भारतीय मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम का टेस्ट कामयाब
नई दिल्ली. भारत अब लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों, यहां तक कि इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल के खतरों का भी मुकाबला कर सकता है। डीआरडीओ ने 10 और 11 जून को लगातार 3 फ्लाइट टेस्ट किए गए जिनमें मल्टी-लेयर्ड बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम का प्रदेश किया गया। इसमें इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल क्लास तक के खतरों समेत बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने और बेअसर करने की क्षमता भी शामिल है।
यह स्वदेशी तकनीक दुश्मन की मिसाइलों को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले हवा में ही नष्ट कर देती है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 13 जून को टेस्टिंग की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की। इसके साथ ही नेवल एंटी शिप मिसाइल मीडियम रेंज का भी टेस्ट किया गया। इसे भारत की समुद्री स्ट्राइक और डिफेंस स्किल को मजबूत करने की दिशा में एक बडी उपलब्धि माना जा रहा है। भारत अब उन खास देशों के ग्रुप में शामिल हो गया है जिनके पास ऑपरेशनल लेवल की बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस क्षमता है। भारत से पहले यह तकनीक अमेरिका, रूस, इजराइल और चीन के पास थी।

