MP में निकाय-पंचायत चुनाव की तैयारी चलते मतदाता सूची से हटेंगे 42 लाख से अधिक नाम
भोपाल. प्रदेश में अगले साल नगरीय निकाय और पंचायतों के चुनाव होने हैं। इसके लिए पहले राज्य निर्वाचन आयोग भी मतदाता सूची का पुनरीक्षण करेगा। इसका आधार भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मध्य प्रदेश में किए गए विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद जारी मतदाता सूची को बनाया जाएगा। इसमें जो नाम काटे गए हैं, उन्हें राज्य निर्वाचन आयोग की सूची से भी हटाया जाएगा। 29 जून को आयोग ने इसे लेकर बैठक बुलाई है, जिसमें अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित, मृत एवं दोहराव वाले मतदाताओं की जांच पर विचार किया जाएगा।
22 साल बाद 2025 में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराया
मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के शुद्धीकरण के लिए 22 साल बाद 2025 में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराया गया। अलग-अलग श्रेणियों में 42,74,160 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। इनमें अधिकतर शहरी क्षेत्रों के हैं। इनमें 22,78,393 वे मतदाता सर्वाधिक शामिल हैं, जो स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं।
वहीं, राज्य निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची में अभी इनके नाम शामिल हैं। दरअसल, नगरीय निकाय और पंचायत की मतदाता सूची का आधार भारत निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची ही होती है। बस अंतर यह होता है कि इसे वार्ड के हिसाब से बांटा जाता है।
वार्षिक पुनरीक्षण के लिए जुटेगा अमला
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव दिनेश श्रीवास्तव ने बताया कि नगरीय निकायों एवं पंचायतों की मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण के लिए समीक्षा बैठक 29 जून को बुलाई है। इसमें उप जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन), रजिस्ट्रीकरण/सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक अधीक्षक (स्थानीय निर्वाचन) शामिल होंगे।

