Author: Mahesh Jha

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UP के शराब व्यापारी नशे में बेसुध हुए 2 बदमाश सोने की चेन और मोबाइल लेकर हुए फरार, पुलिस ने किये गिरफ्तार

ग्वालियर. UP के शराब व्यापारी रिश्तेदारी में ग्वालियर आये तो उनके साथ चोरी की सनसनी खेज घटना सामने आई है। अपने बीमार ससुर का हालचाल जानने आगरा से ग्वालियर पहुंचे दामाद को युवकों ने दोस्ती का झांसा देकर पहले शराब पिलाई और फिर नशे की हालत का फायदा उठाते हुए उसकी सोने की चेन और मोबाइल फोन छींनकर फरार हो गये। मामला हजीरा थाना इलाके के यादव धर्मकांटा के पास स्थित एक शराब की दुकान का है। 2 आरोपियों गिरफ्तार होने के बाद मंगलवार को मामला सामने आया है।
शराब की दुकान का संचालन करते हैं
यूपी निवासी धर्मेन्द्र सिंह धाकरे शराब कारोबार से जुड़े है। आगरा में उनकी वाइन शॉप संचालित होती है। कुछ दिन पहले उनके ससुर को ब्रेन हेमरेज होने के बाद इलाज के लिये ग्वालियर लाया गया था। इसी वजह से धर्मेन्द्र अपनी ससुराल ग्वालियर पहुंचे थे। गुरूवार-शुक्रवार की दरमियानी रात को धर्मेन्द्र यादव धर्मकांटा इलाके स्थित शराब की दुकान पर शराब खरीदने पहुंचे थे। वहां वह दुकान के समीप बैठकर शराब का सेवन कर रहे थे। इसी बीच पास में बैठे 2 युवकों ने उनसे बातचीत शुरू की। धीरे-धीरे दोस्ती बढ़ाते हुए उनके साथ शराब पीने लगे। आरोप है कि दोनों युवकों ने धर्मेन्द्र को अत्याधिक शराब पिलाई। जिससे वह पूरी तरह से नशे की हालत में बेसुध हो गये।
नशे में होने का उठाया फायदा
धर्मेंद्र के अचेत होने के बाद आरोपियों ने मौके का फायदा उठाते हुए उनके गले से सोने की चेन और जेब में रखा मोबाइल फोन निकाल लिया। आसपास मौजूद लोगों को यही लगा कि आरोपी उनके परिचित हैं और नशे की हालत में उन्हें संभालने का प्रयास कर रहे हैं। इसी भ्रम का लाभ उठाकर आरोपी आसानी से वहां से फरार हो गए।
कुछ समय बाद जब धर्मेंद्र को होश आया तो वह किसी तरह अपनी ससुराल पहुंच गए। अगले दिन सुबह उन्होंने देखा कि उनके गले से सोने की चेन और मोबाइल फोन गायब हैं। इसके बाद उन्हें अपने साथ हुई वारदात का एहसास हुआ और वह तत्काल हजीरा थाना पहुंचे, जहां उन्होंने पूरे घटनाक्रम की शिकायत पुलिस से की।
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर दो संदिग्ध युवक चोरी की वारदात को अंजाम देते हुए दिखाई दिए। आरोपी की पहचान उपदेश राठौर और दीपक राठौर के रूप में हुई है। जहां पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को मंगलवार देर रात को हिरासत में ले लिया।

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होर्मुज में जबरदस्त जंग, अमेरिका ने ईरान के एयर डिफेंस, रडार साइट्स और ग्राउंड कंट्रोल पर बरसाये बम

ईरान पर हमले का फाइल फुटेज। - Dainik Bhaskarनई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यह दावा किया है कि ईरान ने होर्मुज में अमेरिकी अपाचे हेलीकाप्टर को मार गिराया है। अमेरिका ने मंगलवा को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्यवाही शुरू कर दी है। दूसरी ओर ईरान का दावा है कि अमेरिका के अपाचे हेलीकाप्टर को उन्होंने नहीं गिराया है और दावा किया गया है कि अमेरिका इस घटना का बहाना बनाकर ईरान पर हमले कर रहा है। फिलहाल दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। शांति वार्ता की संभावनाओं पर भी सवाल खड़े हो गये है।
पूरी तरह से अमेरिका सतर्क-CENTCOM
अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ जवाबी सैन्य कार्यवाही पूरी कर ली है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM)ने बताया है कि यह अभियान सेल्फ डिफेंस में की गयी सैन्य कार्यवाही थी। जिसे 9 जून को राष्ट्रपति के आदेश से अंजाम दिया गया था। एक दिन पहले अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया गया था। सीईएनटीसीओएम (सेंटकॉम) के अनुसार अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के फायटर विमानों ने प्रिसिजन म्यूनिशन का उपयोग करते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास स्थित ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों और सर्विलांस रडार साइट्स को टारगेट किया है।
अमेरिका ने बताया है कि यह हमला उसके सैनिकों और इलाके से गुजर रहे इंटरनेशनल कॉमर्शियल शिप्स पर हुए हालिया हमलों के जवाब में किया गया। सेंटकॉम ने कहा है कि अमेरिकी सेना पूरी तरह से सतर्क है। किसी भी ईरान हमले का जवाब देने के लिये तैयार है।

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12 परमाणु हथियार के साथ भारत वार के लिये तैयार

नई दिल्ली. स्वीडन के थिंक टैंक स्टॉक होम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (एसआईपीआरआई) की नयी रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने 12 परमाणु हथियार तैनात किये है। रिपोर्ट के अनुसार शांतिकाल में इतने बड़े पैमाने पर परमाणु हथियारों की तैनाती पहली बार दर्ज की गयी है। वहीं, चीन ने भी अपने परमाणु हथियारों की तैेनाती की संख्या 2025 के 24 से बढ़ाकर 2026 में 34 कर दी है।
सीपरी ने सोमवार का अपनी एसआईपीआर एयरबुक 2026 जारी करते हुए कहा है कि दुनिया के देश अब राष्ट्रीय शकित के साधन के रूप् में परमाणु हथियारों पर पहले से ज्यादा निर्भर होते जा रहे है। दुनियाभर में करीब 4,012 परमाणु वॉरहेड ऐसे है जो मिसाइलें और विमानों के साथ तैनात स्थिति में है। SIPRI ने सोमवार को अपनी SIPRI Yearbook 2026 जारी करते हुए कहा कि दुनिया के देश अब राष्ट्रीय शक्ति के साधन के रूप में परमाणु हथियारों पर पहले से अधिक निर्भर होते जा रहे हैं.
 दुनिया के किन 9 देशों के पास हैं परमाणु बम?
रिपोर्ट में नौ परमाणु हथियार संपन्न देशों का उल्लेख किया गया है. ये हैं: अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया और इजरायल.
वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 2,100 से 2,200 तैनात वॉरहेड बैलिस्टिक मिसाइलों पर हाई परेशनल अलर्ट की स्थिति में रखे गए हैं.
रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से लगभग सभी वॉरहेड रूस और अमेरिका के हैं, जबकि कुछ संख्या फ्रांस और ब्रिटेन की है. हालांकि, SIPRI का आकलन है कि चीन और भारत भी अब शांतिकाल के दौरान कभी-कभी मिसाइलों पर कम संख्या में परमाणु वॉरहेड तैनात कर सकते हैं.
जनवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार: भारत के पास 12 तैनात परमाणु वॉरहेड हैं. चीन के पास 34 तैनात परमाणु वॉरहेड हैं, जो 2025 के 24 से 10 ज्यादा हैं. तैनात परमाणु वॉरहेड की संख्या के मामले में रूस सबसे आगे है. अमेरिका के पास 1,770, रूस के पास 1,796, फ्रांस के पास 280 और ब्रिटेन के पास 120 तैनात परमाणु वॉरहेड हैं.

 

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नगरनिगम परिषद की बैठक में महापौर की गैर मौजूदगी में हंगामा, MIC मेम्बर्स बोले पढ़ने के लिये फाइलें हीं नहीं आती हे

नगरनिगम परिषद की बैठक में महापौर की गैर मौजूदगी में हंगामा, एमआईसी मेम्बर्स बोले पढ़ने के लिये फाइलें हीं नहीं आती हे
ग्वालियर. नगरनिगम परिषद की बैठक में मंगलवार को जोरदार हंगामा हो गया। बैठक में महापौर डॉ. शोभा सिंह सिकरबार की गैर मौजूदगी में विपक्ष ने हंगामा शुय कर दिया। महापौर की गैर मौजूदगी में किसी मुद्द को लेकर जब एमआईसी मेम्बर जवाब मांगा तो वह बोले मेरे पास फाइल ही नहीं आती है।
भाजपा ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा एमआईसी मेम्बर्स केवल नाम के रह गये है। उन्हें शहर विकास की फाइलें ही नहीं मिल रही है। वही पूर्व एमआईसी मेम्बर्स आशा चौहान ने तो ढाई साल तक फाइन नहीं मिलने का खुलासा कर दिया। आखिर शहर की फाइलें चला कौन रहा है। फिर आया आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती का प्रस्ताव, सभा पति एमआइ्रसी मेम्बर शकील मंसूरी से जवाब मांगा तो सवाल था-आपके पास फाइल पढ़ने के लिये आती है तो जवाब से पूरा सदन चौक गया। शकील मंसूरी बोले मेरे पास फाइल नहीं आती है।

ग्वालियर नगर निगम परिषद की बैठक के दौरान सदस्य।
कार्यकाल में एक भी फाइल नहीं मिली
एमआईसी मेम्बर्स आशा चौहान ने भी खुलासा किया कि उनके ढाई साल के कार्यकाल में एक भी फाइल नहीं मिली। आवाज उठाने पर उन्हें एमआईसी से बाहर कर दिया गया। सभापति मनोज तोमर ने इसे गंभीर मामला माना है। जब एमआईसी मेम्बर्स से सदन में जवाब मांगा जाता है तो वह जवाब नहीं दे पाते। इससे सदन को ठीक से जानकारी नहीं मिल पाती है।
पूरी फाइलें भेजी जाती है-निगमायुक्त
नगरनिगम की परिषद में जब विवाद बढ़ा तो निगमायुक्त संघ प्रिय को सफाई देनी पड़ी है। उन्होंने कहा कि एमआईसी में जो मामले भेजे जाते हैं उसकी फाइल पूरी भेजी जाती है। अब फाइले एमआईसी की अध्यक्ष क्यों नहीं पढ़ने के लिये देती हैं उनका विषय है आपको बता दें कि एमआईसी की अध्यक्ष ग्वालियर की महापौर शोभा सिंह सिकरबार है।
इन मुद्दों पर हुई चर्चा
नगर निगम ग्वालियर के अंतर्गत विभिन्न कार्य कराए जाने के लिए आउटसोर्स पर मैन पावर की सेवाएं लेने के लिए निविदा आमंत्रण करने पर सभापति तोमर ने निविदा बुलाई जाने की स्वीकृति प्रदान की।
महाराज बाड़ा (विक्टोरिया मार्केट) जियो साइंस म्यूजियम की नवीन प्रस्तावित टिकट दरें पुनरीक्षित करने के लिए निगमायुक्त का प्रतिवेदन पर चर्चा प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की, जिसमें व्यस्क सैलानी 40 रुपए, स्कूली विद्यार्थी 20 रुपए, विदेशी सैलानी 450 रुपए और 10 वर्ष तक के बच्चे नि:शुल्क रहेंगे।
सागरताल स्थित निगम स्वामित्व की भूमि पर व्यवसायिक/आवासीय भूखंड परिसर के निर्माण के लिए निविदा आमंत्रण की स्वीकृति प्रस्ताव को स्वीकृत किया और निर्देशित किया कि निविदा आने के बाद सक्षम स्वीकृति के लिए प्रकरण निगम परिषद की ओर पुनः भेजा जाए।
बजट वर्ष 2025-26 के कार्यशाला बजट लेखा शीर्ष में राशि पुर्नविनियोजन किए जाने के संबंध में मूल नस्ति सदन को उपलब्ध कराई जाए तब तक उक्त बिंदु स्थगित रखा जाए।
नगर निगम के विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालय एवं विभागों में आउटसोर्स पर अकुशल सफाई श्रमिक पूर्व से स्वीकृत संख्या 1379 और नवीन 321 अकुशल सफाई श्रमिकों को शामिल कर कुल 1700 सफाई श्रमिक उपलब्ध कराए जाने के लिए नवीन निविदा आमंत्रित किए जाने की स्वीकृति पर 1700 श्रमिकों उपलब्ध कराए जाने की निविदा स्वीकृति प्रदान की गई।
सिटी सेंटर सालासर मॉल के पीछे स्थित मल्टीलेवल पार्किंग के ब्लॉक- मल्टीलेवल पार्किंग का संचालन और रखरखाव, शीर्ष वाणिज्यिक गतिविधि अन्तर्गत इच्छा की अभिव्यक्ति (EOI) के माध्यम से ई-निविदा आमंत्रण किए जाने की स्वीकृति एवं सिटी सेंटर सालासर मॉल के पीछे स्थित मल्टीलेवल पार्किंग के ब्लॉक-बी मल्टीलेवल पार्किंग का संचालन और रखरखाव, शीर्ष वाणिज्यिक गतिविधि अंतर्गत इच्छा की अभिव्यक्ति (EOI) के माध्यम से ई-निविदा आमंत्रण किए जाने की स्वीकृति पर निर्देशित किया कि नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में 3 दिन में स्थल निरीक्षण किया जाएगा, उसके बाद निर्णय लिया जाएगा, तब तक बिंदु को स्थगित किया गया।
ग्वाला नगर स्थित आरक्षित 5.088 हैक्टेयर भूमि के भाग में 1 हेक्टेयर भूमि श्वान आश्रय स्थल के लिए उपयोग परिवर्तन किए जाने के संबंध में प्रस्ताव को स्वीकृत किया।

 

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MP-राजस्थान में आंधी-बारिश का अलर्ट

भोपाल. मानसून 6 दिन में 16 राज्यों तक पहुंच गया है। मंगलवार को मानसून ने पश्चिम बंगाल में एंट्री की। फिलहाल यह मुंबई से करीब 150 किमी दूर है और अगले 48 घंटे में शहर में दस्तक दे सकता है। वहीं अगले सप्ताह तक यह गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ, पश्चिम बंगाल और ओडिशा तक पहुंच सकता है। मानसूनी हवाओं के असर से कई मैदानी राज्यों में गर्मी कम हुई है साथ ही प्री-मानसून के कारण कई जगह 50 से 60 किमी की रफ्तार से आंधी और तेज बारिश हो रही है। उत्तर प्रदेश के उन्नाव में मंगलवार को आंधी से कई जगह पेड उखड गए। जानकारी के अनुसार केरल और कर्नाटक में पिछले 4 दिनों से लगातार बारिश जारी है। मंगलवार को बंेगलुरू और बेलगावी में भारी बारिश के बाद कई सडकों पर पानी भर गया। कुछ जगहों पर गाडियां पानी में बहती नजर आई। इधर सोमवार को श्रीगंगानगर का अधिकतम तापमान 45.6 डिग्री दर्ज किया गया।


अगले दो दिन के मौसम का हाल
10 जनू-
बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों में बारिश के साथ आंधी-तूफान का अनुमान है।
असम, मेघायल, अरूणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
केरलम, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में बारिश होगी। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ में 40 से 60 किमी की रफ्तार से हवाएं चल सकती है।
11 जून-
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान के साथ बारिश की संभावना है। इस दौरान 50-70 किमी की रफ्तार से हवा चलेगी।
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बारिश के साथ ओले गिर सकते है।
बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है।
केरलम, कर्नाटक और पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।

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ग्वालियर में ब्लैक में आसानी से नहीं मिल रहा सिलेंडर, न एजेंसियां दे रही नया कनेक्शन

ग्वालियर. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के बाद उपजे वैश्विक हालातों का असर अब शहर की रसोई तक पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के कारण एलपीजी गैस के दाम आसमान छू रहे हैं। संकट इतना बढ़ गया है कि अब वैध कनेक्शन धारकों को भी सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है और बुकिंग नंबर के आधार पर ही आपूर्ति की जा रही है। इस व्यवस्था ने उन उपभोक्ताओं की कमर तोड़ दी है, जो अब तक बिना वैध कनेक्शन के ‘जुगाड़’ या बिना नंबर के सिलेंडर ले रहे थे। वर्तमान परिस्थितियों में बिना कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के लिए रसोई गैस पाना नामुमकिन सा हो गया है। नया कनेक्शन लेने के लिए जब लोग गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं, तो वहां उन्हें सिर्फ निराशा हाथ लग रही है। एजेंसियों पर नए कनेक्शन देने का काम लगभग ठप है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि कतारों में खड़े होने के बावजूद एजेंसी संचालक उनके दस्तावेज (डॉक्यूमेंट्स) तक जमा नहीं कर रहे हैं। कनेक्शन के खाद्य विभाग के पास शिकायत करने लगे हैं।
30 तक ई-केवाईसी नहीं कराई तो बंद हो जाएगी गैस
एक तरफ जहां नए कनेक्शन के लिए मारामारी चल रही है, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर के दुरुपयोग और कालाबाजारी को रोकने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी है। सभी उपभोक्ताओं को आगामी 30 जून तक हर हाल में अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करानी होगी। अगर एक ही परिवार या एक नाम पर दो गैस कनेक्शन संचालित पाए जाते हैं, तो जांच के बाद एक कनेक्शन को तुरंत ब्लॉक (बंद) कर दिया जाएगा।

 

 

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LoC पार भारतीय सीमा में घुसा पाकिस्तानी ड्रोन, फायरिंग के बाद वापस लौटा

जम्मू कश्मीर. जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर देर रात एक पाकिस्तानी ड्रोन भारतीय सीमा में घुस आया। भारतीय सेना ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ड्रोन पर फायरिंग की, जिसके बाद वह वापस पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की ओर लौट गया। अधिकारियों ने इस घटना की जानकारी दी। यह घटना पुंछ जिले के मेंढर सेक्टर के बालाकोट इलाके में हुई थी। यहां भारतीय सेना की सीमा चौकियों के ऊपर एक पाकिस्तानी ड्रोन देखा गया। ड्रोन कुछ देर तक भारतीय क्षेत्र में उड़ता रहा, जिसके बाद सुरक्षा बल सतर्क हो गए और तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी।
देर रात चौकियों के ऊपर संदिग्ध ड्रोन को उड़ते हुए देखा
अधिकारियों के अनुसार, रात में सेना के जवानों ने बालाकोट क्षेत्र में कुछ चौकियों के ऊपर एक संदिग्ध ड्रोन को उड़ते हुए देखा। ड्रोन की पहचान पाकिस्तानी ड्रोन के रूप में की गई, जिसके बाद तत्काल सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए। सेना ने स्थिति का आकलन करने के बाद ड्रोन को निशाना बनाते हुए फायरिंग शुरू कर दी।
सेना ने चलाईं 9 गोलियां
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय सेना के जवानों ने ड्रोन को मार गिराने के लिए करीब नौ राउंड फायर किए। हालांकि ड्रोन काफी ऊंचाई पर उड़ रहा था जिसके कारण उसे निशाना बनाना संभव नहीं हो सका। फायरिंग के बाद ड्रोन कुछ समय तक इलाके में मंडराता रहा और फिर वापस पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की तरफ लौट गया।

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ग्वालियर में शराब पीकर रोज पीटता था पिता, 5 मासूम भाई-बहन घर छोड़ भागे

ग्वालियर. शराबी पिता की रोजाना मारपीट और प्रताड़ना से तंग आकर पांच मासूम भाई-बहन मंगलवार सुबह घर से भाग निकले। बच्चे पैदल चलते हुए आरोन से घाटीगांव क्षेत्र के पास आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंच गए। तेज धूप में नंगे पैर और घबराई हुई हालत में भटक रहे बच्चों को घाटीगांव पुलिस ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। पुलिस थाने में बच्चों ने बताया कि उनकी मां का करीब पांच वर्ष पहले निधन हो चुका है। इसके बाद से उनका पिता शराब के नशे में अक्सर उनके साथ मारपीट करता है। बच्चों का कहना था कि लगातार हो रही प्रताड़ना से परेशान होकर उन्होंने घर छोड़ने का फैसला किया। पांचों बच्चों में सबसे बड़ा बेटा 12 वर्ष का है, जबकि सबसे छोटी बच्ची की उम्र मात्र 6 वर्ष है।

बच्चों को अपने हाथों से चप्पल पहनाते हुए घाटीगांव थाना प्रभारी  पूरन शर्मा। - Dainik Bhaskar
पुलिस ने बच्चों के परिजनों से संपर्क किया
हाईवे पर नंगे पैर घूमते बच्चों को देखकर घाटीगांव थाना प्रभारी पूरन शर्मा और पुलिस मोबाइल टीम को संदेह हुआ। उन्होंने तुरंत वाहन रोककर बच्चों से बातचीत की और उन्हें सुरक्षा के साथ थाने लेकर पहुंचे। थाने में सबसे पहले बच्चों को भोजन कराया गया। उनके पैरों की स्थिति देखकर पुलिस ने उन्हें नए जूते-चप्पल भी उपलब्ध कराए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बच्चों के परिजनों की जानकारी जुटाई और दादा-दादी से संपर्क किया।
चाचा को देखरेख सौंपी
फिलहाल पांचों बच्चों को उनके चाचा की देखरेख में रखा गया है। थाना प्रभारी पूरन शर्मा ने बताया कि बच्चों के परिजनों के आने और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उन्हें परिवार के सुपुर्द किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समय रहते पुलिस की नजर बच्चों पर पड़ गई, अन्यथा उनके साथ कोई अप्रिय घटना भी हो सकती थी।

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जीवाजी विश्वविद्यालय में सहायक कुलसचिव कुलदीप चौहान पर वित्तीय अनियमितता के आरोप, कार्यालय के बाहर लिखे गए सवाल

ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। इस बार मामला विश्वविद्यालय के सहायक कुलसचिव कुलदीप चौहान से जुड़ा हुआ है, जिन पर वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोपों के बीच विश्वविद्यालय परिसर में विरोध का अनोखा तरीका भी देखने को मिला, जब एनएसयूआई से जुड़े छात्र नेता राजवंश द्वारा विश्वविद्यालय की दीवारों पर “कुलदीप भ्रष्ट है” जैसे नारे लिखे गए। इसके अलावा सहायक कुलसचिव के कार्यालय के बाहर काली स्याही से कथित रूप से एक चिकित्सा बिल की राशि भी लिख दी गई, जिससे पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
जानकारी के अनुसार विवाद का केंद्र एक चिकित्सा प्रतिपूर्ति (मेडिकल रीइम्बर्समेंट) बिल है। आरोप लगाया जा रहा है कि सहायक कुलसचिव कुलदीप चौहान ने अपनी पत्नी के इलाज के नाम पर लगभग **61,750 रुपये** की राशि नियमों के विपरीत तरीके से प्राप्त की। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में कोई विस्तृत सार्वजनिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
विश्वविद्यालय परिसर में पिछले कुछ दिनों से इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। छात्र संगठनों का आरोप है कि यदि चिकित्सा प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। वहीं विरोध कर रहे छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और किसी भी अधिकारी पर लगे आरोपों की जांच आवश्यक है।
विवाद उस समय और गहरा गया जब सहायक कुलसचिव के कार्यालय के बाहर काली स्याही से कथित बिल राशि “61,750 रुपये” लिख दी गई। परिसर में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस कृत्य को अनुशासनहीनता बताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया है।
छात्र नेता राजवंश का कहना है कि विश्वविद्यालय में वित्तीय मामलों को लेकर कई सवाल लंबे समय से उठते रहे हैं और यदि किसी अधिकारी पर आरोप लगते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन कई मामलों में पारदर्शिता बरतने में विफल रहा है।
दूसरी ओर विश्वविद्यालय के कुछ अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को जांच पूरी होने से पहले दोषी ठहराना उचित नहीं है। उनका कहना है कि यदि किसी को किसी भुगतान या बिल के संबंध में आपत्ति है तो उसे सक्षम प्राधिकारी के समक्ष दस्तावेजों के साथ शिकायत प्रस्तुत करनी चाहिए।
फिलहाल पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि क्या चिकित्सा प्रतिपूर्ति का भुगतान विश्वविद्यालय के निर्धारित नियमों के अनुरूप किया गया था या नहीं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला प्रशासनिक और वित्तीय जवाबदेही से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन सकता है। वहीं यदि आरोप निराधार साबित होते हैं तो इससे विश्वविद्यालय के अधिकारियों की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश के रूप में भी देखा जा सकता है।
अब सभी की निगाहें विश्वविद्यालय प्रशासन और जांच एजेंसियों की संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। छात्र संगठनों ने मामले की स्वतंत्र जांच कराने और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है, ताकि विवाद पर पूरी तरह से विराम लग सके और विश्वविद्यालय की साख बनी रहे।

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होर्मुज के सहारे कब तक 30 वर्षो से अटका था पाइपलाइन बिछाने का कार्य, गुजरात-ओमान के बीच भारत बिछायेगा पाइपलाईन

नई दिल्ली. वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव के बीच एनर्जी संकट ने दुनिया को सतर्क कर दिया है। खासकर भारत जैसे देश, जो मिडिल ईस्ट से सप्लाई रूकने के बाद सबसे अधिक प्रभावित हुई है। ऐसे में भारत तेजी से अपने एनर्जी सप्लाई को निर्बाध करने में जुटा है। भारत ने ओमान से गुजरात केबीच एक लम्बी पाइपलाइन बिछाने के प्रोजेक्ट का ऐलान कर दिया है। यह अरब सागर के पास करीब 2 हजार किमी लम्बी एक गहरे समुद्र में बिछाई जाने वाली गैस पाइपलाइन होगी।
यह ओमान और गुजरात को जोड़ने की लम्बे समय से चर्चित योजना है। क्योंकि भारत तेजी अनिश्चिम भू राजनैतिक तनाव के बीच ज्यादा विश्वसनीय ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है। पिछले 3 दशकों में इस परियोजना की कई बार समीक्षा की गयी है। लेकिन उच्च लागत, तकनीकी बाधाओं और व्यायसायिक परेशानियों की वजह से यह योजना आगे नहीं बढ़ पायी है। अब इस प्रस्ताव को सपोर्ट करने वाले प्रायवेट ग्रुप एसएजीई द्वारा मार्ग और इसकी इंजीनियरिंग चुनौतियों का वैल्यूवेशन करने के लिये समुद्र तल सर्वे के साथ-साथ तकनीकी और वित्तीय अध्ययन पूरा करने के बाद इस परियोजना का नयी गति मिली है।
कैसी दिखेगी ये पाइपलाइन?
प्रस्‍तावित प्रोजेक्‍ट, अरब सागर में फैले एक पानी के नीचे के नेटवर्क के माध्‍यम से ओमान को सीधे गुजरात से जोड़ेगी. इसकी सबसे खास बात, इसकी गहराई है। मार्ग का कुछ हिस्सा समुद्र तल से 3,000 मीटर से अधिक नीचे होने की संभावना है, जिससे यह अब तक प्रस्तावित सबसे गहरी समुद्री पाइपलाइन परियोजनाओं में से एक बन जाएगी । इतनी गहराई ज्‍यादातर अपतटीय ऊर्जा परियोजनाओं में पाई जाने वाली गहराइयों से कहीं अधिक है और इसके लिए अत्यधिक विशेष इंजीनियरिंग समाधानों की आवश्यकता होगी।
गैस आने में कितना होगा खर्च?
इस पाइपलाइन के माध्यम से दीर्घकालिक आपूर्ति समझौतों के तहत प्राकृतिक गैस का परिवहन होने की उम्मीद है, जिससे संभावित रूप से भारत को अपने ऊर्जा सोर्स में विविधता लाने में मदद मिलेगी।  साथ ही ओमान को एक स्थिर निर्यात बाजार भी मिलेगा. परियोजना प्रस्तावों के अनुसार, परिवहन लागत 2-2.25 डॉलर प्रति MMBTU के बीच हो सकती है. हालांकि अंतिम लागत फंडिंग व्यवस्था, निर्माण व्यय और भविष्य में गैस की कीमतों पर निर्भर करेगी।

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