PoK में हिंसा, 11 की मौत, इनमें 4 पुलिसकर्मी
नई दिल्ली. पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 70 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक यह हिंसा जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी और क्षेत्रीय सरकार के बीच चल रहे विवाद के दौरान हुई। रिपोर्ट के अनुसार मृतकों में 7 नागरिक और 4 पुलिसकर्मी शामिल हैं। वहीं 23 सुरक्षाकर्मी और करीब 50 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। पुलिस ने अब तक 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। पीओके में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी और सरकार के बीच विधानसभा की 12 आरक्षित सीटों को लेकर विवाद चल रहा है। ये सीटें उन शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं जो जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में जाकर बसे थे। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी इन सीटों को खत्म करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है।

जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी पर बैन लगा, जिसके बाद हिंसा भड़की
सरकार ने 5 जून को जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद से इलाके में तनाव लगातार बढ़ रहा है। रविवार को जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के कार्यकर्ता संगठन के एक सदस्य की मौत के विरोध में अस्पताल के शवगृह के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। सदस्य की मौत कथित तौर पर पुलिस फायरिंग में हुई थी। पुलिस जब प्रदर्शनकारियों को हटाने पहुंची, तभी झड़प शुरू हो गई और हिंसा फैल गई।

रावलकोट के कमिश्नर सरदार वहीद खान ने रॉयटर्स से कहा कि प्रदर्शनकारियों की गोलीबारी में चार पुलिसकर्मियों और एक राहगीर की मौत हुई। उन्होंने दावा किया कि इसके जवाब में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में छह प्रदर्शनकारी मारे गए। पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक पुलिस का आरोप है कि जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी से जुड़े लोगों ने सुरक्षाकर्मियों पर शॉटगन और अन्य हथियारों से हमला किया। पुलिस ने घटना को आतंकवादी कार्रवाई करार देते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

