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भारत के न्यूक्लीयर पॉवर प्लांट से जुड़ी फाइलों में सेंधमारी, गोपनीय जानकारी डार्क वेब पर पोस्ट

नई दिल्ली एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रेन समवेयर ग्रुप वर्ल्ड लीक्स ने डार्क वेब पर भारत के सबसे पड़े परमाणु ऊर्जा संयुत्र कुडनकुलम न्यूक्लीयर पॉवर प्लांट से जुड़े हजारों कागजात अपलोड किये हैं। इन कागजातों में संयंत्र के कुछ हिस्सों के कथित ब्लूप्रिंट, सप्लायर्स की जानकारी, बैठकों के ब्यौरे और बीमा के दस्तावेज शामिल बताये जा रहे है।
वर्ल्ड लीक्स का दावा है कि यह डेटा अनिल अंबानी अंबानी के रिलायंस इंफ्रस्ट्रक्चर का है। हालांकि इन दस्तावेजों की प्रामणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है। रिपोर्ट के अनुसार, रिलायसं ग्रुप ने स्वीकार किया है कि तीसरे पक्ष के डेटा सेंटर सर्विस प्रोवाइडर वायओटीटीए (योटा) के सर्वर पर उसके डेटा में आंशिक सेंध की गयी थी। कम्पनी ने कहा है कि इसघटना की जानकारी सरकार को दे दी गयी है। लेकिन यह नहीं बताया है कि कौना सा डेटा प्रभावित हुआ।
आपको बता दें कि कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र भारत के 7 परमाणु संयंत्रों में सबसे बड़ा और पीएम नरेन्द्र मोदी की देश की परमाणु ऊर्जा क्षमता बढ़ाने की योजना महत्वपूर्ण हिस्स है। रिलायस इंफ्रास्ट्रक्चर इस परियोजना की यूनिट -3 और यूनिट-4 के बुनियादी ढांचे के निर्माण का ठेकेदार है। दोनों इकाईयों के 2027 तक चालू होने की उम्मीद है। इनसे संयुक्त रूप से 2 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन होगा।
सूत्रों के अनुसार, NPCIL इस घटना को लेकर रिलायंस के संपर्क में है और भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In भी मामले की जांच कर रही है. हालांकि, परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE), CERT-In, NPCIL और प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
बता दें कि वर्ल्ड लीक्स वही रैनसमवेयर ग्रुप है, जिसने पहले नाइकी और टाटा समूह को भी निशाना बनाया था।  जून में इस ग्रुप ने दावा किया था कि उसने टाटा समूह से चुराए गए डेटा के बदले 15 लाख डॉलर की फिरौती मांगी थी। उसके अनुसार, फिरौती न मिलने पर उसने डेटा सार्वजनिक कर दिया था।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत में साइबर हमलों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। साइबर सुरक्षा कंपनी Surfshark के अनुसार, पिछले वर्ष 2.89 करोड़ भारतीय खातों का डेटा लीक हुआ, जिससे भारत दुनिया में डेटा उल्लंघनों के मामले में तीसरे स्थान पर रहा।  बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब कुडनकुलम संयंत्र का नाम किसी साइबर घटना से जुड़ा हो।   2019 में भी इस संयंत्र के प्रशासनिक नेटवर्क पर उत्तर कोरिया से जुड़े एक हैकर समूह के मैलवेयर का पता चला था।

 

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शरद पवार ने डिलिमिटेशन बिल पर मोदी सरकार को समर्थन करेगी-NCP

मुंबई. महाराष्ट्र के दिग्गज नेता और एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने विपक्षी दलों को गच्चा देते हुए संसद में डिलिमिटेशन बिल को सपोर्ट करने का महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सूत्रों के मुताबिक एनसीपी (एसपी) संसद डिलिमिटेशन बिल का समर्थन करेगी। यह फैसला राजनीतिक गलियारों में काफी अहम माना जा रहा है। क्यों कि एनसीपी (एसपी) विपक्षी खेमे की प्रमुख पार्टियों में शामिल है।
एनसीपी (एसपी) के इस फैसले से महाराष्ट्र की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गयी है। पार्टी के इस कमद को कुछ रणनीतिक माना जा रहा है। जबकि कुछ इसे केन्द्र सरकार के साथ सकारात्मक रूख के तौर पर देख रहे है। अभी तक एनसीपी (एसपी) की तरफ से इस मुद्दे पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। लेकिन सूत्र इस खकर को पुष्ट करते हुए बता रहे हैं कि पार्टी परिसीमन बिल के पक्ष में वोट करने या समर्थन जताने की तैयारी में है।
प्रिसीमन बिल देश में लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमा निर्धारण (डिलिमिटेशन) की प्रक्रिया से संबंधित है। जो जनगणना के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों को नये सिरे से निर्धारित किया जायेगा। इस बिल के पास होने से संविधान के कुछ अनुच्छेद में बदलाव किया जायेगा। ताकि सीटों का बंटवारा मौजूदा जनसंख्या के अनुसार हो सके। अप्रैल में पेश किये विधेयक के मुताबिक, लोकसभा के सदस्यों की अधिकतम संख्या बढ़ाकर 815 हो सकती है। इसके अलावा केन्द्र शासित प्रदेशों के लिये 35 तक सीटें हो सकती है। जिसके लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़कर कुल 850 हो सकती है।
अभी सीटों की संख्या 1971 की जनगणना के आधार पर तय है, जबकि देश की आबादी और हालात काफी बदल चुके हैं।  सरकार का कहना है कि लंबे समय से सीटों का नया बंटवारा रुका हुआ था।  इस विधेयक से वह रोक हटेगी और एक परिसीमन आयोग बनेगा, जो नए चुनावी क्षेत्र तय कर सकेगा।  इस विधेयक के तहत नवीनतम जनगणना के आंकड़ों के आधार पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मिलने वाली सीटों की संख्या बदली जाएगी। साथ ही संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाएं नए सिरे से तय की जाएंगी, ताकि हर क्षेत्र में जनसंख्या के अनुसार संतुलन बनाया जा सके।
अप्रैल में गिरा था बिल
आपको बता दें कि इस साल अप्रैल में संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़ा संवैधानिक संशोधन बिल पेश किया था, तब विपक्ष ने एकजुटता दिखाते हुए बिल का जोरदार विरोध किया और संसद में बिल के खिलाफ वोट कर विधेयक को गिरा दिया था।  बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े थे, जबकि विरोध में 230 वोट पड़े थे।  बिल को पेश करने के दौरान सदन में कुल 528 सांसद मौजूद थे. पारित होने के लिए 352 वोट चाहिए थे। तब सरकार 54 वोट से चूक गई थी. तब बिल के गिरने के बाद PM मोदी ने कहा था कि हमारे पास नंबर नहीं थे, इसका मतलब ये नहीं कि हम हार गए. आगे और मौके आएंगे।

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MP में पुलिस विभाग में प्रमोशन सूची आते ही हड़कंप, जूनियरों के नाम शामिल होने पर भड़के पुलिसकर्मी

इंदौर. पुलिस विभाग में थोकबंद पदोन्नति के बाद हडकंप मच गया। सूची में गडबडी का आरोप लगाकर दर्जनों पुलिसकर्मियों ने अफसरों को घेर लिया। एडिशनल सीपी मयंक अवस्थी ने रिकॉर्ड देखकर संशोधन करने का आश्वासन दिया और एडी. डीसीपी (मुख्यालय) सीमा अलावा ने पुलिसकर्मियों को नेतागिरी न करने की नसीहत दी। पुलिस मुख्यालय से मिले निर्देशों के बाद आयुक्त कार्यालय से पदोन्नति सूची जारी की गई है। आरक्षक से प्रधान आरक्षक और प्रधान आरक्षक से एएसआई बनाया जा रहा है।
मंगलवार को 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी आयुक्त कार्यालय पहुंचे और कहा कि वरिष्ठता सूची में भी जूनियर पुलिसकर्मियों को प्राथमिकता दी गई है। प्रधान आरक्षक महेंद्र सिंह के अनुसार वह साल 2015 से प्रधान आरक्षक है। वरिष्ठता सूची में 265 नंबर पर उनका नाम था लेकिन सहायक उप निरीक्षक एएसआई की सूची से नाम कट गया। एडिशनल पुलिस कमिश्नर मयंक अवस्थी ने लिखित आवेदन लेकर संशोधन का आश्वासन दिया है। एडी. सीपी के अनुरास सैकडों की संख्या में पदोन्नति दी गई है। रिकॉर्ड और एसीआर से त्रुटि हो सकती है। नाराज पुलिसकर्मियों के अनुसार मुख्य गडबडी दूसरे जिलों से तबादला करवाने वाले पुलिसकर्मियों को लेकर हुई थी। पात्र न होने के बाद भी उनका नाम वरिष्ठता सूची में जोडा गया है।
पांच निरीक्षक पदोन्नत होकर डीएसपी बने, पुलिस मुख्यालय से जारी पदोन्नति सूची में शहर के पांच निरीक्षकों को उप पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। इसमें आरडी कानवा, सोमा मलिक, तारेश सोनी, संजू कामले और आरआई दीपक पाटिल का नाम है। इस सूची को लेकर भी सवाल उठ रहे है। सूची में एक नाम ऐसा है जिसे निधन के बाद भी पदोन्नति में जोडा गया।

 

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MP भोजशाला परिसर के नजदीक हर शुक्रवार होगी नमाज, मुस्लिम पक्ष को अलग से दे जगह

धार. सुप्रीमकोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार को धार के भोजशाला मंदिर से सटे किसी खुले स्थान पर नमाज के लिये जगह देने के लिये कहा है कि यह आदेश प्रति शुक्रवार की दोपहर 1-3 बजे के बीच होनी वाली नमाज के लिये है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को यह आदेश एमपी हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुएदिया है। जिसमें परिसर को मंदिर करार दिया गया है। सुप्रीम ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से यह भी कहा है कि बिना न्यायालय की मंजूरी से परिसर में किसी भी तरह का बदलाव न करें।
सुनवाई के बाद भोजशाला संयोजक गोपाल शर्मा ने कहा है कि हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक भोजशाला में नियमित पूजा-अर्चना जारी रहेगी। वहीं तय जगह पर मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज अदा कर सकें।
सुप्रीम कोर्ट ने राहत देने से किया इंकार
सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला-कमला मौला परिसर को लेकर मुस्लिम पक्षों की याचिकाओं पर नोटिस जारी किया है। इन याचिकाओं में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गयी है। जिसमें भोजशाला को मां सरस्वती का मंदिर माना गया था। परिसर में नमाज अदा करने पर रोक लगा दी गयी थी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी मोहन की पीठ ने मामले की सुनवाई की। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल अंतरित राहत देने से मना कर दिया। यानी पहले जैसी व्यवस्था बहाल नहीं होगी। जिसके तहत शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय का नमाज और निर्धारित दिनों में हिन्दू पक्ष को पूजा की अनुमति थी। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में सभी पक्षों से जसवाब मांगा है। अब इस विवाद पर आगे की सुनवाई बाद में होगी।
भोजशाला परिसर में नहीं होगा बदलाव
मुस्लिम पक्ष की तरफ से सीनियर वकील हुजैफा अहमदी की मांग स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) सुप्रीम कोर्ट की पूर्व अनुमति के बिना भोजशाला परिसर में कोई भी संचरनात्मक बदलाव नहीं करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी संकेत दिया है कि मामले की अंतिम सुनवाई लगभग 3 सप्ताह बाद की जायेगी। मामले की सुनवाई शुरू होते ही मुख्य न्यायधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मुस्लिम पक्ष की याचिकाओं पर नोटिस जारी करने का फैसला किया और साथ ही मामले को अंतिम सुनवाई के लिये सूचीबद्ध करने के निर्देश दिये है।
पूजा स्थल अधिनियम का दिया गया हवाला
वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने भी मुस्लिम पक्ष की ओर से पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का फैसला पूजा स्थल (विशेष उपबंध) अधिनियम, 1991 की भावना और प्रावधानों के विपरीत है। उनका कहना था कि परिसर में लंबे समय से नमाज अदा की जाती रही है और इसके समर्थन में कई सरकारी अभिलेख भी उपलब्ध हैं। ऐसे में लंबे समय से चली आ रही व्यवस्था को बदलना कानून के अनुरूप नहीं माना जा सकता।
केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन ने पूरे मामले को शांतिपूर्ण ढंग से संभाला है। उन्होंने कहा कि आदेश लागू होने के बाद क्षेत्र में किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था संबंधी समस्या सामने नहीं आई और प्रशासन ने सामाजिक सौहार्द बनाए रखा है।
अब सुप्रीम कोर्ट में होगी अंतिम कानूनी लड़ाई
हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। अब सर्वोच्च अदालत सभी पक्षों की दलीलें, एएसआई रिपोर्ट, ऐतिहासिक अभिलेख और कानूनी पहलुओं का परीक्षण करेगी। अदालत ने संकेत दिए हैं कि मामले की विस्तृत सुनवाई अगले दो से तीन सप्ताह के भीतर की जा सकती है। इस फैसले पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका प्रभाव केवल भोजशाला विवाद तक सीमित नहीं, बल्कि धार्मिक स्थलों से जुड़े अन्य मामलों पर भी पड़ सकता है।

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आगामी 7 दिनों में रफ्तार पकड़ेगा मानसून, 18 राज्यों में वर्षा का रेड अलर्ट

नई दिल्ली. राजस्थान, गुजरात और उत्तर पश्चिम भारत के कई भागों में पिछले 3-4 दिनों में कमजोर पड़ा मानसून 20 जुलाई से फिर से रफ्तार पकड़ेगा। सैटेलाइट इमेज में पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के ऊपर घने बादल छाये दिखाई दे रहे है। मौसम विभाग के अनुसार, बांग्लादेश और पूर्वोत्तर के ऊपर बने चक्रवाती सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्ब बैंस) की वजह से अगले कुछ दिनों वर्षा की गतिविधियां तेज होने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने आज यूपी, बिहार सहित 18 राज्यों में वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर राज्यों और पूर्वी उत्तरप्रदेश में 6-7 दिनों तक कई जगह अच्छी से भारी वर्षा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
एक हफ्ते तक बारिश की संभावना कम
राजस्थान में मानसून का पहला दौर थमने के बाद अब बारिश की रफ्तार धीमी पड़ गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले करीब एक हफ्ते तक राज्य के ज्यादातर हिस्सों में बारिश की संभावना कम है।
जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश इलाकों में मौसम ड्राइ रहेगा। हालांकि, 14 और 15 जुलाई को बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और आसपास के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है।
पूर्वी राजस्थान में भी अगले 5-6 दिनों तक मौसम ज्यादातर साफ रहने का अनुमान है। इस दौरान शेखावाटी, जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने अगले 2-3 दिनों तक जोधपुर और बीकानेर संभाग में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी हवाएं चलने का अनुमान जताया है।

हिमाचल प्रदेश के शिमला में रविवार को बारिश हुई।

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नरोत्तम मिश्रा-प्रदेशाध्यक्ष से चर्चा करने के बाद दिल्ली रवाना, बदल गये नरोत्तम मिश्रा के सुर

नई दिल्ली. मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट के लिये उपचुनाव हो रहे हैं। इन उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मध्यप्रदेा की मोहन सरकार में कभी नम्बर 2 यानी गृहमंत्री रह चुके नरोत्तम मिश्रा का टिकट काट दिया है। भाजपा ने नरोत्तम की जगह एक अन्य ब्राहम्ण चेहरे आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाया है। पार्टी की तरह से यह घोषणा किये जाने के बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थक भड़क उठे।
दतिया उपचुनाव में टिकट कटने के बाद समर्थक हिंसक प्रोटेस्ट पर उतर आये है। चर्चे नरोत्तम के निर्दलीय ही चुनाव मैदान में उतरने के भी होने लगे। शिवसेना (UBT ) ने यहां तक ऑफर दे दिया है कि मशाल पर चुनाव लडि़ये। उद्धव ठाकरे स्वयं प्रचार करने के लिये दतिया आयेंगे। पिछले 2 दिन से बनी असमंजस की स्थिति के बीच नरोत्तम मिश्रा के सुर अब नरम पड़ते नजर आ रहे है।
डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने शनिवार को सीएम मोहन यादव, प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल से मुलाकात की थी। अब नरोत्तम मिश्रा दिल्ली रवाना हो गये है। रविवार की सुबह नरोत्तम मिश्रा ने पहली फ्लाइट से दिल्ली के लिये उड़ान भरी।
चर्चा है नरोत्तम अध्यक्ष नितिन नवीन से कर सकते हैं मुलाकात
पार्टी सूत्रों के अनुसार चर्चा है कि दिल्ली में नरोत्तम मिश्रा भाजपा के अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात कर सकते है। नितिन नवीन के साथ उनकी मुलाकात के दौरान दतिया के हालिया घटनाक्रम पर चर्चा हो सकती है। एक दिन पहले सीएम मोहन यादव और पार्टी के अन्य प्रमुख नेताओं के साथ बैठक के बाद नरोत्तम मिश्रा के तेवर बदलतेे नजर आ रहे है। उन्होंने संगठन को सर्वेपरि बताते हुए इस बात का ऐलान कर दिया है कि वह दतिया सीट से भाजपा उम्मीदवार आशीष तिवारी के नामांकन में शामिल रहेंगे। नरोत्तम मिश्रा ने एमपी भाजपा के प्रमुख नेताओं से मुलाकात के बाद कहा है कि बैठक में अच्छी चर्चा हुई। हमने दतिया में जीत सुनिश्चित करने को लेकर चर्चा की है। उन्होंने दतिया में भाजपा की जीत का विश्वास व्यक्त करते हुए कहा है कि धीरे -धीरे सब ठीक हो जायेगा। अपने समर्थकों से कहा है कि धैर्य और शांति बनाये रखें। नरोत्तम मिश्रा ने यह भी कहा है कि दतिया पहुंचकर आशुतोष तिवारी के नामांकन में उपस्थित रहूंगा।
दतिया में 30 जुलाई को उपचुनाव
मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर 2023 के चुनाव में नरोत्तम मिश्रा को कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने हरा दिया था. राजेंद्र भारती को पिछले दिनों धोखाधड़ी के मामले में दोषसिद्धि के बाद विधानसभा की सदस्यता के अयोग्य ठहरा दिया गया था । राजेंद्र भारती की अयोग्यता के बाद रिक्त हुईदतिया सीट के लिए उपचुनाव हो रहे है।  उपचुनाव में कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बनाया है. मतदान 30 जुलाई को होगा और नतीजे 3 अगस्त को आने है।
कोई इस्तीफा मुझे नहीं मिला है – हेमंत खंडेलवाल
वहीं, मध्य प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि पार्टी ने आशुतोष तिवारी को टिकट दिया है।  कुछ कार्यकर्ताओं ने इस्तीफे दिए हैं, लेकिन कोई इस्तीफा मुझे नहीं मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी नेतृत्व ने तय किया है कि कोई भी इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जाएग । नरोत्तम मिश्रा को बीजेपी का वरिष्ठ नेता बताते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हम उनके ही मार्गदर्शन में चुनाव लड़ेंगे और बड़े अंतर से जीतेंगेहै। MP BJP  ने भी बयान जारी कर बैठक में चुनाव की तैयारियों और संगठन से जुड़े विषयों पर चर्चा की जानकारी दी।  MP BJP की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बैठक में यह तय किया गया कि संगठन सबसे ऊपर है और बीजेपी के सभी कार्यकर्ता पार्टी के निर्णय के साथ मजबूती से खड़े हैं। कुछ कार्यकर्ताओं ने भावनाओं में आकर इस्तीफे दिए हैं, जिन्हें स्वीकार नहीं किया जाएगा।  सभी मिलकर आशुतोष तिवारी को विजयी बनाने के लिए काम करेंगे.बैठक के बाद नरोत्तम मिश्रा के बयान में अच्छी चर्चा, धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा जैसे शब्दों का होना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि उनको सम्मानजनक तरीके से कहीं एडजस्ट करने का आश्वासन सरकार और संगठन की ओर से मिला है। इससे पहले, मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री और BJP  के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने उम्मीदवार बदलने के कयासों पर विराम लगाते हुए कहा था कि बीजेपी में इस तरह की परंपरा नहीं है।
दतिया चैप्टर पर कांग्रेस ने घेरा
वहीं, दतिया में बीजेपी उम्मीदवार के ऐलान के बाद घटनाक्रम पर विपक्षी कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है। मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कांग्रेस की जीत का दावा करते हुए कहा कि NJP  चुनाव हारने जा रही है. बीजेपी ने लोकतंत्र की हत्या के लिए कोर्ट का इस्तेमाल किया। उन्होंने भरोसा जताया कि दतिया की जनता कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को हटाने की साजिश का जवाब देगी।जीतू पटवारी ने दतिया में नरोत्तम समर्थकों के हिंसक प्रोटेस्ट को लेकर प्रशासन पर भी तीखा हमला बोला और कहा कि जो जिलाधिकारी-पुलिस अधीक्षक कानून-व्यवस्था नहीं संभाल पा रहे हैं, उन्हें हटाया जाना चाहिए। कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने भी तंज करते हुए कहा कि MP  में BJP  बनाम BJP  की लड़ाई साफ दिखाई दे रही है। यह लोकतांत्रिक पार्टी नहीं है, जहां कार्यकर्ता अपनी बात रख सकें. असंतोष सड़कों पर दिखाई दे रहा है।

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PF का ब्याज कब आपके अकाउंट में आयेगा, सरकार ने बताई तारीख

नई दिल्ली. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने बड़ी जानकारी शेयर की है। ईपीएफओ ने ब्याज डिपॉजिट का लेकर अपडेट देते हुए कहा है कि 34 करोड़ ईपीएफ एकाउंटों में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिये 8.25 प्रतिशत का ब्याज डिपॉजिट होने जा रहा है। केन्द्रीय श्रम और रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा है कि नये सेंट्रलाइज्ड आईटी इनेब्लड सर्विसेज(सीआईटीईएस) सिस्टम के माध्यम सक सब्सक्राइबर्स के खातों में 1.44 लाख करोड़ रूपये से जमा किये जायेंगे। केन्द्रीय मंत्री ने बताया है कि ईपीएफओ ने अपने सदस्यों के रिकॉर्ड वाले पूरे डोटाबेस को डी सेंट्रलाइज्ड आर्किअैक्चर से नये सेंट्रलाइज्ड डेटाबेस में मायग्रट करने के प्रॉसेस को पूरा कर लिया है। नये सिस्टम के तहत ईपीएफ सदस्यों का एक यूनिफाईड मेम्बर पोर्टल मिलेगा। जहां पर वह एक ही इंटरफेस के माध्यम से अपनी मेम्बरशिप की जानकारी, पीएफ बैलेुंस, क्लेम स्टेटस, पेंशन रिकॉर्ड सर्विस और अन्य सुविधाओं का फायदा उठा सकते है।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा है कि सीआईटीईएस प्लेटफार्म क्लेम के ऑटोमेटेड प्री-वैलिडेशन की सुविधा भी देता है। पैसे निकालने की रिक्वेट ईपीएफओ ऑफिस पहुंचने से पहले ही सिस्टम पात्रता की जांच करेगा। कमियों की पहचान करेगा। अगर सदस्य तय सीमा से अधिक रकम का क्लेम करने की कोशिश कर रहे होंगे। उन्हें इसकी जानकारी देगा। आपको बता दें कि सीआईटीईएस प्रोजेक्ट, ऑटोमेशन और नियमों पर आधारित प्रोसेसिंग के जरिये ईपीएफओ की सर्विस को आधुनिक बनाने की एक पहल है। इस प्रोजेक्ट को सदस्यों की सुविधा बढ़ाने और ईपीएफओ के कामकाज की क्षमता में सुधारद करने के लिये डिजाइन किया गया है। केन्द्रीय मंत्री ने यह जानकारी दी है कि इस योजना के तहत 15 जुलाई तक पीएफ का ब्याज कर्मचारियों और सदस्यों के खाते में ट्रांसफर कर दिया जायेगा।

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कौन हैं नरोत्तम मिश्रा, समुद्र की लहरें पीछे जाती देख, तो किनारे पर घर मत बना लेना, मैं लौटकर आऊंगा, जिसके टिकट कटने से दतिया में मचा हंगामा

Narottam Mishra
नई दिल्ली. ‘‘समुद्र की लहरें पीछे जाती दिखाई दे ंतो किनारे पर घर मत बना लेना….मैं लौटकर आऊंगा’’ 2023 के विधानसभा चुना में हार के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा का यह शायराना बयान केवल हार स्वीकार करने का संदेश नहीं था। बल्कि राजनीतिक वापिसी का ऐलान भी माना गया था। लेकिन करीब डेढ वर्ष साल बाद दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने ऐसा फैसला लिया जिसने मध्यप्रदेश की राजनीति में नई चचा्र छेड़ दी। डॉ. नरोत्तम मिश्रा का राजनीतिक प्रभाव केवल दतिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्वालियर-चंबल अंचलकी राजनीति में भी उनकी मजबूत पहचान रही है। उनका पैतृक निवास डबरा में वर्ष 2008 के परिसीमन के बाद डबरा विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिये आरक्षित हो गयी। जिसके बाद उन्होंने दतिया का अपनी नयी राजनीतक कर्मभूमि बनाया।

Narottam Mishra
बीजेपी के टिकट पर उन्होंने 2008, 2013 और 2018 में लगातार जीत दर्ज की। शिवराज सिंह चौहान सरकार में वह गृहमंत्री समेत कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभालते रहे। उन्हें लम्बे समय तक एमपी भाजपा का प्रमुख ब्राह्मण चेहरा और शिवराज सरकार का सबसे प्रभावशाली मंत्री माना गया। वर्ष 2023 का विधानसभा चुनाव नरोत्तम मिश्रा के राजनीतिक जीवन का सबसे कठिन दौर साबित हुआ। तत्कालीन गृहमंत्री रहते हुए उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार राजेन्द्र भारती के हाथों हार का सामना करना पड़ा। बाद में राजेन्द्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने से दतिया सीट खाली हुई और उपचुनाव की स्थिति बनी। दतिया लम्बे समय तक नरोत्तम मिश्रा का राजनीतिक गढ़ रही है। 2008 के बाद उन्होंने लगातार यहां जीत दर्ज की और इस सीट को बीजेपी के मजबूत गढ़ों में शामिल किया गया। यहीं से उन्होंने प्रदेश की राजनीति में अपना प्रभाव बढ़ाया गया। राज्य सरकार के सबसे प्रभावशाली मंत्रियों में जगह बनाई। 15 अप्रैल 1960 को ग्वालियर में जन्मे डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने एमए पीएचडी की पढ़ाई जीवाजी विश्वविद्यालय से की ।छात्र जीवन में ही वह राजनीति से जुड़ गये। वर्ष 1977-78 में वह जीवाजी विश्वविद्यालय छात्रसंघ के सचिव बने। इसके बाद उनका जुड़ाव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से रहा।

Narottam Mishra
वह भाजयुवा मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी से लेकर बीजेपी प्रदेश कार्यकारिणी तक विभिन्न जिम्मेदारियां निभाते हुए लगातार आगे बढ़ते गये। 1990 में पहली बार विधायक बने और विधानसभा में सचेतक की भूमिका भी निभाई। इसके बाद 1998, 2003, 2008,2013 और 2018 में लगातार विधानसभा पहुंचे। 1 जून 2005 को बाबूलाल गौर मंत्रिमंडल में उन्हें पहली बार राज्यमंत्री बनाया गया। कमलनाथ सरकार के पतन और चर्चित ‘ऑपरेशन लोट्स’ में भी डॉ. नरोत्तम मिश्रा की भूमिका को बीजेपी के अन्दर बेहद अहम माना जाता है।

Narottam Mishra संगठन और सत्ता के बीच बेहतर समन्वय, रणीनतिक क्षमता और आक्रामक राजनैतिक शैली ने उन्हें लम्बे समय तक बीजेपी के प्रमुख रणनीतिकारों में शामिल रखा। ग्वालियर-चंबल इलाके भाजपा की राजनीति का अहम केन्द्र माना जाता है। इसी इलाके से केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, नरेन्द्रसिंह तोमर और डॉ. नरोत्तम मिश्रा जैसे बड़े नेता उभर कर सामने आये।

नरोत्तम मिश्रालम्बे समय तक यह तिकड़ी क्षेत्र में बीजेपी की राजनीतिक ताकत का प्रमुख आधार रहीं। सूत्रों के अनुसार दिल्ली स्तर पर कराये सर्वे में डॉ. नरोत्तम मिश्रा की स्थिति मजबूत नहीं पायी गयी। जो इस बार उनके टिकट कटने का आधार बनी। केन्द्रीय नेतृत्व ने लोकप्रियता के साथ-साथ स्थानीय संगठन और भविष्य की राजनीतिक स्वीकार्यता का आकलन करने के बाद ही आशुतोष तिवारी के नाम पर मुहर लगाई।

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Rajpal Yadav Cheque Bounce Case- अभिनेता राजपाल फिर से जायेंगे जेल-हाईकोर्ट

नई दिल्ली. अभिनेता राजपाल यादव पर चेक -बाउंस का केस कुछ माह पहले बहुत चर्चा में था। बॉलीवुड सेलेब्रिटीज से राजपाल का इस मामले से निकालने के लिये काफी फायनेंशियल मदद मिली थी। फरवरी में वह जेल से जमानत पर बाहर भी आ गये थे। लेकिन अब राजपाल को बड़ा झटका लगा है। उनके एक्शंस का ‘संदिग्ध; बताते हुए प्रशासन ने उन्हें फिर से जेल भेजने के लिय कहा है।
राजपाल को हाईकोर्ट ने फिर से भेजा जेल
लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा ने राजपाल का दोषी मानते हुए सेशंस कोर्ट द्वारा सुनाई गयी सजा में संशोधन किया गया। अदालत ने राजपाल यादव को 7 मामलों में शिकायतकर्ता का 1.05 करोड़ रूपये की पेमेंट करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा शिकायतकर्ता को 1.04 लाख रूपये और 75 हजार रूपये जबकि राज्य को 25 हजार रूपये देने का भी आदेश दिया गया है। हाईकोर्ट ने राजपाल यादव की पत्नी राधा यादव को भी हर मामले में शिकायतकर्ता को 5,51,380 रूपये की पेमेंट करने के लिये कहा है। हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि राजपाल की तरफ से पहले ही जमा किये जा चुके हैं। 2.25 करोड़ रूपये फायनल पेमेंट में एडजस्ट कर दिये जायेंगे।
राजपाल चेक बाउंस में पहले भी जेल जा चुके हैं
2010 में राजपाल ने अपने प्रोडक्शन में बनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए 5 करोड़ का उधार लिया था. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई और राजपाल समय पर उधार चुकता नहीं कर पाए थे।  बार-बार पेमेंट्स के लिए दिए चेक बाउंस होने के बाद ये मामला एक लंबी कानूनी लड़ाई बन गया.। इस मामले में हाई कोर्ट ने राजपाल यादव को पहली बार 2013 में, 10 दिन के लिए जेल भेजा था।  लेकिन हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच में अपील के बाद वो 4 दिन में जेल से बाहर आ गए थे. नवंबर 2018 में वो फिर से तीन महीनों के लिए जेल गए और फरवरी 2019 में बाहर आए थे।
मगर इसके बाद भी राजपाल अपना उधार नहीं चुकता पर पाए।  जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने सुनवाई के दौरान अभिनेता के रवैए को ‘संदिग्ध’ बताया और कहा कि उन्हें रकम चुकाने के कई मौके दिए गए।   लेकिन वो अपने वादों को पूरा करने में पूरी तरह विफल रहे।  जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा कि राजपाल यादव को अदालत में दिए गए अपने अंडरटेकिंग का पालन करने के लिए कई मौके दिए गए।  लेकिन उन्होंने बार-बार अवसर मिलने के बावजूद उसका पालन नहीं किया।  बकाया रकम के भुगतान को लेकर किए गए समझौते के बार-बार उल्लंघन के कारण कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाया है।  इसी कोर्ट ने राजपाल को राहत भी दी थी।  लेकिन राजपाल इस दलील पर अड़े रहे कि जब कुछ दिन जेल काट ली तो अब कैसे पैसे? कौन सा बकाया और कैसी वापसी? कोर्ट ने उन्हें पहले भी चेतावनी दी थी।

 

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ARTO ललितकुमार निकला ‘धनकुबेर’ 9 किलो चांदी, 1.62 करोड़ नगद, UP के लखनऊ, बाराबंकी-रायबरेली प्रॉपर्टी, नोएडा में फ्लैट बुकिंग

लखनऊ. यूपी विजिलेंस एस्टेब्लिशमेंट की लखनऊ सेक्टर की टीम ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत पूर्व सहायक क्षेत्रीय परिवजन अधिकारी (एआरटीओ) ललित कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की एफआईआर दर्ज की है। इसी जांच के सिलसिले में अदालत से तलाशी वारंट प्राप्त कर अधिकारियों ने मंगलवार -बुधवार को उनके लखनऊ के अलीगंज स्थित चंद्रलोक कॉलोनी वाले आवास पर सघन छापेमारी की। इस कार्यवाही के बीच में जांचकर्ताओं को उनके घर से मारी मात्रा में छिपाकर रखी गयी नगदी, मारी मात्रा में सोने-चांदी की ज्वेलरी, कीमती धातुएं और विभिन्न चल-अचल संपत्तियों के गोपनीय दस्तावेज मौके से जब्त किये गये है। छापेमारी के दौरान घर से भारी मात्रा में कीमती धातुएं भी मिली हैं। विजिलेंस ने करीब 13 किलोग्राम सोना (सलाखों, ईंटों और आभूषणों के रूप में) और लगभग 9 किलोग्राम चांदी (सलाखों, बिस्कुटों और गहनों के रूप में) जब्त की है। इन बरामद कीमती धातुओं और आभूषणों की कुल कीमत लगभग 20 करोड़ रुपये आंकी गई है. इतनी बड़ी मात्रा में सोना-चांदी देखकर टीम के अधिकारी भी हैरान रह गए।
पैकेटों के अन्दर छिपाकर रखी थी नगदी
यूपी विजिलेंस टीम जब पूर्व एआरटीओ ललित कुमार के अलीगंज स्थित चंद्रलोक कॉलोनी वाले घर पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गये जांचकर्त्ताओं ने घर क अन्दर अलग-अलग ठिकानों पर पैकेटों में छिपाकर रखी गयी लगभग 1.62 करोड़ रूपये की भारी-भरकम नगदी बरामद की है। ऑफिसरों ने सभी संदिग्ध ठिकानों को तलाशकर गुप्त कैश को जब्त कर लिया है। जिसे अब आगे की कानूनी कार्यवाही के लिये केस डायरी और चल रही जांच का पार्ट बनाया जायेगा।
कई जिलों में फैली अचल संपत्तियां
जांचकर्ताओं को ललितकुमार के घर से कई चल-अचल संपत्तियों में निवेश से जुड़ंे कागजात भी मिले है। लखनऊ में कई आवासीय मकान और प्लॉट, लखनऊ, बाराबंकी और रायबरेली जिले में कृषि भूमि तथा लखनऊ, नोएडा में फ्लैटों की बुकिंग शामिल है। इन सभी अचल संपत्तियों की अनुमानित कीमत लगभग 13 करोड़ रूपये बताई जा रही है। इसके अलावा अधिकारियों ने घर से एक टोयोटा इनोवा, एक हुंडई आई-20 कार और एक रिवॉल्वर भी जब्त की है।

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