस्लिमों नहीं होगी नमाज का इजाजत

फैसले के मद्देनजर इंदौर और धार जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं। शुक्रवार होने से संवेदनशीलता और बढ़ गई है, क्योंकि इसी दिन मुस्लिम समाज भोजशाला परिसर में जुमे की नमाज अदा करता है। प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
इंदौर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने धार स्थित भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना है। शुक्रवार को दिये गये फैसले में हाईकोर्ट ने कहा है कि हमने पुरातात्विक और ऐतिहासिक तथ्यों, एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर विचार किया है। एएसआई एक्ट के प्रावधानों के साथ अयोध्या मामले को भी आधार माना है। न्यूज वेबसाइट बार एंड बेंच के अनुसार हाईकोर्ट ने कहा है कि एंतिहासिक और संरक्षित जगह देवी सरस्वती का मंदिर है। केन्द्र सरकार औरा एएसआई यह फैसला लें कि भोजशाला का मैनेजमेंट कैसा रहेगा। 1958 एक्ट के तहत इस प्रॉपर्टी पूरा मैनेजमेंट एएसआई के हाथ में ही रहेगा।
हाईकोर्ट ने ASI  का 2003 का वह आदेश भी रद्द कर दिया है। जिसमें एएसआई ने भोजशाला में हिन्दुओं को पूजा का अधिकारी नहीं दिया था। उस आदेश को भी खारिज कर दिया है जिसमें मुस्लिमों को नमाज पढ़ने का अधिकार दिया गया था।

कोर्ट ने क्या कहा?
फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि भोजशाला का मूल स्वरूप संस्कृत शिक्षा केंद्र का था।  अदालत ने ASI सर्वे और वैज्ञानिक अध्ययन पर भरोसा जताते हुए कहा कि पुरातत्व एक विज्ञान है और कोर्ट वैज्ञानिक निष्कर्षों पर भरोसा कर सकती है।  कोर्ट ने कहा कि सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है कि ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व वाली संरचनाओं का संरक्षण करे।

हाईकोर्ट की सुनवाई किसने किया तर्क दिये

हिन्दू पक्ष
भोजशाला पर प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट लागू नहीं होता है। यह एएसआई द्वारा संरक्षित स्मारक है। प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष अधिनियम 1951 की सूची में भोजशाला का नाम दर्ज है। वर्ष 2024 में अश्विनी उपाध्याय केस में दिये गये तर्क को भोजशाला मामले में लागू नहीं किया जा सकता है। 17 अप्रैल 2003 को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा जारी आदेश को निरस्त करने की मांग, हाईकोर्ट से आग्र्रह किया कि भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय कर इसे पूर्णरूप से हिन्दू समाज को सौंपा जाये। इससे मां सरस्वती की पूजा और हवन सालभर निर्बाध रूप से किया जा सके।
मुस्लिम पक्ष
वरिष्ठ अधिवक्ता शोभा मेनन ने हाईकोर्ट में कहा है कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि भोजशाला मंदिर है। मस्जिद है या जैनशाला। विवादित स्थल का धार्मिक स्वरूप तय करने का अधिकार सिविल कोर्ट को है। हाईकोई अनुच्छेद 226 के तहत रिट अधिकार क्षेत्र में सुनवाई कर रहा है। वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने एएसआई सर्वे पर सवाल उठाते हुए कहा था कि उपलब्ध कराई गयी वीडियोग्राफी स्पष्ट नहीं है। रंगीन तस्वीरें भी नहीं दी गयी है। उन्होंने अयोध्या फैसले का उल्लेख करते हुए कहा है कि वहां रामलला विराजमान की मूर्ति मौजूद थी। भोजशाला में कोई मूर्ति स्थापित नहीं है।
जैन समाज
जो प्रतिमा मां वाग्देवी की बताई जा रही है, वह जैन समुदाय की आराध्य मां अंबिका की है। सीहोर में मां अंबिका के मंदिर में ठी वैसी ही प्रतिमा है। जो भोजशाला में मिली थी। इसे जैन तीर्थ घोषित किया जाना चाहिये।

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MP हाई कोर्ट जल्द सुना सकता है भोजशाला मंदिर पर बड़ा फैसला, हाई अलर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था

धार. मध्य प्रदेश के धार जिले स्थित भोजशाला परिसर को लेकर आज 15 मई को बड़ा फैसला आ सकता है। इंदौर हाईकोर्ट की डबल बेंच इस मामले से जुड़ी छह याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाने वाली है। इसके बाद ही तय होगा कि भोजशाला मंदिर है या मस्जिद। इस फैसले से पहले धार शहर को अभूतपूर्व सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है।
अलर्ट मोड पर पुलिस महकमा
जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। गुरुवार रात से ही शहर में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए गए हैं तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 प्रभावी कर दी गई है। संभावित निर्णय के बाद किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया, विरोध या अफवाह की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। भोजशाला परिसर सहित शहर के प्रमुख चौराहों, संवेदनशील क्षेत्रों और छप्पन इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस की लगातार गश्त जारी है, जबकि प्रशासनिक अधिकारी पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
फैसले से पहले आइसक्रीम पार्टी आयोजित
महत्वपूर्ण फैसला आने से ठीक पहले हाई कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा एक आइसक्रीम पार्टी आयोजित की गई है। गौरतलब है कि हाई कोर्ट में हर साल ग्रीष्म अवकाश शुरू होने के ठीक पहले अंतिम कार्य दिवस पर अभिभाषक संघ द्वारा आइसक्रीम पार्टी आयोजित की जाती है। हाई कोर्ट और जिला कोर्ट में ग्रीष्म अवकाश शनिवार से शुरू हो रहे हैं, जो लगभग एक माह के होंगे। अवकाश में आपराधिक और अर्जेंट मामलों की सुनवाई हो सकेगी।

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भाजपा नेत्री का हनीट्रैप, फर्नीचर व्यापारी को ब्लैकेमेल कर मांगे 10 लाख रूपये, पुलिस ने दर्ज की FIR

मुरैना. जौरा कस्बे की एक फर्नीचर व्यापारी को हनीट्रैप कर फंसाया गया है। फिर उससे 10 लाख रूपये की रकम ब्लैकमेलिंग कर मांगी गयी है। व्यापारी ने जौरा थाने पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने इसमें 2 पुरूष आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 2 महिला आरोपी अभी भी फरार है। खास बात यह है कि पूरे मामले की मास्टरमाइंड स्वयं समाज सेविका और भाजपा नेत्री बताने वाली महिला है। इस महिला के भाजपा नेताओं के साथ फोटो सोशल मीडिया पर देखे गये है।
यह था मामला
जौरा फर्नीचर व्यापारी रमेश शिवहरे की तीन माह पहले शिवहरे धर्मशाला में आयोजित एक कार्यक्रम में समाज सेविका और भाजपा नेत्री कहने वाली सोनम कुशवाह से हुई और उसने मुझसे मेरा मोबाइल नंबर मांगा और अपना मोबाइल नंबर 9691644881 दिया और कहा जब में फोन लगाऊं तो आप उठा लेना।
10 मई को सोनम कुशवाह का फोन आया और उसने मुझे मनीष पेट्रोल पंप के पास स्कूल वाली गली में बुलाया और कहा कि फर्नीचर और एसी लगना है, आप साइड विजिट कर लो। व्यापारी शाम 7:30 पर वहां बताए गए स्थान पर पहुंचा तो सोनम कुशवाह, मीरा नामक महिला पहले से वाहन में मेरा इंतजार कर रहे थे। उन्होंने मुझे जैसे ही मकान में अंदर लिया तो दोनों मुझ पर हावी हुई और एक ऑटो से वहां सचिन, गजेंद्र भी पहुंच गए। चारों ने जबरन मेरे कपड़े उतार कर वीडियो बयाना और कहा कि दस लाख रुपए दे देना नहीं तो यह वीडियो वायरल कर दूंगा। मेरे हाथ में सोने की अंगूठी और कुछ रुपए उन्होंने ले लिए।

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नीट -2026 की परीक्षा 21 जून को होगी, 14 जून तक एडमिट कार्ड मिलेंगे-केन्द्रीय शिक्षामंत्री

नई दिल्ली. नीट के पेपर लीककांड ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। छात्रों के बीच गुस्सा देखने को मिल रहा है। इस बवाल के बीच शुक्रवार को पहली बार केन्द्रीय शिक्षामंत्री धर्मेन्द्र प्रधान पत्रकारों के सामने आये । पत्रकारवार्ता में उन्होंने दो टूक कहा है कि दोषियों का पाताल से भी ढूंढ निकालेंगे। हालांकि पत्रकारवार्ता से पहले NTA  ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नयी तारीखों की जानकारी पहले ही दे दी गयी थी। 21 जून को छात्र दोबारा अपनी किस्मत आजमायेंगे। एडमिट कार्ड से लेकर परीक्षा केन्द्रों तक की जानकारी एनटीए की तरफ से दी जायेगी।
छात्र अपनी पसंद का परीक्षा शहर चुन सकेंगे
धमेन्द्र प्रधान ने कहा हैकि नीट-यूपी की परीक्षा दोबारा से शामिल होने वाले छात्रों को अपनी पसंद का परीक्षा शहर चुनने की अनुमति दी जायेगी। इस कदम का उद्देश्य यात्रा के बोझ को कम करना और परीक्षा रद्द होने के बाद दोबारा परीक्षा देने वाले लाखों छात्रों के लिये प्रक्रिया को सुगम बनाना है। इस बात भी ऐलान किया है कि अगले साल छात्रों की नीट की परीक्षा का कम्प्यूटर बेस्ट कर दिया जायेगा। अभी तक OMR  शीट पर पेपर होता था। जिससे पेपर लीक होने की संभावना ज्यादा थी। इसके अलावा परीक्षा का समय 15 मिनट बढ़ेगा। यानी छात्रों को  अब पेपर लिखने के लिये और 15 मिनट अधिक मिलेंगे।
केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने बताया है कि इस बीच नीट यूजी-2026 के री-एग्जाम के एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिये जायेंगे। इसके अलावा छात्रों को 15 मिनट का एकस्ट्रा समय दिया जायेगा।
छात्रों को मिलेगी ये सुविधाएं
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि NEET-UG 2026 परीक्षा के दौरान छात्रों को आने-जाने में परेशानी न हो इसके लिए राज्य सरकारों से बात की जाएगी। सरकार की कोशिश है कि छात्रों पर किसी भी तरह का अतिरिक्त बोझ न पड़े और उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।  उन्होंने कहा कि परीक्षा जून महीने में होगी, इसलिए बारिश और खराब मौसम की संभावना को भी ध्यान में रखा जा रहा है।  इसी को देखते हुए परीक्षा के दिन परिवहन, सुरक्षा और दूसरी जरूरी व्यवस्थाओं की पहले से तैयारी की जाएगी, ताकि छात्रों को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।

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पेट्रोल-डीजल के दामों में प्रतिलीटर 3 रूपये की वृद्धि

नई दिल्ली. ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध का असर अब सीधे-सीधे भारत पर पड़ता दिखाई दे रहा है। सुबह-सुबह भारतीयों को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिये गये है। पेट्रोल-डीजल की दामों पर 3-3 रूपये की वृद्धि की गयी है।
दिल्ली में अब पेट्रोल 99.77 रूपये प्रतिलीटर हो गया है। वहीं डीजल की कीमत अब 99.64 प्रति लीटर तक पहुंच गयी है। मिडिल-ईस्ट युद्ध की शुरूआत के बाद से यह पहली बार है जब भारत में पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि की गयी है।
आपको बता दें कि हाल ही में पीएम नरेन्द्र मोदी ने देश की जनता से फ्यूल बचाने की अपील की थी। उन्होंने वर्क फ्रॉम होम करने और निजी वाहनों के कम उपयोग पर जोर दिया था। तभी से ऐसे संकेत मिल रहे कि पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि हो सकती है।
डीजल के दाम भी बढ़े
महानगरों में ईंधन की कीमतों में करीब 2.80 रुपये से लेकर 3.30 रुपये तक का इजाफा देखा गया है. दिल्ली में अब डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर मिलेगा. वहीं, कोलकाता में इसके दाम 95.13 रुपये, मुंबई में 93.14 रुपये और चेन्नई में 95.25 रुपये प्रति लीटर हो गए है।
आपको  बता दें कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज लगी पाबंदियों की वजह से कच्चे तेल के आयात-निर्यात पर भारी असर हुआ है। ऐसे में जगह-जगह तेल की किल्लत होने के संकेत है।  इसी के मद्देनजर सरकार लगातार तेल का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल न करने की सलाह दे रही है।

 

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धार की भोजशाला विवाद का आज फैसला संभव, 5 याचिकाओं और 3 इंटरवेंशन को सुनने के बाद फैसला रिजर्व


धार. भोजशाला और कमाल मौला मस्जिद को लेकर 15 मई को फैसला आने की संभावना है। सुप्रीम कोर्ट के वकील और हिन्दू फ्रंट फॉर जस्टिस के सीनियर वकील विष्णुशंकर जैन ने ट्वीट कर यह जानकारी है। इस मामले में 5 याचिकाओं और 3 इंटरवेंशन को सुनने के बाद इन्दौर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने फैसला रिजर्व रखा है।


इस मामले में हिन्दू फ्रंट फॉर जस्टिस के याचिकाकर्ता ने वीडियो जारी कर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने सभी समुदायों से अपील की है कि न्यायपालिका पर सभी को विश्वास है, जो भी फैसला आये वह स्वीकार करें। शांति और सौहार्द बनाये रखना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने डीजीपी, धार एसपी से आग्रह किया है कि निर्णय मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाये रखे। पैरवी करने वाले वकील विष्णुशंकर जैन और एडवोकेट विनय जोशी द्वारा सभी शांति बनाये रखने की आग्रह किया है।
मामला 2022 में शुरू हुआ था 
दो दिन पहले हुई इस मामले में सुनवाई पूरी हुई थी। तब करीब दो घंटे से ज्यादा चली सुनवाई में सभी पक्षों ने अपने तर्क रखे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) ने भी अपना पक्ष रखा। पिछले एक माह से अधिक समय से चल रही सुनवाई के दौरान हिंदू और मुस्लिम पक्षों ने अपने-अपने तर्क न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए।
मामला साल 2022 में तब शुरू हुआ था, जब रंजना अग्निहोत्री और उनके साथियों ने हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय करने और हिंदू समाज को पूर्ण अधिकार देने की मांग की थी। साल 2024 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने भोजशाला परिसर का 98 दिन तक वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया था। इसके बाद 23 जनवरी 2026 को वसंत पंचमी पर सुप्रीम कोर्ट ने दिनभर निर्बाध पूजा-अर्चना की अनुमति दी थी। 6 अप्रैल 2026 से हाईकोर्ट में नियमित सुनवाई शुरू हुई, जो 12 मई तक चली।

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CM ने पाठ़्यपुस्तक निगम अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार छीने, निगम की बैठकों नहीं होगे शामिल, किसान मोर्चा अध्यक्ष नियुक्ति रद्द

ग्वालियर. पीएम नरेन्द्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील के दौरान मध्यप्रदेश में वाहन रैली और शक्तिप्रदर्शन पर सरकार ने बड़ी कार्यवाही की है। सीएम ऑफिस ने एमपी पाठ्यपुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सौभाग्य सिंह को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है।
डनके सभी प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार अगले आदेश तक निरस्त कर दिये गये हैं। वहीं भिण्ड में बीजेपी किसान मोर्चा के अध्यक्ष सज्जनसिंह यादव की नियुक्ति भी 18 दिनों में निरस्त कर दी गयी है। मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ने अपना रसूख का प्रदर्शन करते हुए लगभग 700 वाहनों का काफिला निकाला और उज्जैन से भोपाल पदभार ग्रहण करने के लिये पहुंचे थे। इससे रास्ते में कई जगह जाम की स्थिति बनी रहीं।
CM ऑफिस के नोटिस में क्या कहा गया
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस में कहा गया है कि मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया के जरिए जानकारी मिली कि पाठ्य पुस्तक निगम अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति के बाद सिंह ने विशाल वाहन रैली निकाली। यह राष्ट्रीय संसाधनों के अपव्यय और शासन के संदेशों के विपरीत माना गया।
निगम कार्यालय या परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
निगम की सुविधाओं और वाहनों का उपयोग नहीं कर सकेंगे।
निगम से जुड़ी बैठकों में भाग नहीं ले सकेंगे।
किसी प्रशासनिक या वित्तीय निर्णय में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
किसी कर्मचारी को निर्देश जारी नहीं कर सकेंगे

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वर्दी धारण करने के बाद पुलिसकर्मी का एकमात्र धर्म जनसेवा, कानून पालन एवं राष्ट्रहित – डीजीपी

दीक्षांत समारोह -‘सिंहस्थ-2028’ के लिए आधुनिक पुलिसिंग एवं तकनीकी दक्षता आवश्यक
भोपाल, 25वीं वाहिनी, विशेष सशस्त्र बल, भोपाल में गुरूवार को नव आरक्षकों के दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ। राष्‍ट्रगीत एवं राष्‍ट्रगान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने बतौर मुख्‍य अतिथि सलामी ली एवं परेड का निरीक्षण किया।
समारोह को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक ने कहा कि लगभग 11 माह के कठिन प्रशिक्षण, अनुशासन एवं समर्पण के बाद तैयार हुए ये नव आरक्षक भविष्य में पुलिस विभाग की कार्यक्षमता को और अधिक सशक्त करेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण अवधि जीवन का सबसे महत्वपूर्ण चरण होती है, जहां टीम भावना, अनुशासन, शारीरिक दक्षता एवं व्यवहारिक पुलिसिंग की सीख जीवनभर साथ रहती है। प्रशिक्षण के दौरान नव आरक्षकों को आउटडोर गतिविधियों, वेपन ट्रेनिंग, बलवा ड्रिल, कानून व्यवस्था, साइबर क्राइम, आधुनिक तकनीक एवं भीड़ नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विषयों में प्रशिक्षित किया गया है, जो भविष्य की ड्यूटी में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे।उन्होंने कहा कि वर्दी धारण करने के बाद पुलिसकर्मी का एकमात्र धर्म जनसेवा, कानून का पालन एवं राष्ट्रहित होता है।
उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि जनसुरक्षा और विश्वास से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व है।। प्रत्येक पुलिसकर्मी को आमजन के प्रति संवेदनशीलता, त्वरित प्रतिक्रिया एवं निष्पक्ष कार्यप्रणाली के साथ कार्य करना चाहिए। जनता का विश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है।
समारोह के दौरान नव आरक्षकों द्वारा आकर्षक साइलेंट ड्रिल प्रदर्शन प्रस्तुत किया गया, जिसमें अनुशासन, तालमेल एवं उत्कृष्ट प्रशिक्षण दक्षता की प्रभावशाली झलक दिखाई दी। इसके साथ ही प्रशिक्षुओं ने विभिन्न योग आसनों का प्रदर्शन कर शारीरिक क्षमता, मानसिक संतुलन एवं फिटनेस के प्रति अपनी सजगता का परिचय दिया।
समारोह में अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक चंचल शेखर, पुलिस महानिरीक्षक इरशाद वली, पुलिस आयुक्‍त संजय कुमार सहित अन्‍य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी, विशेष सशस्त्र बल के अधिकारी, प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में नव आरक्षकों के परिजन उपस्थित रहे।