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Rajpal Yadav Cheque Bounce Case- अभिनेता राजपाल फिर से जायेंगे जेल-हाईकोर्ट

नई दिल्ली. अभिनेता राजपाल यादव पर चेक -बाउंस का केस कुछ माह पहले बहुत चर्चा में था। बॉलीवुड सेलेब्रिटीज से राजपाल का इस मामले से निकालने के लिये काफी फायनेंशियल मदद मिली थी। फरवरी में वह जेल से जमानत पर बाहर भी आ गये थे। लेकिन अब राजपाल को बड़ा झटका लगा है। उनके एक्शंस का ‘संदिग्ध; बताते हुए प्रशासन ने उन्हें फिर से जेल भेजने के लिय कहा है।
राजपाल को हाईकोर्ट ने फिर से भेजा जेल
लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा ने राजपाल का दोषी मानते हुए सेशंस कोर्ट द्वारा सुनाई गयी सजा में संशोधन किया गया। अदालत ने राजपाल यादव को 7 मामलों में शिकायतकर्ता का 1.05 करोड़ रूपये की पेमेंट करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा शिकायतकर्ता को 1.04 लाख रूपये और 75 हजार रूपये जबकि राज्य को 25 हजार रूपये देने का भी आदेश दिया गया है। हाईकोर्ट ने राजपाल यादव की पत्नी राधा यादव को भी हर मामले में शिकायतकर्ता को 5,51,380 रूपये की पेमेंट करने के लिये कहा है। हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि राजपाल की तरफ से पहले ही जमा किये जा चुके हैं। 2.25 करोड़ रूपये फायनल पेमेंट में एडजस्ट कर दिये जायेंगे।
राजपाल चेक बाउंस में पहले भी जेल जा चुके हैं
2010 में राजपाल ने अपने प्रोडक्शन में बनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए 5 करोड़ का उधार लिया था. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई और राजपाल समय पर उधार चुकता नहीं कर पाए थे।  बार-बार पेमेंट्स के लिए दिए चेक बाउंस होने के बाद ये मामला एक लंबी कानूनी लड़ाई बन गया.। इस मामले में हाई कोर्ट ने राजपाल यादव को पहली बार 2013 में, 10 दिन के लिए जेल भेजा था।  लेकिन हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच में अपील के बाद वो 4 दिन में जेल से बाहर आ गए थे. नवंबर 2018 में वो फिर से तीन महीनों के लिए जेल गए और फरवरी 2019 में बाहर आए थे।
मगर इसके बाद भी राजपाल अपना उधार नहीं चुकता पर पाए।  जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने सुनवाई के दौरान अभिनेता के रवैए को ‘संदिग्ध’ बताया और कहा कि उन्हें रकम चुकाने के कई मौके दिए गए।   लेकिन वो अपने वादों को पूरा करने में पूरी तरह विफल रहे।  जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा कि राजपाल यादव को अदालत में दिए गए अपने अंडरटेकिंग का पालन करने के लिए कई मौके दिए गए।  लेकिन उन्होंने बार-बार अवसर मिलने के बावजूद उसका पालन नहीं किया।  बकाया रकम के भुगतान को लेकर किए गए समझौते के बार-बार उल्लंघन के कारण कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाया है।  इसी कोर्ट ने राजपाल को राहत भी दी थी।  लेकिन राजपाल इस दलील पर अड़े रहे कि जब कुछ दिन जेल काट ली तो अब कैसे पैसे? कौन सा बकाया और कैसी वापसी? कोर्ट ने उन्हें पहले भी चेतावनी दी थी।

 

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मादा चीता का सफल रेस्क्यू, 20 दिन तक ग्वालियर के जंगलों में घूमती रही

ग्वालियर. वन मंडल के जंगलों में पिछले करीब 20 दिनों से विचरण कर रही कूनो नेशनल पार्क की मादा चीता सीसीबी-3 का गुरुवार को सफल रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित कूनो नेशनल पार्क भेज दिया गया। कूनो की विशेषज्ञ टीम और ग्वालियर वन विभाग ने बरी-पनिहार के जंगलों में संयुक्त अभियान चलाकर कई घंटे की मशक्कत के बाद चीते को ट्रेंकुलाइज (बेहोश) कर सुरक्षित पकड़ लिया। वन अधिकारियों के अनुसार मादा चीता की हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा रही थी। उसके गले में लगे सैटेलाइट कॉलर से उसकी लोकेशन मिल रही थी, जबकि वन अमले की ग्राउंड ट्रैकिंग टीम भी जंगलों में लगातार निगरानी कर रही थी। पिछले कुछ दिनों से चीता शिकार की तलाश में जंगल से निकलकर रिहायशी क्षेत्रों के करीब पहुंचने लगी थी, जिससे स्थानीय लोगों और चीते की सुरक्षा को देखते हुए रेस्क्यू का निर्णय लिया गया।
ग्वालियर वन विभाग ने इलाके की घेराबंदी कर रेस्क्यू किया
दोपहर बरी-पनिहार के जंगल में चीते की सटीक लोकेशन मिलने के बाद कूनो नेशनल पार्क की विशेषज्ञ टीम और ग्वालियर वन विभाग ने इलाके की घेराबंदी कर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सुरक्षित दूरी बनाकर विशेषज्ञों ने मादा चीता को बेहोशी का इंजेक्शन लगाया। बेहोश होने के बाद पशु चिकित्सकों की निगरानी में उसे सुरक्षित पिंजरे में रखा गया और विशेष वाहन से कूनो नेशनल पार्क के लिए रवाना कर दिया गया।
डीएफओ बोले-पूरी तरह सुरक्षित है चीता
ग्वालियर वन मंडल के डीएफओ मुकेश पटेल ने बताया कि मादा चीता सीसीबी-3 का रेस्क्यू पूरी तरह सफल रहा। अभियान के दौरान वन्यजीव विशेषज्ञों और पशु चिकित्सकों की टीम मौजूद रही तथा सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया। उन्होंने बताया कि चीते को पूरी तरह सुरक्षित हालत में कूनो नेशनल पार्क भेज दिया गया है।

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पूर्व विधायक राजेंद्र भारती मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी, आज आ सकता है बड़ा फैसला

दतिया. दतिया उपचुनाव से जुडी स्थगन याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरूवार गुरूवार को सुनवाई पूरी कर ली। बुधवार को पूर्व विधायक राजेद्र भारती की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पी चिंदबरम ने करीब 1 घंटे तक अपना पक्ष रक्षा था। वहीं गुरूवार को सरकारी वकील ने पक्ष रखा।
न्यायमूर्ति मनोज जैन ने दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया। भारती की ओर से पूर्व मंत्री कपिल सिब्बल के जूनियर अधिवक्ता अभिक चिन्नी ने मामले की संवेदनशीलता और समय की कमी का हवाला देते हुए यथाशीघ्र निर्णय देने का अनुरोध किया। इस पर न्यायमूर्ति ने कहा कि न्यायालय प्रयास करेगा कि आदेश शक्रवार को ही जारी कर दिया जाए। किसी कारणवश संभव न हुआ तो सोमवार को निश्चित रूप से आदेश पारित किया जाएगा। बता दें कि आदेश का प्रभाव उपचुनाव प्रक्रिया पर पडेगा क्योंकि बैंक एफडी धोखाधडी में पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को तीन साल की सजा सुनाने के कारण ही चुनाव हो रहे है।
उपचुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के चौथे दिन गुरूवार को पहला नामांकन पत्र आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी दामोदर यादव ने दाखिल किया। भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा, कांग्रेस नेता अवधेश नायक ने फार्म खरीदे है। हालांकि दोनों ही दलों ने प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है। संभावना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भाजपा प्रत्याशी का नामांकन दाखिल कराने आएं क्योंकि भाजपा ने 13 जुलाई को आमसभा की अनुमति मांगी है।

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पूर्व कुलपति की तबियत बिगड़ी तो छात्रों ने छीनी थी जस्टिस की कार, 31 माह सीआईडी ने मानवीय संवेदना का मामला मानकर लगाई खात्मा रिपोर्ट

ग्वालियर. रेलवे स्टेशन परिसर से जस्टिस संजीव एस कालगांवकर की कार चालक से छीनकर ले जाने के प्रकरण में सीआईडी इन्दौर के इंस्पेक्टर अशरफ अली अंसारी ने न्यायालय में खात्मा रिपोर्ट (एफआर) पेश कर दी है। रिपोर्ट के साथ पुलिस और न्यायालयीन अधिकारियों के अभिमत भी संलग्न किये गये है। सीआईडी जांच में सामने आया है कि मामला मानवीय संवेदनाओं का था। हालांकि इस पर अभी न्यायालय की मंजूरी मिलना शेष है।
घटना 11 दिसम्बर 2023 की है इस घटना में छात्र नेता हिमांशु श्रोती और सुकृत शर्मा का गिरफ्तार किया था। उन पर लूट और डकैती आदि की धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था। आरोप था कि ट्रेन में रिटायर्ड कुलपति रणजीत सिंह की तबियत हो गयी थी। रेलवे स्टेशन पर एम्बूलेंस नहीं मिलीतो छात्रों ने जस्टिस की कार मांगी थी। चालक ने कार देने से मना कर दिया था तो छात्रों ने जबरन कार लेकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया था।
हाईकोर्ट केस मानवीय संवेदनाओं का मानकर छात्र नेताओं की दी थी जमानत
18 दिसम्बर 2023 का हाईकोर्ट की एकल पीठ ने दोनों छात्रों का जमानत दे दी थी। यह दलील भी दी कि दोनों कानून के छात्र है। उनका मकसद लूट या डकैती का नहीं था, बल्कि मरते हुए इंसान की जान बचाना था। हाईकोर्ट ने भी माना था कि मामला आपराधिक मंशा का नहीं बल्कि मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा था।इसी वजह से शासन या पुलिस पक्ष ने भी इस जमानत का विरोध नहीं किया।
पूर्व सीएम ने मुख्य न्यायाधीश को लिखा था पत्र
मामले ने तूल पकड़ा और छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन हुए। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर छात्रों के पक्ष में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की बात कही थी।

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दतिया में नरोत्तम मिश्रा के अलावा भाजपा के एक और नेता ने ठोकी टिकट की दावेदारी

दतिया. दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर भाजपा में टिकट को लेकर दौड़ तेज होती नजर आ रही है। वैसे तो इस सीट पर पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम सबसे प्रबल माना जा रहा है लेकिन अब पूर्व भाजयुमो जिलाध्यक्ष मुकेश मुड़ोतिया ने भी टिकट की दावेदारी पेश की है। वर्ष 2008 के बाद ये पहली बार है जब दतिया में किसी नेता ने इस तरह से खुलकर चुनाव के लिए टिकट की दावेदारी की है।
पूर्व जिलाध्यक्ष ने की टिकट की दावेदारी
पूर्व भारतीय जनता युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष मुकेश मुड़ोतिया ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को पत्र भेजकर टिकट की दावेदारी पेश की है। मुकेश मुड़ोतिया ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित कई वरिष्ठ नेताओं को टिकट के दावेदारी करते हुए पत्र भेजे हैं। इतना ही नहीं पत्र में मुकेश मुड़ोतिया ने स्थानीय बनाम बाहरी का मुद्दा भी उठाया है और मांग की है कि किसी बाहरी प्रत्याशी की जगह स्थानीय सक्रिय कार्यकर्ता को पार्टी को मौका देना चाहिए। इसके साथ ही मुड़ोतिया ने पत्र में अपने चार दशक के संगठनात्मक अनुभव और भाजयुमो जिलाध्यक्ष रहते हुए निभाई गई जिम्मेदारियों का भी जिक्र किया है।
नरोत्तम मिश्रा प्रबल दावेदार
दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए नरोत्तम मिश्रा भाजपा पार्टी से सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। उन्होंने नामांकन पत्र खरीदकर अपने स्तर पर चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया है। वहीं पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश मुड़ोतिया की ओर से टिकट की दावेदारी करने को लेकर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रणवीर सिंह रावत ने  बताया कि टिकट मांगना हर कार्यकर्ता का अधिकार है, अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व का होगा। पार्टी जिसे भी टिकट देगी सभी भाजपा कार्यकर्ता व पदाधिकारी एकजुट होकर उनके लिए चुनाव प्रचार करेंगे।

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MP के यात्रियों के लिए खुशखबरी, तत्काल टिकट नियमों में 1 अगस्त से बड़ा बदलाव

जबलपुर. तत्काल काउंटर से टिकट बुक कराने वाले रेल यात्रियों के लिए पश्चिम मध्य रेलवे से राहत भरी खबर लेकर आया है। रेलवे प्रशासन ने काउंटरों पर लगने वाली लंबी कतारों और यात्रियों की परेशानी को देखते हुए टोकन वितरण की व्यवस्था को पूरी तरह बदलने का निर्णय लिया है। इस नई प्रणाली के लागू होने के बाद अब यात्रियों को टोकन लेने और फिर टिकट बुक कराने के लिए दो बार रेलवे स्टेशन या रिजर्वेशन काउंटर की दौड नहीं लगानी पडेगी। यह सुव्यवस्थित नियम आगामी 1 अगस्त 2026 से जबलपुर रेल मंडल सहित पश्चिम मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाले सभी आरक्षण केंद्रों पर प्रभावी ढंग से लागू कर दिया जाएगा।
टोकन वितरण का नया समय
नई गाइडलाइन के अनुसार अब काउंटरों पर टिकट बुकिंग शुरू होने से कुछ समय पहले ही टोकन दिए जाएंगे। वातानुकूलित श्रेणी के लिए टोकन सुबह 8.30 बजे से लेकर 9.00 बजे तक बांटे जाएंगे। इसके बाद सुबह 10 बजे से इन टिकटों की बुकिंग हमेशा की तरह शुरू होगी। वहीं दूसरी ओर नॉन-एसी स्लीपर श्रेणी के यात्रियों को सुबह 9 बजे से 9.30 बजे के बीच टोकन काउंटर से मिल सकेंगे जिनकी बुकिंग सुबह 11 बजे से प्रारंभ की जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए यह पूरी जानकारी सभी केंद्रों पर हिंदी और अंग्रेजी भाषा में बोर्ड पर प्रदर्शित की जाएगी।
एसी श्रेणी के लिए पहले 10 टोकन और स्लीपर श्रेणी के लिए 15 टोकन जारी किए जाएंग
रेलवे ने शुरूआती तौर पर तय किया है कि प्रत्येक आरक्षण काउंटर पर एसी श्रेणी के लिए पहले 10 टोकन और स्लीपर श्रेणी के लिए 15 टोकन जारी किए जाएंगे। हालांकि जिन स्टेशनों या केंद्रों पर यात्रियों की भीड अधिक देखी जाएगी वहां स्थानीय स्तर पर टोकनों की संख्या बढाने का अधिकार रेलवे के पास सुरक्षित रहेगा। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और फर्जीवाडे की गुंजाइश को खत्म करने के लिए टोकन लेते समय यात्रियों को अपना आधार कार्ड या अन्य कोई भी सरकारी फोटो पहचान पत्र दिखाना बेहद जरूरी होगा। काउंटर पर तैनात कर्मचारी प्रत्येक टोकन का पूरा ब्यौरा एक रजिस्टर में दर्ज करेंगे।
दलालों पर कडा प्रहार
इस नई व्यवस्था का एक मुख्य उद्देश्य टिकटों की कालाबाजारी और दलाली पर पूरी तरह लगाम लगाना है। रेलवे ने साफ किया है कि जो यात्री खुद के लिए या अपने परिवार के सदस्यों के लिए टिकट लेने आएंगे उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी, बशर्ते वे अपना वैध पहचान पत्र दिखाएं इसके बाद ही अन्य लोगों को दस्तावेज जांच कर टोकन मिलेंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जारी किए गए टोकन पूरी तरह से अहस्तांतरणीय होंगे। यानी जिस व्यक्ति के नाम और आईडी पर टोकन जारी हुआ है काउंटर पर केवल वही व्यक्ति टिकट बनवा सकेगा। सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरत पडने पर आरपीएफ के जवानों को भी काउंटरों पर तैनात किया जाएगा।

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MP में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की सुरक्षा में चूक, काफिले के सामने आए 3 युवक

रतलाम. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया है। 8 लेन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर गडकरी के काफिले के सामने अचानक तीन ग्रामीण युवक आ गए। घटना रतलाम जिले के जिले के शिवगढ ब्रिज के पास गुरूवार दोपहर की है। इसका वीडियो भी सामने आया है। इसमें दिख रहा है कि हाईवे के बीच में खडे तीन युवक गाडियों को रूकने का इशारा कर रहे है। इसी दौरान केंद्रीय मंत्री के काफिले में शामिल वाहन इन ग्रामीणों के बगल से गुजरते हुए दूसरी लेन से निकल गए। सडक पर लगे नेशनल हाईवे ऑफ इंडिया के कैमरों में इन गाडियों की रफ्तार करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज हुई है।

युवकों के एक्सप्रेस-वे के बीच में खड़े होकर गाड़ियां रुकवाने की कोशिश का वीडियो सामने आया है। - Dainik Bhaskar
गुजरात जा रहे थे गडकरी
दरअसल गडकरी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण करने राजस्थान पहुंचे थे। उन्होंने लबान इंटरचेंज से दरा टनल तक करीब 90किमी की दूरी में एक्सप्रेस -वे का निरीक्षण किया। इसके बाद वे बाय रोड गुजरात जा रहे है। इसी दौरान गुरूवार को रतलाम से भी गुजरे थे। वीडियो के आधार पर पुलिस ने मामले की पडताल की। युवकों की पहचान शांतिलाल पिता कांजी भाभर, निमकोपाडा पलासेडी गांव के रहने वाले है। युवकों ने पुलिस को बताया कि उनके बच्चे हाईवे के दूसरी तरफ बने स्कूल में पढते है। वे रोज बच्चों को सडक पार कराते है। गुरूवार को भी वे बच्चों को स्कूल छोडने जा रहे थे जिसके लिए वे गाडियों को रूकने का इशारा कर सडक पार कर रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें केंद्रीय मंत्री गडकरी के काफिले के यहां से गुजरने की कोई जानकारी नहीं थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

 

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यातायात को दुरुस्त करने सड़क पर अचानक पहुंचे एएसपी, अतिक्रमण हटवाया, 6 वाहनों पर कार्रवाई

​ग्वालियर, -शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए आज एएसपी यातायात सुजावल जग्गा ने स्वयं अलकापुरी तिराहा से मेट्रो टावर कलेक्ट्रेट तिराहा तक पैदल निरीक्षण किया।
​निरीक्षण के दौरान मौके पर ही मदाखलत अधिकारी को बुलाकर सड़क किनारे रखे अस्थाई सामान को जब्त करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही शराब दुकान के आसपास बेतरतीब खड़े वाहनों पर सख्त कार्रवाई की गई और दुकानदार को दोबारा वाहन न खड़े करवाने की समझाइश दी गई।
​₹6,000 का वसूला जुर्माना
यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 6 वाहनों पर मौके पर ही चालानी कार्रवाई कर ₹6,000 का समन शुल्क वसूला गया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान झांसी रोड यातायात थाना प्रभारी धनंजय शर्मा एवं गोला का मंदिर थाना प्रभारी अभिषेक रघुवंशी सहित, मदाखलत अधिकारी शैलेन्द्र चौहान एवम पुलिस बल मौजूद रहा।

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पुलिस की सजगता से प्रॉपर्टी व्यापारी के घर डकैती की साजिश हुई नाकाम, 4 बदमाश हथियार सहित गिरफ्तार

पकड़े आरोपी हरिओम जाट और हरेंद्र ओझा का फाइल फोटो

ग्वालियर. क्राइम ब्रांच और महाराजपुरा थाना पुलिस ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए बुधवार-गुरूवार की मध्यरात्रि में लगभग 3 बजे एक बड़ी डकैती की घटना के पहले ही नाकाम कर दिया। पुलिस ने प्रॉपर्टी व्यापारी के घर पर डकैती डालने की प्लानिंग कर रहे 4 बदमाशों को हथियारों समेत गिरफ्तार कर लिया है। जबकि उनका एक साथी अंधेरे का लाभ उठाते हुए मौके से फरार हो गया है। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार तलाशी में जुटी है।
पुलिस ने तत्काल की कार्यवाही
डीएसपी क्राइम एवं सीएसपी महाराजपुरा नागेन्द्रसिंह सिकरबार ने बताया है कि पुलिस का खबर मिली थी कि कुछ हथियारबंद बदमाश महाराजपुरा इलाके में किसी घटना का अंजाम देने की फिराक में है। खबर मिलते ही क्राइम ब्रांच और महाराजपुरा थाना पुलिस की 3 संयुक्त टीमें गठित की गयी है। कार्यवाही की कमान एसआई राजीव सोलंकी, रोहित भदौरिया और सतराम राठौर ने किया जबकि टीम में एएसआई विनोद छारी समेत कई पुलिस कर्मी शामिल रहे।
वारदात से पहले पुलिस के हत्थे चढ़े बदमाश
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरेन्द्र उर्फ देवा ओझा निवासी उटीला, प्रदीप परिहार निवासी सिमरिया ताल डबरा, हरिओम जाट निवासी ग्राम कैथोदा, पिछोर और मोहित तोमर निवासी सिहोनिया, मुरैना के रूप में हुई है। वहीं फरार आरोपी की पहचान आदित्य भदौरिया निवासी शताब्दीपुरम के रूप में हुई है।
पुलिस जब राधा स्वामी सत्संग आश्रम के पास सूरा बेहटा रोड पर पहुंची तो झाड़ियों में कुछ संदिग्ध युवक छिपे दिखाई दिए। पुलिस ने चारों ओर से घेराबंदी कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी। इस दौरान बदमाशों की बातचीत सुनने पर पता चला कि वे लक्ष्मणगढ़ निवासी प्रॉपर्टी कारोबारी गंधर्व सिंह के घर डकैती डालने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की तो बदमाश भागने लगे। पीछा कर चार आरोपियों को पकड़ लिया गया, जबकि एक आरोपी मौके से फरार हो गया।
बदमाशों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव ने बताया कि समय रहते कार्रवाई होने से एक बड़ी वारदात टल गई। फरार आरोपी की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के यहां लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस को उम्मीद है कि उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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ऑपरेशन हमदर्द-GRP ने आठवें दिन 32 निराश्रित एवं बेसहारा लोगों का तैयार किया डिजिटल डोजियर

भोपाल, -यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मध्यप्रदेश जीआरपी द्वारा पूरे प्रदेश के रेलवे स्टेशनों पर 1 से 31 जुलाई तक विशेष अभियान “ऑपरेशन हमदर्द” संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म एवं आसपास के क्षेत्रों में रह रहे निराश्रित, बेसहारा, परित्यक्ता महिलाओं, भिक्षावृत्ति में संलग्न व्यक्तियों तथा भटके हुए बच्चों की पहचान कर उनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है तथा आवश्यकतानुसार उनके पुनर्वास एवं परिजनों से मिलाने की कार्रवाई की जा रही है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रेल राजाबाबू सिंह के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक रेलवे भोपाल अंकित जायसवाल के मार्गदर्शन में प्रदेश की सभी जीआरपी इकाइयों द्वारा अभियान को प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है।
अभियान के आठवें दिन 08 जुलाई 2026 को प्रदेश के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर 26 पुरुष, 5 महिलाएं एवं 1 बालक सहित कुल 32 व्यक्तियों से विस्तृत पूछताछ कर उनके डिजिटल डोजियर तैयार किए गए। जिन व्यक्तियों के परिजन उपलब्ध थे, उन्हें परिजनों से संपर्क कर मिलवाया गया तथा जिनका कोई आश्रय नहीं था, उनके पुनर्वास के लिए संबंधित सामाजिक संस्थाओं एवं आश्रय गृहों से समन्वय स्थापित किया गया। अभियान प्रारंभ होने से अब तक कुल 270 निराश्रित एवं बेसहारा व्यक्तियों का डिजिटल डोजियर तैयार किया जा चुका है। इस डिजिटल डेटाबेस से भविष्य में गुमशुदा व्यक्तियों की पहचान, पुनर्वास एवं अपराध नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
अभियान के प्रमुख उद्देश्य
रेलवे स्टेशनों पर लंबे समय से रह रहे निराश्रित एवं बेसहारा व्यक्तियों की पहचान करना।
प्रत्येक व्यक्ति का डिजिटल फोटो एवं आवश्यक विवरण संकलित कर रिकॉर्ड तैयार करना।
दिव्यांग, महिलाओं एवं बच्चों के मामलों में संबंधित विभागों के समन्वय से पुनर्वास सुनिश्चित करना।
भिक्षावृत्ति में सक्रिय संगठित गिरोहों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करना।
गुमशुदा एवं भटके हुए व्यक्तियों को उनके परिजनों से सुरक्षित मिलाना।

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