ग्वालियर -भिंड-इटावा फोर-लेन, डबरा वेस्टर्न बायपास और सर्विस रोड निर्माण सहित कई मांगों पर मिला सकारात्मक आश्वासन


ग्वालियर मैं ग्वालियर में ही पली बड़ी शैली खत्री तलूजा ने बताया कि मुझे गाने का बचपन से ही शौक था जो शादी के बाद लंदन में भी रहा कुछ दोस्तों के कहने पर मैंने एक गुरु जी का भजन रिकॉर्ड कर यूट्यूब पर डाला जिसे लाखों लोगों ने पसंद किया कुछ माह पहले मेरे फॉलोअर सैकड़ो में थे तो अब हनुमान जी की कृपा से लाखों में हो गए हैं और मुझे इसी कारण इंडिया वापस आना पड़ा बीच-बीच में कुछ ऐसा समय भी आया जब काम नहीं आता था तब निराशा होती थी तो लगता था कि मैं जॉब क्यों छोड़ी पर आप गुरुजी और हनुमान जी की कृपा से सब बहुत अच्छा है और इसी के साथ मुझे दीन दुखियों की सेवा और बेटियों को मदद के लिए संभव प्रयास रहता है और साथ ही उन्होंने बताया कि मेरी गायिकी का कोई गुरु नहीं है मेरे जय गुरु एवं हनुमान जी की कृपा से यह सब चमत्कार हुआ है, मेरी सफलता के पीछे मेरी टीम है जिसमें मेरे पिताजी और पति है, संगीत से कई तरह की परेशानी और बीमारी का समाधान हो सकता है आज आश्रम स्वर्ग सदन में जाकर उन्होंने भजन संध्या कर सबके श्री हनुमान एवं कृष्णा के भजन गाकर सबको नचाया और और उनमें खुशियां बाटी शैली खत्री तलूजा ने आश्रम के विकास गोस्वामी एवं जूली अनेजा सहित आश्रम के सभी दिव्यांगों को शांल श्रीफल, जपने वाली तुलसी की माला देकर सम्मान दिया, तत्पश्चात आश्रम एवं समाज के समाजसेवियों ने शैली खत्री तनुजा को श्री राम जी का स्मृति चिन्ह देखकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें सम्मान दिया अंत में जय गुरु की अरदास कर सभी के लिए शुभ समृद्धि एव सभी के स्वास्थ्य रहने की कामना की आयोजन में मुख्य रूप से कार्यक्रम की सेकेंड बटालियन, कमांडेट मुख्य अतिथि विदिता डागर, ललित नागपाल, नरेश तलुजा,पंजाबी सेवा समिति के अध्यक्ष मोहनलाल अरोड़ा, अजय सपरा, हिमांशु खत्री, शिल्पा खत्री, मधु तलुजा, महेश बत्रा, नरेंद्र बत्रा, स्वर्ग सदन आश्रम के विकास गोस्वामी जूली अनेजा मीडिया प्रभारी राजू पंडित सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित थे
नई दिल्ली. देश की सबसे बडी एयरलाइन कंपनियों में से एक इंडिगो ने अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में बडा बदलाव करने का फैसला किया है। कंपनी ने कम डिमांड, बढते ट्रांसपोर्टेशन खर्च और अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों पर जारी प्रतिबंधों का हवाला देते हुए कई विदेशी देशों के लिए उडानों को अस्थायी रूप से रोकने का ऐलान किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार 1 जुलाई 2026 से लंगकावी, क्राबी, हो ची मिन्ह सिटी, हांगकांग और शंघाई के लिए उडानें अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दी जाएंगी। वहीं सिएम रीप के लिए उडानों का संचालन 3 जुलाई 2026 से रोका जाएगा। यह व्यवस्था 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी और इसके बाद 1 अक्टूबर से इन मार्गों पर बुकिंग दोबारा शुरू करने की योजना है। इसके साथ ही ब्रिटेन के मैनचेस्टर शहर के लिए शुरू की गई सेवा भी फिलहाल बंद की जाएगी।
इंडिगो ने क्या कहा
इंडिगो का कहना है कि हर साल जुलाई से सितंबर के बीच यात्रा की मांग अपेक्षाकृत कम रहती है। ऐसे में मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए कुछ रूट्स पर क्षमता घटाने का फैसला लिया गया है ताकि ट्रांसपोर्टेशन को संतुलित रखा जा सके और बाकी नेटवर्क पर सेवाएं सुचारू रूप से जारी रहें। हालांकि इन रूट्स पर उडानें रोकी जा रही है लेकिन एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि वह अभी भी हर सप्ताह 1800 से अधि अंतरराष्ट्रीयस उडानों का संचालन कर रही है। कंपनी ने यह कदम नेटवर्क के बढिया संचालन और संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के मकसद से उठाया है।
ग्वालियर. ग्वालियर चंबल के सबसे बडे जयारोग्य अस्पताल की पार्किंग व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। मरीजों और उनके परिजनों ने पार्किंग ठेकेदार पर निर्धारित दरों से अधिक शुल्क वसूलने और वाहनों की सुरक्षा से पल्ला झाडने के आरोप लगाए है। लोगों का कहना है कि पार्किंग में खुलेआम ओवरचार्जिंग की जा रही है जबकि बदले में सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं दी जा रही।
20 रुपए की जगह 50 रुपए तक वसूले जा रहे
म्रीजों और उनके परिजनों के अनुसार पार्किंग में कई वाहन चालकों से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि ली जा रही है। लोगों का आरोप है कि 20 रुपए की जगह 50 रुपए तक वसूले जा रहे है। अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले लोगों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें अतिरिक्त रकम चुकानी पड रही है।
सवाल करते है तो पार्किंग वाले अभद्रता करते है
मरीजों के परिजनों का आरोप है कि जब वे अधिक शुल्क वसूली या सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते है तो पार्किंग कर्मचारियों का व्यवहार उचित नहीं रहता। कई लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। जेएएच में रोजाना ग्वालियर सहित चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र से बडी संख्या में मरीज पहुंचते है। इनमें अधिकांश ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग होते है। ऐसे में अतिरिक्त पार्किंग शुल्क उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन रहा है। सुरक्षा की जिम्मेदारी न लेने से उनकी चिंता और बढ जाती है।
तीसरा और अंतिम नोटिस जारी
मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। जेएएच अधीक्षक डॉ. सुधीर सक्सेना ने बताया कि पार्किंग ठेकेदार को तीसरा और अंतिम नोटिस जारी किया गया है। सात दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्किंग में खड़े वाहनों की सुरक्षा और देखरेख की जिम्मेदारी ठेकेदार की है। यदि रसीद पर इसके विपरीत कोई शर्त लिखी जा रही है तो यह गलत है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल. भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा की रिक्त हो रही दो सीटों के लिए तरूण चुघ और रजनीश अग्रवाल को अपना आधिकाकि प्रत्याशी घोषित किया है। चुघ भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और अग्रवाल भाजपा के प्रदेश मंत्री है। दोनों को ही संगठनात्मक रणनीति में माहिर माना जाता है। केंद्रीय मंत्री जार्ज कुरियन और सुमेर सिंह सोलंकी मप्र से राज्यसभा सदस्य है और दोनों का कार्यकाल इसी माह समाप्त हो रहा है। पूर्व की तरह प्रदेश के कोटे में एक सीट आई। वहीं दूसरी सीट पर पंजाब निवासी चुघ को पार्टी ने अवसर दिया है।
संगठनात्मक रणनीति में माहिर दोनों नेता
चुघ भाजपा के जम्मू कश्मीर, लद्दाख, तेलंगाना समेत कई राज्यों में प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल चुके है। हाल ही में मणिपुर में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए भाजपा ने उन्हें केंद्रीय पर्यवेक्षक भी नियुक्त किया था। जबकि रजनीश अग्रवाल मूलत बुंदेलखंड का प्रतिनिधित्व करते है और सागर जिले के मंडी बामौरा के रहने वाले है। वहीं एबीवीपी के पूर्व प्रदेश मंत्री रह चुके है। युवा मोर्चा के प्रदेश महासचिव और प्रदेश उपाध्यक्ष जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी संभालीं। वह भारतीय जनता युवा मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भी रह चुके है। मध्य प्रदेश भाजपा में बूथ प्रबंधन के प्रदेश प्रभारी का काम देख रहे है जिसे भाजपा की चुनावी मशीनरी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
कांग्रेस में कमल नाथ और नकुल नाथ के नाम पर मंथन
इधर कांग्रेस का पूरा जोर कमल नाथ के नाम पर सहमति बनाने को लेकर चल रहा है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि नाथ चाहते हैं कि उनके बेटे नकुल को प्रत्याशी बनाया जाए।
भोपाल. प्रदेश सरकार अनुकंपा नियुक्ति के नियम में बदलाव कर सकती है। दरअसल अनुकंपा नियुक्ति के लिए उच्च पद नहीं होने के कारण चतुर्थ श्रेणी का पद दिया जाता है लेकिन इसे स्वीकार नहीं करने पर पांच साल तक वेतन देने का प्रविधान है। कुछ विभाग इस अवधि से अधिक वेतन दे देते है। अर्हता को लेकर विषय भी आता है। इसे लेकर सामान्य प्रशासन और वित्त विभाग द्वारा नियम में परिवर्तन पर विचार किया जा रहा है। इस पर प्रारंभिक बैठक भी हो चुकी है।
शासकीय कर्मचारी के सेवा में रहते निधन होने पर उसके स्वजन को अनुकंपा नियुक्ति देने का प्रविधान है। यह तृतीय और चतुर्थ श्रेणी में दी जाती है। इसके लिए निधन के 7 वर्ष के भीतर आवेदन करना होता है। विभाग में पद रिक्त होने की स्थिति में अनुकंपा नियुक्ति मिलती है।
पद स्वीकार न करने पर भुगतान की विसंगति
उच्च श्रेणी की पात्रता होने के बाद भी यदि पद उपलब्ध नहीं होता है तो फिर चतुर्थ श्रेणी का पद दिया जाता है। इसे स्वीकार न करने पर पांच वर्ष तक संबंधित कर्मचारी द्वारा आहरित किए गए अंतिम मूल वेतन के बराबर राशि का भुगतान होता है। ऐसे मामले भी संज्ञान में आए हैं कि निगरानी नहीं होने के कारण भुगतान निर्धारित अवधि से अधिक समय तक होता रहता है।
पांच वर्ष के वेतन के बदले एकमुश्त राशि देने पर विचार
इसे देखते हुए पांच वर्ष तक राशि देने के स्थान पर एकमुश्त राशि देने और न्यूनतम राशि देने पर विचार किया जा रहा है।
भोपाल. मानसून की केरलम में एंट्री हो गई है। इसके असर से केरलम के अलावा तमिलनाडु और कर्नाटक में कुछ जगहों पर अगले 7 दिन भारी बारिश हो सकती है। अगले 2-3 दिन में मानसून पूरे गोवा, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों के अलावा पूर्वोत्तर के राज्यों में आगे बढ़ सकता है। इस बार मानसून 3 दिन लेट है। आमतौर पर यह 1 जून को केरलम पहुंचता है। इसके बाद डेढ़ महीने में पूरे देश को कवर कर लेता है। 17 सितंबर के आसपास राजस्थान के रास्ते वापसी शुरू करता है और 15 अक्टूबर तक पूरा हो जाता है।

10 साल में 7वीं बार लेट हुआ मानसून
मानसून की लेट-लतीफी पिछले कई सालों से जारी है। पिछले 10 साल में यह 7वीं बार है जब मानसून लेट हुआ है। आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक बीते 150 साल में मानसून के केरल पहुंचने की तारीखें अलग-अलग रही हैं। 1918 में मानसून सबसे पहले 11 मई को केरलम पहुंच गया था, जबकि 1972 में सबसे देरी से 18 जून को केरलम पहुंचा था।
प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री 20 जून के बाद होगी, लेकिन प्री-मानसून एक्टिव हो गया है। गुरुवार को 39 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है। इनमें से उज्जैन, ग्वालियर, सागर और चंबल संभाग में ओले भी गिर सकते हैं। नीमच, श्योपुर, मुरैना, टीकमगढ़ और छतरपुर में 60 केएमपीएच की रफ्तार से आंधी चल सकती है।
ग्वालियर. मध्य प्रदेश में प्रशासनिक कसावट लाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे है। इसके अंतर्गत कई विभागों का पुनर्गठन भी किया जा रहा है। कुछ विभगों को मर्ज करने का भी विचार है। कई विभाग, निगम, विंग को मिलाया जा रहा है। इसी क्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जल निगम एवं मैकेनिक विंग को मिलाकर एक विभाग बनाने की तैयारी की जा रही है। इससे संबंधित विभागों के कर्मचारियों, अधिकारियों में खलबली मच गई है। ग्वालियर में तो कर्मचारियों का एक प्रतिनिधिमंडल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपत्तियां उईके से मिला और अपनी चिंता जाहिर की। मंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि कर्मचारियों के साथ कुछ गलत नहीं होगा।
कर्मचारियों, अधिकारियों में घबराहट
प्रदेश के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग यानि पीएचई, जल निगम एवं मैकेनिक विंग को मिलाकर एक विभाग बनाने पर विचार किया जा रहा है। वर्तमान में शासन स्तर पर इसकी कवायद चल रही है। ग्वालियर में पीएचई विभाग को नगर निगम एवं पंचायत विभागों में मर्ज किए जाने की चर्चाओं पर कर्मचारियों, अधिकारियों में घबराहट है। इस पर राज्य निर्माण विभाग कर्मचारी संघ मध्य प्रदेश के पदाधिकारियों ने चर्चा की। संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री उईके से मुलाकात की। उन्हें कर्मचारियों की चिंता से अवगत कराया।
पीएचई विभाग के कर्मचारियों के हित सुरक्षित रहेंगे: मंत्री उईके
राज्य निर्माण विभाग कर्मचारी संघ मध्यप्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष शंकर सिंह सेंगर एवं प्रांतीय महासचिव संजय पालसोदकर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल को मंत्री संपतिया उईके ने आश्वस्त किया कि पीएचई विभाग के कर्मचारियों के हित हर हाल में सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक भी कर्मचारी को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपत्तिया उईके ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जल निगम एवं मैकेनिक विंग को मिलाकर एक विभाग बनाने पर वर्तमान में शासन स्तर पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में भी कर्मचारियों के हित पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।
ग्वालियर. शिवपुरी लिंक रोड स्थित नवीन लोका मंडी के पास गुरूवार की सुबह आरक्षक अंकित तोमर 36 वर्ष, का शव संदिग्ध अवस्था में मिला है। अंकित तोमर के शरीर पर गंभीर चोट के निशान पाये गये है। वह वर्दी में था और वर्तमान में डीआरपी पुलिस लाइन में तैनाती थी। खबरमिलते ही पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गये । मौके पर जांच शुरू कर दी गयी है।
पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया है। शुरूआती जांच में हत्या की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे CCTV फुटेज तलाश रही है। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है। सभी संभावित पहलुओं का ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह का खुलासा हो पायेगा।




दो दिन से बंद था फोन, भांजे ने बस स्टैंड पर छोड़ा था
मूल रूप से मुरैना जिले के अम्बाह-पोरसा के रहने वाले अंकित तोमर वर्तमान में ग्वालियर के सिकंदर कंपू इलाके में रह रहे थे। परिजनों के मुताबिक 2 दिन पहले अंकित को किसी विभागीय डाक (सरकारी दस्तावेज) को देने के लिए अपने गृहग्राम पोरसा जाना था। अंकित के भांजे अवध सिंह ने उन्हें पोरसा जाने वाली बस में बैठाने के लिए बस स्टैंड पर छोड़ा था, लेकिन बस में बैठने के बाद से ही अंकित का मोबाइल फोन लगातार बंद आ रहा था और वे अपने गांव भी नहीं पहुंचे। चिंतित परिजन उनकी तलाश कर रहे थे।
गुरुवार सुबह राहगीरों ने नवीन लोहा मंडी के पास सुनसान जगह पर वर्दी पहने एक पुलिसकर्मी का शव पड़ा देखा, जिसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। सीएसपी और थाना प्रभारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने हालात को नियंत्रण में लेकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। फोरेंसिक एक्सपर्ट को भी मौके पर बुला लिया गया है।