MP में अनुकंपा नियुक्ति के नियमों में बदलाव की तैयारी
भोपाल. प्रदेश सरकार अनुकंपा नियुक्ति के नियम में बदलाव कर सकती है। दरअसल अनुकंपा नियुक्ति के लिए उच्च पद नहीं होने के कारण चतुर्थ श्रेणी का पद दिया जाता है लेकिन इसे स्वीकार नहीं करने पर पांच साल तक वेतन देने का प्रविधान है। कुछ विभाग इस अवधि से अधिक वेतन दे देते है। अर्हता को लेकर विषय भी आता है। इसे लेकर सामान्य प्रशासन और वित्त विभाग द्वारा नियम में परिवर्तन पर विचार किया जा रहा है। इस पर प्रारंभिक बैठक भी हो चुकी है।
शासकीय कर्मचारी के सेवा में रहते निधन होने पर उसके स्वजन को अनुकंपा नियुक्ति देने का प्रविधान है। यह तृतीय और चतुर्थ श्रेणी में दी जाती है। इसके लिए निधन के 7 वर्ष के भीतर आवेदन करना होता है। विभाग में पद रिक्त होने की स्थिति में अनुकंपा नियुक्ति मिलती है।
पद स्वीकार न करने पर भुगतान की विसंगति
उच्च श्रेणी की पात्रता होने के बाद भी यदि पद उपलब्ध नहीं होता है तो फिर चतुर्थ श्रेणी का पद दिया जाता है। इसे स्वीकार न करने पर पांच वर्ष तक संबंधित कर्मचारी द्वारा आहरित किए गए अंतिम मूल वेतन के बराबर राशि का भुगतान होता है। ऐसे मामले भी संज्ञान में आए हैं कि निगरानी नहीं होने के कारण भुगतान निर्धारित अवधि से अधिक समय तक होता रहता है।
पांच वर्ष के वेतन के बदले एकमुश्त राशि देने पर विचार
इसे देखते हुए पांच वर्ष तक राशि देने के स्थान पर एकमुश्त राशि देने और न्यूनतम राशि देने पर विचार किया जा रहा है।

