सीबीआई डायरेक्टर चयन प्रक्रिया की बैठक में राहुल गांधी ने जताई असहमति, बोले- मैं कोई रबर स्टैम्प नहीं हूं
नई दिल्ली. सीबीआई के नये डायरेक्टर के लिये लगभग 6 आईपीएस अधिकारियों के नामों पर मंथन चल रहा है। वर्तमान में सीबीआई डायरेक्टर प्रवीण सूद का कार्यकाल 25 मई को समाप्त हो रहा है। केन्द्र सरकार उन्हें 2025 में एक साल का कार्यकाल बढ़ाया गया था। डायरेक्टर बनने की रेस में हरियाणा कैडर के 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी शत्रुजीत सिंह कूपर सबसे आगे बताये जा रहे है। वह हरियाणा के डीजीपी भी रह चुके है। वर्तमान में इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस के डायरेक्टर के पद पर है।
उनके अलावा रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के वर्तमान प्रमुख पराग जैन का नाम भी चर्चा में है। वह 1989 बैंच के पंजाव कैडर के आईपीएस अधिकारी है। मध्यप्रदेश कैडर के 1989 बैच के आईपीएस अजयकुमार शर्मा भी नये सीबीआई डायरेक्टर के संभावित दावेदारों की सूची में है। वर्तमान में वह मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट कार्पोरेशन के चेयरमैन है। इससे पहले वह आर्थिक अपराधा शाखा (EOW) के डीजी और इन्दौर जोन के एडीजी जैसे अहम पदों को संभाल चुके है।
महाराष्ट्र के वर्तमान डीजीपी 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी सदानंद वसंत दाते भी सीबीआई डायरेक्टर की दौड में शामिल है। दाते इससे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के प्रमुख का पद संभाल चुके है। 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के दौरान उनके काम की काफी तारीफ हुई थी।
बैठक में राहुल गांधी ने चयन प्रक्रिया को लेकर अपनी असहमति जताई है। बैठक खत्म होने के बाद उन्होंने अपना असहमति पत्र (नॉट ऑफ डीसेंट) भी सौंपा है। राहुल गांधी ने अपने एक्स हैंडल से किये गये एक पोस्ट में लिखा है। मैंने सीबीआई निदेशक की चयन प्रक्रिया पर अपनी असहमति दर्ज कराते हुए पीएम को पत्र लिखा है। मैं किसी पक्षपातपूर्ण प्रक्रिया में भाग लेकर अपने संवैधानिक कर्तव्य का उल्लघंन नहीं कर सकता हूं। विपक्ष का नेता कोई रबर स्टैम्प नहीं है।

