पुलिस की मौजूदगी बच्ची-महिलाओं को भी बख्शा, लूटी जा रही थी दुकानें, कलकत्ता हाईकोर्ट में ममता ने रखी दलील
कोलकाता. पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरूवार को कोलकाता हाईकोर्ट में वकील के रूप में अपनी पहली उपस्थिति दर्ज कराई है। उन्होंने विधानसभा चुनाव के बाद बंगाल में हुई हिंसा से संबंधि तमामले में न्यायमूर्ति के समक्ष अपनी दलीलें पेश की। ममता बनर्जी ने कोर्ट को 10 मृतकों की सूची सौंपते हुए दावा किया कि इसमें से 6 हिन्दू है। उन्होंने आरोप लगाया था कि पुलिस की मौजूदगी में घरों और ऑफिसों को लूटा जा रहा था। लेकिन इन मामलों में एफआईआर तक दर्ज नहीं की गयी। उन्होंने एक 92 वर्षीय अनुसूचित जाति की विधवा और उसके परिवार को घर से बाहर निकाले जाने का मामला भी उठाया है। कोर्ट रूम से बाहर निकलते वक्त प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ चोर-चोर के नारे भी लगाये।
दरअसल, हाल ही में सपन्न हुए विधानसभा चुनाव के बाद पूरे राज्य में हिंसा की खबरें सामने आई थी। इसी को लेकर टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी के बेटे शीर्षान्य बंदोपाध्याय ने कलकता हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी। याचिका में शीर्षान्य ने कई इलाकों में पार्टी ऑफिस, कार्यकर्त्ताओं पर हमलों और उनके विस्थापन का आरोप लगाया था। इस याचिका पर ममता ने मुख्य न्यायाधीश एचसी सुजॉय पॉल की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच के समक्ष अपनी दलीलें पेश की।

