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8th Pay Commission-8वें आयोग पर आया बड़ा अपडेट, बढ़ गयी डेडलाइन

नई दिल्ली. 8th Pay Commission  (CPC ) के तहत एक बड़ा अपडेट सामने आया है। 8वें वेतन आयोग ने सुझाव और मांग रखने की डेडलाइन बढ़ाकर 15 जून तक कर दी है। इससे केन्द्र सरकार के कर्मचारियों, पेंशनर्स और अन्य कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और अलाउंस में संशोधन पर विचार करने के लिये एकस्ट्रा समय मिल गया है। यह विस्तार ऐसे वक्त में हुआ है कि जब कर्मचारी यूनियनों और पॉलिसी मेकर्स के बीच लम्बे वक्त से इंतजार किये जा रहे फिटमेंट फैक्टर पर चर्चा तेज हो गयी है। नये नोटिफिकेशन में 8वें वेतन आयोग ने ऐलान किया है कि हितधारकों द्वारा अपने ज्ञापन और सिफारिशें प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 15 जून होगी। इससे पहले आयोग द्वारा दी गयी समय सीमाको 31 मई तक बढ़ा दिया गया था। अब यह दूसरी बार है कि जब समय सीमा बढ़ाई गयी है।
8वें वेतन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सुझाव केवल उसकी आधिकारिक वेबसाइट 8बचबण्हवअण्पद के माध्यम से ही स्वीकार किये जायेंगे। परामर्श प्रक्रिया के दौरान फिजीकल डॉक्यूमेंट्स, ईमेल, हार्डकॉपी और पीडीएफ लेटर स्वीकार नहीं की जायेंगे। इस विस्तार का मतलब आयोग द्वारा अपवनी सिफारिशों का अंतिम रूप देने से पूर्व कर्मचारी यूनियनों, पेंशनर्स ग्रुप, डिफेंस इम्पलाई के प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों की व्यापक भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।
सिफारिशें कौन-कौन कर सकता है
केन्द्र सरकार के कर्मचारी, पेंशनर्स, रक्षाकर्मी, अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी, केन्द्र शासित प्रदेश के कर्मचारी और सरकार द्वारा अधिसूचित अन्य पात्र अपनी मांग रख सकते हैं। इस पैनल से उम्मीद की जाती है कि वह अपने चयन के 18 महिनों के अन्दर अपनी रिपोर्ट पेश कर देगा। हालांकि जरूरत पड़ने पर अंतरिम रिपोर्ट भी जारी की जा सकती है।
फिटमेंट फैक्टर
8वें वेतन आयोग के सबसे अधिक ध्यान से देखे जाने वाले पहुलओं में से एक है। फिटमेंट फैक्टर, जो वेतन संशोधनों की लिमिट तय करता है। यह संशोधित बेसिक सैलरी और पेंशन के कैलकुलेशन में उपयोग किया जाने वाला एक फैक्टर है। हाईफिटमेंट फैक्टर से सैलरी और रिटायरमेंट प्रॉफिट में अधिक बढ़ोत्तरी होती है।
8वें वेतन आयोग के तहत क्या हैं मांगे
कई यूनियनों का तर्क है कि बढ़ती महंगाई, आवास की बढ़ती लागत, हेल्थ खर्च और बेहतर पेंशन व्यवस्था की आवश्यकता एक व्यापक संशोधन को उचित ठहराती है। कई कर्मचारी ग्रुप 3.0 से 4.0 के बीच फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं। जिससे न्यूनतम बेसिक लेवल पर को उचित पर बड़ी बढ़ोत्तरी हो सकती है। अगर 3.8 से 4.0 की लिमिट में फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी मिल जाती है तो हितधारकों के साथ परामर्श के दौरान चर्चा किये गये अनुमानों के अनुसार, न्यूनतम मूल वेतन संभावित रूप से 69,000 -72 हजार के बीच बढ़ सकता है।
उदाहरण के लिए
छठा वेतन आयोग (2006): फिटमेंट फैक्‍टर 1.86,
सातवां वेतन आयोग (2016): फिटमेंट फैक्‍टर 2.57
सातवें वेतन आयोग के फार्मूले के तहत न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 तय किया गया था. 2.57 के फिटमेंट फैक्टर को लागू करने से पिछले सैलरी स्‍ट्रक्‍चर की तुलना में वेतन में काफी बढ़ी हुई है.

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UP  में 10%  अब बिजली महंगी नहीं होगी, नियामक आयोग ने UPPCL के प्रस्ताव पर लगाई रोक

लखनऊ. उत्तरप्रदेश विद्युत नियामक आयोेग ने राज्य के करोड़ो बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। यूपी पॉवर कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) द्वारा जून माह के बिलों में प्रस्तावित 10 प्रतिशत अतिरिक्त बिजल टैरिफ वसूली पर रोक लगा दी है। विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इस अतिरिक्त वसूली को नियमों के विरूद्ध बताते हुए नियामक आयोग में याचिका दाखिल की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए आयोग ने यूपीपीसीएल से इस मामले में स्पष्टीकरण मांग लिया है। निर्देश दिया है कि अंतिम फैसला आनेतक बिलों में कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं जोड़ा जायेगा। उपभोक्ता परिषद की इस पहल से उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला बड़ा आर्थिक बोझ फिलहाल टल गया है।
गौरतलब है कि बिजली दरों में वृद्धि का फैसला ऐसे वक्त आया था। जब प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली कटौती और आपूति संबंधी शिकायतें लगातार सामने आ रही है। गर्मी के मौसम में बढ़ती मांग के बीच उपभोक्ता पहले से ही बिजली संकट और अनियमित आपूर्ति की समस्या से जूझ रहे है। ऐसे में बिजली बिल में 10 प्रतिशत अतिरिक्त भार पड़ने से आम उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ता है। हालांकि इस प्रस्ताव पर रोक लग गयी है। जिससे ग्राहकों ने राहत की सांस ली है।

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बंगाल में TMC के कल्याण बनर्जी पर हमला, BJP बोली- वह नाटक कर रहे

कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि चंडीतला थाने में ज्ञापन देने जाते समय उन पर हमला किया गया. (Photo: ITG)

कोलकाता. पश्चिम बंगाल के हुगली स्थित चंडीतला पुलिस थाने के सामने तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी पर हमले की जानकारी सामने आयी है। टीएमसी सांसद ने आरोप लगाया है कि भाजपा कार्यकर्त्ताओं ने उन पर हमला किया और उनके सिर पर पत्थर या गेंद जैसी चीज मारकर चोट पहुंचाई है। जबकि भाजपा का कहना है कि वह घायल नहीं हुए हैं। सिर्फ नाटक कर रहे हैं। कल्याण बनर्जी, अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले के मामले में गिरफ्तार टीएमसी नेता, कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग को लेकर चंडीतला थाना ज्ञापन सौंपने के लिये पहुंचे थे। इस बीच ज्ञापन सौंपने से पहले ही तृणमूल और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नारेबाजी शुरू हो गयी।
टीएमसी-भाजपा के बीच नोंकझोंक
ऐसा बताया जा रहा है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने तृणमूल समर्थकों के खिलाफ चोर-चोर के नारे लगाये। जिसके बाद माहौल और गर्म हो गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिये मौके पर भारी पुलिस बल और केन्द्रीय सुरक्षाबल तैनात किये गये।
सिर पर भीगा हुआ रूमाल रखे कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि चंडीतला थाने में डिपुटेशन (ज्ञापन) देने जाते वक्त उन पर हमला किया गया. उन्होंने घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने जा रहे लोगों पर हमला किया गया.
ध्यान भटकाना चाहते हैं कल्याण -BJP
वहीं, बीजेपी ने कल्याण के खुद के चोट लगने के दावों को झूठा करार दिया है. बीजेपी का कहना है कि वह (कल्याण बनर्जी) ड्रामा कर रहे हैं. उन्हें चोट नहीं आई है. वो अभिषेक बनर्जी के मामले से ध्यान भटकाना चाहते हैं

 

 

 

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सूर्या की हत्या का मुख्य आरोपी को गाजियाबाद पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया

लखनऊ. गाजियाबाद के खोड़ा में बकरीद पर 17 वर्षीय सूर्या चौहान की हत्या कर दी गयी थी। अब इस मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने एनकाउंटर के बाद मुख्य आरोपी असद को पकड़ लिया था।हालांकि, एनकाउंटर के दौरान लगी गोली की वजह अस्पताल में उपचार के दौरान असद की मौत हो गयी।
पुलिस को बीती देर रात एक पुख्ता खबर मिली थी। इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद अपने किसी दोस्त से पैसे लेने के लिये खोड़ा इलाके में आने वाला था। पैसे लेने के बाद उसका शहर छोड़कर भागने का था। खबर मिलते ही गाजियाबाद पुलिस ने असद को दबोचने के लिये इलाके में एक जाल बिछाया और घेराबंदी की तो कुछ समय बाद असद एक दूसरे व्यक्ति के साथ मोटरसाईकिल पर सवार होकर वहां पहुंचा तो पुलिस ने दबोच लिया।

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अभिषेक बनर्जी पर हमला- के कपड़े फाड़े, कच्चे अंडे फेंके, हेलमेट पहनाकर बचाई जान

अभिषेक बनर्जी शनिवार को सोनारपुर में चुनावी हिंसा के पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे थे। - Dainik Bhaskar

कोलकाता. पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमला हुआ है। चुनाव के बाद हुई हिंसा के बीच पीडि़तों से मिलने पहुंचे टीएमसी नेता पर प्रदर्शनकारियों ने कच्चे अंडे फेंके और उनके साथ मारपीट की है। स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षाकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाई दी। उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिये तत्काल हेलमेट पहनाया गया। इसके बाद सुरक्षा घेरे के बीच वहां से बाहर निकाला गया।
यह पूरी घटना सोनारपुर के कमराबाद इलाके की है। टीएमसी सांसद शनिवार की शाम को अपनी पार्टी के एक मृतक कार्यकर्त्ता के घर पहुंचे थे। वह लगभग 4.30 बजे कमराबाद पहुंचे। इस बीच भाजपा के नेता-कार्यकर्त्ता के साथ बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी पहले से मौजूद थे। इस प्रदर्शन में महिलाओं को आगे रखा गया था। जिनके हाथों में कच्चे अंडे थे।
अभिषेक के खिलाफ क्यों फूटा गुस्सा?
स्थानीय लोगों के मुताबिक, वहां सड़कों का हाल बुहत खराब है. करीब 1 किमी तक सड़क की स्थिति बेहद खराब है. बारिश के दौरान यहां पानी भर जाता है।  लोगों का कहना है कि जब ममता बनर्जी मुख्यमंत्री थीं, तब कई बार उनसे गुजारिश की गई, आवेदन दिए गए।   सड़कें ठीक कराने और पानी की सप्लाई व्यवस्था सुधारने की मांग की गई. लेकिन किसी ने कभी ध्यान नहीं दिया।  किसी ने उनके बारे में नहीं सोचा।  इसी वजह से जब सांसद होने के नाते अभिषेक बनर्जी यहां पहुंचे, तो लोगों ने सवाल उठाया कि 15 साल से सत्ता में रहने के बावजूद इस इलाके का विकास क्यों नहीं हुआ।  इन्हीं मुद्दों को लेकर लोगों में गुस्सा था । उनके खिलाफ लगातार नारेबाजी की गई और उन पर अंडे भी फेंके गए।

 

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राजस्थान में उठा रेत का बवंडर, दिन में ही रात हुई तो गाडि़यों की जलानी पडी हेड लाइट

चुरू. राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में शनिवार की दोपहर को प्रकृति का एक अद्भुत और डरावना रूप में सामने आया है। चूरू में दोपहर लगीाग 2 बजे और श्रीगंगानगर में अचानक मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया है। आसमान में धूल और रेत का इतना विशाल गुबार कि उसने पूरे सूरज को अपने आगोश में ले लिया।
धूल का यह बवंडर इतना घना था कि देखते-देखते दोपहर के समय ही चारों ओर घनघोर अंधेरा छा गया। बिजिविलटी (दृश्यता) घटकर शून्य के लगभग पहुंच गयी। सड़कों पर चल रहे वाहनों के पहिये जहां के तहां थम गये और वाहन चालकों को मजबूरन अपनी हेडलाइट्स जलानी पड़ी ताकि वह कुछ मीटर की दूरी तक देख पायें।
70 किमीप्रति घंटे की रफ्तार, 30 मिनट का तांडव
मौसम विभाग और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक चक्रवात मामूली आंधी नहीं था। इस बवंडर के दौरान हवाओं की रफ्तार करीब 70 किमी प्रतिघंटा मापी गयी है।

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गर्मी के दिनों में पहाड़ों पर लगा महाजाम, हिमाचल से उत्तराखंड तक 50 किमी का रास्त तय करने में लग रहे हैं 8 घंटे

मनाली-रोहतांग से नैनीताल और चारधाम तक भीषण जाम. (Photo: Screengrab)

नई दिल्ली. उत्तरभारत के मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। कई शहरों में तापमान 45-50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। ऐसे में गर्मी से राहत पाने के लिये लाखों लोग पहाड़ों की तरफ रूख कर रहे है। हिमाचल प्रदेश के मनाली और रोहतांग से लेकर उत्तराखंड के नैनीताल, बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब, ओली और जोशीमठ तक इस वक्त पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की रिकॉर्ड भीड़ देखने को मिल रही है।
पहाड़ों में मौसम सुहावना है। कहीं हल्की बारिश हो रही है तो कहीं बर्फबारी के नजारे देखने को मिल रहे हैं। यही कारण है कि लोग लम्बा सफर और घंटों का यातायात जाम झेलने के बावजूद पहाड़ों का रूख कर रहे हैं। हालांकि बढ़ती भीड़ अब प्रशासन के लिये बड़ी चुनौती बनती जा रही है। कई पर्यटन स्थलों पर होटल हाउसफुल है। पार्किंग की जगह कम पड़ रही है। सड़कों पर कई किलोमीटर लम्बे जाम लग रहे हैं।
चारधाम यात्रा ने बढ़ाया दबाव, जोशीमठ में 20 किलोमीटर तक जाम
उत्तराखंड के चमोली जिले में चारधाम यात्रा अपने चरम पर पहुंच चुकी है. बद्रीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की यात्रा के साथ-साथ बड़ी संख्या में पर्यटक औली, नीति-माणा घाटी और अन्य पर्यटन स्थलों का रुख कर रहे हैं। इस समय जोशीमठ क्षेत्र सबसे ज्यादा दबाव झेल रहा है. मारवाड़ी से गोविंदघाट तक और जोशीमठ से सेलंग तक कई जगहों पर 15 से 20 किमी लंबा जाम देखने को मिल रहा है. सुबह से लेकर देर रात तक सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं।
हालांकि प्रशासन ने वन-वे ट्रैफिक सिस्टम लागू किया हुआ है, लेकिन भारी भीड़ के कारण यह व्यवस्था भी पूरी तरह प्रभावी साबित नहीं हो पा रही. कई लोगों को 2 से 3 घंटे तक गेट खुलने का इंतजार करना पड़ रहा हैं।
बारिश और बर्फबारी के बीच भी नहीं कम हो रही आस्था
चमोली जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में अभी भी बारिश और बर्फबारी का दौर जारी हैं।  इसके बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हैं। बद्रीनाथ धाम में अब तक 7.25 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि चारधाम यात्रा में कुल यात्रियों की संख्या 24 लाख का आंकड़ा पार कर चुकी हैं।

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हमीरपुर में निर्माणाधीन का स्लैब गिरने से 6 मजदूरों की मौत, अधिकारी बोले -आंधी -बारिश की वजह से गिरा स्लैब

पुल हमीरपुर जिले में बेतवा नदी पर बन रहा था। तड़के जब हादसा हुआ, उस वक्त कुछ मजदूर ऊपर काम कर रहे थे, जबकि कुछ पुल के नीचे सो रहे थे। - Dainik Bhaskarहमीरपुर. उत्तरप्रदेश के हमीरपुर में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का स्लैब गुरूवार-शुक्रवार की देर रात 2 बजे गिरने से घटनास्थल पर 6 श्रमिकों की मौत हो गयी। स्टेट डिजास्टर रिस्पॉस फोर्स ने मलबे में 3 मजदूरों को निकाला। 7.30 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला है। यूपी ब्रिज कार्पोरेशन के एमडी धर्मवीर सिंह ने बताया है कि आंधी बारिश की वजह से स्लैब गिर और नीचे सो रहे मजदूर दब गये। हादसे के बाद सहायक अभिंयता गजेन्द्र चौधरी को निलंबित कर दिया गया है। डीपीएम दिलीप कुमार पर विभागीय कार्यवाही शुरू की गयी है।
मौसम विभाग के अनुसार हमीरपुर में देर रात 70-80 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से आंधी चली थी। हादसा शहर से 25 किमी दूर ललपुरा इलाके में हुआ है। मृतकों में 4 बांदा और 2 हमीरपुर के निवासी है। एसडीआरएफ के अधिकारी ने बताया है कि रात 2.30 बजे से शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो चुका है।
प्रत्यक्षदर्शी सुरेक्ष कुमार ने बताया है कि पुल पर 2 शिफ्ट में काम चल रहा था। जिस समय आंधी आई पहली शिफ्ट के लोग पुल के नीचे थे। जबकि दूसरी शिफ्ट के 7 मजदूर पुल पर काम कर रहे थे। उनमें मैं भी, आंधी से बचने के लिये हम लोग पुल पर लेट गये। इस दौरान हादसा हो गया। उत्तरप्रदेश राज्य सेतु निगम पुल का निर्माण करवा रहा है। इसकी लागत 90 करोड़ रूपये है। 700 मीटर लम्बा 2 लेन का ब्रिज मोराकांड से कुरारा गांव के बीच बनाया जा रहा है। इसका निर्माण मार्च 2024 में शुरू हुआ था। दिसम्बर 2026 तक इसे पूरा किया जाना है।

 

 

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बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग के लिये हिन्दू दान दे रहे हैं जमीन

नई दिल्ली. भारत और बांग्लादेश की सीमा पर घेराबंदी का काम तेजी से चल रहा है। कूच बिहार जिले के माथाभंगा आई ब्लॉक के सतग्राम मानबारी इलाके 3 निवासियों ने भारत -बांग्लादेश सीमा पर बाड़बंदी के काम का आसान करने के लिये स्वेच्छा से 33 डेसिमल जमीन दान की हैं।
इनका कहना है कि बॉर्डर की घेराबंदी नहीं होने के कारण से यहां लगातार घुसपैठ और तस्करी होती रही है। इससे उनके फसलों को भी नुकसान होता है। जमीन देने वाले विकास रॉय ने कहा है कि उन्होंने गांव की भलाई और देश की सुरक्षा के लिये जमीन दान की है। उन्होंने जोर देकर कहा हैकि बाड़ लगाने से घुसपेठिये सीमा पार नहीं कर पायेंगे। केन्द्र सरकार की इस पहल की और तारीफ करते हुए उन्होंने कहा है किबाड़ का काम पूरा होने के बाद गांव और देश दोनों सुरक्षित हो जायेंगे।

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भारतीय वायुसेना को जल्द ही मिलेगा 5वीं पीढ़ी का स्टेल्थ फायटर एमका, 3 कंपनियों को दिया प्रपोजल

नई दिल्ली. रक्षा मंत्रालय ने भारत के सबसे महात्वाकांक्षी स्वदेशी लड़ाकू विमान प्रोजेक्ट एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) को नयी गति दे दी है। रक्षा मंत्रालय ने आज 3 चुनिंदा कम्पनियों को रिक्वेस्ट फॉर प्रोपोजल (आरएफपी) जारी कर दिया है। यह कदम भारत को अपनी पहली 5वी के स्टेल्थ फायटर जेट बनाने की दिशा में बड़ा और ठोस कदम माना जा रहा है। ंएमका भारत का पहला स्वदेशी 5वीं पीढी का मल्टीरोल स्टेल्थ लड़ाकू विमान है। यह ट्विन इंजन वाला, बेहद एडवांस्ड विमान होगा जो दुश्मन के रडार में आसानी से पकड़ा नहीं जायेगा। इसका डिजायन एयरोनॉटिकल डवलपमेंट एजेंसी (एडीए)ने डीआरडीओ के तहत तैयार कर किया है। यह विमान भारतीय वायुसेना के पुराने लड़ाकू विमनों की जगह लेगा। क्षेत्र में हवाई श्रेष्ठता बनाये रखने में मदद करेगा। एमका में स्टेल्थ टेक्नोलॉजी, एडवांस्ड एवियोनिक्स, सेंसर फ्यूजन और नेटवर्क -सेंट्रिक वॉरफेयर जैसी आधुनिक सुविधायें होंगी।
प्रोजेक्ट का महत्व
AMCA प्रोजेक्ट भारत के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक है…
मेक इन इंडिया अभियान को मजबूती मिलेगी.
यह भारत को पांचवीं पीढ़ी की फाइटर टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बनाएगा.
देश में हाई-टेक एयरोस्पेस इंडस्ट्री का विकास होगा और हजारों कुशल रोजगार पैदा होंगे.
स्टेल्थ तकनीक, सुपरक्रूज क्षमता और उन्नत सेंसर जैसी विश्व स्तरीय सुविधाएं भारतीय विमान में आएंगी.
तीन कंपनियों को दिया गया RFP
रक्षा मंत्रालय ने निम्नलिखित तीन कंसोर्टियम को RFP जारी किया है…
लार्सेन एंड टूब्रो- भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड (L&T-BEL) कंसोर्टियम
टाटा एडवांस सिस्टम्स
भारत फोर्ज- बीईएमएल कंसोर्टियम
इन तीनों में से एक विजेता कंपनी को चुन लिया जाएगा. विजेता कंपनी ADA और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के साथ मिलकर AMCA के प्रोटोटाइप विकसित करेगी और बाद में बड़े पैमाने पर उत्पादन भी करेगी.

 

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