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आसमान.. जमीन हो या समंदर हर जगह है इजरायल का नियंत्रण, फिर भी गाजा हैं पहुंच से दूर

नई दिल्ली. 7 अक्टूबर को हमास के सरप्राइज अटैक के बाद से गाजा पट्टी पर इजरायली सेना बमबारी कर रही है। बमबारी के बाद अब इजरायली सेना जमीनी ऑपरेशन भी शुरू करने जा रही है। ऐसा बताया जा रहा है कि एक लाख इजरायली सैनिकों ने गाजा पट्टी को 3 तरफ से घेर लिया है। पिछले हफ्ते सोमवार को इजरायली रक्षामंत्री योआव गैलेंट ने सेना को गाजा पट्टी की पूरी घेराबंदी करने का आदेश दे दिया था। उन्होंने यह भी कहा था कि गाजा पट्टी में खाने-पीने का सामान, बिजली और फ्यूल की सप्लाई बन्द कर दी जायेगी।
इतना ही नहीं पिछले हफ्ते इजरायल ने 11 लाख लोगों को 24 घंटों में उत्तरी गाजा छोड़ने के लिये कहा था। इजरायली सेना सेना आसमान से पर्चे बरसा रही है। इसमें लोगों से गाजा छोड ़कर दक्षिणी गाजा में जाने के लिये कह रही है।
क्या है घेराबंदी का मतलब
पिछले सोमवार को इजरायल ने गाजा पट्टी की पूरी तरह से घेराबंदी की बात कही थी। इसका मतलब था कि गाजा पट्टी को मिलने वाली बिजली, पानी, खाना और ईधन पर रोक लगा देना। बिजली के लिये गाजा पट्टी इजरायल पर निर्भर है। अधिकतर बिजली इजरायल से ही आती है। कुछ का उत्पादन गाजा पट्टी के पॉवर प्लांट में होता है। लेकिन उसके लिये ईधन इजरायल से आता है।

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सुनसान गलियां और खून से सनी सड़कें, चारों ओर इजरायल में मातम फैला हैं

तेल अवीव. इजराइल में आतंकी हमले के बाद इजरायल और हमास के बीच युद्ध का नौवां दिन है। अब दक्षिणी इजराइल के बड़े शहर धीरे-धीरे टाउन या फिर भूतिया शहर में तब्दील हो रहे हैं। शहर की गलियों में हिंसा के निशान ताजा है। जगह-जगह पर द रॉकेट और मिसाइल के टुकड़े बिखरे हैं तो गाडि़यों पर गोलियों के निशान जिन्दा है। जहां-जहां महिलाओं, बच्चों, बड़े बुजुर्गो के हमास के लड़कों ने अंधाधुंध गोलीबारी में मौत के घाट उतार दिया। खून के धब्बे अभी भी हमास के आतंक की कहानी बयां कर रहे हैं।
वीरान हुए इजरायल शहर
स्तेदरात शहर के जिस हिस्से में हमास के आतंकी पिछले शनिवार को घुस आये थे अ बवह शहर पूरी तरह से बर्बाद और वीरान हो चुका है। शहर के सबसे आखिरी कस्बे मेंगाडि़यों पर गोलियों के निशान और खून के धब्बे दिखाई देते हैं। जिन्हें हमास ने गोली मार दी थी। इन लड़ाकों ने बच्चों और औरतों को भी नहीं बख्शा।

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हमास का समर्थन किया तो …..चेतावनी का नहीं हुआ असर, 5 शहरों में इजरायल के खिलाफ सड़कों पर उतरे हजारों लोग

नई दिल्ली. ब्रिटेन के कई बड़े शहरों में फिलिस्तीन के समर्थन में लोग सड़कों पर उतर आये हैं। यह लोग इजरायल का विरोध करते हुए फिलिस्तीन का समर्थन कर रहे हैं। इससे पहले ब्रिटिश पुलिस ने चेतावनी दी थी कि हमास का समर्थन करने वालों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा। लेकिन पुलिस की इस चेतावनी के बावजूद ब्रिटेन के कई षहरों में प्रदर्शन हो रहे हैं।
ब्रिटेन के लंदन मैनचेस्टर, लिवरपुल, ब्रिंस्टल, ग्लासगॉ और न्यूकैसल जैसे शहरों में महिलायें, पुरूष और बच्चे हाथों में प्लकार्ड थामे प्रोटेस्ट कर रहे हैं। यह प्रदर्शनकारी इजरायल से गाजा में युद्ध रोकने की मांग कर रहे हैं। इन प्लेकार्ड पर स्टॉप बॉम्बिंग गाजा लिखा हुआ है। यह इजराइल से गाजा के खिलाफ युद्ध रोकने की गुहार लगा रहे हैं। मेट्रोपॉलिटन पुलिस सर्विस ने कहा है कि उन्होंने इजरायल हमास जंग के बीच लंदन में फिलिस्तीन के समर्थन में होने वाले प्रोटेस्ट पर नजर रखने के लिये 1 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात करेगा। इस दौरान ब्रिटेन के कई शहरों में पुलिस ने पेट्रोलिंग बढ़ा दी है।

 

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हैंड ग्लाइडर्स अबु मुराद मारा गया, इजरायल के लिये आसान नहीं हैं जंग

इजरायल में पैरा ग्लाइडिंग के जरिए उतरे थे हमास के लड़ाकेनई दिल्ली. इजराइल ने गाजा पट्टी के पिछले कई दिनों से चारों ओर से घेर रखा है। हवाई हमलों के बाद अब जमीन पर आर-पार की लड़ाई की तैयारी कर रहा है। युद्ध के सातवें दिन तक इजराइल ने गाजा के 750 सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है। जमीनी कार्यवाही के लिये उसके टैंक सीमा पर डटे हुए हैं। इन सबके बावजूद इजरायल के लिये यह जंग आसान नहीं दिखाई दे रही है। उसकी लड़ाई सिर्फ हमास से नहीं हैं। उसके कई दुष्मन हैं। उसकी स्वयं की सीमाओं पर चारों ओर से खतरा मंडरा रहा है। ऐसे ही खतरे का मैदान लैबनान है। जी हां वहां भले ही लड़ाई सीधी न हो रही हो। लेकिन माहौल पूरी तरह से जंग का माहौल बना हुआ है।
लेबनान का आतंकी संगठन हिज्बुल्लाह भी इस युद्ध में कूदने के लिये बेकरार है। हमास की तरह ही इस संगठन को भी ईरान का समर्थन हासिल है। वह अभी हमास की मदद कर रहा है। लेकिन जंग के मैदान पर उतरा नहीं है। फिलहाल यह संगठन अभी सिर्फ सीमा पर है। लेकिन किसी भी समय यह जंग में उतर सकता है। इजराइल के राजनीतिक और सेन्य रेता जहां एक ओर अगले कदम पर विचार कर रहे हैं तो वही उनकी नजरें हिज्बुल्लाह पर भी टिकी हुई है। जुमे की नमाज के समय लेबनान में फिलिस्तीनी के समर्थन में जोरदार प्रदर्षन किया गया है। इसमें महिलायें भी षामिल हुई। इस तरह इजरायल के खिलाफ बदले की आग में जल रहा है लेबनान उसके लिये बहुत बड़ा खतरा बन चुका है।
हैंड ग्लाइडर्स अबू मुराद मारा गया
हमास और इजरायल के बीच जारी युद्ध को एक हफ्ता बीत चुका है। इस दौरान इजराइली रक्षाबलों ने षनिवार को बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उन्होंने गाजा पट्टी में रात भर हवाई हमले कर हमास गिरोह के एक वरिष्ठ सदस्य को मार गिराया है। द टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के अनुसार इजरायल रक्षा बलों ने दावा किया है कि हवाई हमले में हमास के हवाई समूल के प्रमुसख अबू मुराद की मौत हो गयी है। इजरायली रक्षा बलों ने हमलें में एक मुख्यालय को निषाना बनाया गया जहां से आतंकवादी समूह अपनी हवाई गतिविधि को नियंत्रित करता था।

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महायुद्ध में बदल सकता है फिलिस्तीन और इजराइल के बीच की जंग, हमास का साथ देने उतरेगें यह देश

नई दिल्ली. हमास और इजराइल में जारी युद्ध और तेज होता जा रहा है। इजराइल की मदद के लिये आगे आते हुए अमेरिका ने खतरनाक हथियार और गोला-बारूद से लैस विमान इजराइल भेजा है। अमेरिका हथियारों से लैस विमान ने मंगलवार को वहां से उड़ान भरी है, जो देर राहत इजराइल के नेबातिम एयरबेस पर पहुंची है।
वहीं, लेबनान -सीरिया की ओर से इजराइल पर रॉकेट हमले और इराक -यमन की तरफ से हमास के साथ युद्ध में शामिल होने की धमकियां एक बार फिर मिडिल ईस्ट को जंग के साये में धकेल रही है। यूएई ने सीरिया को आगाह किया है कि वह इजराइल और हमास की जंग में शामिल न हो। इजराइली सेना आईडीएफ ने भी कहा है कि इजराइली क्षेत्र में दागे गये रॉकेट में कुछ की पहचान सीरियाई रॉकेट के रूप् में हुई है। आईडीएफ के अनुसार सीरियाई रॉकेट इजराइल के एक खुले क्षेत्र में दागे गये है। वहीं, लेबनान ने इजरायली क्षेत्र अविविम के पास एक सैन्य वाहन की तरफ से एंटी टैंक मिसाइल दागा है।

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अमेरिका ने इजराइल की मदद के गोला-बारूद से लैस पहला भेजा विमान

नई दिल्ली पिछले 4 दिनों से जारी इजराइल -हमास जंग में अब अमेरिका की सीधी एंट्री होती दिखाई दे रही है। ऐसा इसलिये क्योंकि मंगलवार की देर रात -बारूद से लैस एक अमेरिकी प्लेन इजराइल पहुंचा है। एजेंसी के अनुसार हथियारों को ले जाने वाले इस अमेरिकी विमान में बेहद हाइटेक गोला-बारूद है। मंगलवार की शाम अमेरिका से उड़ान भरकर इस विमान ने देर रात इजराइल के नेबातिम एयरबेस पर लैंडिंग की। ऐसा बताया जा रहा है कि अमेरिका ने यह गोला-बारूद ऐसे समय की तैयारी के लिये भेजा है। जब युद्ध किसी निर्णायक मोड़ पर पहुंच जायेगा।
आपको बता दें कि इससे पहले अभी तक अमेरिका इस जतंगल में इजराइल के लिये पूरा समर्थन तो जारी कर रहा था। लेकिन गोला-बारूछ की सप्लाई शुरू नहीं की गयी थी। अब तक माना जा रहा है कि इसके बाद भी कई अमेरिकी विमान गोला-बारूद लेकर इजराइल पहुंच सकते हैं। इस दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन आज इजराइल के दौरे पर पहुंच सकते हैं। अपने इजराइल टूर को लेकर उन्होंने पहले ही अंदेशा जता दिया था।

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फिलिस्तीन-इजराइल जंग के बीच नेतन्याहू ने पीएम नरेन्द्र मोदी से की फोन पर बात

नई दिल्ली. इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत के पीएम नरेन्द्र मोदी से बात की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसकी जानकारी देते हुए एक्स लिखा है। इजराइल की वर्तमान स्थिति से अपडेट कराने के लिये मैं इजराइल के पीएम नेतन्याहू को धन्यवाद देता हूं। भारत के लोग इस मुश्किल घड़ी में इजराइल के साथ मजबूती से खड़े हुए है।

हमास के हमलों पर क्या बोले थे पीएम मोदी?

शनिवार को आतंकी संगठन हमास द्वारा इजरायल पर किए गए हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजराइल के साथ एकजुटता व्यक्त की थी।  पीएम मोदी ने इसे ‘आतंकवादी हमला’ बताकर इसकी कड़ी निंदा की थी।

 

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हाथों में लाश, आंखों में आंसू, चेहरे पर गुस्सा और गम, गाजा पट्टी पर तबाही और बर्बादी की तस्वीरें

अब धमकी देने पर उतर आया हमास

नई दिल्ली. हमास के आतंकियों ने इजराइल के सैनिकों से लेकर नागरिकों तक को अपहरण किया गया है और अपहरण करके ले गये हैं। अब इस्लामी उग्रवादी हमास ने धमकी दी कि जब भी इजराइल बिना किसी चेतावनी के फिलिस्तीनी घर पर बमबारी करेगा तो वह एक इजराइली बन्दी को मार डालेगा।

इजरायल ने गाजा पट्टी को घेरने की रणनीति बनाई
इजराइल ने गाजा पट्टी को घेरने की बड़ी रणनीति तैयार की है। यहां नाकाबंदी लगा दी है। जिससे यह आशंका बढ़ गयी कि इजराइल आसमान के साथ अब जमीनी हमले की योजना को अंजाम देने जा रहा है। हिंसा में 1500 से अधिक लोगों की जान गयी है।

अंतिम संस्कार के लिए हाथों में शव ले गए लोग
दक्षिणी गाजा पट्टी में राफा शरणार्थी शिविर में इजराइली हमले में बड़ी संख्या में नागरिक मारे गये हैं। अंतिम संस्कार के दौरान शोक मनाने के लिये लोग पहुंचे। परिवार के सदस्य शवों को अपने साथ ले गये।

डरे सहमे देखे जा रहे लोग
इजराइल के हमले के बाद गाजा पट्टी में लोगों में दशहत हैं। आखों में डर देखने को मिल रहा है। गम और गुस्सा भी जाहिर किया जा रहा है। यहां लोग स्वयं और परिवार को बचाने की मशक्कत कर रहे हैं।

इजरायली हमले से बर्बाद हो रहा फिलिस्तीन
उत्तरी गाजा पट्टी में जबालिया शरणार्थी शिविर में इजराइल की ओर से हवाई हमला किया गया। मौके पर फिलिस्तीनी बचावकर्मी पहुंचे।

घरों में छिपे बच्चे
गाजा पट्टी इलाके में लोग घरों में छिपे हुए है। बाहर निकलने में जान गंवाने का खबरा बढ़ गया है। यहां बच्चे भी डरे सहमे देखे जा रहे हैं। धरवाले सुरक्षित स्थानों की तलाश में जुटे हैं।

687 फिलिस्तानी नागरिक मारे गए
इजराइल हमला में गाजा में एक फिलिस्तीनी बच्चा घायल हो गया। उसे एक डॉक्टर ने दौड़कर एम्बूलेंस तक पहुंचाया और प्राथमिक उपचार किया।

सड़क से लेकर घर तक नष्ट, सड़क पर आए लोग
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि शनिवार से इजराइली हवाई हमलों में कम से कम 687 फिलिस्तीनी मारे गये हैं और 3,726 घायल हुए हैं।

फिलिस्तीन की संचार सेवाएं भी प्रभावित
मीडिया रिपोर्टो और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गाजा पट्टी में जिन स्थानों पर हमला किया गया। उनमें अपार्टमेंट ब्लॉक, एक मस्जिद और अस्पताल शामिल थे। हमलों में सड़कें और घर भी नष्ट हो गये है।

इजरायल के निशाने पर गाजा पट्टी
इजराइल ने निजी फिलिस्तीनों दूरसंचार कंपनी के मुख्यालय पर भी बमबारी की। जिससे लैण्डलाइन टेलीफोन, इंटरनेट और मोबाइल फोन सेवायें प्रभावित हो गयी है।

गाजा पट्टी पर आसमान से बम बरसा रही है इजरायली सेना
इजराइली सेना ने कहा है कि हमने जमीन और आसमान से गाजा पट्टी को निशाना बनाया है। जिसमें एक हथियार डिपों भी शामिल था। यह गाजा की तट रेखा पर इस्लामिक जिहार और हमास के ठिकानों से संबंधित था।

गाजा पट्टी पर इजरायल सेना ने संभाला मोर्चा
इजराइल ने बताया है कि गाजा पट्टी पर घिरे हुए क्षेत्र में हवाई बमबारी की गयी है। यह सबसे बड़ी बमबारी में से एक है। इजराइल का कहना है िकवह गाजा पर पूरी तरह नाकाबंदी लगायेगा। जिसमें भोजन और ईधन के प्रवेश पर प्रतिबंध भी शामिल है।

इजरायली बंदियों को मारने की धमकी
इजराइली टीवी चैनलों ने बताया है कि हमास के हमले में मरने वालों की संख्या 900 हो गयी है। लगभग 2600 जख्मी हुए है और दर्जनों को बन्दी बना लिया गया है। मरने वालों में अधिकतर इजराइली युवा थे। एक संगीत समारोह में लोगों को गोलियों से भूना गया है। वहीं, अब इजराइल ने गाजा पट्टी पर नाकेबंदी तेज कर दी है। यहां सेना ने हमास के खिलाफ मोर्चा संभाल लिया है।

सड़क से लेकर घर तक नष्ट, सड़क पर आए लोग
हमास के प्रवक्ता अबू उबैदा ने बंदी बनाये गये दर्जनों इजराइलियों को मारने की धमकी दी है। उसने कहा है कि हमास किसी नागरिक के घर पर बिना किसी चेतावनी के बमबारी किये जाने पर एक इजराइयली बंदी को फांसी देगा और इसका वीडियो जारी करेगा।

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हमास ने इजराइल में मचाई तबाही, बॉर्डर पर हिजबुल्लाह के लड़ाके, घुसपैठ के लिये तैयार तालिबान, इजराइल पर तीनों ओर हमले का खतरा

नई दिल्ली. इजराइल पर हमास का हमला कोई मामूली हमला नहीं था। बल्कि यह हमास की ओर से इजराइल पर किया गया अभी तक का सबसे बड़ा हमला है। इस हमले ने इजराइल की खुफिया एजेंसी मौशाद को भी नाकाम कर दिया। इजराइल ने इस हमले के जवाब में पलटकर हमास पर हमला किया है। गाजा पट्टी में बड़े पैमाने पर इजराइली सेना ने हवाई हमला किया है।
गाजा पट्टी ही हमास का केन्द्र माना जाता है। यही वह इलाका है। जिसे लेकर इजराइल और फिलिस्तीन के बीच कई वर्षो से संघर्ष होता है। इब इस ताजा हमले के बाद हालात यह है कि एक ओर तो हिज़्बुल्लाह लेबनान के लड़ाके बॉर्डर पर जुटे हैं। वहीं, दूसरी और तालिबान भी फिलिस्तीन की मदद के लिये जाना चाहता है। ऐसे में इजराइल पर ट्रिपल खतरा मंडरा रहा है।
हमास, हिज़्बुल्लाह लेबनान और तालिबान यह सभी ऐसे संगठन हैं। जिन्हें कई देशों ने मान्यता दी है तो कई मुल्कों ने इन्हें आतंकी संगठन बताकर बैन लगा रखा है। हालांकि यह इन तीनों संगठनों में हिज़्बुल्लाह के हालात अब पहले जैसे मजबूत नहीं है। लेकिन ईरान की मेहरबानी से यह संगठन आज भी सक्रिय है।
क्या है इन तीनों संगठन कहानी


क्या है हमास? 
इजरायल पर हमला करने वाले हमास पर पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है. ये वही हमास है, जिसका गाजा पट्टी पर कब्जा है. हमास इजराइल का खात्मा चाहता है. इसी वजह से इजराइल और हमास के बीच कई बार झड़पें हो चुकी हैं. हमास इजराइल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक और अल अक्सा मस्जिद को आजाद कराना चाहता है. इजराइल जैसे मजबूत देश को घुटनों पर लाने वाला हमास कैसा इतना ताकतवर बन गया. इसकी वजह उसे मिलने वाली फंडिंग है. हमास को दुनिया के कई मुल्क सपोर्ट करते हैं. जिसमें सबसे अहम है ईरान और तुर्की. ये दोनों देश हमास को पैसे और हथियारों से मदद पहुंचाते हैं. हमास के पास घातक मिसाइलों का जखीरा भी हैं. हमास कोई संगठन नहीं, बल्कि एक आंदोलन है. जिसका मतलब है इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन. इसकी स्थापना 1987 में पहले फ़िलिस्तीनी इंतिफ़ादा के दौरान हुई थी. इंतिफादा का मतलब बगावत या विद्रोह करना होता है. हमास के नेता कतर सहित मध्य पूर्व के कई देशों में फैले हुए हैं. हमास को ईरान के साथ-साथ कई देशों का समर्थन हासिल है. इसकी विचारधारा मुस्लिम ब्रदरहुड की इस्लामी विचारधारा से मेल खाती है, जिसे 1920 के दशक में मिस्र में स्थापित किया गया था.


क्या है हिजबुल्लाह?
इस संगठन के लड़ाके इजराइल बॉर्डर के बाहर जमा हो रहे हैं. उन्हें बस हुक्म मिलने का इंतजार है. ताकि वे हमास के समर्थन में इजरायल पर हमला कर सकें.
हिजबुल्लाह लेबनान का एक शिया राजनीतिक और अर्द्धसैनिक संगठन है. हिजबुल्लाह लेबनान के नागरिक युद्ध के दौरान स्थापित किया गया था. हिजबुल्लाह के नेता हसन नसरूल्लाह हैं. साल 1982 में इजराइल ने जब दक्षिणी लेबनान पर हमला किया था, तब ये संगठन वजूद में आया था. हालांकि इसे आधिकारिक रूप से साल 1985 माना जाता है. इस संगठन को लेबनान के संविधान के तहत मान्यता प्राप्त है, जिसने इजरायल के बढ़ते खतरे के चलते अपने देश को इजरायल के कब्जे में जाने से बचाया था.


कौन है तालिबान? 
तालिबान लड़ाके भी कुछ देशों से उन्हें रास्ते देने की इजाजत मांग रहे हैं, ताकि वे जंग में इजरायल के खिलाफ हमास का साथ दे सकें. आपको बता दें कि अफगानिस्तान से रूसी सैनिकों की वापसी के बाद 1990 के दशक की शुरुआत में उत्तरी पाकिस्तान में तालिबान का उभार हुआ था. पश्तो भाषा में तालिबान का मतलब होता है छात्र खासकर ऐसे छात्र जो कट्टर इस्लामी धार्मिक शिक्षा से प्रेरित हों. कहा जाता है कि कट्टर सुन्नी इस्लामी विद्वानों ने धार्मिक संस्थाओं के सहयोग से पाकिस्तान में इनकी बुनियाद खड़ी की थी. तालिबान पर देववंदी विचारधारा का पूरा प्रभाव है. तालिबान को खड़ा करने के पीछे सऊदी अरब से आ रही आर्थिक मदद को जिम्मेदार माना गया था. शुरुआती तौर पर तालिबान ने ऐलान किया कि इस्लामी इलाकों से विदेशी शासन खत्म करना, वहां शरिया कानून और इस्लामी राज्य स्थापित करना उनका मकसद है. शुरू-शुरू में सामंतों के अत्याचार, अधिकारियों के करप्शन से आजीज जनता ने तालिबान में मसीहा देखा और कई इलाकों में कबाइली लोगों ने इनका स्वागत किया लेकिन बाद में कट्टरता ने तालिबान की ये लोकप्रियता भी खत्म कर दी लेकिन तब तक तालिबान इतना पावरफुल हो चुका था कि उससे निजात पाने की लोगों की उम्मीद खत्म हो गई.

 

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आतंकी संगठन हमास, इजराइल की तबाही के मंसूबे और हैवानियत का इतिहास

आतंकी संगठन का काला इतिहासनई दिल्ली. 7 अक्टूबर 2023 सुबह का समय, फिलीस्तीन के आतंकी संगठन हमास ने इजराइल पर रॉकेट दाग दिये। जहां लोगों को आम दिनों की तरह सोकर उठने के बाद अपने रोजमर्रा कामों की ओर बढ़ना था। ऐसे में सुबह की शुरूआत ऐसी हुई कि सैकड़ों लोग कभी नींद से ही न उठे। यह इजराइल की आम जनता थी। जो कि हमास से हमले का शिकार हुई। हमास का हमला इतना जबरदस्त था कि इसे सदी का सबसे बड़ा अटैक कहा जा रहा है।
थोड़ी ही देर में पूरी दुनिया को खबर लगी कि इजराइल पर आतंकी हमला हुआ है। यह हमला गाजा पट्टी से हुआ और पड़ोसी देश फिलिस्तीन के आतंकी संगठन हमास ने किया। 24 घंटे के अन्दर सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। हजारों लोग जख्मी है। शहर के शहर तबाह हो रहे है और यह जंग जंगल की आग की तरह फैलती ही चली जा रही है। हमास की क्रूरता और बर्बरता के बाद इजराइल ने जिस ढंग से पलटवार किया है। उसने इतना तो स्पष्ट कर दिया है कि यह लड़ाई किसी अंजाम तक गये बिना अब रूकने वाली नहीं हैं।
जब हमास बना था
यू तो यहूदियों और मुसलमानों के बीच कई सालों से संघर्ष चले आ रहा था। लेकिन इन संघर्षो में एक खतरनाक मोड़ वर्ष 1987 में आया। 1987 वह वर्ष है जब हमास का गठन हुआ। हमास यानी हरकतुल मुकावमतुल इस्लामिया या इस्लामी प्रतिरोध आन्दोलन, यह फिलिस्तीनी सुन्नी मुसलमानों की तरह एक सशस्त्र संस्था है। विश्व हइसको एक आतंकी संगठन के नाम से जानता है। हमास का गठन 1987 में मिस्त्र और फिलिस्तीन ने मिलकर किया था। जिसका उद्देश्य उस क्षेत्र में इजराइली प्रशासन के स्थान पर इस्लामिक शासन की स्थापना करनी थी।

हमास का गाजा पर कब्जा

फिलहाल हमास का कब्जा गाजा पट्टी पर है. गाजा पट्टी पूर्वी भूमध्यसागरीय तट पर स्थित एक फिलिस्तीनी क्षेत्र है. गाजा पट्टी करीब 10 किलोमीटर चौड़ा और 41 किलोमीटर लंबा इलाका है. वहां 22 लाख से ज्यादा लोग रहते हैं. 2006 के फिलिस्तीनी विधायी चुनावों में जीत हासिल करने के बाद, इसने 2007 में अपने प्रतिद्वंद्वी फतह के साथ हिंसक संघर्ष के बाद गाजा पर कब्जा कर लिया. तब से, हमास गाजा पर राज कर रहा है, जबकि फतह वेस्ट बैंक पर शासन करता है. हमास पिछले कुछ सालों में इजराइल के ठिकानों पर कई हमले कर चुका है, जिनमें आत्मघाती बम विस्फोट, रॉकेट लॉन्च समेत अन्य हमले शामिल हैं. इन हमलों में हमास और इजराइल, दोनों ही लोगों की जान बड़ी संख्या में जा चुकी है. इजरायल, अमेरिका, यूरोपियन यूनियन और ब्रिटेन सहित कई देश इसे आतंकवादी संगठन घोषित कर चुके हैं.

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